. बूढ़े अंकल से डौगी सेक्स पोजीशन में चुदवाने के लिए कुतिया बन गई XXX Story बूढ़े अंकल का लंड कितनी साइज का होगा और उसके अन्दर कितने टाइम चोदने की एनर्जी होगी वो किस किस सेक्स पोजीशन. में चोद सकता होगा..? ये जैसे किसी वैज्ञानिक का रिसर्च विषय हो मैं वैज्ञानिक होऊं ऐसे फिल होने लगा था.
बुढा दोपहर में एकदम अकेला होता था.
और बहु दोनों काम पर जाते थे.
तब मैंने उसे सेड्युस करने का अपना प्लान चालु कर दिया.
मैंने मदन लाल की बहु सलोनी से नजदीकी बनाई.
और उस बहाने मैं उनके घर आने जाने लगी.
मदन लाल अंकल मैं जब भी जाती थी तो एकदम चहक सा जाता था! और मैं बार बार उसकी धोती के उस हिस्से को देखती थी जहां पर मर्दों का लंड लटका होता हे.
उन बूढ़े अंकल की सलोनी भी जॉब करती है इसलिए दोपहर में मदन लाल अंकल एकदम अकेले होते हैं.
एक दिन मैं ढीली नाइटी और अन्दर बिना ब्रा पेंटी पहने हुए उस बूढ़े अंकल के घर चली गई.
मैंने डोरबेल बजाइ.
उस बूढ़े अंकल ने पहले दरवाजे को चेन के सहारे अटका के देखा की कौन हे.
फिर उसने दरवाजा पूरा खोला.
वो ऊपर से निचे तक मुझे देखने लगा.
और फर बोला, सलोनी तो जॉब पर हे? मैंने कहा मैं आप से मिलने नहीं आ सकती हूँ क्या? वो बोला, क्यूँ नहीं आ जाओ! मैं अन्दर आई, वो दरवाजा बंध करने के लिए रुका हुआ था.
मैंने तिरछी नजर से पीछे देखा तो वो मेरी मोटी गांड को घुर घुर कर गन्दी नजरों से देख रहा था.
उस बूढ़े अंकल ने अभी भी धोती ही पहनी हुई थी.
मैं सोफे पर अपनी मोटी गांड टेक कर बैठी और वो सामने आ बैठा.
मैंने कहा, सलोनी कह रही थी की मेरे ससुर जी दोपहर में बोर हो जाते हे कभी कभी कम्पनी दे दिया करों उन्हें इसलिए मैं आ गई.
मदन लाल ने कहा, अच्छा किया बेटी जो तुम आ गई अब मेरा मन लग जायगा.
फिर उन्होंने मुझे पूछा बेटी मैं पानी लाऊं? मैंने कहा नहीं पानी पी के आई हूँ मैं.
यहाँ भी देखें>> मुझे बहुत तेज नींद आ रही थी फिर मैंने सोचा कुछ देर आप के पास आ जाऊं ताकि आपका अकेला पन दूर हो जाए.
ये कह के मैंने एक जम्भाई ले ली.
मैंने जान बूझ के अपनी छाती को पूरा बाहर कर दिया.
मेरी नाइटी के ऊपर के हिस्से में मेरे मोटे मोटे बूब्स के नुकीले निपल्स ने अपने निशान दिखा दिए.
और इस बूढ़े ने उन्हें देख लिया.
बस मैं यही तो चाहती थी! फिर मैंने कहा, आप की वाइफ को गुजरे हुए काफी टाइम हुआ ना? वो बोला, हां.
मैंने कहा, सो सेड, आप अकेले बोर होते होंगे ना.
मदन लाल बोला, दिन में ही बोर होता हूँ, रात में तो मेरा बेटा और बहु होते हे साथ में.
मैंने कहा, अब से मैं आ जाउंगी क्यूंकि मैं भी दोपहर में अकेली ही होती हु.
वो बोला, मैं शरबत ले के आता हूँ बेटी या बोलकर वो शरबत लेने चला गया और 2 मिनिट में वापस गुलाब का शरबत बना कर ले आया.
मुझे उसने ग्लास दिया.
मैंने शरबत लेते वक्त उसकी आंखो में आँखे डाली और उसके हाथ को टच किया.
उसके हाथ में कम्पन से आ गए मेरे छूने से.
वो मुझे गन्दी नजरों से देखने लगे मैंने उनका हाथ पकड लिया.
वो मेरे बहुत ज्यादा करीब आ गए.
मैं उठ खड़ी हुई और उस बूढ़े अंकल ने हिम्मत करके मेरी चुन्नी पकड ली.
मैंने उसे अपने गले से लगा लिया.
मैंने महसूस किया की उसका लंड धोती के अन्दर तन सा गया था और मेरी गरम चुत पर दस्तक दे रहा था.
बूढ़े के लंड में बड़ी ताकत उस वक्त तो लग ही रही थी.
मैं खुद को रोक नहीं सकी.
मैंने अपना हाथ निचे कर के उसके लंड को टच कर लिया.
बाप रे इस लंड में तो जवान मर्दों से भी अलग बात थी.. एकदम लोहे सा था! मैंने धोती की छोर को पकड़ के खिंचा तो वो अपने आप ही निकल पड़ी.
बूढ़े अंकल ने अपनी धोती के अन्दर स्ट्रिपवाला चड्डा पहना हुआ था.
और उसके अंदर टट्टार हुआ उसका लंड साफ़ दिख रहा था.
मैंने लंड को पकड़ के दबा दिया.
मदन लाल ने मेरी गांड को पकड़ के मुझे अपनी तरफ खिंचा.
मेरे ब्रैस्ट उसकी छाती से और मेरी फुद्दी उसके लंड पर दब गई.
उसने नाईटी के अंदर हाथ डाल के दोनों ब्रैस्ट पकड लिए और उन्हें नोंचने लगा.
मैंने कहा रुको, और ये कह के मैंने नाइटी उतार दी.
वो मेरे नंगे बदन को देख के चौंक सा गया.
मेरा फिगर एकदम मस्त हे, बोडी शेप में हे और ब्रैस्ट और बम्स बहार को निकले हुए हे.
बूढ़े अंकल ने पर हाथ रख के उसे दबा दिया.
और फिर वो मेरे निपल्स को चूसने लगा.
मैंने उसके लौड़े को अपनी मुठी में जकड़ लिया.
और मैं उसके लंड के साथ हस्तमैथुन करने लगी.
एक मिनिट तक ये सब चला.
फिर वो बोला, चलो बिस्तर में चलते है सेक्स करने के लिए.
मैंने मन ही मन में सोचा, यहाँ तो तेरे जवान लंड की ताकत देख ली बूढ़े, असली मर्दानगी तो बिस्तर में ही पता चलेगी.
वो बूढ़े अंकल मुझे चोदने के लिए अपने बेटे और बहु के बेडरूम में ले आए और वहां के नर्म गद्दे पर मैं लेट गई.
उस बूढ़े अंकल ने मेरी टाँगे खोली और मेरी गरम चुत के सामने बैठ गया.
मैं कुछ कहती उसके पहले तो वो मेरी चूत को किसी आवारा कुत्ते की तरह चाटने लगे.
एक मिनिट में उसकी जबान मेरी क्लाइटोरिस को टच करने लगी थी.
मेरी तो जान ही निकल गई जैसे.
मैंने बूढ़े अंकल के के शरीर पर अपने नाखुनो से नोंच लिया.
वो और भी जोर जोर से मेरी चूत चूसने व चाटने लगा और साथ में उसने अपनी एक ऊँगली भी मेरी गरम चुत की छेद में घुसा दी.
वो मेरी गरम चुत को ऊँगली से चोद रहा था और चाट रहा था.
बाप रे ऐसे तो मुझे गगन ने भी कभी ओरल फिलिंग नहीं करवाई थी.
मैं आह्ह्ह अह्ह्ह अंकल अह्ह्ह्ह आह्ह्हह्ह करने लगी.
और वो था की चुपचाप अपने काम में लगा रहा.
उसने मस्त 10 मिनिट तक मुझे चूसा और मैं 2 बार झड़ भी गई.
जब वो उठा तो उसके मुहं और होंठो के ऊपर मेरे गरम चुत चाटने के निशान यानी की मेरी गरम चुत का पानी लगे हुए थे.
उसने सब चाट लिया.
फिर वो मेरे मुहं के पास आ खड़ा हुआ.
मैंने उसके लंड को देखा.
उसके छेद से प्रिकम निकल पड़ा था.
मैंने अमृत जैसी उस बूंद को अपने होंठो से चाटी.
यहाँ भी देखें>> मदन लाल अंकल बोला, चल रंडी अब तू मुझे चूस दे! साला इतना बड़ा डिमोशन, बेटी से रंडी! पर सेक्स में सब चलता हे! मैंने बूढ़े अंकल के जवान लंड को किसी रांड की तरह अपने मुह में लेकर सक करना चालू कर दिया.
वो बड़े ही मजे से आह आह कर रहा था.
एक मिनिट से कम समय में उनका वीर्य निकल पड़ा.
मैं मन ही मन बोलने लगी, बस यही थी इस कडक लंड की सीमा!फिर मैंने सोचा की शायद बहुत वक्त से इस बिचारे बूढ़े अंकल को चोदने के लिए लड़कियों की गांड या चूत नहीं मिली होगी, और वीर्य भी तो उसने छोटी शीशी भर जाए उतना निकाला था.
शायद एक जमाने से वो वीर्य उस बूढ़े अंकल के अंडकोष में भरा हुआ था! मैं बूढ़े अंकल के मुह से निकला सारा पानी पी गई.
वो बेड पर बैठ के बोले, आज सालों के बाद किसी जवान लड़की ने मुझे शांति दी हे! मन तो करता हे की तुम्हे अभी ही अपनी सब दौलत दे दूँ.
मैंने बूढ़े अंकल से कहा, अंकल दौलत नहीं चाहिए आप तो अपना जवान लंड ही डाल दो मेरी फुद्दी में.
मैं भी प्यासी हूँ किसी बूढ़े से चूदने के लिए.
वो बोले, रुक जाओ, अभी खड़ा करता हूँ और फिर मेरा हाथ पकड़ के उन्होंने लंड पकडवा दिया.
मैंने जरा सा हिलाया था की लंड में फिर से खलबली सी मच गई.
वो धीरे धीरे टाईट होने लगा था.
एक मिनिट से कम समय में वो खड़ा हो गया और मेरे हाथ से लम्बा हो गया.
अंकल का लंड कम से कम 7 इंच का था और मेरी हथेली होगी साढ़े 6 इंच की.
बूढ़े अंकल जी ने कहा चलो टाँगे खोलो अपनी आज तुम्हारी चुत के चीथडे उड़ा डालूँगा.. मैंने ऐसा ही किया और मेरी चुत चोदने के लिए बूढ़े अंकल अपना लम्बा मोटा लंड ले के मेरी टांगो के बिच में बैठ गए.
और उन्होंने उसे एक धक्के में मेरी फुद्दी में प्रवेश करवा दिया.
मैं जूठ नहीं बोलूंगी लेकीन मुझे बहुत दर्द हुआ.
लेकिन बूढ़े से चुदने की फेंटसी ने दर्द का उतना अहसास नहीं होने दिया.
उसने मेरे अपने होंठो को लगा दिया था.
ब्रैस्ट पर दोनों हाथ थे और निचे लंड से वो धक्के लगा रहा था.
मैं भी फुल एन्जॉय कर रही थी.
उसने कम से कम 20 मिनिट तक ऐसे ही हार्डकोर चुदाई करी मेरे साथ.
अब मै कुछ नयी सेक्स पोजीशन आजमाना चाहती थी तो मैंने कहा, अंकल चलो सेक्स पोजीशन बदलते हे.
वो बोला कुतिया बनोगी क्या बेटी डौगी सेक्स पोजीशन में चुदवाने के लिए..? मैंने कहा आप की रंडी हूँ मैं तो आप चाहो वो बन जाउंगी.
मदन लाल अंकल बोले, चल छिनाल जल्दी से अपनी गांड पसार दे और मेरी कुतिया बन जा.
मैं अंकल से डौगी सेक्स पोजीशन में चुदवाने के लिए कुतिया बन गई.
यहाँ भी देखें>> अंकल ने पीछे से अपना लम्बा मोटा लंड मेरी गरम गरम चुत में डाला और मुझे चोदने लगे चुदाई के दौरान फक फक की आवाज आने लगी.
वो इतनी जोर से चोद रहे थे की लंड सीधे बच्चेदानी से लग रहा था.
कसम से ऐसा चुदने का मजा लाइफ में पहले कभी नहीं आया था.
कुतिया बना के भी उन्होंने मुझे डौगी सेक्स पोजीशन में करीब 10-15 मिनिट तक बहुत बुरी तरह से चोदा था.
जैसे ही उनका माल निकलने को हुआ तो उन्होंने फटाक से अपने को उन्होंने मेरी से बाहर निकाला.
मेरी गांड पर रख के दबाया तो लंड के अन्दर से गर्म गर्म पानी निकल के मेरे बम्स पर बह गया बड़ी ही होर्नी फिलिंग थी एक बूढ़े के वीर्य को अपनी मोटी गांड पर निकलवाने की! मैं अंकल के साथ सेक्स करके पूरी तरह से. तृप्त हो गई थी और अंकल भी मेरी चुदाई करके बहुत खुश हो चुके थे.
सेक्स खत्म करने के बाद हम दोनों ने अपने अपने नंगे जिस्म पर कपड़े पहने और हॉल में आ के बैठ गए!
स्रोत:इंटरनेट