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पेटीकोट खोल तेल लगाकर विधवा की गांड मारी हिन्दी सेक्स स्टोरी

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पेटीकोट खोल तेल लगाकर विधवा की गांड मारी हिन्दी सेक्स स्टोरी 1

. पेटीकोट खोल तेल लगाकर विधवा की गांड मारी हिन्दी सेक्स स्टोरी उस लड़की ने मुझसे बोला- आप कैसे हो? मैंने कहा- मैं ठीक हूँ, आप कौन हो? तो वो बोली- मेरा नाम रानी है और मेरा कोई बॉयफ्रेंड नहीं है क्या आप मुझसे दोस्ती करोगे? मैंने कहा- मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि आप लड़की हो। तो वो लड़की बोली- अपना नम्बर दो। मैंने नम्बर दे दिया और वो ऑफलाइन हो गई। फिर तीन दिन बाद शाम को एक मिस. कॉल आई तो मैंने वापस फोन मिलाया। मैंने पूछा- हैलो… कौन? तो दूसरी तरफ से लड़की की आवाज आई, बोली- पहचाना नहीं? मैंने कहा- सॉरी.. मैंने आपको नहीं पहचाना… आप कौन? तो वो बोली- हाँ.. पहचानोगे क्यों.. नम्बर देकर भूलने की बीमारी है न.. मैंने कहा- मैं नम्बर तो बहुतों को देता हूँ तो मुझे इस वक्त ध्यान नहीं है। तो वो बोली- जीमेल आईडी याद है रानी नाम से और तुमने मुझे अपना नम्बर दिया था। इतना सुनते ही मैं खुश हुआ कि यह तो सच में लड़की है।मैंने उससे बातें कीं, उसने बताया- वो अकेली रहती है, एक साल पहले एक दुर्घटना में उसके पति की मृत्यु हो गई है। तो मैंने ‘सॉरी’ बोला, उसने कहा- कोई बात नहीं। फिर हम रोज बात करते, एक-दूसरे के बारे में पूछते। इस तरह बात करते-करते हमें दस या बारह दिन हो गए। एक दिन वो तो बोली- कल आप मुझे मिल सकते हो? मैं अपने मन में सोच रहा था कि नेकी और पूछ-पूछ। मैंने कहा- ठीक है.. उसने मुझे अपना पता दिया और मैं रात भर सो नहीं पाया कि सोचता रहा कि यह कैसी औरत होगी। “पेटीकोट खोल तेल लगाकर विधवा की गांड मारी हिन्दी सेक्स स्टोरी”फिर मैं दूसरे दिन उस लड़की के घर पहुच गया और उसके घर का. दरवाज़ा खटखटाया। उसने दरवाज़ा खोला तो मैं उसे देखता ही रह गया, क्या गज़ब की लग रही थी। काले रंग की साड़ी में उस सेक्सी औरत की उम्र यही कोई 30-32 साल होगी उस औरत का बदन एक दम सदा हुआ था, उसका रंग एक दम गोरा था शायद 28-30-34 का फिगर होगा। फिर मैं अन्दर गया तो उसका घर भी अच्छा था, उसने मुझे सोफे पर बिठाया, मैं बैठ गया तो वो पानी लेकर आई। मैंने उस औरत से पूछा- आप अकेली रहती हैं? तो बोली- हाँ मेरी शादी मेरे स्कूल टाइम में ही हो गई थी और मेरे पति की एक दुर्घटना में मृत्यु हो गई और तब से में अकेली हो गई और इस लिये अब अपनी अधूरी जरूरतों को पूरी करने के लिये एक सच्चा जीवन साथी ढूंड रही हूँ .
फिर मैंने कहा- आपने दूसरी शादी क्यों नहीं की? वो सेक्सी औरत रोते हुए बोली- भला के विधवा औरत से कौन शादी करता इस लिये नहीं करी.
फिर वो रोने लगी तो उसके नजदीक जाकर मैंने मौके का फायदा उठाया और उसको अपने गले लगाया और शांत करने लगा विधवा औरत की चूचियाँ मेरी छाती से चुभ रही थीं मेरा मन कर रहा था कि अभी भींच डालूँ और इस रंडी के मम्मो का सारा का सारा । कुछ पल सुबकने के बाद वो चुप हो गई। फिर मैंने उससे बोला की आज के. बाद कभी अपने आप को अकेला मत समझना आज से मै तुम्हारा पूरा ध्यान रखूँगा.
फिर मेरी तरफ देखते हुए वो विधवा औरत बोली- क्या तुम मुझे प्यार करोगे मेरे पति की कमी दूर करोगे मुझे वो प्यार दोगे जिसके लिये मै कई सालो से तरस रही हूँ? तो मैंने इतना सुनते ही उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और चूमने लगा। वो भी मेरा साथ देने लगी थी। ( हिंदी सेक्स कहानियाँ XXX Hindi Sex Stories ) फिर दस मिनट तक हम चुम्मा चाटी करते. रहे। फिर वो बोली- चलते हैं तो मैंने कहा- ठीक है.. जैसे ही उसने दरवाज़ा बंद किया तो मैं उसको अपने पास खींच कर, उसके होंठों को फिरसे चूसने लगा। उसके होंठ बिल्कुल गुलाब की तरह नर्म थे उस विधवा रंडी के होंटो को चूमने के साथ-साथ मैं उसकी दूध से भरी मोटी मोटी चूचियां भी दबा रहा था। वो सेक्सी विधवा रंडी जोर जोर से आह….
आह… आहें भर रही थी और पागलों की तरह मुझे चूम रही थी।उसके बाद पहले मैंने उसकी साड़ी ब्लाउज और ब्रा उसके जिस्म से अलग की पर उसके पेटीकोट को नहीं खोला।फिर वो मुझे बोलने लगी अरे पहले मेरा पेटीकोट तो खोलो तो मैंने उस विधवा रंडी से बोला की डार्लिंग पेटीकोट की बरी सबसे लास्ट में आयगी.
जब मैंने उसकी नंगी चूचियों को देखा तो पागल हो गया। मैं उसकी चूचियों को मसलने लगा और उसका दूध पीने लगा। इस तरह उसे खूब गर्म कर दिया, वो पागलों की तरह मेरे लंड को मसल रही थी और कह रही थी- फ़क मी.. फ़क मी.. फिर मैंने उसके के साथ अपने कपड़े भी उतार दिए तो उसने जल्दी से मेरा 9 इंच लम्बा लौड़ा अपने हाथों में ले लिया और चूसने लगी, तो लॉलीपॉप की तरह चूस रही थी। “पेटीकोट खोल तेल लगाकर विधवा की गांड मारी हिन्दी सेक्स स्टोरी”मुझे उस विधवा रंडी औरत से अपना लौड़ा चुस्वाने में बहुत मज़ा आ रहा था आज पहली बार कोई लड़की मेरा लौड़ा अपने मुह में लेकर चूस रही थी, फिर मैं झड़ गया, वो मेरा सारा वीर्य पी गई। फिर मैंने उसकी पैन्टी भी उतार दी। मुझे आज पहली बार किसी नंगी चूत के दर्शन हुए थे और उसकी क्या चूत थी.. एक भी बाल नहीं था। शायद उसने आज ही बाल साफ किए थे। मैंने उसकी चूत में एक ऊँगली की, तो वो सिसकारी भरने लगी- आह आह्ह.. आह आह्ह.. मैंने पूरी उंगली अन्दर पेल दी और अन्दर-बाहर करने लगा उसकी चूत चिपचिपी हो उठी। ‘प्लीज अब मत तड़पाओ.. मैं मर जाऊँगी। मैं पूरी तरह से उत्तेजित था लेकिन मुझे पता था कि उसको लम्बे समय तक कैसे चोदना है।फिर मैंने देर न करते हुए उससे कंडोम माँगा तो उसने मेरे लंड पर कंडोम चढ़ाया। अब मैंने उसे लिटा दिया और उसकी टाँगें अपने कंधे पर रखीं और लंड उसकी बुर के छेद के ऊपर रख दिया। मैंने उसकी आँखों. में देखा और उसकी तड़फ को देखते हुए हल्के से एक धक्का लगाया तो सुपारा चूत में फंस गया। यारों क्या मजा था.. मैं बता नहीं सकता। फिर मैंने थोड़ा और जोर डाला तो उसकी चीख निकली तो मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए। ‘क्या दर्द हो रहा है?’ तो बोली- कोई बात नहीं.. सह लूँगी, बहुत दिनों की प्यास है। ( हिंदी सेक्स कहानियाँ XXX Hindi Sex Stories )अब मैं उसकी चूचियों को चूस रहा था तो बोली- अब और करो.. तो मैंने एक धक्का दिया तो लंड अन्दर हो गया। फिर मैं धीरे-धीरे आगे-पीछे करने लगा और धक्के लगाने शुरू किए। थोड़ी देर बाद उसे मज़ा आने लगा तो वो भी मेरे धक्कों का जवाब नीचे से धक्के लगा कर दे रही थी। वो पूरी. तरह से मेरा साथ दे रही थी और बोल रही थी- सीईई उईईई माँ हाय उफ्फ म्म्म चोदो मुझे राजा आह….
आह और जोर से ….. फाड़ दो मेरी..बुर.. मुझे बिना चुदे.. एक साल हो गया है। मुझे भी जोश आ रहा था और अब मैं जोर-जोर से धक्के लगा कर उस विधवा रंडी को चोद रहा था। पूरा कमरा ‘फच.. फच’ की आवाजों से भरा हुआ था, वो नीचे से कूल्हे उछाल कर मेरा साथ दे रही थी।थोड़ी देर बाद वो बोली- रुको.. मैं तुम्हारे ऊपर आना चाहती हूँ। वो मेरे ऊपर आ गई और मेरा 9 इंच लम्बा लौड़ा अपनी बुर में ले लिया। अब वो क्या हिल रही थी कि मानो मेरा लौड़ा चबा जाएगी, उसके दूध से भरे बूब्स भी क्या मस्त हिल रहे थे। मैंने उसके स्तनों से खेलना चालू किया तो वो और भी जोश में आ गई और अपनी बुर में और अन्दर तक मेरा लौड़ा लेने लगी। वो झड़ गई थी। मैंने उससे कहा- मेरा निकलने वाला है। तो बोली- बाहर निकाल लो। उसने मेरा हटा कर लौड़ा मुँह में ले लिया और उसे जोर जोर. से किसी भूखी रंडी की तरह चूसने लगी। “पेटीकोट खोल तेल लगाकर विधवा की गांड मारी हिन्दी सेक्स स्टोरी”मुझे उस विधवा रंडी औरत से अपना लौड़ा चुस्वाने में बहुत मजा आने लगा, फिर वो मेरा 9 इंच लम्बा लौड़ा हिलाने लगी और जोर जोर से चूसने लगी मुझे भी ब्लोजॉब लेने में बहुत मजे आ रहे थे और करीब दस मिनिट बाद मैंने उसके मुँह में ही अपने लौड़े से निकले गरमा गर्म वीर्य की धार छोड़ दी। उस विधवा रंडी औरत का पूरा मुँह. मेरे लौड़े से निकले गरमा गर्म वीर्य से भर गया था, उसने थोड़ा निगल लिया और थोड़ा बाहर निकाल दिया और मुझे देख कर हंसने लगी, बोली- तुमने आज मुझे जन्नत की सैर करा दी। मैं निढाल होकर उसके ऊपर लेट गया।फिर हमने ऐसे ही थोड़ी बातें की और मैं उसके चूतड़ों पर हाथ फिरा रहा था और मैंने बातों ही बातों में उससे कहा- तुम्हारी गांड भी बहुत अच्छी है। वो मेरा मतलब समझ गई और बोली- जान.. आज मैं तुम्हारी हूँ.. जो चाहे करो बस मुझे बहुत प्यार करो। फिर उसने मेरे कुछ बोलने से पहले ही मेरा 9 इंच लम्बा लौड़ा अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी। मेरे लंड को खड़ा होने में वक्त नहीं लगा। मैंने बोला डार्लिंग चलो अब जल्दी से अपनी गांड. मरवाने के लिये एक अच्छी रंडी की तरह घोड़ी बन जाओ। वो बिना समय ख़राब करे लपक कर मेरे आगे घोड़ी बन गई, मैंने उसकी गांड में थूक लगाया और एक जोरदार झटके के साथ अपना लंड उसकी गांड के छेद में डाल दिया।उसकी गांड में लंड गुस्ते ही उसके मुँह से जोर की चीख निकल गई। वो सीधी हो गई मेरा लौड़ा बाहर निकल आया। मैं बोला- क्या हुआ डार्लिंग गांड नहीं मरवानी क्या गांड मरवाए बिना तो सेक्स अधुरा है? वो बोली तुम्हारा. लौड़ा बहुत तगड़ा है तुमने मेरी गांड फाड़ दी अब में टट्टी कैसे करुँगी। जब मैंने उसकी गांड की तरफ देखा तो उसकी गांड से खून निकल रहा था और दर्द के मारे उस विधवा रंडी आँखों से आंसू निकल रहे थे.
में एक नंबर का रंडी चोद मर्द था फिर मैंने उस विधवा रंडी से कहा तेल लगाकर तुम्हारी गांड में मेरा लौड़ा डालूँगा तुम्हारी गांड है ना इस लिये थोड़ा दर्द होगा पर उसके बाद मजा आएगा।मेरे बहुत समझाने के बाद वो मेरे तगड़े. लंड से अपनी फटी हुई गांड मरवाने को मान गई, मैंने थोड़ा तेल उस विधवा रंडी औरत की गांड के छेद में डाला और थोडा तेल मेरे लंड पर लगा लिया, फिर उसकी गांड में एक जोरदार झटके के साथ अपना लंड डाल दिया। मेरा पूरा लंड पिसलता हुआ उसकी गांड के छेद के अन्दर चला गया। फिर उसे भी मेरे लंड से अपनी में बहुत मजा आने लगा और फिर एक बार मेरा माल निकलने वाला था, उसने बोला- मेरी गांड में ही निकाल दो में तुम्हारे वीर्य की गर्मी मेरी गांड के अंदर महसूस करना चाहती हूँ आज से पहले वैसे भी मैंने कभी अपनी गांड नहीं मरवाई है।Free Indian Hindi Sex Stories पेटीकोट खोल तेल लगाकर विधवा की गांड मारी हिन्दी सेक्स स्टोरीफिर मैंने. भी सारा वीर्य उस रंडी विधवा की गांड के अन्दर निकाल दिया। अब वो हँस रही थी। उसने कहा- आज तुमने मेरी वर्जिन गांड की सील भी खोल दी। आज तुमने मुझे बहुत प्यार किया बिलकुल किसी रंडी की तरह खास कर अपनी गांड. मरवाने में मुझे बहुत मजे आए। मैंने कहा- डार्लिंग मेरा 9 इंच लम्बा लौड़ा काफी दिनों से चूत चोदनेके लिये और गांड मारने के लिये तड़प रहा था मैंने तुमसे दोस्ती की है.. तो पूरी निभाऊँगा।फिर हमने कपड़े पहने और मैं चलने को हुआ तो उसने मुझे एक प्यारा सा चुम्बन दिया और फिर कुछ दिनों बाद हम दोनों ने शादी कर ली अब वो विधवा औरत मेरी धर्म पत्नी है पर रोज रात को बिस्तर में वो मुझे एक रंडी का सुख देती है हम पति. पत्नी का विवाहिक जीवन बहुत अच्छा चल रहा है मेरे लंड को टाइम पर चोदने के लिये चूत मिल जाती है और जब दिल करता है में अपनी पत्नी की गांड भी मार लेता हूँ अब शादी के बाद तो यह यह सब ही होता है। ( हिंदी. सेक्स कहानियाँ XXX Hindi Sex Stories )दोस्तों उस विधवा औरतक को अपनी पत्नी बनाकर उसका पेटीकोट खोल तेल लगाकर मारने में जो आनंद मुझे मिलता है उसे में शब्दों में नहीं बता सकता.
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स्रोत:इंटरनेट