. हम जिस बेड पर लेटे थे, वो बेड थोड़ा छोटा था, तो मैं चाहकर भी सुमन से और ज्यादा दूर नहीं हो सका.
उसकी गांड मेरे लिंग पर चिपक गई और मेरा लंड खड़ा हो गया.
अब मैं टीवी भूल गया और उसकी गांड घूरने लगा.
मेरे अन्दर सेक्स की बहुत भयंकर आग जल रही थी, जिसे मैं रोक नहीं पा रहा था.
फिर मैंने हिम्मत करके उसकी चूचियों पर हाथ लगा दिया.
वाह क्या मुलायम चूचे थे.
जब उसका कोई विरोध नहीं दिखा तो मैं उसके पीछे से चिपक गया.
अपना लंड उसकी गांड में रगड़ने लगा.
मैंने ऐसे जाहिर किया कि मुझे भी नींद आने लगी थी, इसलिए मैं भी सो गया था.
जब मेरा लंड घिसने लगा, तब भी उसका कोई विरोध नहीं हुआ.
अब मैंने उसको अपने हाथों से बहुत जोर से जकड़ लिया.
अब वो जाग गई और बोली- ये क्या कर रहे हो? इस बार मैं डर गया और मैंने उसे छोड़ दिया.
मैंने उससे कहा कि अनजाने में हो गया.
मुझे नींद आ गई थी.
लेकिन मेरा लंड खड़ा हो चुका था.
कुछ देर बाद मुझसे रहा नहीं गया, तो मैंने फिर से हरकत शुरू कर दी.
उसने फिर कहा- ये क्या कर रहे हो? मैं डर की वजह उससे कुछ नहीं बोला और करवट लेकर लेट गया.
फिर थोड़ी देर बाद उसने मुझसे कहा- नाराज हो गए क्या? मैंने मन में सोचा कि मतलब अब सिग्नल ग्रीन है.
अब मैं सीधा लेटा और उससे कहा- नहीं नाराज नहीं हूं.
उसने मेरा लंड देखा और हंसने लगी.
फिर बोली- जरा अपने इसे तो देखो, अभी भी खड़ा है.
मैंने कहा- तो तुम ही बैठा दो न इसको.
उसने दूसरे ही पल मेरा लंड अपने हाथ पकड़ा और कहा कि तुम्हारा बहुत बड़ा है, टाइट भी बहुत है.
मैंने ‘हां’ में सर हिला दिया.
फिर बुआ ने मेरे लंड को पैंट से बाहर निकाला और उसे चूसने लगी.
लंड चूसने के साथ ही मुझे जन्नत नजर आने लगी थी.
मैंने अपनी आंखें बंद कर लीं और लंड चुसाई के मजे लेने लगा.
करीब 5 मिनट के बाद मेरा वीर्य उसके मुँह में ही निकल गया.
वो भी पूरा वीर्य पी गई.
यह मेरा पहला सेक्स था.
मुझे बड़ा मजा आ रहा था.
वो फिर लंड को चूसने लगी और उसने लंड को फिर से खड़ा कर दिया.
अब मैंने उसे अपनी बांहों में भरा और उसे हर जगह चुम्बन किए.
फिर मैंने एक एक करके उसके सारे कपड़े उतार दिए.
उसको पूरी नंगी करने के बाद मैंने उसे बेड पे चित लिटाया और उसकी चूत में अपना लंड सैट कर दिया.
मैंने उसकी आंखों में देखा, तो उसने पेलने का इशारा कर दिया.
मैंने एक ही धक्के में अपना पूरा लंड उसकी चूत में जड़ तक ठांस दिया.
उसकी चीख निकल गई उम्म्ह… अहह… हय… याह… मैंने उससे कहा- क्या हुआ … तुमने कभी सेक्स नहीं किया क्या? उसने कहा- किया तो है लेकिन तुम्हारे फूफा के सिवाए किसी और साथ नहीं किया.
उनका लंड बहुत छोटा है.
मैंने हंस कर उसको चोदना शुरू कर दिया.
उसके मुँह से सेक्सी सेक्सी आवाजें आ रही थीं.
उसने मुझसे कहा- तुम्हारे लंड से मुझे मजा आ गया.
आज से तुम मुझे रोज चोदना.
मैंने कहा- ठीक है मेरी जान.
फिर मैंने उसे 10 मिनट तक चोदा.
इस बीच वो 2 बार झड़ चुकी थी.
फिर मैंने अपनी चरम सीमा पर आते हुए उसकी चूत में अपना बीज छोड़ दिया.
इसके बाद हम दोनों कुछ देर तक यूं ही हांफते हुए अपनी सांसों को नियंत्रित करते रहे.
कुछ देर बाद फिर से उसकी चुदास भड़क गई.
उसने मेरा लंड फिर से चुसना शुरू कर दिया.
अब मैंने अपनी फेवरेट चुदाई का उसके सामने इजहार किया.
उसने पूछा- किस आसन में करना चाहते हो.
मैंने कहा- अबकी बार मुझे तुम्हारी गांड मारनी है.
पहले तो वो हिचकिचाई.
लेकिन फिर वो राजी हो गई.
उसने अब तक गांड की ओपनिंग नहीं करवाई थी.
मैने उसकी गांड में उंगली डाल कर उसकी गांड को ढीला किया.
फिर वैसलीन लगा कर उसकी गांड को चिकना कर दिया.
उसने अपनी गांड मेरे लिए खोल दी.
मैंने उसकी गांड में अपना लंड पेल दिया.
वो दर्द से कलप गई.
लेकिन मैंने भी कोई कसर नहीं रखी.
मैं लगातार उसकी गांड में लंड ठोकता ही गया.
कुछ ही देर में उसे भी मजा आने लगा.
वो भी अपनी कमर उठा कर मुझसे गांड चुदाई का मजा लेने लगी.
मैंने उसकी गांड बड़ी बेरहमी से मारी.
इसी तरह मैंने उस दिन उसे 3 बार चोदा.
फिर मैं वहां 3 दिन रुका और बुआ के ऑफिस जाते ही हम दोनों की रासलीला चालू हो जाती.
मैंने उसको बहुत चोदा.
आज भी जब हम मिलते हैं, तो चुदाई कर लेते हैं.
आपको मेरी बुआ की देवरानी की चूत चुदाई की कहानी कैसी लगी, कृपया मुझे ईमेल करके जरूर बताएं.
[email protected] धन्यवाद.
स्रोत:इंटरनेट