. इतना कहकर मेरी पत्नी ने हनी की चूचियां सहलाना शुरू किया.
हनी ने नानुकुर की तो मेरी पत्नी ने कहा- तुम मुझे प्रियंक समझो.
अपनी छोटी बहन को चूमते, चाटते, उसकी चूचियां सहलाते, हनी की चूत पर हाथ फेर कर मेरी पत्नी ने हनी को गर्म कर दिया और बोली- प्रियंक के साथ कभी इतनी उत्तेजना होती है? “ना, वो कभी ऐसे करता ही नहीं.
” “अब तुम सोचो कि तुम प्रियंक के साथ हो.
इतना कहकर मेरी पत्नी ने हनी को अपनी बांहों में भर लिया.
कुछ ही देर में मेरी पत्नी बोली- पेट में दर्द हो रहा है, पॉटी जाना पड़ेगा.
” यह कहकर मेरी पत्नी उठी और कमरे से चली गई.
सीमा के जाते ही मैंने करवट ली और हनी को बाहों में लेकर ‘सीमा मेरी जान’ कहते हुए उसकी नाइटी ऊपर खिसकाकर हनी की चूत पर हाथ रख दिया.
चार बार हनी की चूत पर हाथ फेरकर मैंने उसकी पैन्टी नीचे खिसका दी और अपनी उंगलियों से हनी की चूत के लब खोल दिये.
हनी की चूत में उंगली चलाते हुए मैंने अपने होंठ हनी के होंठों पर रख दिये.
हनी की नाइटी और ऊपर खिसका कर मैंने हनी की चूचियां खोल दीं.
हनी का हाथ अपने लण्ड पर रखकर मैं उसकी चूचियों से खेलने लगा.
हनी मेरे लण्ड को टटोल कर साइज का अन्दाजा ले रही थी.
हनी की चूची अपने हाथ में दबोचते हुए मैंने कहा- सीमा, आज तुम्हारी चूची बहुत टाइट लग रही हैं.
लाओ चुसा दो.
“जीजू, मैं हनी हूँ.
” कहते हुए हनी मुझसे लिपट गई.
“तुम हनी हो तो सीमा कहाँ गई?” “वो बाथरूम गई है.
” मैं उठा और कमरे से बाहर झांककर देखा.
वापस पलटवार मैं बोला- वो तो उस कमरे में सो रही है.
इतना कहकर मैंने दरवाजा बंद किया और कमरे की लाइट जला दी.
लाइट जलते ही हनी ने अपनी नाइटी नीचे कर दी और तकिये में मुंह छिपा लिया.
मैंने अपनी टीशर्ट व लोअर उतार दिया और हनी की नाइटी व पैन्टी उतारकर उसे पूरी तरह से नंगी कर दिया.
हनी के बगल में लेटकर मैंने उसकी चूत पर जीभ फेरी तो कसमसा गई.
मैंने हनी की चूत चाटना जारी रखा तो हनी ने मेरा अण्डरवियर उतार दिया और मेरे लण्ड की खाल आगे पीछे करते हुए मेरे लण्ड का सुपारा चाटने लगी.
मेरी सेक्सी साली चुदासी हो चुकी थी इसलिए मुझे अपने ऊपर खींचने लगी.
मैं हनी की टांगों के बीच आया तो हनी ने अपने चूतड़ उचका कर गांड़ के नीचे तकिया रखकर अपनी टांगें फैला दीं.
हनी की चूत के लबों को फैला कर मैंने अपने लण्ड का सुपारा रखा तो हनी ने अपने चूतड़ उचका दिये.
मैंने धक्का मारा तो मेरे लण्ड का सुपारा हनी की चूत में चला गया.
सिसकारी भरते हुए हनी बोली- जीजू, कोई तेल या क्रीम लगा लो.
मैंने तेल की शीशी उठाई और अपने लण्ड पर तेल लगाकर फिर से हनी की टांगों के बीच आ गया.
लण्ड का सुपारा हनी की चूत पर रखकर मैंने उसकी कमर पकड़ी और लण्ड धकेलता चला गया.
पूरा लण्ड हनी की चूत में चला गया तो मुझे अपने सीने पर खींच कर मुझे चूमते हुए हनी बोली- जीजू, शादी के 6 साल हो गये, आज पहली बार चुद रही हूँ.
“क्यों? प्रियंक नहीं चोदता क्या?” “वो चोदता है लेकिन मुझे आज पता चला है कि चुदना किसे कहते हैं.
” हनी के निप्पल्स को दांतों से काटते हुए मैंने कहा- ये तो तुम गलती से चुद गई, मैं तो तुम्हें सीमा समझ कर चोद रहा था.
“जीजू, आप तो मुझे दीदी समझ कर चोद रहे थे लेकिन दीदी मुझे आपसे चुदवाना चाहती थीं, ये मेरी समझ में आ गया.
भगवान ऐसी दीदी सबको दे.
” “और तुम्हारे जैसी साली सिर्फ मुझे दे.
” हनी की टांगें अपने कंधों पर रखकर मैंने हनी की चुदाई शुरू की तो हनी उफ्फ उफ्फ करते हुए उछलने लगी.
पैसेंजर ट्रेन की रफ्तार से शुरू हुई चुदाई ने जब राजधानी एक्सप्रेस की रफ्तार पकड़ ली तो मेरे लण्ड की मोटाई और कड़कपन बढ़ने लगा.
लण्ड के अन्दर बाहर होने से हनी को दिक्कत हुई तो मैंने एक बार फिर से तेल लगा लिया.
मेरे लण्ड के डिस्चार्ज का टाइम करीब आया और मेरे लण्ड का सुपारा संतरे की तरह मोटा हो गया तो मैंने कहा- हनी, मैं आ रहा हूँ, सम्भाल लेना.
हनी ने अपनी आँखें बंद कर लीं और बुदबुदाते हुए भगवान से कुछ कहने लगी.
अपने कंधों से हनी की टांगें उतारकर मैं हनी के ऊपर लेट गया और उसकी चूचियां चूसते हुए उसे चोदने लगा.
मेरे लण्ड से जब फव्वारा छूटा तो हनी ने मुझे थकड़ लिया और बेतहाशा चूमने लगी.
डिस्चार्ज के बाद मैं काफी देर तक हनी के ऊपर ही लेटा रहा और हम दोनों एक दूसरे को सहलाते रहे.
काफी देर बाद मैंने हनी के गाल पर हाथ फेरते हुए पूछा- एक बार और? “नहीं जीजू, अभी नहीं.
कल दीदी ऑफिस चली जायेगी तब.
” हनी पांच दिन हमारे घर रुकी और दिन रात चुदी.
छठे दिन अजीत आया और भरत को छोड़कर हनी को ले गया.
एक हफ्ते बाद प्रियंक आया और हनी उसके साथ दिल्ली चली गई.
करीब एक महीने बाद मेरी सास ने सीमा को फोन करके बताया- बधाई हो, तुम मौसी बनने वाली हो.
मेरी पत्नी मेरी ओर देख कर मुस्कुराते हुए बोली- मेरी बेचारी माँ को क्या पता कि ये सब उनके बड़े दामाद विजय बाबू की मेहरबानी है.
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स्रोत:इंटरनेट