. तभी मेरे बॉयफ्रेंड ने मेरी ब्रा और पेंटी को निकाल दिया और मैं उसके सामने पूरी जन्मजात जैसी नंगी हो गयी.
मैं लज्जा से अपनी चूची और चूत को छुपा रही थी, लेकिन मेरी चूचियां बहुत बड़ी हैं, इसलिए वो मेरे लाख कोशिशों के बावजूद भी छुप नहीं पा रही थीं.
मेरा बॉयफ्रेंड एकदम से कामुक हो उठा और मेरी एक चूची को दबाने लगा.
मुझे उसकी हरकतों से चुदास चढ़ने लगी और मैंने अपना पूरा शरीर ढीला छोड़ दिया.
उसने मुझे अपनी बाँहों में लेकर बिस्तर पर पटक दिया और मेरे ऊपर आकर मेरी चूची को दबाने और मसलने लगा.
फिर वो मेरी एक चूची को चूसने लगा.
हम दोनों ही लोग पूरे नंगे हो कर चुदाई के पहले के फोरप्ले में लगे थे.
हम दोनों एकदम से बेताबी से एक दूसरे के ऊपर आकर किस कर रहे थे.
वो कभी मेरे ऊपर आकर मुझे किस कर रहा था, तो मैं कभी उसके ऊपर जाकर उसको किस कर रही थी.
वो कुछ देर मेरी चूची को चूसने के बाद मेरे कान की लौ को चाटने लगा.
मैं कामुक हो गयी थी और चुदासी आवाजें निकाल रही थी.
वो मेरे कान की लौ को चाटने के बाद मेरे पेट को चाटने लगा और उसके बाद मेरी नाभि को चाटने लगा.
उसके बाद वो मेरी जांघों को चाटने लगा.
वो धीरे धीरे करके मेरे पूरे जिस्म को चाट रहा था.
मैं भी उसको किस करे जा रही थी.
उधर वो मेरी जांघों को चाटने के बाद मेरी चूत को चाटने लगा.
वो मेरी चूत को बहुत अच्छे से चाट रहा था.
मैंने उससे पूछा कि क्या तुमको चूत चाटने में ज्यादा मजा आता है? उसने बताया कि हां मैं अपनी भाभी को चोदता आया हूँ.. मेरी भाभी ने ही मुझे चूत चूसना और चाटना सिखाया था.
मुझे उसके चूत चाटने का अंदाज बहुत पसंद आया.
वो मेरी चूत को चाटने के बाद मुझे अपना लंड चूसने के लिए बोला.
पहले तो मैं उसको मना करने लगी.
वो कुछ नहीं बोला और मेरी चूत को चाटने लगा.
उसके बाद उसने अपने लंड पर डॉटेड कंडोम लगा लिया.
उसने लंड पर कंडोम लगा कर मेरी चूत में डाल दिया.
उसने अपना लंड आधा ही मेरी चूत में डाला था, तो मुझे दर्द होने लगा.
उसके लंड का टोपा बहुत मोटा था.
मुझे बहुत दर्द हो रहा था, तो मुझे तड़फन हो रही थी.
उसने मुझे दर्द से कराहते हुए देखा, तो वो बोला कि जान कुछ देर झेल लो.. मैं धीरे धीरे चोदूंगा.
मैंने उसके लंड को झेल लिया और वो मुझे धीरे धीरे चोदने लगा.
फिलहाल वो मुझे अपने आधे लंड से ही चोद रहा था.
मैं सिसकारियां ले रही थी.
आज मैं पहली बार अपने बॉयफ्रेंड से चुदवा रही थी.
उसका लंड काफी मोटा और लम्बा था, जिस वजह से मैं दर्द से चिल्ला रही थी.
वो मेरे दर्द को समझ तो रहा था लेकिन वो इस बात को जानता था कि एक बार लंड के एडजस्ट होते ही दर्द खत्म हो जाएगा.
इसीलिए वो मुझे बिना रुके चोदे जा रहा था.
कुछ ही देर बाद हम दोनों लोग की चुदाई से पूरा रूम में आवाजें गूँज रही थीं.
मेरी हालत ख़राब हो गई थी.
मेरे बिस्तर की चादर भी ख़राब हो गई थी.
इससे पहले जिस सोफे पर हम दोनों ने ओरल सेक्स किया था, उसका कवर भी ख़राब हो गया था.
दस मिनट की चुदाई में मुझे उसके साथ चुदने में मजा आने लगा और मेरा दर्द जाता रहा था.
उसके मोटे लंड ने मेरी चूत में अपनी जगह बना ली थी.
अब हम दोनों लोग रूम में घूम घूम कर चुदाई का मजा ले रहे थे.
वो कभी मुझे बिस्तर पर लिटा कर चोद रहा था, तो कभी सोफे पर घोड़ी बनाकर चोद रहा था.
हम दोनों धकापेल सेक्स कर रहे थे और एक दूसरे को किस भी कर रहे थे.
हम दोनों चुदाई करते करते इतनी मदहोशी में डूब गए थे कि हम दोनों को ये भी पता नहीं चला कि शाम कब हो गयी.
वो तो मेरी निगाह दीवार पर लगी घड़ी पर चली गई, तब मुझे टाइम का अहसास हुआ.
मेरी नौकरानी भी कुछ देर में आने वाली थी.
हालांकि मैंने उसे कहा था कि वो मेरे फोन करने के बाद ही आए.
जिस वजह से मैं कुछ ज्यादा चिंतित नहीं थी.
तब भी मुझे उसका ध्यान रखना ही था.
उधर मैं उसके आने की सोच में डूबी थी और इधर अभी हम दोनों चुदाई में मस्त थे और अभी तक हम दोनों का पानी सिर्फ दो बार ही निकला था.
हम दोनों का दो बार की चुदाई से मन नहीं भरा था.
लेकिन थक जाने के कारण हम बिस्तर पर लेट गए.
वो मेरे ऊपर आकर चढ़ गया.
कुछ पलों बाद ही चुदास फिर से चढ़ गई.
उसने अपना पूरा लंड मेरी चूत में डाल दिया.
अपना पूरा लंड मेरी चूत में डालने के बाद वो मेरी चूत को चोदने लगा.
करीब बीस मिनट तक हम दोनों चुदाई करते हुए झड़ गए और हम दोनों का पानी निकल गया.
वो मुझे चोदने के बाद मेरे ऊपर ही ढेर हो गया.
कुछ देर तक हम ऐसे ही एक दूसरे के ऊपर पड़े रहे.
उसके बाद मैंने उठा कर खुद को साफ़ किया और बिस्तर सोफे आदि को ठीक किया.
अब तक वो भी बाथरूम में जाकर खुद को ठीक कर चुका था.
मैं उसके लिए किचन में कॉफ़ी बनाने के लिए चली गयी.
फिर हम दोनों ने साथ बैठ कर कॉफ़ी पी.
उसके बाद मैंने अपने बॉयफ्रेंड को जाने के लिए बोला, तो वो मुझे किस करने के बाद अपने घर चला गया.
अब रास्ता खुल चुका था, सो हम दोनों को जब भी मौका मिलता था, तो सेक्स का मजा कर लेते थे.
मेरी नौकरानी को इस बात का पता भी नहीं चलता था कि मैं अपने बॉयफ्रेंड को अपने घर बुलाकर चुदवाती हूँ.
हम दोनों लोग सेक्स का खूब मजा लेते थे.
आज भी हम मौका मिलते ही सेक्स कर लेते हैं.
हम दोनों को सप्ताह में एक बार सेक्स करने का मौका मिल जाता है.
मेरे घर के सब लोग संडे को बाहर घूमने के लिए जाते हैं.
उसी वक्त मैं अपने बॉयफ्रेंड को अपने घर बुलाकर उससे चुदवा लेती हूँ.
आप सबको मेरी ब्वॉयफ्रेंड के साथ चुदाई की कहानी कैसी लगी.
आप सब मुझे मेल करके बताएं.
यदि आप सबके अच्छे मेल मिले और आपको मेरी कहानी अच्छी लगी.
मैं अपनी अगली कहानी आपको बहुत जल्दी बताउंगी.
[email protected]
स्रोत:इंटरनेट