. उसके बाद मैंने ना आगे कि सोचा ना पीछे की … सीधा मैंने उनको पकड़ लिया और किस करने लगा.
मैं कभी भाभी की गर्दन पे चुम्मी लेता, तो कभी उनके सीने पे चूमता.
मेरा मतलब उनके आधे खुले मम्मों पर.
भाभी भी एकदम से गर्म हो गईं और देखते ही देखते मैंने उनके सारे कपड़े उतार दिए.
मैंने बेड पर भाभी को लेटाया.
दोस्तो … क्या मस्त नजारा था वो … भाभी बिना कपड़ों के तो और भी सुन्दर दिख रही थीं.
उनके गोरे गोरे गोल मम्मे कसम से क्या मस्त माल दिख रहे थे.
मुझे अब भी वो नजारा याद आता है, तो दोस्तों मेरा लंड अपने आप गीला हो जाता है.
उसके बाद मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए.
मेरा खड़ा लंड देखकऱ वो हैरान हो गईं और बोलने लगीं- हाय रब्बा … तुहाडा किन्ना वड्डा ए जी.
(आपका कितना बड़ा है जी!) तो मैंने हंसते हुए लंड हिलाया और कहा- हां जी … हुन मजे भी चक्को जी … (अब मजे भी लो!) भाभी ने आंख मार दी.
बस फिर क्या था … मैं कूद पड़ा भाभी के ऊपर और उनके एक मम्मे को एक हाथ से दबाने लगा.
दूसरे मम्मे को मैं अपने मुँह में लेकर चूसने लगा.
मैं बीच बीच में हल्के हल्के से भाभी के एक निप्पल को काटने लगा, चूसने लगा.
भाभी के मुँह से आवाजें आने लगीं, उनकी आवाजें ‘हहम्म उम्म्म …’ मुझे गर्म कर रही थीं.
बीच बीच में उनकी सांसें भी लम्बी होने लगीं.
फिर मैं उनके पेट पर आ गया और पेट पे भी चूमने लगा.
गीले गीले होंठों से भाभी को किस करने लगा.
उनको भी खूब मज़ा आ रहा था.
मैंने भाभी से मिलने से पहले ही ठान लिया था कि आज भाभी को बहुत मज़ा दे कर ही उनकी बुर में लंड पेलूंगा.
मैं कभी उनकी गर्दन पे किस करता, तो कभी उनके कान को हल्के से काटता.
भाभी बोलने लगीं- आप बहुत रोमांटिक हो जी … इतना मज़ा आज तक मेरे पति ने कभी नहीं दिया.
मैंने बस भाभी को चूम लिया.
उसके बाद मैंने उनके शरीर के हर एक हिस्से पर किस किया और चाटा.
लेकिन चूत को नहीं चाटा क्यूंकि मुझे चूत चाटना पसंद नहीं था.
मैंने उनकी टांगें फ़ैला दीं और भाभी की चूत देखने लगा.
मैंने उनकी चूत पर कुछ बाल देखे.
तभी भाभी ने मुझे देखने से रोका … मतलब फुद्दी देखने से मना किया.
उनको शर्म आ रही थी.
वे मुझे कसके पकड़ने लगीं.
मैंने कहा- ओके जी, फुद्दी नहीं देखूंगा.
उसके बाद मैंने भाभी की फुद्दी को नहीं देखा.
उन्होंने मेरा लंड पकड़ लिया और अपनी चूत पर सैट करने लगीं.
मैंने लंड सैट होते ही एक जोर से धक्का दे दिया, तो मेरा आधा लंड भाभी के अन्दर घुस गया.
मोटे और बड़े लंड के कारण भाभी चीखने लगीं- ओये माँ … थोड़ा हौले से करो ना … दर्द हो रहा है.
मैंने अब उनकी एक न सुनी और फिर से एक जोर का धक्का दिया.
इस बार 6 इंच का लंड मेरा पूरा जड़ तक अन्दर घुस गया.
मैंने इस बार भाभी को दोबारा चिल्लाने नहीं दिया … क्यूंकि मैं उनके मुँह में मुँह डालकर चूमने लगा था.
कुछ देर के बाद भाभी को दर्द करना कम हो गया.
मैं उनको जोर जोर से चोदने लगा … सारे रूम में बस चुदाई की ही आवाजें आ रही थीं ‘फच फच … आह … आह …’ भाभी के मुँह से सीत्कारें फूटने लगी थीं.
वो तेजी से गांड उठाते हुए बोलने लगीं- उम्म्ह… अहह… हय… याह… जान … और जोर से और जोर से.
अब कभी मैं उनकी टांगें उठा उठा के पेलता … तो कभी चुम्मी लेकर चुदाई करता.
भाभी ने अपना शरीर एकदम से टाईट कर लिया था, वो चरम पर आ गई थीं.
उसी समय मैंने भी अपना सारा माल भाभी की चूत के अन्दर ही छोड़ दिया.
भाभी ने मुझे अपने सीने से चिपका लिया.
हम दोनों करीब दो मिनट तक यूं ही लेटे रहे.
इस दौरान मेरा लंड भाभी की फुद्दी में ही घुसा रहा.
भाभी मेरे लंड का रस अपनी चूत से खींचती रहीं.
उस दिन हमने 4 बार सेक्स किया.
उसके बाद मैं अपने रूम में आ कर सो गया.
फिर शाम को शायना भाभी का फोन आया.
वो बोलने लगीं- आज तक इतना मज़ा मुझे कभी नहीं आया था.
आप बहुत सेक्सी और रोमांटिक हो जी.
मैंने मुस्करा कर थैंक्स बोला.
उसके बाद हमने आगे भी सेक्स किया.
एक महीने तक मैंने भाभी के साथ सेक्स किया.
कभी उसकी छत पर तो कभी घर पर जाकर मैं भाभी की फुद्दी चोद देता था.
एक महीने के बाद शायना भाभी का एक दिन फोन आया और वो मुझे धन्यवाद कहने लगीं.
मैं तुरंत समझ गया कि वो प्रेगनेंट हो गई हैं.
मैंने पूछा तो उन्होंने भी कहा कि हां वो प्रेग्नेंट हो चुकी हैं.
शायना भाभी बहुत खुश दिख रही थीं.
उन्होंने मुझसे कहा कि आपको मेरे से जो कुछ चाहिये हो, तो बेझिझक बोलो … मैं दे दूंगी.
मैंने मना करते हुए कहा- आपने जो मुझे मज़ा दिया, मेरे लिए वही बहुत है.
दोस्तो, आपको कैसी लगी मेरी ये बच्चा पाने के लिए भाभी की चुदाई की कहानी.
प्लीज़ मुझे मेल करके जरूर बताना.
ये मेरी पहली कहानी थी … और भी एक ऐसी ही सेक्स स्टोरी है, वो नेक्स्ट टाइम पोस्ट करूंगा.
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स्रोत:इंटरनेट