. बहन की चुदाई का बदला दोस्त की विधवा माँ को चोदकर लिया रोज शाम को मेरे पापा और मम्मी पूजा पाठ के लिए मंदिर चले जाते थे और मैं जिम करने के लिए चला जाता था.
इस वक्त मेरी छोटी बहन सविता घर में बिलकुल अकेली हुआ करती थी और इसी बात का मेरा बहनचोद दोस्त फायदा उठाया करता था.
मेरे मन में शक पैदा हो गया की कहीं मेरी छोटी बहन सविता और मेरे दोस्त सागर के अवैध शारीरिक संबंध तो नहीं है.
मैंने चुपके से उन दोनों की जासूसी करने के फैसला किया.
मैंने धीरे से घर का फाटक खोला और बाथरूम में छिप गया.
मैं बाथरूम में नहाने के स्टूल पे चढ़ के घर के अंदर झाँकने लगा.
घर के अंदर का नजारा देखते ही मेरे पैरों तले जमीन खिसक गयी.
मैंने देखा की घर के अंदर मेरी छोटी बहन सविता मेरे हरामी दोस्त सागर की गोद में अपनी गांड टेक कर बैठी हुई थी और वो साला बहन का लौड़ा मेरी छोटी बहन के स्तनों जो जोर जोर से मसल रहा था.
अपनी कामवासना शांत करने के लिए अब वो दोनों एक कदम आगे बड़े और मेरी छोटी बहन सविता के मुहं में मेरे हरामी दोस्त सागर ने अपना लंड दिया.
अब वो साला बहन का लौड़ा मेरी कुंवारी बहन की खोपड़ी पकड़कर उसके मुंह की चुदाई करने लगा.
फिर वो दोनों मेरी आँखों के सामने नंगे होकर चुदाई करने लगे.
तभी मेरे दिमाग में एक बात आई और मैं फट से बाहर आया.
मैं घर के बाहर आकर एक कोने में छुप गया और फिर मैंने सागर को के मोबाइल फोन पर कॉल लगाया और उसे कहा की मैं 10 मिनिट में घर पहुँच जाऊँगा तू आके मिल मुझे कुछ काम है तुझसे.
सागर को डर था की मैं कहीं उसे मेरी बहन के साथ घर में अकेला रंगे हाथों ना पकड़ लूँ इस लिए वो मेरी बहन की चुदाई अधूरी छोड़कर मेरे घर से चला गयाउसके जाने के बाद मैं मेरे घर में घुसा.
मेरे घर आने के कुछ समय बाद मेरा बहनचोद दोस्त सागर दुबारा से मेरे घर पर मुझसे मिलने के लिए आया.
मैंने देखा की उसकी और सविता की आँखे मिली और शैतानी तरीके से उन दोनों के चहरे पे हलकी स्माइल आ गई.
अगर कोई और दिन होता तो मुझे यह स्माइल नजर नहीं आती, लेकिन आज मुझे पता था की क्या हैं इन दोनों के बिच.
मैंने अब मेरे दोस्त सागर की विधवा माँ को चोदकर उससे अपनी बहन की चुदाई का बदला लेने का पूरा मन बनाया था.
सागर से मैंने ऐसे ही थोड़ी इधर उधर की बात करी और उसे ऐसे ही मार्केट का छोटा मोटा काम बता दिया ताकि उसको शक ना हो.
उस दिन के बाद मैं सागर के घर आने जाने लगा, पहले भी आता जाता था लेकिन अब ज्यादा कर दिया.
अब मेरे दिल में एक इरादा था और उसके लिए हैं मैंने कौशल्या आंटी से हंस के बातें मस्ती वगेरह करना चालू कर दिया.
वोह मुझे पहले भी शादी वगेरह के लिए कहती थी लेकिन मैं कभी मजाक नहीं करता था लेकिन अब मैंने उसे मजाक में बहुत कुछ कह देता था.
साली की बुर जो लेनी थी मुझे.
एक दिन की बात हैं जब सागर क्रिकेट खेलने के लिए ग्राउंड पे गया हुआ था और उसकी 45 साल की विधवा माँ कौशल्या घर में बिलकुल अकेली थी.
मैंने बहाना बनाया था की मुझे हो गई हैं और बार बार टट्टी लग रही है इस लिए मैं जल्दी जा रहा हूँ.
मुझे पता था की मेरा बहनचोद दोस्त सागर 2 घंटे से पहले घर नहीं आएंगा.
मैंने एक चांस सा ही ले लिया उस दिन बहन की चुदाई का बदला दोस्त की विधवा माँ को चोदकर लेने के लिए.
मैं मेरे दोस्त सागर की माँ के साथ उसकी गैर हाजरी में उसकी माँ के साथ अवैध सेक्स संबंध बनाने के लिए सीधे उसके घर पहुँच गया और कौशल्या आंटी से सागर के बारे में पूछने लगा.
दोस्त की कामुक माँ ने बताया की वो बहार हैं.
मैंने सोफे के उपर बैठते हुए आंटी की जुगाड़ जैसे गांड को देखा.
किसी बड़े खरबूजे के जैसे उसके कुले बड़े बड़े थे जो साडी में और भी मादक लग रहे थे.
दोस्त की कामुक माँ ने मुझे चाय दी और वो भी मेरे सामने आके बैठ गई.
उसने पढाई वगेरह की बातें की.
मैंने बस ताक में था की वो कब शादी वाले ट्रेक पे आती हैं.
क्यूंकि जल्द अगर वो उस ट्रेक पे नहीं आई तो खेल चोपट हो सकता था.
तभी उसने बात निकाली, शादी भी कर लो तुम दोनों, सागर को तो बोल बोल के पक गई हूँ मैं.
बुर लेने की साज़िश के मुताबिक़ मैंने आंटी से कहा, आंटी शादी तो अभी कर लूँ लेकिन उसके लिए कुछ अनुभव हैं ही नहीं फिर बीवी भाग नहीं जाएँगी.
आंटी जोर से हंस पड़ी और बोली, अच्छा, तो सब लोग शादी से पहले अनुभव लेते हैं क्या…? मैंने देखा की कामुक विधवा आंटी भी मेरी सेक्सी सेक्सी बातों में बहुत ही ज्यादा रुची ले रही थे.
मैंने भी सही मौका देखकर चोका मार दिया और बोला की आंटी जी ऐसी बात नहीं हैं लेकिन जो अनुभव वाले होते हैं उनकी बीवी ज्यादा खुश रहेती हैं.
दोस्त की कामुक माँ ने शरमाते हुए मेरी तरफ देखा और अब उनकी नजरों में मुझे कामवासना नजर आने लगी.
मैंने मेरा लंड खुजाते हुए कामवासना से भरी विधवा आंटी से कहा, आंटी आप को तो पता ही हैं यह सब की मेरे कहने का मतलब क्या हैं.
अगर सही रास्ता पता हो तो बीवी के सामने अनजान और अज्ञानी नहीं बनना पड़ता सेक्स के दौरान, बस इतना ही कहना हैं मुझे.
आंटी बोली, तो फिर कैसे करोगे यह सब.
मैंने कहाँ, आंटी बस आप की जैसी कोई कामुकता से भरी महिला मिल जाये तो मेरा काम बन जायगा.
उस विधवा आंटी की नजर मेरे लंड पर थी और यह इस बात की तरफ इशारा कर रही थी की मेरे दोस्त की विधवा माँ मेरा लंड लेने के लिए गर्म हो रही हिया.
वो बोली मैं आई जरा पानी पि के, तुम पियोंगे.
मैंने कहा, नहीं.
आंटी पानी के बहाने उठी और वापस आने पे वो मेरे सामने के बदले मेरे पास आके बैठ गई.
उसकी बुर में भी शायद प्रवाही का स्खलन और उत्तेजना की बिजली दौड़ चुकी थी.
मैंने उसे फीर से वही कहाँ की कोई ऐसी आंटी या भाभी ढूंढ रहा हूँ जिसे सेक्स का अच्छा गया हो और जो मुझे बताएं की सेक्स करने का सही तरीका क्या हैं.
कामुकता से भरी विधवा आंटी के हाथ मेरी जांघो की तरफ बढ़ते हुए मुझे साफ़ महसूस हो रहे थे.
मैंने भी उस कामुक विधवा महिला को आगे बढ़ने ही दिया, उस विधवा की बड़ी चूत ही तो उसके बेटे से बदला लेने के लिए एक ज़रिया थी.
मैंने देखा की आंटी की साँसे फुल रही थी और वो मुझ से बात करते वक्त आंखे नहीं मिला पा रही थी.
मैंने अभी भी 1 मिनिट उसे और करीब आने दिया और फिर अपने हाथ को उसके जांघ के उपर रख दिया.
उसकी गर्म गर्म जांघ उसकी बुर में उफान लेती गर्मी का अंदाज साफ़ दे रही थी.
मैंने जैसे ही उसकी जांघ पे हाथ रखा कौशल्या दोस्त की कामुक माँ ने मेरी तरफ देखा.
मैंने सूखे हुए मुहं से कहा, आंटी आप ही मुझे अनुभव दे दो आज.
मेरा गला डर और उत्तेजना की वजह से सूख चूका था.
आंटी कुछ बोली नहीं और उठ खड़ी, मुझे पता था की उसकी बुर में भी बाढ़ आ चुकी हैं.
मैंने पीछे से उसको चिपका लिया और मेरा लंड आंटी की गांड के उपर टिक गया.
मेरे दोस्त की विधवा माँ ने अपनी सुराई जैसी गर्दन उप्पर उठाई और बिना कुछ बोले मेरे हाथ सीधे अपने बड़े बड़े स्तनों पर रख दिए.
कामुक आंटी के स्तन काफी ज्यादा बड़े बड़े थे मगर वो किसी पके हुए आम की तरह लटके हुए थे.
फिर मेरे दोस्त की विधवा माँ ने अपनी कामवासना को शांत करने के लिए धीरे से मेरे लंड की तरफ हाथ किया और उसे अपने हाथ में ले लिया.
कामुक आंटी के लौड़े को हाथ में लेते ही मेरे शरीर में जैसे की करंट दौड़ गया.
मैंने फट से लौड़े को कपड़ो के बंधन से आजाद किया और कामुक आंटी के कपडे भी खोलने लगा.
उसकी साडी खींचने के बाद मैंने उसकी ब्लाउस और ब्रा निकाल फेंकी.
यह द्रश्य देखने में ऐसा लग रहा था मनो जैसे मैं मेरे दोस्त की विधवा माँ का रेप कर रहा हूँ.
मेरे दोस्त की विधवा माँ के स्तन काफी ज्यादा बड़े बड़े थे और किसी पके हुए आम की तरह लटके हुए थे.
मेरे हाथ लगते ही मेरे दोस्त की विधवा माँ झूलते हुए बड़े बड़े स्तनों में जान आई और उसके निपल खड़े होकर नुकीले से होने लगे.
मैंने चुदाई करने के लिए मेरे दोस्त की विधवा माँ की पेंटी निकाल फेंकी.
पेंटी खोलते ही विधवा आंटी की घने झांट के बालों से ढकी चूत के दीदार हुए.
नंगी आंटी की झांट के बालों से घिरी चूत देख के मेरा लंड किसी लोहे की रौड जैसा सख्त हो गया.
आंटी की बुर के उपर बहुत ही ज्यादा घने झांट के बाल थे.
मैंने अपने हाथ से बालो को हटा के आंटी की बुर का जायजा लिया.
उस कामुक विधवा की बुर के होंठ लाल लाल थे और इस बुर के क्लैटोरिस के ऊपर हाथ जाते ही कौशल्या आंटी उछल सी गई.
मैंने अब अपने लंड को कौशल्या कामुक आंटी के हाथ में पकड़ा दिया.
आंटी निचे झुकी और उसने लंड को चुसना चालू कर दिया.
उसके चूसने से मेरे लंड में भी बहार सी आ गई.
मेरे लौड़े को एक तरफ वो चूस रही थी और दूसरी तरफ से अपनी बुर में ऊँगली दे रही थी.
साले सागर की माँ तो कामवासना से भरी निकली.
मैं कामुक आंटी की खोपड़ी पकड़कर उनके मुँह को खूब जोर जोर से चुदाई करने लगा.
आंटी हिल हिल के लौड़े को खा रही थी और अपनी बुर में ऊँगली करती जा रही थी.
मैंने अब लौड़े को कामुक आंटी के मुहं से बहार निकाला और उसे पलंग के उपर लिटा दिया.
मैंने आंटी की दोनों टांगो के बिच में आ गया और उसकी बुर के उपर लंड को सटा दिया.
उसकी बुर काफी गर्म हो चुकी थी.
मैंने जैसे ही अंदर लंड दिया.
आह आह आह करती हुई आंटी जोर जोर से चीखने लगी.
आंटी की सेक्सी चूत को लंड ने भर दी पूरी के पूरी और वो मुझे लपट सी गई.
शायद आंटी की इस बुर को लंड का प्रसाद मिले एक जमाना हो गया था तभी तो उसके मेरे लंड से इतना दर्द हो रहा था.
चार्ल्स डार्विन का सिध्धांत हैं ना की जिस चीज का उपयोग ना हो उसमे जंग लग जाता हैं, वैसे ही बुर में अब लौड़े की आवन जावन बंध थी इसलिए उसमे नेचरल अकड़ आ गई थी बिलकुल जैसे किसी नवी ताज़ी जवान चूत में होती हैं.
दोस्त की कामुक माँ ने मुझे कस के अपनी तरफ खिंचा और आह आह करते हुए लंड के झटके अपनी चूत में लेने लगी.
मैंने भी उसे कंधे से पकड़ के जल्दी जल्दी चोद रहा था.
चुदाई करवाते करवाते नंगी आंटी की साँसे फुल रही थी और वो किसी घोड़ी की तरह जोर जोर से हांफने लगी थी.
यह शायद मेरे लौड़े का ही कमाल था.
कामुक आंटी के कंधे से मैंने हाथ उसके स्तन पे रखे और उन्हें दबाते हुए आंटी की और जोर से ठुकाई कर दी.
आंटी आह आह ओह ओह ओह ओह ओह ओह करती हुई लंड को अपनी बुर में दबाती रही.
आह आह अहह ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ओहोहोह्हूऊओ…ऊऊउ…..करते हुई आंटी की बुर में तभी मेरी पिचकारी निकली और मैंने उसे गले लगा के वही ढेर हो गया.
मैंने आंटी की चूत से लौड़ा निकाला और कपडे पहन लिए.
आंटी खड़ी होके मेरे लिए पानी और सरबत ले आई.
मैंने दोस्त की कामुक माँ को कहा की जब भी मेरे साथ सेक्स करने का मन करे मुझे बुला लेना मैं आपको चोदकर खुश कर दिया करूँगा.
मेरे दोस्त की कामुकता से भरी विधवा माँ ने मुझे अपने सीने से लगाते हुए कहा, शुक्रिया बेटा मुझे चोदने के लिए… तेरे अंकल की मौत के बाद आज पहली बार मैंने किसी पराये मर्द के साथ अवैध शारीरिक संबंध बनाये हैं.
फिर उन्होंने शरमाते हुए मुझे बताया की बेटा केले और सेक्स खिलौनों से हस्तमैथुन करने में वो आनंद कहाँ है जो वास्तविक लंड से चुदाई करने में है, बेटा तूने मुझ विधवा महिला की चूत चोदकर और गांड की चुदाई करके मेरी उम्र बढ़ा दी है.
मेरे दोस्त की नंगी माँ को कहाँ पता था की उसे चोदकर मैंने उसके बेटे से बदला लिया है और उसकी खोपड़ी पकड़कर पहले मुंह की और फिर उसकी चूत की चुदाई करके मैंने सिर्फ और सिर्फ उसके बेटे से बदला लेने का अपना मकसद पूरा करा हैं.
मुझे तो अपने दोस्त सागर से बदला लेना था क्योकि उसने मेरी कुंवारी बहन सविता की चुदाई करी थी और इसीलिए मैंने जानबूझ मेरी और उसके विधवा माँ के अवैध शारीरिक संबंध बनाते हुए ब्लू फिल्म रिकॉर्ड करी थी और फिर मैंने उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी.
अब जब वो उसकी माँ की और मेरी चुदाई वाली वो इंडियन देसी होममेड ब्लू ल्फिल्म देखेगा तो गांड जलेगी उस साले की और वो मेरी बहन के साथ अवैध सेक्स संबंध बनाने से पहले दस बार अपनी विधवा माँ के बारे में सोचेगा.
दोस्तों उम्मीद करता हूँ की आपको मेरी ये हिंदी सेक्स स्टोरी “कुंवारी बहन की चुदाई का बदला दोस्त की विधवा माँ को चोदकर लिया” बहुत पसंद आयी होगी और आपको अपनी माँ की कसम है इस कहानी को ज्यादा से ज्यादा शेयर जरुर करना… और मेरे दोस्त सागर के अवैध शारीरिक संबंध तो नहीं है.
मैंने चुपके से उन दोनों की जासूसी करने के फैसला किया.
मैंने धीरे से घर का फाटक खोला और बाथरूम में छिप गया.
मैं बाथरूम में नहाने के स्टूल पे चढ़ के घर के अंदर झाँकने लगा.
घर के अंदर का नजारा देखते ही मेरे पैरों तले जमीन खिसक गयी.
मैंने देखा की घर के अंदर मेरी छोटी बहन सविता मेरे हरामी दोस्त सागर की गोद में अपनी गांड टेक कर बैठी हुई थी और वो साला बहन का लौड़ा मेरी छोटी बहन के स्तनों जो जोर जोर से मसल रहा था.
अपनी कामवासना शांत करने के लिए अब वो दोनों एक कदम आगे बड़े और मेरी छोटी बहन सविता के मुहं में मेरे हरामी दोस्त सागर ने अपना लंड दिया.
अब वो साला बहन का लौड़ा मेरी कुंवारी बहन की खोपड़ी पकड़कर उसके मुंह की चुदाई करने लगा.
फिर वो दोनों मेरी आँखों के सामने नंगे होकर चुदाई करने लगे.
तभी मेरे दिमाग में एक बात आई और मैं फट से बाहर आया.
मैं घर के बाहर आकर एक कोने में छुप गया और फिर मैंने सागर को के मोबाइल फोन पर कॉल लगाया और उसे कहा की मैं 10 मिनिट में घर पहुँच जाऊँगा तू आके मिल मुझे कुछ काम है तुझसे.
सागर को डर था की मैं कहीं उसे मेरी बहन के साथ घर में अकेला रंगे हाथों ना पकड़ लूँ इस लिए वो मेरी बहन की चुदाई अधूरी छोड़कर मेरे घर से चला गयाउसके जाने के बाद मैं मेरे घर में घुसा.
मेरे घर आने के कुछ समय बाद मेरा बहनचोद दोस्त सागर दुबारा से मेरे घर पर मुझसे मिलने के लिए आया.
मैंने देखा की उसकी और सविता की आँखे मिली और शैतानी तरीके से उन दोनों के चहरे पे हलकी स्माइल आ गई.
अगर कोई और दिन होता तो मुझे यह स्माइल नजर नहीं आती, लेकिन आज मुझे पता था की क्या हैं इन दोनों के बिच.
मैंने अब मेरे दोस्त सागर की विधवा माँ को चोदकर उससे अपनी बहन की चुदाई का बदला लेने का पूरा मन बनाया था, उसकी बुर में मैं अपना 9 इंच का सलाख जरुर घुसेड़ दूंगा.
उसकी बुर के अंदर लौड़ा दे के ही सागर से बदला लिया जा सकता हैं.
सागर से मैंने एक बनाई हुई बात कर दी ताकि उसको शक ना हो.
उस दिन के बाद मैं सागर के घर आने जाने लगा, पहले भी आता जाता था लेकिन अब ज्यादा कर दिया.
अब मेरे दिल में एक इरादा था और उसके लिए हैं मैंने कौशल्या आंटी से हंस के बातें मस्ती वगेरह करना चालू कर दिया.
वोह मुझे पहले भी शादी वगेरह के लिए कहती थी लेकिन मैं कभी मजाक नहीं करता था लेकिन अब मैंने उसे मजाक में बहुत कुछ कह देता था.
साली की बुर जो लेनी थी मुझे.
एक दिन की बात हैं जब सागर क्रिकेट खेलने के लिए ग्राउंड पे गया हुआ था और कौशल्या आंटी घर पे ही थी.
मैंने बहाना बनाया था की मुझे लूजमोशन अर्थात दस्त हो गई हैं, मुझे पता था की मेरा बहनचोद दोस्त सागर 2 घंटे से पहले घर नहीं आएंगा.
मैंने एक चांस सा ही ले लिया उस दिन बहन की चुदाई का बदला दोस्त की विधवा माँ को चोदकर लेने के लिए.
मैं सीधे उसके घर गया और कौशल्या आंटी से सागर के बारे में पूछने लगा.
दोस्त की कामुक माँ ने बताया की वो बहार हैं.
मैंने सोफे के उपर बैठते हुए आंटी की जुगाड़ जैसे गांड को देखा.
किसी बड़े खरबूजे के जैसे उसके कुले बड़े बड़े थे जो साडी में और भी मादक लग रहे थे.
दोस्त की कामुक माँ ने मुझे चाय दी और वो भी मेरे सामने आके बैठ गई.
उसने पढाई वगेरह की बातें की.
मैंने बस ताक में था की वो कब शादी वाले ट्रेक पे आती हैं.
क्यूंकि जल्द अगर वो उस ट्रेक पे नहीं आई तो खेल चोपट हो सकता था.
तभी उसने बात निकाली, शादी भी कर लो तुम दोनों, सागर को तो बोल बोल के पक गई हूँ मैं.
बुर लेने की साज़िश के मुताबिक़ मैंने आंटी से कहा, आंटी शादी तो अभी कर लूँ लेकिन उसके लिए कुछ अनुभव हैं ही नहीं फिर बीवी भाग नहीं जाएँगी.
आंटी जोर से हंस पड़ी और बोली, अच्छा, तो सब लोग शादी से पहले अनुभव लेते हैं क्या…? मैंने देखा की कामुक विधवा आंटी भी मेरी सेक्सी सेक्सी बातों में बहुत ही ज्यादा रुची ले रही थे.
मैंने भी सही मौका देखकर चोका मार दिया और बोला की आंटी जी ऐसी बात नहीं हैं लेकिन जो अनुभव वाले होते हैं उनकी बीवी ज्यादा खुश रहेती हैं.
दोस्त की कामुक माँ ने शरमाते हुए मेरी तरफ देखा और अब उनकी नजरों में मुझे कामवासना नजर आने लगी.
मैंने मेरा लंड खुजाते हुए कामवासना से भरी विधवा आंटी से कहा, आंटी आप को तो पता ही हैं यह सब की मेरे कहने का मतलब क्या हैं.
अगर सही रास्ता पता हो तो अपनी नयी नवेली दुल्हन के सामने अनजान और अज्ञानी नहीं बनना पड़ता सेक्स के दौरान, बस इतना ही कहना हैं मुझे.
आंटी बोली, तो फिर कैसे करोगे यह सब.
मैंने कहाँ, आंटी बस आप की जैसी कोई कामुकता से भरी महिला मिल जाये तो मेरा काम बन जायगा.
उस विधवा आंटी की नजर मेरे लंड पर थी और यह इस बात की तरफ इशारा कर रही थी की मेरे दोस्त की विधवा माँ मेरा लंड लेने के लिए गर्म हो रही हिया.
वो बोली मैं आई जरा पानी पि के, तुम पियोंगे.
मैंने कहा, नहीं.
आंटी पानी के बहाने उठी और वापस आने पे वो मेरे सामने के बदले मेरे पास आके बैठ गई.
उसकी बुर में भी शायद प्रवाही का स्खलन और उत्तेजना की बिजली दौड़ चुकी थी.
मैंने उसे फीर से वही कहाँ की कोई आंटी या भाभी ढूंढ रहा हूँ जो मुझे बताएं की प्यार करने का सही तरीका क्या हैं.
कामुक आंटी के हाथ मेरी जांघो की तरफ बढ़ते हुए मुझे साफ़ महसूस हो रहे थे.
मैंने भी उस कामुक विधवा महिला को आगे बढ़ने ही दिया, उस विधवा की बड़ी चूत ही तो उसके बेटे से बदला लेने के लिए एक ज़रिया थी.
मैंने देखा की आंटी की साँसे फुल रही थी और वो मुझ से बात करते वक्त आंखे नहीं मिला पा रही थी.
मैंने अभी भी 1 मिनिट उसे और करीब आने दिया और फिर अपने हाथ को उसके जांघ के उपर रख दिया.
उसकी गर्म गर्म जांघ उसकी बुर में उफान लेती गर्मी का अंदाज साफ़ दे रही थी.
मैंने जैसे ही उसकी जांघ पे हाथ रखा कौशल्या दोस्त की कामुक माँ ने मेरी तरफ देखा.
मैंने सूखे हुए मुहं से कहा, आंटी आप ही मुझे अनुभव दे दो आज.
मेरा गला डर और उत्तेजना की वजह से सूख चूका था.
आंटी कुछ बोली नहीं और उठ खड़ी, मुझे पता था की उसकी बुर में भी बाढ़ आ चुकी हैं.
मैंने पीछे से उसको चिपका लिया और मेरा लंड आंटी की गांड के उपर टिक गया.
मेरे दोस्त की विधवा माँ ने अपनी सुराई जैसी गर्दन उप्पर उठाई और बिना कुछ बोले मेरे हाथ सीधे अपने बड़े बड़े स्तनों पर रख दिए.
कामुक आंटी के स्तन काफी ज्यादा बड़े बड़े थे मगर वो किसी पके हुए आम की तरह लटके हुए थे.
फिर मेरे दोस्त की विधवा माँ ने अपनी कामवासना को शांत करने के लिए धीरे से मेरे लंड की तरफ हाथ किया और उसे अपने हाथ में ले लिया.
कामुक आंटी के लौड़े को हाथ में लेते ही मेरे शरीर में जैसे की करंट दौड़ गया.
मैंने फट से लौड़े को कपड़ो के बंधन से आजाद किया और कामुक आंटी के कपडे भी खोलने लगा.
उसकी साडी खींचने के बाद मैंने उसकी ब्लाउस और ब्रा निकाल फेंकी.
यह द्रश्य देखने में ऐसा लग रहा था मनो जैसे मैं मेरे दोस्त की विधवा माँ का रेप कर रहा हूँ.
मेरे दोस्त की विधवा माँ के स्तन काफी ज्यादा बड़े बड़े थे और किसी पके हुए आम की तरह लटके हुए थे.
मेरे हाथ लगते ही मेरे दोस्त की विधवा माँ झूलते हुए बड़े बड़े स्तनों में जान आई और उसके निपल खड़े होकर नुकीले से होने लगे.
मैंने चुदाई करने के लिए मेरे दोस्त की विधवा माँ की पेंटी निकाल फेंकी.
पेंटी खोलते ही विधवा आंटी की घने झांट के बालों से ढकी चूत के दीदार हुए.
नंगी आंटी की झांट के बालों से घिरी चूत देख के मेरा लंड किसी लोहे की रौड जैसा सख्त हो गया.
आंटी की बुर के उपर बहुत ही ज्यादा घने झांट के बाल थे.
मैंने अपने हाथ से बालो को हटा के आंटी की बुर का जायजा लिया.
उस कामुक विधवा की बुर के होंठ लाल लाल थे और इस बुर के क्लैटोरिस के ऊपर हाथ जाते ही कौशल्या आंटी उछल सी गई.
मैंने अब अपने लंड को कौशल्या कामुक आंटी के हाथ में पकड़ा दिया.
आंटी निचे झुकी और उसने लंड को चुसना चालू कर दिया.
उसके चूसने से मेरे लंड में भी बहार सी आ गई.
मेरे लौड़े को एक तरफ वो चूस रही थी और दूसरी तरफ से अपनी बुर में ऊँगली दे रही थी.
साले सागर की माँ तो कामवासना से भरी निकली.
मैं कामुक आंटी की खोपड़ी पकड़कर उनके मुँह को खूब जोर जोर से चुदाई करने लगा.
आंटी हिल हिल के लौड़े को खा रही थी और अपनी बुर में ऊँगली करती जा रही थी.
मैंने अब लौड़े को कामुक आंटी के मुहं से बहार निकाला और उसे चोदकर अपनी हवस शांत करने के लिए पलंग के उपर दोनों नंगी टंगे चौड़ी करके लिटा दिया.
मैं उस नंगी विधवा महिला को चोदने के लिए उसकी दोनों टांगो के बिच में आ गया और उसकी टाइट चूत पर थूक लगाने के बाद उसके उपर अपने खड़े लंड को सटा दिया.
मैंने जैसे ही चोदने के लिए अपना लम्बा मोटा लंड अंदर आंटी की टाइट चूत में पेला आंटी आह आह आह करती हुई जोर जोर से अपनी दोनों आँखे बंद करके चीखने लगी.
आंटी की सेक्सी चूत को लंड ने भर दी पूरी के पूरी और वो मुझे लपट सी गई.
अपने पति की मौत के बाद शायद आंटी को चुदे हुए काफी साल हो चुके थे इस कारण उनकी चूत किसी सोलह साल की कुंवारी लड़की की वर्जिन चूत के जैसी बहुत टाइट हो चुकी थी और चुदाई करने में बड़ा मजा दे रही थी.
दोस्त की कामुक माँ ने मुझे कस के अपनी तरफ खिंचा और आह आह करते हुए लंड के झटके अपनी चूत में लेने लगी.
मैंने भी उसे कंधे से पकड़ के जल्दी जल्दी चोद रहा था.
चुदाई करवाते करवाते नंगी आंटी की साँसे फुल रही थी और वो किसी घोड़ी की तरह जोर जोर से हांफने लगी थी.
यह शायद मेरे लौड़े का ही कमाल था.
कामुक आंटी के कंधे से मैंने हाथ उसके दूध से भरे बड़े बड़े स्तनों पर रखे और उन्हें दबाते हुए आंटी की और जोर से चुदाई करने लगा.
मेरे दोस्त की नंगी माँ चुदवाते चुदवाते आह आह ओह ओह ओह ओह ओह ओह करती हुई लंड को अपनी बुर में दबाती रही और चुदाई के मजे लेती रही.
आह आह अहह ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ओहोहोह्हूऊओ…ऊऊउ…..करते हुई आंटी की बुर में तभी मेरी पिचकारी निकली और मैंने उसे गले लगा के वही ढेर हो गया.
मैंने आंटी की चूत से लौड़ा निकाला और कपडे पहन लिए.
आंटी खड़ी होके मेरे लिए पानी और सरबत ले आई.
मैंने दोस्त की कामुक माँ को कहा की जब भी मेरे साथ सेक्स करने का मन करे मुझे बुला लेना मैं आपको चोदकर खुश कर दिया करूँगा.
मेरे दोस्त की कामुकता से भरी विधवा माँ ने मुझे अपने सीने से लगाते हुए कहा, शुक्रिया बेटा मुझे चोदने के लिए… तेरे अंकल की मौत के बाद आज पहली बार मैंने किसी पराये मर्द के साथ अवैध शारीरिक संबंध बनाये हैं.
फिर उन्होंने शरमाते हुए मुझे बताया की बेटा केले और सेक्स खिलौनों से हस्तमैथुन करने में वो आनंद कहाँ है जो वास्तविक लंड से चुदाई करने में है, बेटा तूने मुझ विधवा महिला की चूत चोदकर और गांड की चुदाई करके मेरी उम्र बढ़ा दी है.
मेरे दोस्त की नंगी माँ को कहाँ पता था की उसे चोदकर मैंने उसके बेटे से बदला लिया है और उसकी खोपड़ी पकड़कर पहले मुंह की और फिर उसकी चूत की चुदाई करके मैंने सिर्फ और सिर्फ उसके बेटे से बदला लेने का अपना मकसद पूरा करा हैं.
मुझे तो अपने दोस्त सागर से बदला लेना था क्योकि उसने मेरी कुंवारी बहन की चुदाई करी थी और इसीलिए मैंने जानबूझ मेरी और उसके विधवा माँ के अवैध शारीरिक संबंध बनाते हुए ब्लू फिल्म रिकॉर्ड करी थी और फिर मैंने उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी.
अब जब वो उसकी माँ की और मेरी चुदाई वाली वो इंडियन देसी होममेड ब्लू ल्फिल्म देखेगा तो गांड जलेगी उस साले की और वो मेरी बहन के साथ अवैध सेक्स संबंध बनाने से पहले दस बार अपनी विधवा माँ के बारे में सोचेगा.
दोस्तों उम्मीद करता हूँ की आपको मेरी ये हिंदी सेक्स स्टोरी “कुंवारी बहन की चुदाई का बदला दोस्त की विधवा माँ को चोदकर लिया” बहुत पसंद आयी होगी और आपको अपनी माँ की कसम है इस कहानी को ज्यादा से ज्यादा शेयर जरुर करना….
स्रोत:इंटरनेट