. मैंने उसको चुप कराया और समझाया- जानू, तुम अपने घर वालों के कहने पर उधर शादी कर लो, जहां वो चाहते हैं.
मैं शादी के बाद भी तुमसे प्यार करता रहूंगा.
वो मेरी बात मान गयी.
हम दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे.
वो मुझे बेहद गर्म तरीके से चूम रही थी.
आज चुदास कुछ ज्यादा ही भड़क गई थी.
कुछ देर बाद मैंने उसकी सलवार खोली और लंड को चूत पर लगा कर धकापेल चुदाई शुरू कर दी.
मेरा लंड उसकी चिकनी चूत में पूरा अन्दर घुस गया.
पूरा लंड जाते ही मैंने उसको गोद में उठा लिया और उसने अपनी दोनों टांगें मेरी कमर पर लपेट लीं.
मैं उसको अपने ऊपर टांग कर उठा उठा कर चुदाई करता रहा.
उस रात को मैंने निहारिका को चार बार चोदा.
फिर कुछ दिन बाद निहारिका की शादी भिवानी के पास किसी गाँव में हो गई थी.
मुझे तो उसकी चूत की आदत पड़ गयी थी, इसलिए उसकी शादी के बाद उसके बिना मुझसे रहा नहीं गया.
रोज रात को मुझे उसकी याद आती थी और हर रात को मुठ मार कर अपनी भूख शांत करता था.
फिर अचानक एक दिन उसका फोन आया और मैंने उससे कहा- जानू, मैं तुम्ह़ारे बिना रह नहीं सकता.
उसने मुझसे कहा- मुझे भी तुम्हारी याद आती है.
उसने बताया उसका पति एक अखाड़े का पहलवान है, उसका लंड बहुत बड़ा और मोटा है.
वो मेरी दिन रात बुरी तरह से चुदाई करता है.
मुझे पूरी रात सोने नहीं देता और दिन मैं भी तीन चार बार चोदता है.
मेरी चूत छोटी है इसलिए मुझे बहुत तकलीफ होती है.
वो तो बस मेरी छोटी सी चूत में लंड पेल कर मजा लेता रहता है.
एक बार की ठुकाई कम से कम आधे पौने घंटे की करता है.
एक बार मैं ही मेरा पूरा शरीर तोड़ देता है.
फिर मुझे घर का काम भी करना पड़ता है.
मैं पूरी तरह से टूट जाती हूं.
पति रात को मेरे पिछवाड़े में लगा रहता है.
उस वजह से अब तक मेरे पिछवाड़े का दर्द ठीक नहीं हुआ.
फिर मैंने निहारिका को समझाया कि जानू डरो मत … तुम्हें धीरे धीरे आदत पड़ जाएगी.
वो कुछ नहीं बोली.
मैंने निहारिका से पूछा- तुम भिवानी कब आओगी? उसने कहा- जानू, मेरा बस चले तो अभी आ जाऊं.. पर मेरे पति आने नहीं देते.
मैंने निहारिका से कहा- जानू, मुझे रोज रात को तुम्हारी याद आती है और मुझे मुठ मार कर गुजारा करना पड़ता है.
वो भी मुझसे याद करने की बात कहने लगी.
मैंने निहारिका से पूछा- तेरी ससुराल में कौन कौन रहता है? निहारिका ने बताया कि उसके सास ससुर साथ ही रहते हैं.
वो दोनों नीचे कमरे में रहते हैं और हम ऊपर वाले में.
फिर मैंने निहारिका से कहा- जब रात को तेरा पति तेरी चुदाई करे, तो मेरे फोन से कॉल मिला कर यूं ही रख देना.
मैं तेरी और तेरे पति की चुदाई की आवाज सुनना चाहता हूं.
निहारिका ने कहा- ठीक है … अभी फोन रखती हूँ.
उसने फोन काट दिया.
फिर रात को निहारिका का फोन आया और मुझे निहारिका की चुदाई की आवाज़ साफ साफ सुनाई दे रही थीं.
निहारिका का पति निहारिका की पलंग तोड़ चुदाई कर रहा था.
निहारिका चिल्ला रही थी- आईईई ईईईई ऊऊऊऊ आआआआ छोड़ दे आआह.. ऊऊऊऊ ईईईईई.. मर गई.. आह.. वो कामुक सीत्कार भर रही थी.
इधर मैं निहारिका की आवाज़ सुन कर गर्म हो गया था और मुठ मारने लगा.
निहारिका की चुदाई एक घन्टे तक चलती रही और उतनी देर में मैं दो बार मुठ मार चुका था.
फिर अचानक निहारिका की आवाज़ आनी बंद हो गई.
मैं समझ गया था कि अब निहारिका की चुदाई ख़त्म हो चुकी है.
मैंने फोन कट किया और सो गया.
सुबह निहारिका का फोन आया और उसने कहा- सुना तुमने, इससे तुमको पता चला गया होगा.
मेरा पति मुझे कितनी बुरी तरह से चोदता है.
मैंने कहा- यार निहारिका तू है ही इतनी सेक्सी … किसी का भी मन न भरे.
मेरी इस बात से वो हंसने लगी.
मेरी हर रोज निहारिका से फोन पर बात होने लगी थी.
हर रात उस की चुदाई की आवाज सुनकर मैं मुठ मार लेता था.
एक दिन तो फोन पर निहारिका की आवाज सुन रहा था.
निहारिका के पति ने पूरी रात निहारिका को खूब ठोका.
निहारिका के चूत और चूतड़ों की आवाज आ रही थी ‘पट पट पट पट …’ उसकी सिसकारियों की भी ‘आईईई आआह उफ्फ्फ … आईई माँ आआ मार दिया रे …’ आवाज आ रही थी.
उस रात उसके पति ने उसको रात भर बहुत ठोका.
फिर अगले दिन निहारिका का फोन आया.
मैंने पूछा- कल रात को क्या खा लिया था तेरे पति ने? तो निहारिका ने कहा- पता नहीं, पर मुझे पूरी रात बजाया.
मुझे कभी अपने नीचे दबा कर रगड़ता रहा और कभी अपने ऊपर लेटा कर उछालता रहा.
पूरी रात मेरी चूत में ही लंड पेलता रहा.
उसका रस भी मेरी चूत में गया है.
मैंने निहारिका से कहा कि मतलब तेरे पति ने तुझको प्रेग्नेंट कर दिया है और अब वो तुमको कई महीने नहीं चोदेगा.
निहारिका ने मुझसे कहा- अच्छा है, अब चैन से तो रह सकती हूं.
इस तरह निहारिका रोज मुझसे फोन पर बात करती थी.
कहानी जारी रहेगी.
[email protected] कहानी का अगला भाग: पड़ोसन लड़की के चूतड़ों का दीवाना-2
स्रोत:इंटरनेट