. जब नीरू पूरी तरह से शांत हो गई तो अब मैंने उसे पीठ के बल लेटा दिया और उसकी गांड में लगातार धक्के मारने लगा.
उसकी गांड को चोदने में बहुत मज़ा आ रहा था जिसको मैं यहां बता नहीं सकता हूं.
उसकी गांड इतनी मखमली, कोमल और गर्म थी कि जल्दी ही मैंने अपना वीर्य उसकी गांड में भर दिया.
मैंने नीरू बहन को उसी अवस्था में सीधा होने के लिए कहा.
अब मैं उसकी चूचियों को मसलने और दबाने लगा.
उसकी गर्दन पर किस करने लगा.
साथ ही उसकी चूत में उंगली करने लगा.
उसकी चूत देख कर लग रहा था कि जैसे अभी तक वो कुंवारी ही है.
कुछ देर बाद मेरा लंड पुनः तैयार हो चुका था, मैंने नीरू बहन की दोनों टाँगें अपने कंधे पर रखीं और अपना लंड उसकी गोरी सी चूत पर सेट कर दिया.
मैंने उसकी चूचियों को एक बार फिर से अपने हाथों में भर लिया और एक ज़ोरदार धक्का उसकी चूत की तरफ दे मारा.
वह फिर से कराहने लगी, कहने लगी- भैया तुमने मेरी गांड तो फाड़ ही दी है, अब क्या चूत भी फाड़ने वाले हो? मैंने कहा- बस बहन, आज तुझे इतना मज़ा दूंगा कि तू मुझे हमेशा याद रखेगी.
मैंने उसके दोनों हाथ पकड़ कर अपना लंड उसकी चूत में आधा घुसा दिया.
वो फिर से पूरी तेज़ चिल्लाई उम्म्ह… अहह… हय… याह… और दर्द से कराह उठी.
मैंने मौके की नज़ाकत को समझा और उसको प्यार करने लगा.
उसकी चूत को हाथों से सहलाने लगा.
उसकी गर्दन पर चुम्बन देने लगा.
कुछ ही पलों में मैंने उसका दर्द छू-मंतर कर दिया.
अब उसकी चूत का मंथन अपने लंड से करने के लिए मेरे सब्र का बांध भी मेरे सेक्स के आवेग को ज्यादा देर संभालने में नाकाम दिखाई देने लगा था इसलिए मैंने एक धक्का और मारा जिसके साथ ही पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया.
मेरी बहन की चूत बहुत ही टाइट थी.
मेरे लंड में भी जलन होने लगी थी.
शायद मेरी झिल्ली फट चुकी थी और इधर मेरी बहन की चूत से भी खून बह रहा था.
मैंने अब नीरू बहन का टॉप ऊपर से फाड़ कर निकाल दिया और उसकी नंगी चूचियों को अपने मुँह में भरकर पीने लगा.
कुछ देर बाद नीरू बहन आनंद में अपना होश खोने लगी और वो भी अपनी गांड उठा-उठा कर मेरे लंड से अपनी चूत मरवाने लगी.
अब मैं अपने चरम पर था, मैंने उससे बोला- बहन कहाँ निकालूं? उसने बोला- मेरी चूत के अंदर ही निकाल दो.
मैंने उसकी चूची दोनों हाथों से पकड़कर दो आखिरी धक्के लगाए और अपना सारा माल उसकी चूत में ही गिरा दिया.
नीरू बहन मेरे लंड से चुद कर खुश दिखाई दे रही थी, मैंने उसकी चूत पर एक बार प्यार से पप्पी ली और फिर उसे वापस पैंटी पहना दी.
उसने भी मुझे प्यार से हग कर लिया.
उसके इस तरह से हग करने से मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा.
मैंने अपनी बहन से कहा- बहन, मैं एक बार फिर से तुझे नंगी देखना चाहता हूँ.
नीरू बहन हँस कर बोली- नंगी देखना चाहते हो या फिर से मेरी लेना चाहते हो? मैंने कहा- जब तू समझ ही गई है तो मरवा ले न … अपनी एक बार फिर से, क्यों इतना भाव खा रही है? मेरी यह बात सुन कर वो अपना नाड़ा खोल केर लेट गई.
मैंने नीरू से कहा- बहन एक बार मुंह में तो लेकर देख ले कैसा लगता है लंड का स्वाद! वह मना करने लगी, बोली- नहीं, मुझे मुंह में नहीं लेना है.
मैं भी उससे नाराज़ होने का नाटक करने लगा.
मैंने कहा- ठीक है, जा फिर मैं भी नहीं डाल रहा अब तेरी चूत में.
कहीं और जाकर मरवा ले अपनी गांड.
मेरी यह बात सुनकर नीरू बुझे मन से मेरा लंड चूसने लगी.
जब उसके थूक से मेरा लंड पूरा गीला हो गया तो मैंने उसे लेटाया और बहुत सारा पाउडर उसकी चूत और अपने लंड पैर लगा दिया ताकि उसकी चूत में लंड बहुत मुश्किल से जाए.
मैंने उसके होंठ अपने होंठ में भींच कर एक ज़ोर का धक्का मारा और नीरू बहन की चूत से एक बार फिर से खून आने लगा.
वह बोली- भाई क्या कर रहा है.
तू तो ऐसे सेक्स कर रहा है जैसे मुझे मार ही डालेगा आज.
मैंने उसके गालों पर पप्पी लेते हुए कहा- नहीं बहन, ऐसी बात नहीं है.
बस मेरा मन था कि मैं किसी के साथ रफ सेक्स करूं.
लेकिन मुझे नहीं पता था कि वो पहली लड़की तू होगी तो इसलिए बस थोड़ा सा अपने भाई के लिए सहन कर ले.
मैंने नीरू की चूत में धक्के लगाना शुरू कर दिया.
साथ ही मैं उसकी कोमल मुलायम चूचियों को दबाते हुए उसके होठों के रस को भी पीता जा रहा था.
वह भी कामुक सिसकारियाँ लेकर मेरा जोश बढ़ा रही थी.
उसकी चूत में मेरा लंड रगड़ खाता हुआ उसकी चूत की चटनी बना रहा था.
मुझे ऐसा मज़ा कभी नहीं आया जैसा नीरू बहन की चूत मारने में आ रहा था.
मैं गचागच उसकी चूत का चोदन करने में लगा हुआ था और वह आनंदित हो रही थी.
जब मेरे लंड ने उसकी जवानी का भरपूर रस पी लिया तो वह भी हाँफता हुआ उसकी चूत में थूकने लगा.
इस बार भी मैं नीरू बहन की चूत में ही झड़ गया.
बस इतनी सी थी नीरू बहन और मेरी कहानी.
इसके बाद मैं नीरू बहन को कई बार चोद चुका हूँ.
मैंने उसकी कई बार झांट भी बनायीं हैं.
अब उसकी शादी हो चुकी है लेकिन फिर भी जब उसके पति कहीं बाहर गए हुए होते हैं तो वह एक दो दिन के लिए मेरे पास अपनी गांड मरवाने आ जाती है.
लेखक ने अपना ई-मेल न लिखने के लिए आग्रह किया है.
स्रोत:इंटरनेट