. मेरी बहन रीनू चालीस साल की है लेकिन भेण की लोड़ी तीस साल जैसी ही दिखती है.
मैं रीनू से बोला- जरा मेरे कमरे में आके देखो, जीजू क्या कर रहे हैं.
वो बोली- क्या बात है भैया? मैं बोला- तुम चल के खुद ही देख लो.
मैं उसको अपने कमरे में लेके आया.
उसने पूछा- कहाँ है रमेश? मैं बोला- बाथरूम में है.
रीना ने बाथरूम का दरवाजा खोला तो देखा रमेश पूजा को अपनी बाँहों में पकड़ कर किस किये जा रहा था और अपने लन्ड को पूजा की चूत पे रगड़ रहा था.
पूजा उसकी पकड़ से निकलने की पूरी कोशिश कर रही थी.
मेरी बहन थोड़ा चौंकी, उसने मुझसे पूछा- भैया ये सब क्या है? आप दोनों अकेले यहाँ आये हो? अंकुश नहीं आया क्या? मज़बूरी में मैंने सारी बात अपनी बहन रीनू को बताई.
वो बोली- ओह माय गॉड… यानि ससुर बहु चुदाई करते हैं.
तो फिर अगर फूफा भी बहू को चोद लेगा तो क्या फर्क पड़ेगा.
मैं चकराया कि ये कैसी बीवी है जिसका पति दूसरी लोंडिया को चोद रहा है और उसे कोई फर्क ही नहीं.
वो बोली- भैया, इतनी सुन्दर कड़क जवान लोंडिया को देख कर कौन छोड़ देगा.
हाँ आप इसका बदला ले लो सिम्पल! मैं कुछ समझा नहीं कि बदला कैसे लूँ.
मेरी बहन रीनू बोली- आप भी ना बड़े सीधे बन रहे हो.
मुझे ही सब कहना पड़ेगा क्या? वो आपकी बहू को चोद रहा है आप उसका बदला मुझ से लो.
और वो रमेश को बोली- बाहर आकर आराम से पलंग पे चोदो इस लोंडिया को… और भैया इसका बदला मुझ से लेंगे.
रमेश बोला- लेने दो ना बदला… तू भी तो इससे चुदाने को मरी जा रही है.
चुद ले भेन की लोड़ी.
रमेश पूजा को खींच कर रूम में ले आया.
रीना बोली- रमेश तू इसकी चूत मार और भैया बदले में मेरी चूत मारेंगे.
रीना अपना पारदर्शी गाउन उतार कर नंगी हो गई, उसने ब्रा चड्डी कुछ नहीं पहन रखा था.
मैं बोला- रीनू, ये क्या कर रही हो? तब रीनू ने पुरानी बात बतानी शुरू करी: भैया, हमारे घर में सिर्फ एक ही कमरा हुआ करता था.
आपकी शादी के बाद मैं आपके कमरे में ही सोती थी और रोज़ रात को सोने का बहाना करके आप और भाभी दोनों की चुदाई देखा करती थी.
एक बार जब भाभी पीरियड से थी तब भाभी साइड में सोई थी और मैं बीच में.
आप जब कमरे में आये तब लाइट नहीं आ रही थी और आप अँधेरे में मेरे पास लेट गए.
आपने समझा आपके पास भाभी सो रही हैं, आपने मेरी चूचियां दबानी शुरू करी.
आपको पता था भाभी पीरियड से हैं तो आप चूत तक हाथ नहीं लेकर गए और धोखे में मेरे पूरे जवान और कुंवारे बदन को मसलते रहे.
फिर आपने मेरा हाथ पकड़ के अपना लन्ड मेरे हाथ में दे दिया था.
मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था क्यूंकि रोज़ मैं आपके लम्बे लन्ड को सिर्फ देखती ही थी और उस दिन आपका लन्ड मेरे हाथ में था.
मैं आपके लन्ड को मसलती रही और सोच रही थी कि किसी दिन मौका मिले और आप मुझे चोदो.
थोड़ी देर बाद आपका लन्ड झड़ गया और आप सो गए और मैं सारी रात तड़फती रही अपनी चूत रगड़ती रही.
उस दिन मैंने सोच लिया था कि अगर मैंने अपनी चूत आपके लंड से नहीं चुदाई तो मेरा नाम भी रीना नहीं.
सच पूछो तो मैं भी अपनी बहन रीनू की शादी से पहले उसे चोदने के सपने देखा करता था लेकिन कभी हिम्मत नहीं हुई.
अगर मुझे पता होता कि वो भी मेरे लंड से चुदना चाहती हैं तो उसे तो कई बार चोद दिया होता.
लेकिन देर आये दुरुस्त आये.
रीनू ने मेरे भी कपड़े निकाल कर मुझे नंगा कर दिया.
रीना मेरे लन्ड को मुँह में लेकर चूसने लगी और मेरी गोलियों को हाथ से मसल रही थी जिससे मेरा लन्ड खड़ा हो जाये.
रीना बोली- भैया, तुम भी ना चूतिया नंदन हो.
मेरी चूत तेरी बहु चाटेगी क्या? बस फिर क्या था.
मैं रीना के ऊपर 69 पोजीशन में चढ़ा और उसकी चूत पे अपनी जीभ फिराने लगा.
रीनू ने मेरा लंड मुँह में लेकर चूसना चालू किया.
उधर पूजा ने सोचा कि जब भाई बहन चुदाई कर रहे हैं तो फूफाजी से चुदाने में काहे की शर्म.
कहाँ तो एक लंड के लिए तड़फ रही थी, यहाँ दो लंड मिल रहे हैं.
वो बोली- फूफाजी, ले लो मेरी चूत, चोद दो मुझे! रमेश बोला- वाह ससुर की जानू और मैं फूफा जी? भेण की लोडी मुझे जीजू ही बोल तू भी! तेरे जानू का जीजू तो तेरा भी जीजू! “ओके मेरे प्यारे जीजू… आज ये सलहज आपकी ही है.
” पूजा फिर रमेश का चुदाई पूरा साथ देने लगी, वो रमेश के ऊपर चढ़ के उसके सारे बदन को प्यार करने लगी.
मैं अपनी बहन की चूत चाट रहा था- रीनू, तेरी चूत तो काफी गीली हो गई है.
रीनू बोली- हाँ भैया, अब मेरी चूत में अपना लंड डालो ना.
मैंने रीनू को घोड़ी बना कर पीछे से उसकी चूत में लंड घुसेड़ा, रीनू को बड़ा मज़ा आ रहा था, वो बोली- भैया जोर जोर से धक्के मारो.
आपका लंड तो बड़ा लम्बा मोटा है.
और मैंने धक्कों की स्पीड बढ़ा दी.
रमेश बोला- क्यों रीना रानी, बड़ा मज़ा आ रहा है भैया के लंड से? कई बार बोल चुकी थी कि भैया से अपनी चूत चुदवानी है.
“हाँ बड़ा मज़ा आ रहा है! और तू भी तो अपनी बहन को चोदता है.
अभी मज़े से ताज़ी चूत को चोद!” मैं बोला- रीनू, क्या ये अपनी बहन को चोदते हैं? वो बोली- भइया, अभी आप मेरी चूत को शांत कर दो, फिर सारी कहानी बताती हूँ.
अभी हम चार दिन यहाँ हैं, और आपको मैं रोज़ अलग अलग चूत दिलवाऊंगी और हमारी पूजा बन्नो को रोज़ नया लन्ड.
फिर हम चारों जने कस कस के चुदाई में व्यस्त हो गए.
रीनू बोली- भैया लंड का रस मेरी चूत में मत छोड़ना, जब निकलने वाला हो तो अपना लौड़ा मेरे मुँह में दे देना.
चूत में छोड़ा तो मेरे पेट में आपका बच्चा ठहर जायेगा.
पूजा की भी सेक्सी सेक्सी सिसकारी सुनाई दे रही थी, वो धीरे धीरे बोल रही थी- जीजू, जोर से चोदो… और जब भी मौका मिले घर आ जाना, आपकी सेवा में ये चूत हमेशा हाज़िर है.
तो दोस्तो, कैसी लगी मेरी फैमिली में बने सेक्स रिलेशन की कहानी? मुझे इमेल से अपने विचार बतायें! [email protected]
स्रोत:इंटरनेट