. अब मैंने ज़ीनत के नाड़े को खोल कर नीचे गिरा दिया और अपनी बहन की नंगी चिकनी चूत से खेलने लगा.
उसकी चूत से लगातार पानी गिर रहा था.
उसकी चूत देख कर मेरा दिमाग खराब हो रहा था.
एकदम पोर्न स्टार की चूत जैसे होती है, बिल्कुल वैसी थी.
एकदम साफ चिकनी गुलाबी और पावरोटी की तरह फूली हुई चूत थी.
मैं अपने आप को रोक ही नहीं पाया.
उसकी चूत देख कर मैंने तुरंत अपना मुँह उसकी चूत में घुसा दिया.
मुझे चूत चाटने का बहुत मन करता है और जब भी सेक्स करता हूँ, तो चूत जरूर चाटता हूँ.
मैं उसकी चूत में ऐसे भूखे शेर की तरह चाट रहा था, जैसे कभी चाटी ही न हो.
उसका बहुत बुरा हाल हो गया था, वो बस पागलों की तरह मेरे सर के बालों को बहुत कस के पकड़ कर दबा रही थी.
उसका मन था कि जैसे मेरे पूरे सर को ही अपनी चूत में घुसा देना चाहती हो.
ज़ीनत मुझसे बोली- समीर भाई, अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है, अब अपने लंड को मेरी इस चूत में घुसा दो प्लीज! मैंने पूछा कि चूत में पहले घुसवाया है किसी का? वो ख़ुद ही बताने लगी कि मैंने पोर्न मूवी में देखी है और मुझे मालूम है कि ये प्यास लंड से ही बुझेगी.
प्लीज़ तुम जल्दी से पेल दो, अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है.
मैंने कहा- ठीक है मेरी जान, जैसा तुम कहो … पर उससे पहले मेरे शेर को जंग पर जाने से पहले उसकी खातिरदारी तो करो.
मैंने अपना लोवर नीचे कर के अपना 6.
8 इंच लंबा और 2 इंच मोटा लंड उसके सामने कर दिया.
वो झट से मेरे लंड को मुँह ले कर चूसने लगी और मेरे टोपे पर गुदगुदी करने लगी.
दो मिनट बाद मैंने वहीं ज़ीनत को जमीन पर लेटा कर अपना लंड उसकी चूत के दरवाजे पर रख दिया.
जैसे ही मैंने धीरे से धक्का लगाया, उसकी हल्की चीख निकल गयी.
उसने अपने मुँह पर तुरंत हाथ रख लिया.
मैंने उसके हाथों को हटा कर अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए.
अब मैंने फिर से एक हल्का धक्का दिया, तो मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया.
मुझे ऐसा लगा कि एक किसी पतली सी गली में मेरे लंड फंस गया हो और उस गली में आग लग गयी हो.
कुछ पल बाद ज़ीनत को जब थोड़ा आराम मिला, तो मैंने अपना लंड बाहर निकाला.
उसमें खून लगा था.
फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत की फांकों में जमाए रखा और आधा लंड ही अन्दर बाहर करने लगा.
जब उसको मज़ा आने लगा, तो मैंने उसको चूमना चालू कर दिया और बड़े प्यार से बाकी का आधा लंड अन्दर घुसाता चला गया.
मैं और बड़े आराम आराम से उनको पेलने लगा.
मैं और जब उसको भी मज़ा आने लगा, तो वो अपनी गांड उठा उठा कर धक्के मारने लगी.
दस मिनट में उसने मुझे 2 बार कस कस के पकड़ा था मतलब वो 2 बार झड़ चुकी थी.
तीसरी बार में हम दोनों एक साथ झड़े.
उस रात मैंने उसको दो बार पेला था जिससे उसको चलने में दिक्कत हो रही थी.
मैंने उसको आइडिया दिया कि नीचे चलकर सबके सामने एक सीढ़ी से गिरने का नाटक कर लो, तो तुमको चलना ही नहीं पड़ेगा और जब चलोगी नहीं, तो तुमको कोई बोल ही नहीं पाएगा और तुम धीरे धीरे लंगड़ा कर चल भी सकती हो.
उसने ऐसा ही किया.
नीचे उतरते समय वो एक सीढ़ी से खुद गिर गयी और ज़ीनत तेज आवाज में चिल्लाई- उई अम्मी मर गई! उसकी अम्मी दौड़ती हुई आईं और उसको उठाया.
ज़ीनत ने चलने में असमर्थता जताई.
इससे ये तय हो गया कि गिरने से उसकी टांग में जोर की चोट आ गई है और उसे चलने फिरने में दर्द हो रहा है.
चुदाई के बाद ये सब ड्रामा उसके लिए बड़ा फायदेमंद रहा.
उसको शादी में जाने तो नहीं मिला, लेकिन उसी वजह से शादी वाले दिन खाली घर में उसी के बिस्तर पर उसकी धुआंधार चुदाई का मजा हम दोनों ने दो बार उठाया.
अब मेरी बहन ज़ीनत मेरी बहुत अच्छी जुगाड़ बन गई है.
मैंने इधर बीच उसके बोलने पर उसकी एक सहेली को भी होटल ले जा कर पेला था.
उसकी कहानी फिर कभी साझा करूंगा.
दोस्तो, ये मेरी एकदम सच्ची कहानी है मेरी फुफेरी बहन की चुदाई की … आप लोगों को मेरी कहानी पसंद आई या नहीं, प्लीज मुझे पहले जैसा प्यार दीजिएगा.
मेल करके जरूर बताइएगा.
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स्रोत:इंटरनेट