. तब मैंने उसके चुच्चों की तरफ इशारा करते हुए कहा- ये वाला पीना है.
तो उसने शर्मा कर गर्दन झुका ली और मुँह फेर कर खड़ी हो गयी.
तब मैंने उसको पीछे से पकड़कर उसकी गर्दन पे चूम लिया.
उसकी एक लम्बी सी सिसकारी ‘सश्स… ससीईइ’ निकल गयी और मेरी बांहों में सिमटती गयी.
अब मैं उसे लगातार किस करते हुए पीछे से उसके चुच्चों को दबा रहा था और वो मजे से दबवा रही थी.
फिर मैंने उसके शर्ट को निकाल दिया.
अब वो मेरे सामने ब्रा और सलवार में खड़ी थी.
मैं उसको अपनी तरफ घुमा कर उसके चुच्चे को मुँह में लेकर चूसने लगा और एक हाथ से उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया.
उसने पेंटी नहीं पहनी थी.
मैं उसकी चूत पर हाथ फेरने लगा.
वो बिन पानी की मछली की तरह तड़पने लगी और मेरे मुँह को अपने चुच्चों पर जोर जोर से दबा रही थी.
और बोल रही थी- और चूसो इनको … जोर से चूसो! फिर उसने मेरी पैंट के साथ साथ मेरा अंडरवियर भी उतार दिया.
वो मेरे लण्ड को पकड़कर जोर जोर से हिलाने लगी और बोली- ये तो बहुत मोटा है, अंदर कैसे जायेगा? मैंने कहा- देखती जाओ मेरी जान … अपने आप चला जायेगा.
तब मैंने उसको बेड पर लिटा लिया और उसकी टाँगें चौड़ी करवा ली.
मस्त चूत थी उसकी … बिल्कुल बंद सी लग रही थी.
मगर वो पहले से चुदी हुई थी.
ये बात उसने मुझे खुद बताई थी कि उसका गुजरात में 4 लड़कों के साथ चक्कर था जिन्होंने उसे खूब चोदा था.
मैं उसके होंठों को चूसने लगा और उसकी चूत को सहलाता रहा.
फिर मैं उसको लिटा कर उसकी चूत को चाटने लगा.
बहुत ही मस्त स्वाद था उसकी चूत का नमकीन नमकीन सा! 10 मिनट मैं उसकी चूत को चाटता रहा और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया.
फिर मैंने उसको लण्ड चूसने को बोला तो उसने बिना ना नुकर के लण्ड को मुँह में ले लिया और चूसने लगी.
वो बहुत माहिर थी लण्ड चूसने में! उसके जैसे लण्ड आज तक किसी ने नहीं चूसा मेरा! उसके मुँह की गर्मी ने असर दिखाया और 10 मिनट में ही मेरा भी सारा माल निकल गया.
थोड़ी देर बाद वो फिर से लण्ड को छेड़ने लगी.
लण्ड ने अपनी औकात दिखानी शुरू कर दी.
2 मिनट में ही लण्ड पत्थर जैसा हो गया.
मैं फिर से उसके होंठ चूसने लगा और चुच्चे दबाने लगा.
वो फिर से गर्म हो गयी और लण्ड को जोर जोर से हिलाते हुए बोली- मनमीत, जल्दी से डाल दो … अब इंतजार नहीं होता! फिर उसको सीधा लिटा कर जैसे ही उसकी चूत पर लण्ड लगाया, वो फिर से सिसकारने लगी.
मैंने एक जोरदार धक्का मारकर आधा लण्ड उसकी चूत में डाल दिया.
वो तड़पने लगी, बोली- आराम से करो! मगर मैंने उसकी ना सुन कर एक और धक्का मार दिया और पूरा लण्ड उसकी चूत में डाल दिया और बिना रुके उसे चोदने लगा.
थोड़ी देर बाद उसे भी मज़ा आने लगा और वो भी गांड उठाकर मेरा साथ देने लगी.
10 मिनट बाद मैंने उससे बोला- घोड़ी बन जा! उसे घोड़ी बना कर पीछे से लण्ड उसकी चूत में डाल दिया.
‘आआआ आह्ह ह्ह …’ उस मज़े को मैं शब्दों में नहीं बता सकता.
15 मिनट बाद जब मैं झड़ने लगा तो वो भी दूसरी बार मेरे साथ झड़ने लगी.
फिर हम दोनों एक साथ झड़ कर एक दूसरे की बांहों में लेट गए.
उस दिन को मैं आज तक नहीं भूल पाया हूँ.
उस दिन हमने 6 बार चुदाई की.
फिर 3 दिन, जब तक उसके घर वाले नहीं आ गए, हमने खूब मज़े किये.
फिर 6 महीने बाद मुझे वापस अपने घर आना पड़ा और पूनम से फिर कभी मिलना नहीं हुआ.
ये थी दोस्तो मेरी कहानी.
कैसी लगी आपको? मेल करके बताना मुझे! [email protected].
स्रोत:इंटरनेट