. बंजर चूत की चुदाई करके अपने वीर्य से सिंचाई करी जैसे ही मैंने उस कामुक महिला को आंटी बोला तो उन्होंने एकदम से गुस्सा दिखाया और मुझसे घुस्से से बोली की क्या मैं तुम्हें आंटी लग. रही हूँ? मैंने घबराकर बोला- सॉरी जी.
फिर वो एकदम से हंसने लगीं और बोलीं- इतने सीरियस भी मत हो यार! मैंने बोला- आप एकदम से गुस्सा हो गई हैं … इसलिए मैं भी घबरा गया.
फिर उन्होंने बोला- तुम क्या लोगे चाय या कॉफी? मैंने बोला- रहने दो ना आंटी.
वो फिर से गुस्सा हो गईं और बोलीं- जाओ मुझे कुछ रिपेयर नहीं करवाना है.
मैं उस कामुक शादी शुदा महिला से बोला क्या हुआ … कुछ गलत बोल दिया मैंने? उन्होंने बोला- तुम तो अभी भी गलत ही बोल रहे हो ना! तुम मुझे मधुमाला ही बुलाओ, नहीं तो मुझे ऐसा फील होगा कि मैं अब आंटी हो गई हूं.
फिर वो एकदम से खिलखिला कर हंसने लगीं.
अब मेरी जान में जान आई.
मैं उस कामुक शादी शुदा महिला से बोला तो बताओ मधुमाला, कौन सा लैपटॉप ठीक करवाना है.
वह बोलीं- हां यह हुई ना बात … चलो अन्दर बेडरूम में चल कर दिखाती हूँ.
मैंने बोला- लैपटॉप है, तो यहीं लेकर आ जाओ बेडरूम में क्या जाने के जरुरत है.
उस कामुक शादी शुदा महिला ने बोला की अरे यार उसे अन्दर पूरा सैट किया है.
वहां पर तुम्हें अन्दर आने में क्या दिक्कत है? मैंने कहा- ठीक है चलो.
फिर मैं अन्दर उनके बेडरूम में गया.
माय गॉड … क्या बेडरूम सजाया था.
मैं तो देख कर ही चकित हो गया.
उस कामुकता से भरी शादी शुदा महिला का बेडरूम बहुत बड़ा था.
वहां पर एक टेबल पर एक लैपटॉप था.
मैंने लैपटॉप चालू किया.
सही में बहुत ही स्लो था.
फिर मैंने पीसी ट्यूनिंग के लिए एक सॉफ्टवेयर इनस्टॉल किया और टेंपरेरी फाइल्स को रिमूव करने लगा.
तब तक आंटी किचन में चली गई थीं.
मैंने सोचा कि चलो अनवांटेड फाइल्स डिलीट कर देता हूं.
मैं डाउनलोड फोल्डर में गया, वहां पर बहुत सारी इंडियन होममेड देसी ब्लू फिल्में दिखाई दीं.
मैंने सोचा कि शायद आंटी का लड़का या फिर उनके पति यह देखते होंगे.
फिर एक हल्की सी आवाज हुई, तो मैं एकदम से घबरा कर आगे पीछे देखने लगा कि कहीं मधुमाला आ तो नहीं गईं.
मगर वह अभी भी किचन में थीं.
मैंने तुरंत ही वो सब बंद कर दिया.
तभी मधुमाला जी आईं.
उनके हाथ में जूस का ग्लास था.
उस कामुकता से भरी शादी शुदा महिला ने मुझे जूस का ग्लास मुझे थमाते हुए कहा- पहले जूस पी लो, फिर काम कर लेना.
मैं धीरे-धीरे जूस पीते पीते उस सुन्दर और सेक्सी महिला से बातें करने लगा.
फिर मैंने कहा- मधुमाला आपके घर में और कौन-कौन है? तो उस कामुक शादी शुदा महिला ने बोला की मैं अकेली ही रहती हूं इस घर में.
ये सुनकर मैं एकदम से चौंक गया.
मैंने पूछा- तुम्हारे पति तुम्हारे साथ नहीं रहते क्या??? तो उस कामुक शादी शुदा महिला ने बोला की मेरे पति एक में काम करते हैं.
काम के सिलसिले में वह 5-6 महीने आउट ऑफ कंट्री रहते हैं और ऐसा बोलते बोलते वह एकदम उदास हो गईं.
तभी मेरे मुँह से एकदम से निकल गया- तो फिर तुम्हें शारीरिक संतुष्टि कैसे मिलती होगी? एकदम से मुझे ध्यान आया कि मैं क्या बोल गया.
मेरी बात के बाद पूरे कमरे में एक चुप्पी सी फैल गई.
मैंने चुप्पी तोड़ते हुए कहा- सॉरी मधुमाला, ना जाने मेरे मुँह से कैसे ये निकल गया.
मगर उनकी आंखों से आंसुओं की धारा बहने लगी.
मैं उनके साथ जाकर बैठ गया और उस की पीठ पर हाथ फेरने लगा.
मैंने उन्हें सहारे के लिए अपना कंधा दिया.
उन्होंने मेरे कंधे पर अपना सर रख लिया और जोर जोर से रोने लगीं.
मैंने कहा- मुझे माफ कर दो, मुझे ऐसा नहीं बोलना चाहिए था.
मधुमाला- मैं तो अपनी किस्मत पर रो रही हूँ.
तुम्हारी कोई गलती नहीं है.
मैं उन्हें सांत्वना दे ही रहा था कि वो अचानक से मेरे गले लग गईं और फूट फूट कर रोने लगीं.
मैंने उन्हें सांत्वना देते हुए कहा- तुम रोओ मत प्लीज मधुमाला … नहीं तो मुझे भी रोना आ जाएगा.
वो बहुत रो रही थी, तो मेरी आंखों में भी आंसू आ गए, जिसकी एक बूंद उनके माथे पर जा पड़ी.
मधुमाला एकदम से चौंक गईं और उन्होंने अपना सर उठाकर देखा तो मेरी आंखों में भी आंसू थे.
वो एकदम सी भावुक हो गईं और मुझे किस करके मेरा सर अपने कंधे पर रखते हुए बोलीं- यार तुम दिल के साफ और बहुत अच्छे आदमी हो, तभी तो किसी और का दुख तुम देख नहीं सकते.
उन्होंने अब रोना बंद कर दिया था और उठ कर अन्दर चली गई थीं.
फिर वो किचन में जाकर दोनों के लिए पानी लेकर आईं.
हम दोनों ने पानी पिया.
मैंने उनसे कहा- मधुमाला, तुम मुझे अपना एक सच्चा दोस्त मान सकती हो.
जिंदगी में कभी भी तुम्हें किसी भी चीज की जरूरत पड़े तो बेझिझक मुझे याद कर लेना.
मैं तुम्हारी मदद करने के लिए कभी भी टाईम नहीं देखूंगा.
उन्होंने मुझसे पूछा- अंकित तुम्हारी कोई गर्लफ्रेन्ड है? मैंने कहा- नहीं.
तो वो बोलीं- तुम झूठ बोल रहे हो.
मैंने कहा- सच्ची, मेरी अभी तक कोई गर्लफ्रेन्ड नहीं रही.
वो बहुत ही आश्चर्यचकित थीं कि मेरी कोई गर्लफ्रेन्ड नहीं है.
फिर उस कामुक शादी शुदा महिला ने बोला की मतलब, तुमने अभी तक जिंदगी के मजे लिए ही नहीं.
उनकी इस बात पर मैं शरमा गया.
फिर वो बोलीं- हम दोनों एक जैसे हैं.
मैं उनकी इस बात से उनकी तरफ देखने लगा.
उस कामुक शादी शुदा महिला ने बोला की अगर तुम मुझे एक सच्चा दोस्त मानते हो तो एक दोस्त ही दोस्त के काम आता है.
मैं एक संस्कारी परिवार से हूँ.
मुझे पता नहीं, मैं कैसे बोलूं.
मैंने बोला- जो भी मन में है, बेझिझक बोलो.
उस कामुक शादी शुदा महिला ने बोला की मेरा पति काम के चक्कर में कभी मुझ पर ध्यान नहीं देता.
मैं हमेशा से ही असंतुष्ट रही हूँ.
मैं समझ गया कि वो सेक्स की बात कर रही हैं.
मैं आज तक वर्जिन था आज तक मैंने भी कभी किसी के साथ सेक्स नहीं किया था तो मेरे मन में भी लड्डू फूट रहे थे.
उन्होंने आगे बोला- मैंने कभी किसी गैरमर्द से सेक्स संबंध नहीं बनाए.
हमेशा अपनी उंगलियों से ही अपने आपको संतुष्ट किया है.
मगर पता नहीं आज मैं तुम्हें क्यों ये सब बता रही हूँ.
तुम्हारे साथ बातें करके मुझे एक अपनापन सा लगने लगा है.
तुम दिल से एक बहुत ही अच्छे इंसान हो.
मैं उस कामुक शादी शुदा महिला से बोला मधुमाला, तुम मुझे सही में अपना दोस्त तो मानती हो ना! वो एकदम से भावुक होकर बोलीं- हां, सही मायने में.
मैं उस कामुक शादी शुदा महिला से बोला तो फिर जो भी बोलना है, वो स्पष्ट रूप से बोलो ना.
मधुमाला ने कहा- क्या तुम मुझे वो सुख दे सकते हो एमएनसी कंपनी में काम करने वाले मेरे पति ने मुझे आज तक नहीं दिया, मैं भी तुम्हें वो सुख दूंगी, जिस सुख से इस भरी जवानी में भी तुम आज तक वंचित हो.
मैं समझ चूका था की वो मेरे लंड से अपनी कामवासना शांत करना चाहती है और अपनी बंजर चूत की चुदाई करवा कर मेरे वीर्य से अपनी चूत की सिंचाई करवाना चाहती है मगर फिर भी मैं जानबूझकर अंजान बनते हुए पूछा- कौन सा सुख … खुल कर बोलो ना! फिर उन्होंने बोला- मैं सेक्स के सुख की बात कर रही हूँ.
ये कह कर वो अचानक फिर से रोने लगीं.
मैंने उन्हें अपनी बांहों में भर लिया और कहा- अरे तो इसमें रोने की क्य़ा बात है.
मैंने तुम्हें दिल से दोस्त माना है.
तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकता हूँ.
मेरी बात सुनकर वो एकदम से खुश हो कर मेरे गले से लग गईं.
मैंने उन्हें चूम लिया, तो वो मुझे बेतहाशा चूमने लगीं.
अब हम दोनों लिप किस करने लगे.
हम दोनों एकदम प्यार से एक दूसरे के होंठों को चूम रहे थे, एक दूसरे की पीठ सहला रहे थे.
फिर मैंने एक हाथ आगे ले जाकर उनके एक मम्मे को दबा दिया.
वो एकदम से मचलने लगीं.
उन्होंने नशीली आंखों से कहा- जानू बेड पर चलें! मैंने कहा- जैसी मेरी बदचलन कॉल गर्ल की मर्जी.
वो खुद के लिए बदचलन कॉल गर्ल शब्द सुन कर एकदम से खुश होकर मेरे गले लग गईं.
मैंने उन्हें अपनी गोदी में उठा लिया और बेड पर लाकर धीरे से बेड पर लेटा दिया.
हम दोनों चुंबन साथ एक दूसरे के आगोश में समा गए.
अब मैं उनके मम्मों को दबा रहा था.
वो भी पूरी मस्ती से मेरा साथ दे रही थीं.
फिर मैं उनके कानों को चूसने लगा और कानों के पीछे उनकी गर्दन पर भी चूमाचाटी कर रहा था.
वो बहुत ही ज्यादा उत्तेजित होकर बोलीं- अंकित, सच बोलूं.
मेरे पति ने मुझसे कभी भी ऐसे प्यार नहीं किया.
वो तो बस उठा, अन्दर घुसाया, डाला और खत्म.
उसने कभी फोरप्ले तो किया ही नहीं.
मैं हमेशा से अधूरी रह जाती थी.
जब मधुमाला मैडम ने एमएनसी कंपनी में काम करने वाले अपने पति के से असंतुष्ट होने की बात कही, तो मैंने उन्हें बोला कि अब मैं तुम्हें जिंदगी का हर वो सुख दूंगा, जिसकी तुम हकदार हो.
ये कह कर मैंने उनके कानों को जोर से चूसने और चाटने लगा.
वैसे आज ये मेरे जीवन का पहला सेक्स था.
मगर मैंने भी ब्लू फिल्में बहुत देखी हैं और उसी का अनुभव आज काम आ रहा था.
मैं मधुमाला जी को किस करते और उनके दोनों बड़े बड़े स्तनों को जोर जोर से दबाते दबाते उस पति से असंतुष्ट महिला का टॉप उतारने लगा.
तो उन्होंने तुरंत ही अपने आप उसे उतार दिया.
अब उनके मन में भी कोई झिझक शेष नहीं थी.
उस असंतुष्ट महिला ने अन्दर लाल कलर की ब्रा पहनी थी.
उनका संगमरमर सा बदन देख कर मुझे उनके पति पर तरस आ रहा था कि साला वो कितना कमनसीब है कि ऐसे कुदरत के करिश्मे को सम्भाल नहीं पाया.
मैं ब्रा के ऊपर से ही उनके मोटे मोटे स्तनों को चूसने लगा और एक हाथ उनकी सलवार में डालकर हिप्स्टर सेक्सी पैंटी के ऊपर से ही उस पति से असंतुष्ट महिला की बंजर चूत को सहलाने लगा.
इससे वो एकदम से कामोत्तेजित हो गईं और सिसकारियां निकालने लगीं- आहह … आहह … जानू … उहह!मैंने एक हाथ से उस पति से असंतुष्ट महिला की ब्रा का हुक खोल दिया और उनके मोटे मोटे स्तनों को ब्रा की कैद से आजाद कर दिया.
ब्रा को उस कामवासना से भरी असंतुष्ट महिला के कामुक शरीर से अलग करते ही उनके शानदार चूचे फड़फड़ाते हुए बाहर आ गए.
उनके चूचे एकदम टाईट और सफेद थे और निप्पल तो जैसे दो काले टीके लगा दिये हों.
सच में ऐसा लग रहा था जैसे कुदरत ने उस कामुक शादी शुदा महिला के इन बड़े बड़े स्तनों को बूरी नजर से बचाने के लिए ही इन काले टीकों को लगाया है.
मुझे रहा ही न गया और मैं उनके दोनों बड़े बड़े स्तनों को बारी बारी से दबाते हुए चूसने लगा.
कामुकता से भरी मधुमाला मैडम तो जैसे बिन पानी की मछली की तरह तड़प रही थीं.
उनके बड़े बड़े स्तन चूसते चूसते गुलाबी हो गए थे.
मैं अब धीरे धीरे नीचे की ओर आने लगा.
उनकी नाभि पर आकर मुझे और सेक्स चढ़ गया.
मैंने उनकी सलवार को उतार दिया.
उन्होंने हिप्स्टर सेक्सी पैंटी भी मैचिंग में लाल कलर की पहनी थी.
हिप्स्टर सेक्सी पैंटी चूत के रस से भीग चुकी थी.
मैं हिप्स्टर सेक्सी पैंटी के ऊपर से ही उस पति से असंतुष्ट महिला की बंजर चूत की चुदाई करके अपने वीर्य से सिंचाई करने से पहले चूसने लगा.
वो एकदम से तड़प कर रह गईं- उम्महहह … आहहह … जानूउउउउ … कितना तड़पाओगे? मैंने उनकी हिप्स्टर सेक्सी पैंटी भी उतार दी.
अब वो मेरे सामने एकदम नंगी पड़ी थीं.
मैं उनकी क्लीन शेव चूत को बेइंतेहा चाटने लगा.
वो असंतुष्ट महिला बस गर्म आहें भर रही थीं- आह ओहह … उफफ्फ … जानूउउ … खा जाओ! मैंने उनकी गीली चूत को देख कर पूछा- अभी तक कितनी बार पानी निकला है आपकी इस बंजर चूत का? मधुमाला- दो बार तो झड़ गई हूँ जानू … आहह हहहह …. उफ्फ.
मैं उनकी बात सुनकर मस्ती से उनकी बंजर चूत को अपनी जीभ से किसी कुत्ते की तरह चाटने लगा.
वो बोलीं- तुमने मुझे तो पूरी नंगी कर दिया पर तुम मेरी चुदाई करने के लिए नंगे नहीं हुए ? मैं उस कामुक शादी शुदा महिला से बोला वो काम तो तुम्हारा है.
वो मेरा इशारा समझ गईं और उन्होंने खड़ी होकर मेरी टी-शर्ट, बनियान और पेंटी निकाल दी.
चुदाई करने के लिए चड्डी में मेरा लंड एकदम कड़क हो गया था.
वो कामुकता से भरी शादी शुदा महिला चड्डी के ऊपर से ही मेरे कड़क लंड को सहलाने लगीं.
फिर एक झटके से मेरी चड्डी भी निकाल दी.
मेरा खड़ा लंड देखकर वो चौंक गईं और बोलीं- इतना लंबा और मोटा लंड… मुआहहह.
उन्होंने तुरन्त ही पूरा लंड अपने मुंह में ले लिया और किसी कॉल गर्ल की तरह चूसने लगीं और मुझे ब्लोजॉब देने लगी.
लंड चूसे जाने से में सातवें आसमान पर उड़ने लगा था.
वो बहुत प्यार से मेरा लंड चूस रही थीं, जैसे किसी बच्चे को लॉलीपॉप मिल गया हो.
मैं लंड चुसवाने के साथ साथ उनके मम्मों को भी दबा रहा था और निप्पल को सहलाते हुए मींज रहा था.
ये मेरा पहली बार था, तो मैं उनके मुँह की गर्मी को ज्यादा देर तक नहीं सह पाया और कुछ ही मिनट में ही उसके मुँह में झड़ गया.
मैंने उनसे मुँह में ही झड़ जाने को लेकर सॉरी बोला, पर वो तो पूरा माल गटक गई थीं.
थोड़ी देर तक लंड चूस कर मैडम से उसे एकदम साफ कर दिया और मेरे सीने पर अपना सर रख कर लेट गईं.
अवैध शारीरिक संबंध बनाये और बंजर चूत की चुदाई करके अपने वीर्य से सिंचाई करी अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी : मेरे हाथ उनके बड़े बड़े स्तनों को बड़े प्यार से सहला रहे थे.
वह बोलीं- तुम बहुत प्यारे हो.
मैं तुम्हें वो हर सुख दूंगी, जो एक औरत मर्द को दे सकती है.
वो भी एक हाथ से मेरा लंड सहला रही थीं.
हम दोनों धीरे धीरे फिर से सेक्स के लिए तैयार होने लगे.
मैंने उनसे कहा- हम मुखमैथुन करने के लिए अब कामसूत्र की 69 सेक्स पोजीशन में आ जाते हैं.
तुरंत वो मेरे मुँह की ओर अपनी चूत करके मेरे ऊपर लेट कर मेरा लंड चूसने लगीं.
मैं भी उस पति से असंतुष्ट महिला की बंजर चूत को चूसते हुए उसमें अपनी एक उंगली डालने लगा.
वो एकदम से उछल पड़ीं.
थोड़ी देर बाद मैंने उस पति से असंतुष्ट महिला की बंजर चूत में दो उंगलियां डाल दीं.
अपनी बंजर चूत की चुदाई करवा कर मेरे वीर्य से सिंचाई करवाने के लिए अब वो शादी शुदा महिला बहुत ज्यादा उत्तेजित हो चुकी थीं और मादक सिसकारियां ले रही थीं.
मेरा लंड भी अब अपने उफान पर था.
मैंने उन्हें नीचे उतार कर चित लेटा दिया.
उन्होंने अपने आप ही अपने दोनों पैर फैला कर मुझे सेक्स के लिए आमंत्रित कर दिया.
मैं भी उनके दोनों पैरो के बीच आ गया.
मेरा लंड एकदम टाईट होकर गुफा में जाने को बेताब था.
चुदाई करने से पहले मैं अपने लंड को पहले उस पति से असंतुष्ट महिला की बंजर चूत पर रगड़ने लगा.
वो उत्तेजना वश उछल रही थीं और बोल रही थीं- आह जानू … और मत तड़पाओ … मुझे वो सुख दे दो, जिसके लिए मैं बरसों से प्यासी हूँ.
प्लीज … अन्दर डाल दो अपना लंड … आह मेरी प्यासी चूत की आग बुझा दो.
मैंने अपने लंड को मधुमाला की चूत पर टिकाया.
वो बोलीं- जानू थोड़ा धीरे … मुझे दर्द होगा.
मैंने पूछा- तुम्हारे पति का कितना लंबा और मोटा है? उस कामुक शादी शुदा महिला ने बोला की उसका तो 4 इंच लंबा और एक इंच ही मोटा है.
मुझे पता चल गया कि आज एक सील पैक चूत मिली है.
मैंने अपने लंड को चूत के छेद पर सैट किया और धीरे से धक्का मारा, पर लंड फिसल गया.
दूसरी बार भी ऐसा ही हुआ.
वो भी समझ गयी कि मैं भी कच्चा खिलाड़ी हूँ.
उन्होंने मेरे लंड पर थूक लगाने के बाद अपने हाथों से अपनी बंजर चूत की चुदाई करवाकर मेरे वीर्य से सिंचाई करवाने के लिए अपनी टाइट चूत के होठों पर मेरा लंड लगा कर मुझे जोर का धक्का लगाने को कहा.
मैंने वैसा ही किया और एक जोर का झटका दे मारा.
मेरे खड़े लंड का टोपा उस नंगी शादी शुदा महिला की टाइट चूत को चीरते हुए अन्दर बच्चेदानी तक चला गया.
मेरा लंड मोटा होने वजह से उन्हें चुदाई करवाने में बहुत ही ज्यादा दर्द होने लगा और वो दर्द के मारे एकदम से चिल्ला कर उछल पड़ीं.
मैं उस कामुक शादी शुदा महिला से बोला क्या हुआ डार्लिंग बाहर निकालूं क्यां? उन्होंने कराहते हुए कहा- नहीं … तुम लगे रहो.
मगर मैं रुक गया.
फिर वो नंगी शादी शुदा महिला जब तक थोड़ी शांत होतीं, तब तक मैं उनके बड़े बड़े स्तनों को दबाते हुए उनको चूमता रहा.
जब वह शांत हुईं, तो मैंने एक जोर का झटका लगाया तो इस बार आधे से ज्यादा लंड उनकी टाइट चूत में उतर गया.
वो जोर से चीख पड़ीं और मुझे अपने ऊपर से हटाने लगीं मगर मैं चुदाई करने के लिए डटा रहा.
थोड़ी देर बाद जब वो शांत हुईं, तो मैंने आखिरी झटके के साथ अपना 6 इंच का पूरा लंड चूत के अन्दर डाल दिया.
वो जोर से चीख कर रोने लगीं.
मैं उन्हें चूमते और चाटते हुए प्यार करने लगा.
थोड़ी देर बाद वो जब ठीक हुईं, तो अपनी गांड उचका कर लंड को और अन्दर लेने की कोशिश करने लगीं.
मैं समझ गया कि वो अब तैयार हैं.
अब मैंने धीरे धीरे उन्हें चोदना शुरू किया.
वो भी अब मेरा पूरा साथ देने लगीं और मादक सिसकारियां लेने लगीं- आआह … उफ … जान चोदो मुझे … आह बरसों की प्यास आज मिटा दो.
आज से मेरा पूरा बदन तुम्हारे नाम है … आआहह … इस्स! मेरा एक बार निकल गया था तो मैं बिना रुके उन्हें चोदे जा रहा था.
चुदाई के दौरान पूरे बैडरूम में उनकी मादक आवाजें गूंज रही थीं जिन्हें सुनकर मैं और भी जोश में आता जा रहा था.
पन्द्रह मिनट की धकापेल चुदाई में वो दो बार झड़ गई थीं और अब मेरा भी होने वाला था.
मैंने उनसे पूछा- कहां निकालूं? उन्होंने बड़े ही मादक स्वर में कहा- जानू मेरी चूत बरसों से प्यासी है इस लिए अपने लंड से निकलने वाला सारा का सारा वीर्य मेरी इस बंजर चूत में ही डाल कर इसकी सिंचाई कर दो … आह मेरी प्यास बुझा दो.
थोड़ी देर में मेरा माल उस पति से असंतुष्ट महिला की बंजर चूत में गिर गया.
माल गिरने के बाद भी जब तक मेरा लंड टाईट रहा, तब तक मैं मधुमाला मैडम को चोदता रहा.
फिर मैं निढाल होकर उसके ऊपर लेट गया और उनके मम्मों को सहलाता रहा.
वो मुझसे चुदवा कर बहुत खुश थीं.
उनके चेहरे पर मैंने संतुष्टि का आनन्द महसूस किया.
उस कामुक शादी शुदा महिला ने बोला की तुमने मुझे जीते जी स्वर्ग का मजा दिला दिया है.
वो ये कह कर मुझे बेतहाशा चूमने लगीं.
थोड़ी देर बाद हम दोनों उठकर साथ में बाथरूम गए.
उस पति से असंतुष्ट महिला की बंजर चूत में से मेरे और उनके माल के साथ थोड़ा खून भी बह रहा था.
फिर बाथरूम में एक साथ नहाने के बाद बाहर आकर हमने कपड़े पहने.
मैं जाने की तैयारी करने लगा, तो उन्होंने मुझे ढेर सारे चुंबन किये और मुझे कुछ रुपये देने लगीं.
मैंने मना कर दिया कि मैंने पैसों के लिए आपके साथ अवैध शारीरिक संबंध नहीं बनाये हैं.
मैं तुमसे बहुत प्यार करने लगा हूँ.
मधुमाला की आँखों में ख़ुशी के आंसू थे.
फिर वो मुझसे बोली की प्लीज आज की रात यहीं मेरे साथ रुक जाओ मैं तुम्हारे प्यार के सागर में आज पूरा डूब जाना चाहती हूं.
प्लीज मान जाओ.
मधुमाला का ये प्यार देख कर मैं उनकी रिक्वेस्ट को ठुकरा न सका.
फिर मैंने हंस कर कहा- एक शर्त मेरी भी है.
वो बोलीं- क्या? मैंने कहा- हम दोनों अब कम्प्यूटर में भरी हुई वो सारी साथ में देखकर मजा लेंगे.
मेरी बात से मधुमाला जी एक बार को तो शर्मा गईं, मगर अगले ही पल वो मेरे बाजुओं में समा गईं.
फिर सारी रात हम दोनों अवैध शारीरिक संबंध बनाते रहे और अपनी अपनी कामवासना शांत करते रहे.
उस रात मैंने उसको सेक्स के समुन्दर में इस तरह से डुबो दिया कि वो हमेशा के लिए मेरी हो गई.
ये विवरण मैं सेक्स कहानी के अगले भाग में बताऊँगा.
दोस्तों उम्मीद करता हूँ की आप सभी को मेरी एक शादी शुदा महिला की बंजर चूत की चुदाई करके मेरे वीर्य से सिंचाई करने वाली ये कामुकता से भरी असली अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी “पति से असंतुष्ट महिला की बंजर चूत की चुदाई करके अपने वीर्य से सिंचाई करी” बहुत पसंद आयी होगी और आप इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करेंगे….
स्रोत:इंटरनेट