. करीब 15 मिनट तक किस करने के बाद स्वीटी बोली- अब कुछ करो यार … सब्र नहीं हो रहा है.
मैंने स्वीटी का ब्लाउज, साड़ी, पेटीकोट खोल दिया.
अब स्वीटी सिर्फ ब्रा और पैंन्टी में थी.
तभी स्वीटी बोली- इनको भी उतार दो न जानू.
मैंने लगभग झपटते हुए उसकी ब्रा और पैन्टी उतार दी और फिर स्वीटी ने भी मेरे कपड़े उतार दिये.
अब हम दोनों एक दूसरे के सामने नंगे थे मैं स्वीटी के मम्मों को चूसने लगा.
लगभग दस मिनट तक दोनों मम्मों को मैंने खूब चूसा.
उसके बाद स्वीटी टांगें फैलाते हुए बोली- जानू अब नीचे भी कुछ करो न! मैं स्वीटी की चूत को चाटने लगा और स्वीटी बड़ी जोर-जोर से चिल्लाने लगी- आह … रॉकी और तेज से चूसो … कुछ देर उसकी चूत चूसने के बाद मुझे एक आईडिया आया.
मैं झट से उठा और बियर की बोतल उठा लाया.
स्वीटी की चूत पर मैंने जैसे ही बियर डाली, स्वीटी समझ गई और मस्ती से चूत उठाते हुए बोली- आह जानू अब चूसो मेरी नशीली चूत को … मैंने भी जीभ को नुकीला किया और उसकी चूत में घुसेड़ दी.
वह मेरा सर अपनी चूत में दबाने लगी.
मैं मस्ती से उसकी चूत को चाटे जा रहा था.
फिर मैंने बार बार उसकी चूत में बियर डालकर लगभग 15 मिनट तक स्वीटी की चूत को चाटा.
अब स्वीटी झड़ने वाली थी.
मुझे तब पता लगा, जब वो मेरा सर अपनी चूत में और तेज से दबाने लगी.
तभी उसने बहुत तेजी के साथ अपनी कमर उछालते हुए मेरे मुँह में अपनी चूत का गर्म-गर्म पानी छोड़ दिया.
मैंने उसकी चूत को अपनी जीभ से चाटकर साफ किया और मैं बोला- स्वीटी तुम्हारा काम हो गया, अब तुम मेरा भी रस निकाल दो.
उसने झट से मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी.
दस मिनट में उसने मेरे लंड का पानी निकाल दिया और वह मेरे लंड का सारा पानी पी गई.
हम दोनों एक दूसरे से लिपटकर पड़े रहे.
उसके 20 मिनट बाद स्वीटी उठी और मेरे लंड को पकड़कर हिलाने लगी.
कुछ ही देर में मेरा लंड फिर से तनकर खड़ा हो गया.
वह खड़ा लंड देख कर उसे सहलाते हुए बोली- अब मुझे चोद दो.
मैंने उसकी चूत को किस करते हुए उसके होंठों को किस किया और उसने मेरा लंड मुँह में लेकर चूसा.
वो चित लेटती हुई बोली- अब जल्दी से अन्दर डाल दो.
मैंने स्वीटी की चूत पर लंड रखा और एक धक्का मारा, तो मेरा आधा लंड स्वीटी की चूत में घुस गया.
लंड क्या घुसा, स्वीटी बड़ी जोर से चिल्लाई- आइइइई मर … गईइ रॉकी … साले मेरी चूत फट गईइ … वो जोर जोर से रोने लगी.
पर मैं कहां रूकने वाला था.
मैंने एक और तेज धक्का दे मारा और मेरा पूरा लंड स्वीटी की चूत में समा गया.
स्वीटी की आँखों की पुतलियां फ़ैल गई थीं, उसकी आवाज निकलना बंद हो गई थी.
साली की चूत बड़ी कसी हुई थी, मुझे भी अपना लंड फंसा सा लग रहा था.
पर मैं दम साधे यूं ही रुका रहा और स्वीटी को जकड़कर उसके ऊपर लेटा रहा.
अगले ही पल उसकी आवाज निकली और अब बस वह रोये जा रही थी.
मैं उसको चूमे और सहलाए जा रहा था, साथ ही उसके दूध अपने होंठों में भर कर चूस रहा था.
फिर दो मिनट बाद वह कुछ शान्त हुई.
मैं भी उसके ऊपर ऐसे ही पड़ा रहा.
उसकी कमर कुछ हिली तो मैं उठा और स्वीटी की चूत में धक्के मारने लगा.
अब स्वीटी बहुत मजे से अपनी कमर उछाल उछाल कर मेरे लंड से चुदवा रही थी.
अगले पांच मिनट में उसकी चूत ने कमाल दिखाना शुरू कर दिया था.
वो चिल्ला रही थी- आह … रॉकी फाड़ दो इस चूत को … आह आज इस साली का भोसड़ा बना दो … आह साली को फाड़ दो … बहुत खुजली होती है.
मैं और जोर से धक्के मारने लगा.
लगभग 20 मिनट की चुदाई में स्वीटी 3 बार झड़ी और मैं एक झड़ कर उसके ऊपर ही निढाल होकर गिर गया.
सच में मुझे स्वीटी को चोदकर और उसे मुझसे चुदवाकर बहुत मजा आया था.
इसके आधा घंटे के बाद हम दोनों वापस शादी में आ गए और मैंने उसको अपनी बीवी बना कर अपने दोस्तों से मिलवाया.
अब हम जब भी मिलते हैं, खुल कर चुदाई होती है.
आपको मेरी सेक्स कहानी कैसी लगी जरूर बतायें.
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स्रोत:इंटरनेट