. पैसो के खातिर रोज़ चुदवाने लगी भैया और उसके दोस्तो से हिन्दी सेक्स स्टोरी इतने में रज्जाक के दिमाग में ख्याल आया, कि क्यों ना मोनू को भी उसकी बहन की चुदाई के लिए उकसाया जाए.
उसने अपनी जेब से ४ वियग्रा की गोली निकाली और सबके ग्लास में डाल दी.
मोनू को वैसे ही बहुत चढ़ गयी थी और ऊपर से गोली का असर.
उसका लंड खड़ा होने लगा.
बाकि तीनो के लंड भी खड़े हो चुके थे, पर वो तीनो होश में थे.
रज्जाक मोनू के साथ सेक्स की बात करने लगा और कहा – मैं अपनी गर्लफ्रेंड को ऐसे चोदता हु और ये सब सुनकर मोनू के लंड का और भी बुरा हाल होने लगा.
यह भी देंखे मोनू बोला – यार, आज मेरा किसी को छोड़ने का बड़ा मन कर रहा है.
सलमान बोला तो चोदले ना.
तुझे कहीं दूर भी जाने की जरूरत भी नहीं है.
इतना गजब का माल है.
मैं ये सब किचन से सुन रही थी.
फिर मोनू बोला – नहीं यार, बहन है वो मेरी.
तो बाकि सब कहने लगे; तो क्या हुआ? तेरे पास लंड है और तेरी बहन के पास भोसड़ी.
दोनों को एक दुसरे की जरुरत है.
क्या वो कभी किसी से नहीं चुदेगी…? तो तू भी चोद ले.
ये सब सुनकर मेरे सगे भाई मोनू का दिमाग ख़राब होने लगा.
एक तो व्हिस्की का नशा और उसपर गोली.
तो मोनू का लंड मुझे चोदने के ख्यालों में बेकाबू होने लगा.
मोनू ने मुझे आवाज़ दी, शीना बाहर आयो.
मैं अपनी घर की टाइट टीशर्ट और टाइट लैगी में थी.
मोनू का लंड अब पेंट से बाहर आ रहा था.
मुझे देखकर वो पागल होने लगा.
उसने एकदम से खड़े होकर अपनी बाहों में जकड लिया और बूब्स और मोटी गांड दबाने लगा.
वो मुझे पागलो की तरह किस कर रहा था.
मैं हिल भी नहीं पा रही थी.
मैंने भागने की बहुत कोशिश की, पर उसने मुझे ऐसे जकड रखा था, की मैं हिल भी नहीं पा रही थी.
मैंने बोलने की कोशिश की, भैया मैं आपकी छोटी बहन हु.
मेरे साथ ऐसा मत करो.
पर मैं कुछ भी नहीं बोल पा रही थी.
रज्जाक, कबीर और सलमान मेरे साथ ये सब होते हुए देखकर बड़े खुश हो रहे थे और बोल रहे थे – चोद दे आज इसे चोद दे.
साली बड़ी मटक – मटक कर मोटी गांड हिलाकर चलती है.
डाल दे अपना लंड इस साली रंडी की भोसड़ी में.
ये सब सुनकर मैं भी एक्साइट होने लगी.
मोनू तो पागल हो ही गया था.
वो जल्दी – जल्दी मेरे कपडे उतारने लगा.
मेरी टीशर्ट निकाली और फिर मेरी ब्रा को भी जोर से खीचकर निकाल दिया.
मेरे दूध से भरे मोटे मोटे बोबे देखकर सबके मुह में पानी आ गया.
सबने अपने – अपने कपडे उतार दिए और मेरे साथ गलत काम करने के लिये नंगे हो गए.
मेरी लैगी सलमान ने खोली और साथ ही पेंटी भी खीच कर निकाल दी.
यह भी देंखे मैं 4 मर्दों के सामने नंगी खड़ी थी और मेरी भोसड़ी से पानी निकल रहा था.
मोनू मुझे किस कर रहा था और सलमान मेरी मोटी गांड में मुह डाल कर पीछे से भोसड़ी चाट रहा था.
मोनू आगे आया और मेरे दूध से भरे मोटे मोटे बोबे पकड़ कर मसलने लगा और चूसने लगा.
मेरे सगे भाई ने भी मेरे साथ सेक्स करने के लिये अपने सारे कपड़े उतार दिए और हम सब पुरे नंगे हो चुके थे.
Indian Sex Stories In Hind Fonts पैसो के खातिर रोज़ चुदवाने लगी भैया और उसके दोस्तो से हिन्दी सेक्स स्टोरीजब तक मोनू कपड़े उतारने के लिए हटा.
तब तक रज्जाक ने मुझे गोद में उठा लिया और मेरी दोनों टाँगे उसने अपने से लिपटा ली.
वो मुझे किस कर रहा था और उसका लंड मेरी भोसड़ी पर था.
उसने अपना लंड मेरी भोसड़ी पर टिका दिया और धक्का मारा.
मैं चुदी तो हुई थी पहले भी, तो काले भुसंड लौडे को अन्दर जाने में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई.
२ -३ झटको में पूरा लंड अन्दर चले गया और वो मुझे ऐसे ही हवा में चोदने लगा.
मैं रज्जाक की गोद में हि थी और वो मुझे धक्के मार रहा था.
सलमान पीछे से आया और मेरी मोटी गांड में ऊँगली डालने लगा.
चुदाई की वजह से मैं उछल रही थी और सलमान की ऊँगली भी मेरी मोटी गांड में अन्दर – बाहर हो रही थी.
फिर रज्जाक ने मुझे नीचे उतारा और सबके काले भुसंड लौडे को चूसने के लिए कहा.
मैं घुटनों पर बैठ गयी और एक – एक करके सबके लंड चूसने लगी.
सभी मुझे घेर कर खड़े हो गये.
मैं २ मं मोनू का लंड चुस्ती, फिर कबीर का, फिर रज्जाक का और फिर सलमान का.
ऐसे गोल – गोल घूम कर मैंने २० मिनट तक सबके लंड चुसे.
फिर सब ने मेरे मुह में ही अपना – अपना पानी छोड़ दिया.
सब लोगो ने १ – १ पेग बनाया और मुझे सीधा लेटा दिया बीच में.
यह भी देंखे रज्जाक मेरी भोसड़ी पर व्हिस्की डाल रहा था और कबीर और सलमान मेरी भोसड़ी चाट रहे थे और व्हिस्की पीने लगे.
मोनू भैया मेरे दूध से भरे मोटे मोटे बोबे दबा रहे थे.
फिर रज्जाक ने कहा, कि मोनू ये तेरी रंडी बहन है.
तू इस की चुदाई सबसे पहले करेगा उसके बाद हमारा नंबर.
ये सुनकर मेरा सगा बड़ा भाई जोश आ गया.
और मेरी चुदाई करने चुदाई के मैदान में कूद पड़ा.
मेरे भाई ने मेरी दोनों टाँगे चौड़ी करी और अपना लंड मेरी भोसड़ी के मुह पर रखा.
फिर उन्होंने एक जोरदार झटका मारा और पूरा लंड अन्दर डाल दिया.
मुझे बहुत ज्यादा दर्द हुआ.
मेरी चीख निकली और आंसू भी निकल आये.
पर भैया नहीं रुके और मुझे ऐसे ही चोदते रहे.
बाकि ३नो व्हिस्की पीते रहे और हस्ते रहे.
वो मेरे दूध से भरे मोटे मोटे बोबे दबाते, निप्पल चूसते और खीचते.
वो मुझे थप्पड़ भी मार रहे थे.
१० मिनट चोदने के बाद, भैया ने अपना लंड बाहर निकाला और हट गये.
फिर सलमान आया और मेरी भोसड़ी मारना शुरू किया.
उसके बाद कबीर का पानी भी मेरी भोसड़ी में गिर गया.
यह भी देंखे उसने अपना लंड निकाला और मेरे मुह में डाल दिया और बोला – चल साली छिनाल, इसे चाट कर साफ़ कर.
मैं उसके लंड का पानी और अपनी भोसड़ी का पानी टेस्ट कर रही थी.
मैंने उसे चूस – चूस कर साफ़ कर दिया.
मैं बुरी तरह थक चुकी थी और मेरा पानी भी २ बार छुट चूका था.
बट ये लोग नहीं माने.
रज्जाक ने मुझे घोड़ी बनाया और मुझे टेबल पर टिका कर खड़ा कर दिया.
फिर उसने मेरी टांगो को मौड़ कर मेरी मोटी गांड को उठा दिया और उस पर थप्पड़ मारे.
मुझे बड़ा दर्द हुआ.
मेरा रंग गोरा है, तो उसके थप्पड़ो के निशान मेरी मोटी गांड पर बन गये थे.
वेसे ही मेरे निप्पल और बूब्स पर काट – काट कर उन लोगो ने निशान बना दिए थे.
अब मोनू भैया मेरे सामने आ गये थे और रज्जाक मेरे पीछे खड़ा था.
रज्जाक ने अपना लंड मेरे पीछे से मेरी भोसड़ी में डाला और आगे से मोनू भैया ने अपना लंड मेरे मुह में.
रज्जाक बड़ी जोर से मेरी भोसड़ी चोदे जा रहा था.
और मेरा भाई मेरा सिर और बाल पकड़ कर जोर – जोर से अपने लंड से मेरे मुह को चोद रहा था.
मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था की आज मेरा अपना सगा बड़ा भाई मेरे मुह में अपना लंड डाल कर मेरे मुह की चुदाई कर रहा है.
मेरी दोनों तरफ से चुदाई हो रही थी.
भाई का काला भुसंड लंड मेरे मुह में होने की वजह से मैं ठीक से सांस भी नहीं ले पा रही थी मेरे भाई का लंड बहुत लम्बा और मोटा था वो मेरे गले तक जा रहा था.
मेरे मुह से कोन्तिन्यूस थूक बाहर गिर रहा था.
मैंने मेरे आपने सगे भाई का लंड पकड़ा और अपने मुह से खीचकर बाहर निकाला और सांस ली.
मैं जोर जोर से हांफ रही थी.
रज्जाक पीछे से बड़ी जोर – जोर से झटके मार रहा था.
सलमान भी मेरे मुह के पास आ गया और मैंने उसका भी लंड पकड़ा और मैं मोनू और सलमान के काले भुसंड लौडे को बारी – बारी से चूस रही थी और चुदाई की वजह से अहहहः अहहहहः चिल्ला रही थी.
यह भी देंखे रज्जाक का भी पानी मेरी भोसड़ी में ही गिर गया.
मोनू ने लंड मेरे मुह से निकाल कर मेरे पीछे गया और मेरी भोसड़ी में डाल दिया और मुझे चोदने लगा, मैंने सलमान कर लंड जोर से चूसने लगी.
मैं बुरी तरह से थक चुकी थी और समझ गयी थी, कि अगर नहीं छुटी, तो चुदाई बंद नहीं होगी.
मैंने लंड और तेजी से चुसना शुरू किया और अपनी भोसड़ी भी टाइट कर दी.
जिससे भैया का लंड भी जल्दी ही पानी छोड़ने वाला था.
वैसे ही हुआ,झटको में मोनू का पानी निकल गया.
सलमान भी छुटने वाला था.
मैंने उसके काले भुसंड लौडे को अपने मुह के अन्दर – बहार कर के उसपर जीभ ऐसे घुमाना चालू किया, कि वो रुक नहीं पाया और मेरे मुह की गर्मी से उसके लंड का मेरे मुह में फाल हो गया.
मेरी भोसड़ी और मेरा मुह दोनों ही वीर्य से भरे पड़े थे.
सारे लड़के थक चुके थे और नशा भी कम हो गया था.
Free Adult Sex Stories In Hindi पैसो के खातिर रोज़ चुदवाने लगी भैया और उसके दोस्तो से हिन्दी सेक्स स्टोरीशाम के ७ बज चुके थे.
मैं खड़ी हुई और बाथरूम जाने लगी.
पर मुझे इतना दर्द हो रहा था, कि मैं ठीक से चल भी नहीं पा रही थी.
मैंने बाथरूम में जाकर शावर ओन किया और वहीँ बैठ गयी.
२० मिनट तक मैं ऐसे ही बैठी रही और फिर कहीं जाकर मेरी उठने की हिम्मत हुई.
मैं अपने रूम में जा रही थी, तो हॉल में देखा, की किसी ने भी कपड़े नहीं पहने है.
मोनू भैया और सलमान वैसे ही सो गये है और कबीर भी लेटा हुआ था और रज्जाक भी सोफे पर नंगा ही पड़ा हुआ था.
उसने मुझे देखा और फिर ऐसे स्माइल की, कि उसने दुनिया जीत ली हो.
मैंने ध्यान से देखा, उन सबके ही लंड बिलकुल लाल पड़े थे बिलकुल मेरी भोसड़ी की तरह.
मैं भी नंगी और बिलकुल गीली थी.
मैं अपने रूम में आ गयी और सोचने लगी, कि आज ये सब क्या हुआ? इतनी ज्यादा थकी हुई थी, कि बेड पर गिरते ही सो गयी.
नंगी ही.
मेरी नीद आधी रात को ३ बजे खुली.
मेरी भोसड़ी सूजी हुई थी.
पूरा बदन दुःख रहा था.
मैंने कुछ खाया भी नहीं था, तो पेट भी बहुत दुःख रहा था.
मैं बुरी हालत में चलते हुए बाहर गयी.
यह भी देंखे भोसड़ी सूजी होने के कारण, मैंने ठीक से चल भी नहीं पा रही थी.
हॉल में देखा, तो सब वैसे ही नंगी हालत में बेहोश पड़े थे.
सुबह नीद खुली, तो १०:३० बज चुके थे.
मेरी गांड और चूत में दर्द काफी हो रहा था थ्रीसम हार्डकोर सेक्स जो करा था.
घर पर कोई भी नहीं था सभी रंडी चोद मुहे चोद चाद कर अपने अपने घर जा चुके थे.
उस दिन मेरे बहन चोद भाई ने मुझसे आँखे नहीं मिलायी मिलाता भी कैसे वो अपनी ही सगी बहन को चोद कर बहन चोद जो गन चूका था.
उस दिन के बाद से मेरा भाई न तो मेरे से नजरे मिला प् रहा था और ना ही वो मुझसे बात कर पा रहा था.
दोस्तों अब मेरे भैया को जब भी मौका मिलता था वो मुझे चोदने मेरे बैडरूम में आ जाया करते थे और मुझे चोदने के बाद कुछ पैसे देकर चले जाया करते थे.
हम भाई बहन शर्म के मारे बात नहीं करते थे.
यह भी देंखे वो बस रात को और दिन में मुझे चोदते थे.
कभी सलमान और कबीर आ जाते थे, तो वो मुझे रंडी की तरह चोदते थे और वो भी मुझे चोदने के बाद पैसे दे जाया करते थे दोस्तों आब मै घर बैठे बैठे धंधा करने लगी थी.
फिर 6 दिन बाद, मम्मी वापस आ गयी, तो मैं दिल्ली चली गयी और अपना पुराना धंधा फिर शुरू कर दिया.
मै भी अपनी दोस्त की तरह पैसो के खातिर रोज़ चुदवाने लगी और अब मै पूरी रंडी बन गयी हूँ.
रज्जाक दिल्ली आता, तो वो मुझे चोदता था.
मेरा भाई भी मुझे चोदने आये दिन दिल्ली आया करता था.
मै भी खुश कुशी अपने सगे भाई से पैसो के खातिर बिना शर्म के चुदवाने लगी थी.
दोस्तों मै पैसो के खातिर रोज़ चुदवाने के लिये आज भी गैर मर्दों के साथ होटल में चुदवाने जाती हूँ यदि आप को भी मुझे चोदा है तो मुझे ईमेल कर के बता देना मै आप को मेरा मोबाइल नंबर सेंड कर दूंगी.
दोसोत आप को पैसो के खातिर रोज़ चुदवाने की मेरी यह हिन्दी थ्रीसम सेक्स स्टोरी “” कैसे लगी मुझे ईमेल करके जरुर बताना.
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स्रोत:इंटरनेट