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पार्क में मिली सेक्सी आंटी की भोसड़ी चोदी हिन्दी सेक्स कहानी

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पार्क में मिली सेक्सी आंटी की भोसड़ी चोदी हिन्दी सेक्स कहानी 1

. पार्क में मिली सेक्सी आंटी की भोसड़ी चोदी हिन्दी सेक्स कहानी उन हॉट आंटी की उम्र करीब-40 साल के आस-पास थी मगर थी मस्त चोदने लायक सामान.
कसम से उनके बड़े बड़े तरबूज जैसे बोबे देख कर बार बार उनके बोबे दबाने और चूसने का मन करता था.
पार्क में जिस समय आंटी एक्सरसाइज़ करती थीं, तो उनकी छाति पर लटके दो तरबूज जैसे बोबे ऐसे हिलते थे जैसे कोई स्प्रिंग उनके बोबों में फिट हो.
दोस्तो, मैं मानता हूँ कि पतली कमर … पतली फिगर का अलग मजा है मगर मोटे और भरे हुए फिगर का मजा कुछ ज्यादा ही अलग होता है.
कुछ दिन तक तो मैं उस हॉट और सेक्सी आंटी के जिस्म को देखता रहा जिस कारन मेरे अंदर उनके लिये फीलिंग जागने लगी और मेरा लंड उन सेक्सी आंटी की भोसड़ी की चुदाई करने को तड़पने लगा और फिर मैंने आंटी के घर तक उनका पीछा करना शुरू कर दिया.
कुछ दिन ऐसे ही सब कुछ बिलकुल ठीक चलता रहा लेकिन फिर धीरे धीरे उन आंटी को मुझ पर शक हो गया, अब वो मुझे घूर कर देखने लगी थीं.
मुझे लगा कि शायद बात ना बने.
इसलिए मैंने उन सेक्सी आंटी का पीछा करना बंद कर दिया और पार्क में ही आंखें सेंकना चालू कर दिया मैंने चोरी छिप्पे उन आंटी के बहुत सारे विडियो भी बना लीये थे जीने देख में अक्सर घर के बाथरूम में उनके नाम की मुठ मर कर अपनी तड़प शांत कर लीया करता था.
फिर एक दिन आंटी की स्कूटी लेकर आई थीं.
उनकी स्कूटी पार्किंग में पार्क की हुई थी.
उन हॉट आंटी की स्कूटी के पीछे कोई और अपना स्कूटर लगा गया था.
जब मैं पार्क से बाहर आया, तो मैंने देखा कि वो अपनी सहेली की मदद से स्कूटर हटाने में लगी हुई थीं.
मैंने सोचा मौका है, पर जैसे वो मुझे घूर कर देखती थीं, उससे मेरी उनसे कुछ बात करने की हिम्मत ही नहीं हुई.
मुझे लगा कि मैंने उससे मदद के लिए कहा भी, तो कहीं वो अभी मुझे ही पकड़ कर गाली ने दे दें.
इसलिए मैंने बिना कुछ कहे, साइड से अपना स्कूटर निकाला और स्टार्ट करने लगा.
ये देख कर उसकी साथ वाली ने उससे कुछ कहा तो आंटी ने मुझे आवाज लगाई- एक्सक्यू मी.
मैंने कहा- हां जी? आंटी ने कहा- आप जरा यह स्कूटर साइड में कर देंगे.
मैंने स्कूटर पीछे से उठा कर, उनकी स्कूटी निकालने का रास्ता बना दिया.
वह थैंक्यू बोल कर चल दीं.
मैंने मन में सोचा कि इसने तो कुछ घास ही नहीं डाली, मगर किया भी क्या जा सकता था.
मैं मन मसोस कर रह गया.
फिर दूसरे दिन पार्क में घूमते समय आंटी के पांव में अचानक से मोच आ गई … और किस्मत देखो कि जहां मैं बैठा था, वहीं पास में वो मोटे बूब्स वाली आंटी के साथ ये दुखद घटना हो गई.
उस समय वो एकदम से गिरने को हुईं, तो उनके साथ चल रही उनकी सहेली ने उनको एकदम से सहारा दिया और वो उन्हें उठा कर मेरी वाली बैंच पर लाने लगीं.
मैंने उन्हें गिरते देखा, तो मैंने भी मदद की और आंटी को वहां लाकर बैंच पर बैठा दिया.
अब मैं उनको देख रहा था और वो मुझे देख रही थीं.
शायद उनमें अब कुछ शर्म सी आ गई थी.
मैंने कहा- आप आराम से बैठ जाओ.
वह बोलीं- नहीं, आप भी बैठ जाओ.
इधर काफी जगह है.
साथ ही आंटी ने मुझे थैंक्यू बोला.
मैंने मौका देख कर बोल दिया- आपको चोट भी लगी है या सिर्फ लचक आई है? उन्होंने कहा- नहीं चोट नहीं है, बस पांव मुड़ गया है.
कुछ टाइम खामोशी रही.
फिर वो मुझसे बोलीं- क्या आप यहीं कहीं नजदीक में रहते हो? मैंने कहा- हां.
उनकी बात सुकर मैं हैरान भी हो गया था कि वो मुझसे बात कर रही हैं.
इस बीच उनके साथ वाली कहीं चली गई थी, शायद वो अपनी वाक करने निकल गई थी.
हम दोनों ही अकेले थे.
उन्होंने एकदम से बात बदलते हुए कहा- आप मुझे घूरते क्यों रहते हो? मैंने कहा- नहीं नहीं … ऐसा कुछ नहीं है.
वो बोलीं- मैंने तुम्हें कई बार नोटिस किया है.
अब मुझे समझ में ही नहीं आया कि आंटी से क्या कहूं.
मैंने सॉरी बोल दिया- अगर आपको ऐसा कुछ लगा है, तो मैं आपसे क्षमा मांगता हूँ.
आंटी मेरी बात सुनकर बोलीं- मैं शादीशुदा हूं.
मैंने फिर से सॉरी बोला … और चुप हो गया.
कोई आधा घंटे बाद वो अपनी उस सहेली के आते ही उसके साथ चली गईं.
दोस्तो, उस रात को सारी रात मैं उनकी याद करता रहा और उनकी फिगर को याद करता रहा.
आंटी उस समय जब गिरी थीं तब मेरे इतने पास थीं कि उनके बड़े बड़े दूध मुझे बड़ा ही आकर्षित कर रहे थे, काश मैं अपने हाथ में एक को पकड़ पाता.
उस रात मैं बस उनको सोचता रहा और मेरा बुरा हाल हो गया.
मैं दो बार मुठ भी मारी और सो गया.
दो दिनों तक आंटी का आना नहीं हुआ, फिर वापस पार्क में आना शुरू हो गया.
अब मेरा उनकी आंखों में आंखों को डालकर देखा, तो इस बार न जाने क्यों आंटी ने भी मेरी आंखों को बड़ी गौर से देखा.
मैंने भी देखना जारी रखा.
हम दोनों में एक दूसरे को देखना शुरू हो गया.
कुछ देर बाद मैं आंटी से आंख मिलने पर अपनी आंख नीचे कर लेता कि कहीं पार्क में कोई ड्रामा ना हो जाए.
उस दिन कुछ नहीं हुआ मगर इतना हो गया था कि आंटी ने मुझे देखना पसंद कर लिया था.
फिर एक दिन पार्क में कोई बैंच खाली नहीं थी, तो मैं हिम्मत करके उसी बैंच पर बैठ गया, जिस पर वो बैठी थीं.
मैंने बैठते हुए आंटी को हल्की सी स्माइल दे दी.
वो भी मुस्करा दीं.
मैंने ‘हैलो ..’ बोल दिया.
तो उन्होंने भी हैलो बोल दिया.
आज वह अकेली थीं.
मैंने आंटी से पूछा- आप आज वॉक नहीं कर रही हैं! वो बोलीं- आज कोई साथ में नहीं है, तो बस मन नहीं हुआ और बैठ गई.
फिर मेरी उनसे कुछ बातें हुईं, तो पता चला कि कुछ दिन बाद उनका कोई एग्जाम है, फिर वो वापस चली जाएंगी.
जैसे ही मुझे उनके वापस जाने की बात मालूम हुई; तो मेरे मुँह से एकदम से निकल गया- आप चली जाओगी, तो फिर मेरा भी पार्क आना बंद हो जाएगा.
वह बोलीं- क्यों? मैं बोला- कुछ नहीं … वैसे ही.
वो समझ तो गई थीं.
मगर उन्होंने कुछ कहा नहीं.
फिर उन्होंने मुझसे किसी मार्केट का पता पूछा कि कुछ किताबें लेनी हैं, क्या इस बाजार में मिल सकती हैं? मैंने बताते हुए कहा- हां उधर आपको किताबें मिल सकती हैं.
अगर आपको मेरी कोई हेल्प चाहिए हो, तो फोन कर लेना.
उन्होंने मना कर दिया, मगर मैंने जबरदस्ती अपना नंबर दे दिया और वहां से निकल गया.
उसी रात करीब बारह बजे मुझे मैसेज आया.
मैं मैसेज देख कर हैरान था कि ये कौन होगा.
मैंने उनके व्हाट्सैप की डीपी को देखा, तो पता चला की ये तो पार्क वाली सेक्सी आंटी ही थीं.
फिर उनसे कुछ देर मैसेज पर बात हुई.
उन्होंने एक बार फिर से पूछा- तुम मुझे देखते क्यों रहते थे? मैंने बात टाल दी.
पर वे ज़िद करने लगीं कि बताओ.
मैंने बोला- आप बुरा तो नहीं मानोगी? आंटी ने एक स्माइली के साथ लिखा- तुम बोलो तो सही.
मैंने सोचा आंटी चोदने को मिले या ना मिले … मगर आज इन्हें बोल ही देता हूं.
देखूंगा कि क्या होता है.
मैंने लिखा- आपकी लुक्स बहुत अच्छी है … कोई भी आपको देख कर पागल हो जाएगा.
सेक्सी आंटी आंखें नचाने वाली इमोजी के साथ बोलीं- ऐसा मुझमें क्या ख़ास है? मैंने बोला- मेरी आप जैसे फिगर वाली गर्लफ्रेंड हो … तो मेरी तो किस्मत ही खुल जाए.
वो हंस पड़ीं.
फिर धीरे से मैंने बोल दिया कि मुझे आपके बड़े बड़े गोल गोल वो बहुत पसंद हैं.
आंटी बोलीं- हम्म … तो तुम मेरे बूब्स पर नजर रखते हो.
मैं समझ गया कि आंटी खुद ही चुदने को मचल रही हैं.
मैंने कहा- हां बहुत ज्यादा.
वो बोलीं- कितना ज्यादा? मैंने कहा- आंटी जी मेरा दिल आप के मोटे मोटे बोबे से दूध चूसने का दिल करता है.
वो फिर से हंस दीं और बोलीं- चैट से कैसे पी सकते होए मेरे मोबों से दूध? मैंने कहा- वीडियो चैट से कुछ तो हो ही सकता है.
आंटी बोलीं- अरे सीधे मिल कर बात करते हैं न! मैंने मुस्कुरा कर कहा- ये तो वही मिसाल हुई कि अंधा क्या चाहे … दो आंखें.
वो हंस दीं और बोलीं- दो आंखें या दो बड़े बड़े गोल गोल बोबे और भोसड़ी ! मैंने उतावला होते हुए बोला- हां हां वो ही.
आंटी बोलीं- तो चलो मिलते हैं और करते हैं.
इसके बाद हम दोनों का मिलने का प्रोग्राम बन गया.
अगले दिन किताबें लेकर आंटी आईं और बोलीं- हम दोनों एग्जाम के बाद मिलते हैं.
फिर एग्जाम वाले दिन के एग्जाम देकर वो बाहर निकलीं.
उस दिन उन्होंने मुझे बाहर मिलने का कहा था.
वो एग्जाम देकर मुझसे मिलीं.
हम दोनों उनकी सहेली के घर चले गए.
मैं आंटी के साथ उस घर के अन्दर चला गया.
उधर एक बेडरूम हम दोनों के लिए खाली था.
मैंने उनको पानी की बोतल देते हुए पानी ऑफर किया.
आंटी हंस कर बोलीं- इसमें कुछ मिलाया तो नहीं है? मैंने बोला- मुझे आपके साथ अगर कुछ करना होगा, तो वो मैं आपकी परमिशन से करूंगा.
पानी पीने के बाद आंटी बेड पर अपनी मोटी गांड टेक कर बैठ गईं, मैं भी साथ बैठ गया और उनकी आंखों में देखने लगा.
वो मुझसे चिपक कर बैठी थीं.
मैंने उनके सिर के साथ अपना सिर लगा दिया और उनके कान को हल्के हल्के से किस करने लगा.
वो ‘उंह ..’ बोल कर मुझसे जुड़ने लगीं.
तो मैंने उनके कान की लौ को अपने होंठों में भर की और चूसने लगा.
इससे वो एकदम से गर्मा उठीं और अलग होकर मना करते हुए बोलीं- इससे बड़ी सनसनी हो रही है.
Indian XXX Stories – पार्क में मिली सेक्सी आंटी की भोसड़ी चोदी हिन्दी सेक्स कहानीमैंने 40 साल की खुबसूरत आंटी की सेक्सी टांगों के ऊपर हाथ फेरना शुरू कर दिया और धीरे धीरे उनकी जांघों को दबाते हुए मसाज जैसा करना शुरू कर दिया.
वो मस्त होने लगीं.
अबकी बार मैंने उनके गले पर किस कर दी और उनको सिर्फ किस के लिए मना लिया.
वो राजी हो गईं … या ये उनकी नारी सुलभ लज्जा थी जो एकदम से पूरी खुलना नहीं चाह रही थीं.
इसलिए मैंने भी चुम्मी की परमीशन ली और लग गया.
मैं उनके गले से गाल तक चुम्बन करने लगा.
सच में बड़े ही प्यारे प्यारे गाल थे आंटी के.
मैं कभी उनके एक गाल पर होंठ रख कर चूमता तो कभी दूसरे गाल पर किस करने लगता.
वो भी आंखें बंद करके मेरे साथ मजा ले रही थीं.
मगर आंटी के मुँह से यही निकल रहा था कि अब बस अब बस … मगर खुद ही अपने गालों को मेरे सामने करती जा रही थीं.
मैंने ये देखा तो आंटी का निचला होंठ अपने होंठों में भर लिया.
उन्होंने मुझे धक्का मारा … मगर मैंने पीछे न हटते हुए उनके होंठों को अपने होंठों में लेकर चूसना शुरू कर दिया.
थोड़ी देर की कशमकश के बाद वो आराम से बैठ गईं और मैं किसी प्यासे भंवरे की तरह उनके गुलाबी गुलाबी होंठों का रसपान करने लगा.
वो मुझमें खो सी गई थीं.
हम दोनों एक दूसरे के होंठों में होंठ डाल कर स्मूच करने लगे.
हमारी गर्मी बढ़ने लगी तो मैंने सेक्सी आंटी के मम्मों के ऊपर हाथ फिराना शुरू कर दिया और एक दूध दबाने लगा.
वो मेरे हाथों पर अपने हाथ रख कर अपने दूध को और जोर से दबाने का इशारा करने लगीं.
मैं समझ गया कि अब आंटी की भोसड़ी में अपना तगड़ा लौड़ा पेलने का वक्त आ गया.
मैंने आंटी के गुलाबी होंठों से एक पल की मुक्ति पाकर उन्हें देखा तो वो नशीली आंखों से मेरी तरफ देखने लगीं.
अगले ही पल आंटी ने अपने होंठों से मेरे गाल चूम लिए और बोलीं- अब ऐसे मत देखो मुझे आज मेरी प्यास भुजा दो और आपनी हवस भी शांत कर डालो.
मैंने भी बिना कुछ बोले उनके कपड़े उतारने शुरू कर दिए.
आंटी ने खुद ही अपने सारे कपड़े खोल दिए और मुझे बोलीं- तुम भी उतार दो.
हम दोनों ने अगले एक मिनट में सारे कपड़े उतार दिए थे.
40 साल की सेक्सी आंटी मेरे सामने सिर्फ ब्रा पैंटी में थीं.
मैंने ब्रा के ऊपर से ही आंटी के मोटे मोटे बोबे दबाना शुरू कर दीये.
कभी मैं उनकी चूचियों को ब्रा के ऊपर से दबा देता, कभी दांत से काट लेता तो आंटी मादक सीत्कार भरके अपनी उत्तेजना जाहिर कर देतीं.
मैंने सेक्सी आंटी को अपनी बांहों में भर लिया और उनके ब्रा का हुक खोलने के बाद उन्हें देखा.
वाऊ क्या मस्त मोटे मोटे बोबे थे … मैंने एक बोबे को मुँह में ले लिया और उसके निप्पल को चूसना शुरू कर दिया.
आंटी सिसक उठीं और मेरे मुँह में निप्पल और अंदर तक ठुसने लगीं.
मैं कभी आंटी का एक बोबा चूसता तो कभी दूसरा बोबा चूसने लगता में बारी बारी आंटी के दोनों बोबे चूस रहा था.
मेरी इस हरकत से आंटी को बेहद चुदास चढ़ गई थी और वो चुदासी आंटी मेरे तगड़े लौड़े को हाथ से सहलाने लगी थीं.
ये देखकर मैं 40 साल की सेक्सी आंटी को लिटाते हुए उनके पेट पर आ गया और उनकी नाभि को चूमना शुरू कर दिया.
सेक्सी आंटी की नाभि को किस करने के बाद मैंने अपनी जीभ को आंटी की नाभि के छेद में डाल दी और उसको कुरेदने लगा.
40 साल की सेक्सी आंटी एकदम से सिहर उठीं और उनकी फुद्दी के उप्पर वाला भाग मचलने लगा उनकी सांसे भी तेज तेज चलने लगी थी.
चुदासी आंटी मेरे सर पर हाथ रख कर मुझे दबाते हुए मना कर रही थीं- आह मत करो … गुदगुदी होती है.
मेरी समझ में नहीं आ रहा था कि ये औरतें मर्द से मजा लेते समय उनका सर दाबते हुए न करने की क्यों कहती हैं.
मगर यही होता है.
इसे ही औरत की चुदास कहते हैं.
मैं कभी पेट के एक साइड चूमता, कभी दूसरी साइड चूमने लगता.
फिर मैंने सेक्सी आंटी को पलट दिया और उनकी पीठ पर किस करना शुरू कर दिया.
उन्हें यूँ ही ऊपर कंधों पर और बीचों बीच में किस करते करते मजा लेने और देने लगा.
मैं धीरे धीरे नीचे कमर पर आया, कमर से उनके चूतड़ों पर आ गया.
आह क्या मुलायम चूतड़ थे, मुझे पता नहीं क्या हुआ … मैंने सेक्सी आंटी के चूतड़ों को हाथों से दबाना शुरू कर दिया और कस कस के दबाता रहा.
चुदास से भरी आंटी मस्ती में मादक सिसकारियां लेती जा रही थीं.
फिर मैंने उनके सेक्सी मुलायम चूतड़ों को चूसना शुरू कर दिया.
चूतड़ों से नीचे आकर मैं उनकी जांघ को किस करने लगा और किस करते करते उनकी पूरी टांगों को चूम डाला.
चुदास से भरी सेक्सी की बहुत ही मादक सिसकती आवाज़ मुझे और मदहोश कर रही थी और शायद अब तक उनकी भोसड़ी में जबरदस्त आग लग चुकी थी.
आंटी से रहा नहीं गया और वो उठ कर बैठ गईं.
सेक्सी चुदासी आंटी ने अपनी और गांड पर से अपनी उतारी और अपने दोनों हाथों ने मुझे कस कर पकड़ लिया और मेरी गोद में बैठने की कोशिश करने लगीं.
मैंने उन्हें अपनी गोद में खींच लिया.
हम दोनों स्मूच करने लगे.
हमारे बदन पसीना पसीना होने लगे थे.
मैं नंगा था और आंटी के हॉट जिस्म की गर्मी महसूस कर पा रहा था.
मेरा खड़ा लंड सेक्सी आंटी ने पकड़ लिया और उसे जोर जोर से फेट कर मेरा लगी.
जब मेरे लौड़े ने अपना पूरा आकर ले लिया तो फिर मैं अपना लंड आंटी की प्यासी भोसड़ी में घुसाने लगा.
मेरा लंड एक ही बार में फिसलते हुए आंटी की ज्वालामुखी जैसी गर्म भोसड़ी में घुस गया.
आंटी ने कमर को लंड पर दाबते हुए मेरा पूरा लंड लील लिया और कस कर मुझे पकड़ कर आह करने लगीं.
पूरा 9 इंच लम्बा और 5 इंच मोटा लंड चुदासी आंटी की प्यासी भोसड़ी में चला गया था.
अब मैंने उन्हें बिस्तर पर गिरा दिया.
आंटी ने अपनी भोसड़ी में लंड लिए हुए ही अपनी टांगें हवा में उठा दीं और मैंने लौड़ा भोसड़ी में अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया.
मैं मेरे तगड़े लौड़े को धीरे से अन्दर पेलता … फिर धीरे से बाहर खींचता.
कोई पांच मिनट तक ऐसे करने के बाद मैंने आंटी की भोसड़ी को चोदने की स्पीड बढ़ा दी और आंटी ने भी अपनी टांगें फिर से चौड़ी कर दीं.
अब मैं रुक रुक कर आंटी की भोसड़ी में अपने तगड़े लौड़े से धक्के मारने लगा, पर इस समय उन्होंने मेरी टांगों को अपनी टांगों में कस कर जकड़ लिया था और आंटी अपनी उठाते हुए ऊपर को धक्के मारने लगी थीं.
कुछ देर की इस मस्त चुदाई के बाद हम दोनों ने पानी छोड़ दिया.
सच में काफी देर तक आंटी मेरी टांगों को कस कर लेटी रहीं.
फिर उन्होंने ढील दी और हम दोनों एक दूसरे को चूमने लगे.
अब अलग होने की बेला आ गई थी.
मैं उनके ऊपर से उठा, तो आंटी ने भी एक कपड़े से अपनी भोसड़ी को साफ़ किया.
मैंने उसी कपड़े से मेरे तगड़े लौड़े को पौंछा.
फिर उन्होंने अपने कपड़े पहन कर गुडबाय किस की और बाहर चली गईं.
के चुदकर कमरे से बाहर जाते ही मैं भी अपने कपड़े पहन कर बाहर निकल आया.
बाहर उन सेक्सी आंटी की सहेली भी बैठी थी.
आंटी की सहेली भी मस्त माल थी आब मेरा अगला टारगेट सेक्सी आंटी की सहेली की भोसड़ी थी.
पार्क में मिली सेक्सी आंटी की सहेली की भोसड़ी मैंने कैसे चोदी वो इस हिन्दी सेक्स कहानी के आगले भाग में बताता हूँ दोस्तों आप सभी को मेरी हिंदी सेक्स कहानी “Indian XXX Stories – पार्क में मिली सेक्सी आंटी की भोसड़ी चोदी. हिन्दी सेक्स कहानी” कैसी लगी निचे लाइक डिसलाइक बटन पर क्लिक करके जरुर बताना.

स्रोत:इंटरनेट