. मैं उठ खड़ा हुआ.
मैंने भाभी के हाथ को पकड़ लिया.
उनका नर्म कोमल हाथ पकड़ कर मेरे लंड में हलचल होने लगी.
उनका बदन एकदम से मलाई के जैसा था.
मैंने भाभी के हाथ को सहलाया.
वो मेरे हाथ से अपना हाथ छुड़ाने लगी लेकिन मैंने और जोर से पकड़ लिया.
वो बोली- कोई देख लेगा.
मैंने कहा- अभी तो आपके और मेरे अलावा यहां पर कोई भी नहीं है.
जितना भाभी छुड़ाने की कोशिश कर रही थी मेरी पकड़ और ज्यादा मजबूत हो रही थी.
मैंने भाभी को अपनी ओर खींच लिया.
उनकी चूचियों मेरी छाती से लग गयीं.
मैंने भाभी के होंठों के पास अपने होंठों को कर लिया.
उसकी सांसें तेज तेज चलने लगी थीं.
उसके लाल लाल होंठ देख कर उनको चबा जाने का मन कर रहा था.
मैंने भाभी की गर्दन पर हल्का सा किस किया तो भाभी सिहर गयी.
मैंने उनको अपनी बांहों में भर लिया और दोनों एक दूसरे से लिपट गये.
ऐसा लगा कि मैं जन्नत में हूं.
भाभी की चूचियों मेरे बदन से एकदम चिपक गयी थीं.
मैंने भाभी को कस कर अपनी बांहों में जकड़ लिया.
वो असहज होते हुए बोली- क्या कर रहे हो, जान निकालोगे क्या? मैंने कहा- इतनी प्यारी जान की जान निकाली नहीं जाती है, इसके लिए तो जान दी जाती है.
मैंने भाभी के होंठों पर होंठ रख दिये और उनके होंठों को कस कर किस करने लगा.
भाभी ने पहले से तो मुंह नहीं खोला लेकिन एक दो बार कोशिश करने के बाद उसने मेरा साथ देना शुरू कर दिया.
हम दोनों एक दूसरे के होंठों को चूस रहे थे.
मेरा लौड़ा मेरी पैंट में अकड़ गया था.
मेरा लंड भाभी की जांघों पर चुभने लगा था.
मन कर रहा था कि भाभी को नंगी करके अभी इसकी चूत में लंड देकर दनादन इसको चोद दूं.
मगर मैं जल्दबाजी में बने बनाये काम को खराब नहीं करना चाहता था.
कुछ देर तक उसके रसीले होंठों का रस पीने के बाद मुझसे रुका न गया और मैंने अपने हाथों से भाभी की चूचियों को दबाना शुरू कर दिया.
वो मुझे पीछे हटाने लगी लेकिन मैंने उनको कस कर मसल दिया.
उनके सीने से साड़ी का पल्लू नीचे सरक गया और भाभी की चूचियों की घाटी दिखने लगी.
मैंने भाभी की चूचियों में मुंह रख दिया और उसकी खुशबू लेने लगा.
भाभी भी गर्म होने लगी थी.
मैंने भाभी की गांड को पीछे से दबा दिया और अपने लंड को उसकी जांघों के बीच में सटा दिया.
फिर मैंने उनके मुलायम से पेट को सहलाया और उनकी साड़ी को खोलने लगा.
जैसे ही मेरे हाथ भाभी की साड़ी की ओर बढ़े तो वो पीछे हो गयी.
उसकी सांसें तेजी से चल रही थीं और उसकी चूचियां ऊपर नीचे हो रही थीं.
मैंने कहा- क्या हुआ भाभी? वो बोली- आज के लिए इतना ही ठीक है.
इसके आगे हम अभी नहीं करेंगे.
मैंने कहा- लेकिन क्यों? वो बोली- मेरे पीरियड्स चल रहे हैं.
अभी सेक्स नहीं कर सकते.
अपने लंड को सहलाते हुए मैंने भाभी को दिखाया और कहा- मान जाओ न भाभी, बहुत मन कर रहा है.
वो मेरे लंड की ओर देखने लगी.
उसने मेरे लंड पर एक हल्का सा थप्पड़ लगाया और बोली- इसको अभी रोक कर रखो.
अभी इसकी इजाजत नहीं है.
मेरा मन उदास हो गया.
भाभी ने मेरा चेहरा देख लिया था लेकिन वो आगे नहीं बढ़ना चाहती थी.
इसलिए मैंने भी जबरदस्ती नहीं की.
मैंने कहा- भाभी एक बार हाथ से टच तो कर दो.
भाभी ने मेरे लंड को ऊपर से सहला दिया.
मेरे मुंह से आह्ह … करके सिसकारी निकल गयी.
मैंने कहा- एक बार अपनी रानी (चूत) को भी छू लेने दो.
वो बोली- बिल्कुल नहीं.
अभी नहीं हो सकता है कुछ.
बाद में करेंगे.
अभी तुम जाओ, तुम्हारे भैया घर वापस आने वाले होंगे.
उस दिन मैं मन मारकर चला गया.
मगर रातों की नींद जैसे उड़ गयी थी.
मुझे हर जगह भाभी की नंगी चूची और उसकी चूत दिखाई दे रही थी.
उस दिन मैंने तीन बार मुठ मारी.
लंड को बुरी तरह से रगड़ा, तब जाकर मैं शांत हुआ और फिर सो गया.
अगले दिन मैं भाभी के पास गया.
उस दिन भैया घर नहीं आने वाले थे.
ये सुन कर मैं खुश हो गया.
मैंने भाभी के साथ सोने के लिए रिक्वेस्ट की.
पहले तो वो मना करने लगी लेकिन बहुत कहने पर फिर मान गयी.
उस रात को मुझे लगा कि आज भाभी की चुदाई कर ही दूंगा.
रात में साथ में सोते हुए मैंने भाभी की चूचियों को नंगी कर दिया.
मैं भाभी के बूब्स को दबाने लगा और मुंह में लेकर चूसने लगा.
वो मेरा साथ देने लगी.
भाभी की चूचियां बहुत मस्त थी.
एकदम से गोरी और भूरे रंग के निप्पल के साथ बहुत ही कयामत लग रही थी.
मैंने भाभी के बूब्स को दबाते हुए उनके दूधों को पीया.
जब मैं चूत की ओर बढ़ा तो भाभी ने मुझे रोक दिया.
मुझे लगा भाभी की मान जायेगी लेकिन वो नहीं मानी.
उससे आगे भाभी ने कुछ नहीं करने दिया.
फिर हम दोनों साथ में ही सो गये.
रात भर मैं भाभी के बूब्स पर हाथ रख कर सोया.
तीन-चार दिन तक रोज ऐसे ही शिवानी भाभी के मस्ती होती रही.
मगर उससे आगे कुछ नहीं हो रहा था.
रोज दिन में मुझे मुठ मारकर काम चलाना पड़ रहा था.
बहुत कहने के बाद भी भाभी चुदाई के लिए तैयार नहीं हो रही थी.
उस सेक्सी भाभी को मैंने चुदाई के लिए कैसे तैयार किया, उसके आगे क्या हुआ, भाभी की चूत कैसी थी, भाभी ने मेरे लंड को चूसा या नहीं, ये सब बातें मैं आपको कहानी के अगले भाग में बताऊंगा.
थोड़ा सा इंतजार कीजिये और जल्दी ही शिवानी भाभी की चुदाई की कहानी फिर से शुरू होगी.
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स्रोत:इंटरनेट