. सुनीता मेरे खड़े लंड को देखती हुई बोली- आप मुझे गलत मत समझिएगा.
मेरी पति को गुजरे हुए बहुत साल हो गए, तब से मैं तड़प रही थी इसलिए समाज के डर से मैं खुद को ऐसे शांत कर लेती हूं.
आप किसी से यह बात मत बोलिएगा वरना मेरी बदनामी होगी.
यह कहते हुए उसका ध्यान मेरे खड़े हुए लंड पर ही लगा था और वो लंड को ही देख रही थी.
जैसे ही वो अपनी बात खत्म करके जाने लगी.
मैंने कहा- सुनीता तुम बहुत खूबसूरत हो.
वो पलट कर मुझे देखने लगी और उसके होंठों पर हल्की से मुस्कान आ गई.
मैंने उससे कुछ नहीं कहा और आगे बढ़ कर उसके नजदीक आ गया.
वो भी ठिठक कर खड़ी हो गई थी और उसकी सांसें तेज तेज चल रही थीं.
मैंने उससे कहा- क्या हम दोनों प्यार कर सकते हैं? वो चुप थी मगर मैं रुकने वाला नहीं था.
मैंने उससे प्यार करने की कह कर उसका हाथ पकड़ा और उसे अपनी बांहों में खींच लिया.
वो भी कटी डाल की तरह मेरे सीने से आ लगी.
हॉट भाभी फक़ के लिए तैयार थी.
मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए.
वो तो मुझसे लता सी ऐसी लिपट गई मानो इसी बात का इंतजार कर रही हो.
हम दोनों एक दूसरे से चिपक कर चुम्बन का मजा लेने लगे थे.
वो मेरे साथ एकदम बिंदास लिपटी थी.
हमारे होंठ जुड़े हुए थे तो आवाज तो आ ही नहीं रही थी, बस गर्म सांसों की गर्मी ही हम दोनों को उत्तेजित किए जा रही थी.
कुछ देर बाद मैंने उसके मुँह में जीभ डाल दी तो वो मेरी जीभ को चूसने लगी और हमारी आंखें मुंद गई थीं.
करीब दस मिनट तक हम दोनों के बीच चुम्बन चला, फिर हम दोनों अलग हुए और एक दूसरे को देखने लगे.
हमारे बीच मौन सम्वाद चल रहा था; चुदाई की सहमति बन चुकी थी.
मैं उसे लेकर बेड पर आ गया और उसके मुलायम मम्मों को उसके कपड़ों के ऊपर से ही दबाने लगा.
मुझसे सब्र नहीं हो रहा था इसलिए मैंने उसके ब्लाउज के बटन खींच कर ब्लाउज के दोनों सामने खोल दिए.
उसने अन्दर ब्रा नहीं पहनी थी, जिस वजह से उसके दोनों मम्मे एकदम से उछल कर बाहर आ गए.
मैंने मम्मों को देखा और एक को मुँह में भर कर चूसने लगा.
सुनीता जोर जोर से सांस लेने लगी और मेरा साथ देने लगी.
वो खुद भी चुदासी थी और इतने दिनों से मेरे लंड से चुदवाने के चक्कर में थी.
वो मुझे अपने दोनों मम्मों का रस बारी बारी से पिलाने लगी.
उसे खुद भी अपने दूध चुसवाने में मजा आ रहा था.
सालों बाद किसी मर्द ने उसके दूध चूसे थे.
वो धीमी आवाज में बोली- अब आगे भी बढ़ो न.
मेरे कपड़े उतार दो.
मैं एक एक करके उसके कपड़े खोलने लगा.
सुनीता भी मेरा साथ देने लगी और बेड से उठ कर खुद ही अपनी साड़ी अलग करने लगी.
साड़ी उतार कर उसने मुझे अपने पास खींच लिया.
मैंने खड़ी हुई सुनीता के घाघरे में हाथ डाला और उसकी आग छोड़ती चूत को छुआ तो वो बिल्कुल गीली हो चुकी थी.
मैंने उसके घाघरे के नाड़े को ढीला कर दिया तो उसका घाघरा नीचे गिर गया.
नीचे उसने पैंटी भी नहीं पहनी थी.
वो अब मेरे सामने पूरी नंगी थी, उसके अधखुले ब्लाउज को भी मैंने उतार कर अलग कर दिया और उसे अपनी गोदी में बिठा लिया.
सुनीता ने मेरी बनियान उतार दी और मेरा लंड को पकड़ लिया.
मैं उसे बिस्तर पर लेटा कर उस पर चढ़ गया और उसके एक दूध को पकड़ कर पीने लगा, उसका पूरा दूध अपने मुँह में भर कर चूसने लगा.
जिससे वो कामुक सिसकारियां लेने लगी और मेरे बालों में हाथ फेरने लगी.
मैं सुनीता के जिस्म को चूम रहा था, जिसका वो मजा ले रही थी.
अब सुनीता ने हाथ बढ़ा कर लंड को पकड़ा और नीचे बैठ गई.
मेरी चड्डी नीचे खींच कर उसने मेरे लंड को मुँह में भर लिया.
मैं तो जैसे स्वर्ग में पहुंच गया.
कुछ देर वो लंड चूसती रही.
अब हमारे बदन मिलन को तैयार थे.
मैंने देर न करते हुए सुनीता को पकड़ लिया और उसके ऊपर आकर उसकी चिकनी चूत पर अपना लंड टिका दिया.
सुनीता की चूत पहले से पानी पानी थी, मेरे एक धक्के में ही लंड चूत में फच की आवाज के साथ अन्दर घुसता चला गया.
उसकी तेज चीख निकल गई.
मैंने झट से उसके होंठों पर अपने होंठ रखे और उसकी आवाज को दबा दिया.
हम दोनों ने एक दूसरे को बांहों में कस लिया.
वो काफी दिन बाद लंड ले रही थी तो चूत कस सी गई थी.
बाद में सुनीता ने बताया कि मेरा लंड उसके पति से काफी बड़ा था, जिस वजह से उसकी आवाज निकली थी.
धीरे धीरे करके मैं लंड पेलता गया और सुनीता की चूत ने लंड को चूत में जज्ब कर लिया.
दस मिनट तक मैं चूत में ठोकर मारता रहा ओर सुनीता के नितंबों से मेरी जांघें टकराने की आवाज सुनाई देती रही.
थोड़ी देर के बाद मैंने सुनीता को गोद में बैठा कर लंड पर बैठा लिया और नीचे से चोदते हुए उसके मम्मों को चूसने लगा.
फिर घोड़ी बना कर सुनीता की भट्टी को ठंडा कर दिया और हम दोनों लिपट कर बेड पर आ गए.
थोड़ी देर बाद सुनीता उठ कर नीचे चली गई और मैं सो गया.
अब सुनीता रोजाना अपने बेटे को स्कूल भेजने के बाद मेरे कमरे में आ जाती थी और हम दोनों चुदाई का मजा लेने लगे थे.
ये थी मेरी रियल सेक्स स्टोरी.
हॉट भाभी फक़ स्टोरी कैसी लगी? बताने के लिए मुझे मेल करें.
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स्रोत:इंटरनेट