. पड़ोस की कुंवारी लड़की और मेरी पहली चुदाई Antarvasna Sex Story बाद में मुझे किसी तरह से जानकारी हुई कि उस सेक्सी लड़की का नाम श्री देवी था.
मेरी उम्र बढ़ती गयी और अब हम दोनों जवान हो गए.
मैं कुंवारी लड़की श्री देवी के मकान के पास से जाता तो वो हमेशा मेरी तरफ ललचाई हुई नजरों से देखती थी और एक हाथ से अपने बोबे मसलने लगती थी.
यहाँ भी देखें >> मैं उस खूबसूरत और सेक्सी लड़की के मकान से आगे भी निकल जाता तो भी वो मुझे देखती रहती थी और अपने बोबे और चुत मसलती रहते थी.
मुझे उसके इस प्रकार से देखने की बात कुछ समझ नहीं आती थी.
उन दिनों मेरा एक दूर का भाई कुछ दिन हमारे यहां छुट्टी के लिए आया था.
कुछ दिन तक उस कुंवारी लड़की ने भी मेरे साथ जाते समय श्री देवी को नोटिस किया, फिर अकेले में मुझसे पूछा- भाई बात कहां तक पहुंची? मैं उस कुंवारी लड़की से बोला- देख भाई, वो सेक्सी कुंवारी लड़की रोज देखती है.
लेकिन मुझे ये पता नहीं है कि वो रोज क्या देखती है? वो बोला- अबे साले चूतिए … वो रोज तुझे ही तो देखती है.
वो तुझे पसंद करती है.
भाई की बात सुनकर अब मुझे सब समझ में आ गया था.
उसके मकान से थोड़ी दूर पर खेत हैं और थोड़ा और आगे एक पहाड़ है.
जब भी मन करता था, तो मैं वहा जाता था.
एक दिन मैं अकेले जा रहा था, तभी वो सेक्सी पड़ोस में रहने वाली लड़की खेत के पास सड़क पर दिखाई दी.
उसके आस-पास कोई नहीं था.
मैंने हिम्मत करके श्री देवी से पूछा- श्री देवी तुम हर रोज पलट कर क्या देखती हो? वो बोली- तुम्हारे अलावा और कोई होता है वहां? “नहीं तो ..” “तो तुम्हें ही देखूंगी ना!” “हां … पर तुम मुझे ही क्यों देखती हो?” “क्योंकि तुम मुझे पसंद हो.
” उसकी इस तरह से बिंदास बात सुनकर मुझे कुछ अचरज हुआ.
फिर मैंने पूछा- तुम्हें पता है ये बात … तुम्हारे घर वालों को पता चली तो? उसने मेरे करीब आकर मुझे देखा और एकदम से अपना मुँह आगे बढ़ा कर मेरे होंठों पर किस कर दिया.
उसके चुम्बन से मैं हड़बड़ा गया.
वो खूबसूरत लड़की मेरी पप्पी लेकर बोली- तुम्हें लगता है कि ये बात मैं घर वालों से कहूँगी? मैंने बोला- नहीं.
हम दोनों एक दूसरे से बात करने लगे, तो वो मेरा हाथ पकड़ कर एक तरफ वीराने में ले गई.
उधर बैठ कर हम दोनों ने एक दूसरे के बारे में जाना और काफी देर तक हमारी बातें हुईं.
फिर मेरा उस तरफ जाना बढ़ गया और उस कुंवारी लड़की से मिलना भी.
अब जब कभी हमारी चुदास बहुत ज्यादा बढ़ जाती और हम दोनों को जब भी मौका मिलता, तो खेत में या पेड़ के पीछे, या झाड़ी की आड़ में चुम्मा चाटी कर लेते.
मुझे बोबे दबाना ने ही सिखाया.
इससे आप समझ सकते हैं कि मैं कितना भोला लड़का था.
इसी तरह कुछ दिन बीत गए.
सर्दियों का मौसम आ गया था.
एक दिन श्री देवी ने मुझसे कहा कि 5 तारीख को घर के सब लोग शादी में बाहर जा रहे हैं.
मैंने कुछ बहाना बनाकर खुद का जाना टाल दिया है.
तुम 5 तारीख को मेरे घर आ जाना दोनों पिलकर सुहागरात मनायंगे.
अब मैं भी उस कुंवारी लड़की की अन्तर्वासना को महसूस करने लगा था और मुझे भी उस कुंवारी लड़की श्री देवी की वर्जिन गांड और वर्जिन चुत की बहुत शानदार चुदाई करने की आग सताने लगी थी.
श्री देवी की इस बात से मैं बहुत खुश हो गया था.
आखिर वो दिन आ ही गया.
पांच तारीख को हम दोनों उसके मकान में मिले.
उस दिन उसने अपने सेक्सी शरीर पर एक मस्त, फिट सलवार सूट पहना था.
मकान में अन्दर जाते ही हम दोनों जंगली जानवरों की तरह एक दुसरे के शरीर पर जगह जगह चुम्मा चाटी करने लगे.
हमारे होंठ जुड़ गए.
कभी श्री देवी मेरे होंठ चूसती, तो कभी मैं श्री देवी के लाल लाल होंठ चूसता.
हमारी जीभ एक दूसरे के मुँह में थीं और आपस में लड़ कर मस्ती कर रही थीं.
होंठ चूसते चूसते मेरे हाथ श्री देवी के बूब्स पर चले गए.
श्री देवी के बोबे चीकू की तरह छोटे छोटे थे.
यहाँ भी देखें >> धीरे धीरे मेरे हाथ उसकी चूचियों की गोलाइयां नापने लगे.
इतने में श्री देवी ने मुझे दीवार से सटा दिया और मेरी आंखों में देखने लगी.
उसने मेरे माथे को चूमा और कहा- आई लव यू.
मैंने भी उससे कहा- आई लव यू टू श्री देवी डार्लिंग! फिर उस हवस से भरी वर्जिन गर्ल ने मेरे गाल पर, पलकों पर, गले पर किस करना चालू कर दिया.
मुझे चूमने के साथ ही साथ उसने मेरे देसी मोटे लौड़े को कपड़ों के ऊपर से ही टटोला और मेरा चुदाई का प्यासा लंड सहलाने लगी.
कुछ देर बाद उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मेरी छाती पर किस करते हुए मेरे निप्पलों को मसलने लगी.
उसने एक निप्पल को कुछ जोर से दबा दिया तो मेरी सिसकारी निकल गयी- आआऊऊच.
वो हंस दी और मेरे निप्पल पर जीभ फेर कर उसे चुभलाने लगी.
अब मैंने उसे दीवार से सटा दिया और उसकी सलवार कमीज उतार दी.
वो ब्रा पैंटी में मस्त माल लग रही थी.
मैं उसे अपनी बांहों में लेकर किस करने लगा और अपने हाथ पीछे ले जाकर उसकी ब्रा का हुक खोलने लगा.
लेकिन उसकी ब्रा का हुक खुल ही नहीं रहा था.
श्री देवी मेरी बेचैनी समझ गयी और हंसते हुए बोली- ये वर्जिन गर्ल श्री देवी की ब्रा है … इतनी आसानी से नहीं खुलेगी डार्लिंग.
मैं हंस पड़ा.
अब उसने खुद ही अपनी ब्रा खोली और अपने चीकू जैसे बोबे मेरी तरफ तान दिए.
मैं किसी जंगली कुत्ते की तरह लपक कर उसके रसीले बोबे पर टूट पड़ा.
चुम्मा चाटी, के निप्पल चूसना और काटना, बोबे को जोर जोर से रगड़ना मुझे अच्छा लग रहा था.
उसी बीच मैंने अपना एक हाथ श्री देवी की गरम चुत पर फेर दिया.
पता चला कि उसकी चुत गीली हो गयी थी.
मैंने अपनी पूरी हथेली पैंटी के ऊपर से ही उसकी चुत पर रख दी.
वर्जिन गर्ल श्री देवी की पैंटी गीली हो गई थी.
पता नहीं, इस बात से मेरे शरीर में ऐसा क्या जोश भर गया था कि मैं उसको किस करते हुए ऊपर चला गया और जोर जोर से होंठों पर चुम्मा चाटी करने लगा, उसके होंठों को काटने लगा.
फिर मैंने अपना हाथ श्री देवी की पैंटी में डाल दिया और चुत को प्यार से सहलाने लगा.
इधर श्री देवी ने भी मेरा अंडरवियर निकाल दिया और वो मेरा लौड़ा अपने मुह में लेकर चूसने के लिए नीचे बैठ गई.
मेरा तंदरुस्त लौड़ा श्री देवी के मुह के सामने था.
उसने मेरे लंड के सुपारे पर एक किस किया ही था कि मेरे मुँह से ‘आह हहहह .
’ निकल गयी और लंड ब्लोजॉब के लिए तड़प उठा.
श्री देवी धीरे धीरे करके मेरे लम्बे मोटे लौड़े का आगे का गुलाबी गुलाबी हिस्सा जोर जोर से चूसने लगी.
कुछ ही देर में वह पुरा लौड़ा चाटने लगी और अचानक से उसने मेरा पुरा लौड़ा अपने मुँह में भर लिया.
मुझे इस बात की जरा सी भी भनक नहीं थी कि वर्जिन गर्ल श्री देवी ऐसा कुछ करेगी.
कुंवारी लड़की श्री देवी किसी रांड की तरह जोर जोर से लंड चूस रही थी.
बीच बीच में वो मेरे लंड की गोलियां सहलाती जा रही थी और उनको चूस भी रही थी.
मुझे कुछ ही पलों में ऐसा लगा कि ये इस तरह से करती रहेगी, तो मैं जल्दी ही झड़ जाऊंगा.
इसलिए मैंने उसे ऊपर उठाया और उसकी पैंटी उतार दी कर उसको बेड पर लिटा दिया.
अब मैं उस सेक्सी लड़की के होंठों पर किस करते हुए नीचे गर्दन पर किस करने लगा.
फिर बोबे पर किस किया, बाद में मैं नाभि में जीभ डाल कर चूसने लगा.
वो मचलने लगी तो मैंने श्री देवी की दोनों टांगों को अलग करते हुए उसकी गरम चुत के गुलाबी गुलाबी होठों पर किस कर दिया.
सेक्सी श्रीदेवी एकदम से सिहर उठी.
मैं उसकी वर्जिन चुत को चाटने लगा.
कसम से चुत चाटने में मुझे बड़ा मजा आ रहा था.
मैंने उसकी चुत के होंठों को खोल कर अपनी जीभ चुत में घुसा दी और चुत चाटने लगा.
‘ओहह हहह … नील, ये क्या कर रहे हो … आउच … आहा हह ..!’ उसके मुँह से अलग अलग आवाज़ें निकलने लगीं.
उस पर जोरदार चुदाई का नशा छा चुका था.
वो चुदास से भर चुकी थी और बार बार मुझसे बोल रही थी- प्लीज डार्लिंग कुछ करो ना मेरे इस प्यासी शरीर के साथ … नहीं तो मैं मर जाऊंगी मेरा मनाने का बहुत दिल कर रहा है.
मैंने उसकी चुत को चूसना छोड़ दिया और उसको चोदने के लिए लेटा दिया.
फिर मैं उस कुंवारी लड़की की वर्जिन चुत के पास गया और उसकी चुत पर अपना लंड लगा दिया.
उसकी चुत गीली थी और मैंने उसको चाट कर और गीला कर दिया था.
जैसे ही मैंने अपना लंड उसकी चुत को खोलकर चुत की फांकों में रखा और धक्का मारा, तो मेरा लम्बा मोटालंड फिसल गया.
मैंने फिर से कोशिश की, लेकिन वही हुआ.
यहाँ भी देखें >> हम दोनों ही इस खेल में अनाड़ी थे.
मैं भी पहली बार सेक्स कर रहा था और वो भी.
मेरे साथ साथ उस कुंवारी लड़की का भी चुदने का पहला अवसर था.
श्रीदेवी मेरे लम्बे मोटे लंड के लिए तड़प रही थी और उसे यह बात पता थी की पहली चुदाई के दौरान दर्द होता है जिसे सहन करने के लिए वो तैयार भी थी.
उसने अपनी वर्जिन चुत की फांकों को पकड़ कर खोला और मैंने लंड को उसकी वर्जिन चुत पर रख कर एक बहुत तेज धक्का दे मारा.
इस बार लंड सही दिशा में गया और उसकी वर्जिन चुत की सील तोड़ते हुए चुत में घुस गया.
लंड चुत में घुसते ही उसकी दर्द के मारे बहुत तेज चीख निकल गई.
मैंने चुत पर थोड़ा दबाव और डाला और लंड चुत में और अन्दर खिसक गया.
की पहली चुदाई के दौरान कुंवारी लड़की दर्द के मारे जोर जोर से रोने लगी और बहुत जी ज्यादा मादक आवाजे निकालने लगी आह… आह… उई माँ… आह… मैं उसकी वर्जिन चुत को फाड़ने में लगा रहा और कुछ देर बाद मैंने उसकी टांगों को अपने पैरों के ऊपर करवाकर उसके ऊपर छा गया.
अब मैं उसके कोमल कोमल होंठों को चूमने लगा और उसकी चुचियों को सहलाने लगा.
कुछ देर बाद जब वो सामान्य हो गई, तो मैंने एक और धक्का लगाया.
मेरा तंदरुस्त लौड़ा फट की आवाज़ करते हुए अन्दर चला गया.
इस बार वो और जोर से चीखी, लेकिन उसके होंठ मेरे होंठों में बंद थे … तो आवाज़ उस के मुह से बाहर नहीं आई.
वर्जिन चुत चुदवाते चुदवाते उस कुंवारी लड़की की आंखों से आंसू निकल रहे थे मैं समझ गया की इसे बहुत तेज दर्द हो रहा है.
उस वर्जिन गर्ल पर मुझे बहुत तरस आया तो मैं मेरा तगड़ा लंड चुत में पेल कर रुक गया.
दो मिनट में उस कुंवारी लड़की की फटी हुई चुत का दर्द कम हो गया और वो ऊपर नीचे करने लगी.
फिर मैं भी उसके ऊपर से उठ गया.
लंड चुत के अन्दर ही था.
मैंने उसी स्थिति में उसके एक पैर को अपने कंधे पर लिया, दूसरा पैर बेड पर फैलाया और उसको चोदने लगा.
वो ‘आह आह आह्ह्ह्ह ..’ की आवाज़ निकाल रही थी.
पहली चुदाई के दौरान कुंवारी लड़की को पहली बार चोदने में बहुत आनंद आ रहा था मेरा लम्बा मोटा लंड बार बार फटी हुई खून से संदी चुत के अन्दर बाहर हो रहा था.
चुदाई के हर धक्के के बाद मेरी उस कुंवारी लड़की की चुत चोदने की रफ़्तार बढ़ रही थी.
मैं अपने चरमसुख पर पहुंचने ही वाला था कि श्री देवी ने अपना कामरस छोड़ दिया.
उसके पहले कामरस की धार मेरे लंड पर लगी और उसकी इस धार ने मेरा रस भी निकाल दिया.
यहाँ भी देखें >> मैंने भी अपना रस उसकी चुत में निकाल दिया और हम एक दूसरे से लिपट कर लेट गए.
कुछ देर हम ऐसे ही लेटे रहे और लंड अपने आप ही उसकी चुत से बाहर निकल आया.
मैंने देखा कि उस कुंवारी लड़की की फटी हुई चुत से खून और वीर्य का मिश्रण बह रहा था दोस्तों इसमें कुछ नया नहीं था पहली चुदाई के दौरान अक्सर यह द्रश्य देखें को मिलता है.
उस दिन हम दोनों ने शादी के बिना ही हमारे जीवन की पहली जोरदार चुदाई का मजा ले लिया था.
अब तो मैं श्री देवी को नई नई स्टाइल में लगा था.
दूसरे ही हफ्ते मैंने श्री देवी की गांड की बहुत शानदार चुदाई भी की और हम दोनों ने एक दूसरे का पानी का स्वाद भी ले लिया.
पड़ोस में रहने वाली वर्जिन गर्ल की पहली चुदाई के बाद फिर मुझे चुदाई की और अधिक भूख लगने लगी तो मैंने श्रीदेवी की कुछ सहेलियों के साथ भी के मजे किए.
श्री देवी की सहेलियों के साथ की हिंदी ग्रुप सेक्स स्टोरी को मैं अगली बार लिखूंगा.
अभी के लिए इतना ही.
तो दोस्तों उम्मीद करते हैं की आपको यह इंडियन हिंदी सेक्स कहानी ” पड़ोस की कुंवारी लड़की और मेरी पहली चुदाई Antarvasna Sex Story ” बहुत पसंद आई होगी.
देसी चुदाई वाली इस हिंदी सेक्स कहानी को अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करना.
इन इंडियन सेक्स कहानीज के अलावा यदि आप इंडियन देसी पोर्न विडियो देखना चाहते है या फिर नंगी नंगी फोटो देखना चाहते है तो वेबसाइट जरुर देखें….
स्रोत:इंटरनेट