. वो बोली- तुम ऐसा मत बोलो, देखो घर में कोई नहीं है इस वक्त.
सब लोग गये हुए हैं.
वहां पर सब लोगों ने एक साथ मेरी शादी की वीडियो देखने के लिए प्लान किया हुआ है.
हम दोनों को इस मौके का फायदा उठा लेना चाहिए.
मैंने कहा- हमें भी उन लोगों के साथ बैठ कर तुम्हारी शादी की विडियो देखनी चाहिए, नहीं तो किसी को शक हो जायेगा.
वो बोली- मैं तुम्हें उसी के लिए यहां पर बुलाने आई थी लेकिन तुमको जब सोते हुए देखा तो मेरे अंदर सेक्स करने की इच्छा जागने लगी.
इसलिए अब देर मत करो और मेरी वर्जीनिटी को तोड़ दो.
इतना कहकर उसने फिर से मेरे होंठों को चूसना शुरू कर दिया.
मैं भी उसका साथ देने लगा.
वो मेरे साथ सेक्स करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती थी.
इसलिए मैं भी उसके साथ मजा लेने लगा.
फिर मैंने जल्दी से अपनी कज़िन की शर्ट उतार दी और वह मेरे सामने ब्रा में ही रह गयी थी.
मैंने उसके मम्मों को दबाते हुए ब्रा के ऊपर से ही चूसना शुरू कर दिया.
फिर मैंने उसकी ब्रा के हुक भी खोल दिये.
मगर उसकी ब्रा अभी भी उसके मम्मों में फंसी हुई थी.
उसके चूचे बहुत ही कसे हुए थे.
इसलिए मैंने अपने हाथों से ही उसकी ब्रा को हटाया और उसके चूचों को नंगे कर दिया.
मेरी कज़िन के चूचे एकदम सफेद थे बिल्कुल दूध के जैसे.
मैंने उसके चूचों को चूसना शुरू कर दिया.
वो भी अपने चूचों को चुसवाते हुए गर्म होने लगी थी.
उसके मुंह से आह-स्स् … आह … साजिद निकल रहा था और वो अपने चूचों में मेरे होंठों को दबा रही थी.
कुछ ही देर में वो पूरी तरह से गर्म हो गई थी.
फिर मैंने उसकी सलवार भी उतार दी.
उसकी पैंटी पर हाथ फिरा कर देखा तो वो गीली हो चुकी थी.
मैंने उसकी पैंटी को अपने हाथ से मसल दिया और उससे पच-पच की आवाज निकली.
उसकी चूत ने चिपचिपा पदार्थ निकाल कर उसकी चूत को गीली कर दिया था.
मैंने उसकी पैंटी को निकाल दिया और उसकी चूत को नंगी कर दिया.
उसकी कुंवारी चूत से रस निकलने के कारण वो चिकनी हो गई थी.
मैंने अपनी एक उंगली उसकी चूत में डाल दी और वो चिहुंक गई.
फिर मैंने धीरे से अपनी उंगली को उसकी चूत में चलाना शुरू किया.
वो अब पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी.
उसको भी मजा आने लगा था.
फिर मैंने दो उंगली एक साथ डाल दी तो उसको तकलीफ होने लगी.
इसलिए मैंने अपनी उंगली बाहर निकाल ली.
वो बोली- साजिद, मुझे तुम्हारी उंगली के साथ सेक्स नहीं करना है.
मैं तुम्हारे लंड को अपनी चूत में लेकर उसका मजा लेना चाहती हूँ.
जल्दी से अब मेरी चूत में अपना लंड डालो, मेरी चूत और ज्यादा बर्दाश्त नहीं कर पा रही है.
चूंकि हमारा पहला सेक्स था और उसकी चूत कुंवारी थी इसलिए मैं भी थोड़ा नर्वस हो रहा था.
इसलिए मैंने अपने लंड पर तेल लगा लिया ताकि मेरा 9 इंच का लंड आराम से उसकी चूत में जा सके.
फिर मैंने अपने लंड का सिरा उसकी चूत पर रख दिया और उसको धीरे से अंदर धकेलने की कोशिश करने लगा.
उसको दर्द होने लगा तो वो बोली- आराम से करो साजिद… दर्द हो रहा है … आह्ह … उई … मैंने कहा- बस, कुछ नहीं होगा, मैं बिल्कुल आराम से तुम्हारी चूत में अपना लंड सेट कर दूंगा.
तुम विश्वास करो.
मैंने थोड़ा सा और जोर लगाया और उसकी चूत में मेरा आधा लंड चला गया.
वो दर्द से कराहने लगी लेकिन मैंने धीरे-धीरे अपना लंड उसकी चूत में चलाना शुरू कर दिया ताकि उसकी चूत में उसको मजा आने लगा.
नीचे देखा तो उसकी चूत से खून निकल रहा था.
मुझे पता चल गया कि उसकी कुंवारी चूत की झिल्ली फट गई है.
यह उसी का खून निकल रहा है.
लेकिन मैंने लंड को उसकी चूत में चलाना चालू रखा.
मैं धीरे-धीरे उसकी चूत में लंड को चलाता रहा.
फिर जब वो थोड़ी सी नॉर्मल हो गई तो मैंने एक जोर का धक्का दिया और पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया.
वो चीख पड़ी.
मैंने उसके होंठों पर हाथ रख दिया ताकि उसकी चीख बाहर न आ सके.
उसके होंठों को चूसने लगा मैं.
वो काफी देर तक कराहती रही.
लेकिन मैंने उसकी चूत से लंड को बाहर नहीं निकाला.
उसके बाद फिर मैंने उसकी चूत में धक्के देने शुरू किये.
उसको दर्द हो रहा था लेकिन थोड़ी ही देर में फिर उसको भी मजा आने लगा.
वो बोली- आह साजिद, मेरी चूत को जोर से चोदो अब, बहुत मजा आ रहा है.
मैंने उसकी चूत में जोर से लंड को अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया.
उसके बाद उसकी चूत पूरी खुल गई और वह कामुकता में मजा लेने लगी.
आह-आह साजिद मेरी चूत को बहुत मजा आ रहा है.
चोदो इसको.
मैं तुम्हारे लंड से ऐसे ही चुदना चाहती हूं.
उम्म्ह… अहह… हय… याह… मैं भी जोश में आ गया था.
मैंने उसकी चूत को तेजी के साथ चोदना शुरू कर दिया.
पंद्रह मिनट तक उसकी चूत में मैंने तेजी के साथ जोरदार स्ट्रोक लगाये और फिर मेरे लंड से माल निकलने को हो गया.
मैंने कहा- मेरा माल निकलने वाला है.
वो बोली- मेरी चूत में ही निकाल दो.
मैंने दो-तीन धक्कों के साथ उसकी चूत में अपना सारा माल निकाल दिया.
वह मेरे लंड से चुद कर शांत हो गई.
उसके बाद मैं उठ गया.
उसने अपने कपड़े पहन लिये और बाहर चली गई.
हम दोनों का संबंध अभी तक चल रहा है.
हम जब भी मिलते हैं तो हम लोग सेक्स इंजॉय करते हैं.
वो कहती है कि जो मजा तुम्हारे लंड से आता है वो मजा मुझे अपने पति के लंड से नहीं मिल पाता है.
मैं भी उसकी चूत को चोद कर उसको खुशी देता हूं.
मुझे भी उसके साथ बहुत मजा आता है.
मैं एक महीना वहां पर रहा तो मैंने ही उसकी चूत की चुदाई की.
उसके पति के साथ तो उसकी चुदाई बहुत कम हुई है.
फिर उसके बाद मैं अपने घर आ गया था.
जब भी वो अपने घर आती थी तो मुझे बुला लेती थी.
उसकी चूत को मेरा ही लंड अच्छा लगता था.
मैं भी उसकी टाइट चूत को चोदने के लिए हमेशा तैयार रहता था.
हम लोगों ने उसकी शादी के बाद भी बहुत बार सेक्स किया है और अभी भी करते रहते हैं.
वह कहती है कि उसके पति का लंड इतना मोटा नहीं है लेकिन मेरा लंड उसकी चूत में पूरी तरह से फंस जाता है.
मैं भी उसकी चूत को चोदते हुए पूरा मजा लेता हूँ.
तो दोस्तो, आपको यह कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करके जरूर बताना.
आपके मेल से मुझे आगे भी स्टोरी लिखने की हिम्मत मिलेगी.
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स्रोत:इंटरनेट