. बड़े भैया का गधे जैसा लंड देख बहन की साँसे ही रुक गई मेरे बड़े भैया उम्र में मेरे से दो साल बड़े है और जहाँ तक मुझे जानकारी है उनकी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है.
एक दिन मैं दोपहर मे खाली अपने बैडरूम मे बैठी इन्टरनेट पर ब्लू फिल्म देख रही थी और उस ब्लू फिल्म को देखते देखते मेरी पूरी चूत गिली हो गयी और मुझे मेरी प्यासी चूत में किसी मर्द का गधे जैसा लम्बा मोटा लंड लेने का और उसके साथ खूब. सेक्स करने का दिल करने लगा.
गधे जैसा लंड मेरे पापा का था मगर मैं उनसे चुदवाने के बारे में कल्प्लना करने के अलावा कुछ भी नहीं कर सकती थी.
मुझ स्कूल में पढ़ने वाली बच्ची के शैतानी दिमाग के घोड़े दौड़े की जब पापा का लंड गधे के लंड का जैसा तगड़ा है तो हो सकता है की बड़े भैया का भी गधे जैसा लंड हो.
मैने मन ही मन सोचा की क्यों ना बड़े भैया को ही सेक्स चड़ा कर अपनी चूत की चुदाई के लिये राजी किया जाए.
भैया को भी तो मन करता होगा किसी लड़की की चूत में अपना गधे जैसा लंड पेलने का किसी की गांड मारने का.
अगर भैया पट गये तो मेरी चूत चुदाई का काम भी हो जाएगा और भैया की चूत चोदने की तमन्ना भी पुरी हो जायगी वो भी घर बैठे बैठे.
मेरे बड़े भैया का गधे जैसा लंड था इस बात की तस्सली मैं कर ली थी जब वो गहरी नींद में सो रहे थे तब मैंने उनका लंड पेंट के उप्पर से थी दबाकर देख लिया था.
उनका लंड सात इंच लम्बा है और तिन इंच मोटा है और वो देखने मे काफ़ी स्मार्ट हैं और मेरी बहुत सारी फ्रेंड्स उन्हे लाइन मारती है, हमलोग शुरू से ही बहुत क्लोज़ रीलेशन मे बाते करते हैं लेकिन सेक्स को लेकर हम भाई बहन के बिच कभी कोई बात नहीं हुई थी.
तो मैने सोचा की मेरे भैया भी घर पर ही हैं तो क्यों ना आज सेक्स की बातें करने की कोशिक करी जाए.
मैं अपने रूम से बाहर आई.
भैया ड्रॉयिंग रूम मे ही सोफे पे सो रहे थे और टीवी ऑन था.
ऐसा लग रहा था भैया टीवी देखते देखते सो गये हैं.
टीवी पर बी ग्रेड वाली सेक्सी फिल्म चल रही थी और उस बी ग्रेड वाली फिल्म में काफ़ी बोल्ड सीन थे.
मैने मेरे भैया को आवाज़ दी लेकिन वो उठे नही तो मैने उन्हे थोड़ा हिलाया फिर भी वो नही उठे मुझे लगा वो बहुत ही गहरी नींद मे सो रहे हैं.
सोते हुए भी उनके पैंट पे उभार बना हुआ था.
इट मीन्स भैया भी कोई सेक्सी सपना देख रहे हो.
मैं तो उनके गधे जैसे लम्बे मोटे लंड के उभार को देखकर मचल सी गई और मेरी कुंवारी चुत और भी ज्यादा पानी छोड़ने लगी.
मैने धीरे से अपना हाथ भैया के उभार पे रखा और तुरंत हटा लिया.
फिर मैने भैया को देखा.
मेरे बड़े भैया आराम से सो रहे थे.
तो मेरी हिम्मत थोड़ी बढ़ गई और मैने फिर से उभार को टच किया.
और पहली बार भाई के लंड को आछे से फील किया उनके लंड का साइज़ काफ़ी बड़ा था.
लगभग सात इंच और काफ़ी मोटा भी था.
मेरी तो चुत पूरी गीली हो गई और पानी जाँघो पे बहने लगा.
धीरे से हिम्मत करके मैं भैया का बेल्ट ओपन किया और पैंट और अंडरवेर को थोड़ा नीचे करके उनके लंड का दर्शन किया.
भैया ने अपनी झांते सॉफ की हुए थी.
उनका लंड बड़ा ही सुंदर दिख रहा था.
दोस्तों पहली बार मेरे बड़े भैया का गधे जैसा लंड देख स्कूल में पढ़ने वाली मुझ कुंवारी बहन की साँसे ही रुक गई थी.
भैया अभी भी गहरी नींद में सो रहे थे.
उनका गधे जैसा लम्बा मोटा लंड इतना तगड़ा था की मेरे दोनो हातो मे भी नही आ रहा था.
मैने सोचा आज तो भैया का ये गधे जैसा लंड अपनी गांड और चूत में डलवा कर ही दम लुंगी चाहे इसके लिए मुझे कुछ भी क्यों ना करना पड़ जाए.
मुझे बर्दाश्त नही हुआ मैने मेरे बड़े भैया के लम्बे मोटे लंड पर पप्पी करी और उनके गधे जैसा लंड अपने मुँह में लेकर धीरे धीरे चूसने लगी और ब्लोजॉब करने लगी.
उनका लंड बहुत बड़ा और मोटा था इस कारण से वो थोड़ा ही मेरे मुँह के अंदर जा रहा था.
लंड चूसना तो मुझे पहले से ही पसंद था तो मैं ब्लोजॉब करते करते खो सी गई थी और मैने इतना भी नही सोचा अगर मेरे बड़े भैया उठ गये तो क्या होगा.
थोड़ी देर बाद मुझे भैया का ख़याल आया मगर तब तक तो वो उठ चुके थे और मुझे ब्लोजॉब करते हुए देख रहे थे.
मेरे बड़े भैया ने मुझे कुछ भी नही बोला तो फिर मैने फिर से उनका लम्बा मोटा लंड अपने मुँह में लेकर किसी कुंवारी रांड की तरह से चूसना शुरू कर दिया.
शायद मेरे बड़े भैया को मुझ कुंवारी बहन से अपना गधे जैसा लंड चुसवाना बहुत अच्छा लग रहा था.
अब मै कुंवारी बहन पूरे मज़े लेके लंड चूस रही थी वो जितना अंदर जा सकता था मैं ले रही थी वो बार बार मेरे गले से टकरा रहा था जिस वजह से मुझे बार बार खांसी आ रही थी और फिर भैया मेरी पीठ थप थपा रहे थे.
ब्लोजॉब के दौरान मेरे बड़े भैया मेरे घने काले बालों को भी सहला रहे थे और लंड को पूरा मेरे मूह मे डालने की कोशिश कर रहे थे.
भैया से अब बर्दाश्त नही हो रहा था उनकी भी अब कामवासना बढती ही जा रही थी.
उन्होने मुझे अपने उपर लिया और मेरे सेक्सी जिस्म पर पागलों की तरह से चुम्मा चाटी करने लगे.
मैं कुंवारी बहन भी अपने बड़े भाई की चुम्मा चाटी का जवाब बड़े अच्छे से दे रही थी.
उन्होने मेरी पूरी जीभ को अपने मूह मे लेके चूसना शुरू किया.
काफ़ी देर तक किस्सिंग करने के बाद भैया ने मेरे टॉप को उतार दिया.
मैं स्कूल गर्ल जब घर मे रहती थी तब अपने मोटे मोटे बूब्स पर ब्रा नही पहनती थी इस कारण से टॉप खुलते ही मेरे दोनों मोटे मोटे बूब्स खुली हवा में आज़ाद हो गए और भैया के चेहरे के सामने नंगे झूलने लगे.
बड़े भैया मेरे नंगे और मोटे मोटे बूब्स को झूलते देख पागल से हो गये और किसी जंगली जानवर की तरह मेरे झूलते हुए मोटे मोटे बूब्स को अपने दोनों हाथों से पकड़कर जोर जोर से दबाने लगे और उन्हों ने एक बूब्स को अपने हाथ से दबाना शुरू करा और दूसरे बूब्स को अपने मूह मे लेकर चूसने लगे.
भैया इतनी ज़ोर जोर से मेरे मोटे मोटे बूब्स को दबा रहे थे की मुझे बहुत तेज दर्द हो रहा था लेकिन मैने उन्हे बूब्स दबाने से मना नही किया और सेक्स के मज़े लेती रही.
अब लगा जैसे भैया को भी नही रहा जा रहा था मेरे बहन चोद भैया ने मुझे अपने सात इंच लम्बे लंड के उपर बैठा लिया और कमर पकड़ के एक बार मे ही पूरा सात इंच लम्बा लंड मेरी चुत मे डाल दिया.
मेरे बहन चोद भाई का गधे के लंड का जैसा सात इंच लम्बा लंड मेरी कुंवारी चूत में डालते ही मैं तो दर्द से कराह पड़ी.
मेरी गीली होने के बावजूद गधे के लंड का जैसा लम्बा मोटा लंड अंदर मेरी कुंवारी चूत में जाते ही मुझे ऐसा महसूस हुआ जैसे कोई गरम रोड मेरी चूत के अंदर जा रहा है और अंदर मेरी बच्चेदानी को जख्मी कर रहा है.
और भैया नीचे से मेरी चूत में जोर जोर से धक्के देने लगे.
चोदने के बाद भैया ने सेक्स पोज़िशन चेंज करी.
मेरे भैया ने मुझे सोफे पे लिटा दिया और मेरे दोनो पैरो को अपने कंधो पे रख कर अपना सात इंच लम्बा लंड मेरी चूत में डाल कर मुझे ज़बरदस्त चोदने लगे.
उनका लंड पूरे अंदर तक जा रह था.
ऐसे लग रहा था जैसे वो मेरी बच्चेदानी को टच हो रहा है.
फिर कुछ देर चोदने के बाद उन्होने लंड मेरी चुत से निकाला और मेरे मूह मे दे दिया.
इतने देर चोदने के बाद भी बहन चोद भैया का विर्य अभी तक नही निकला था.
फिर कुछ देर चुसवाने के बाद बहन चोद भैया ने मुझे टेबल पे सुला दिया और बड़े मजे से मुझे अपने गधे जैसे तगड़े लंड से चोदने लगे.
इसबार उनकी चुदाई करने की स्पीड कुछ ज़्यादा ही थी जिस कारण उनके लंड से चुदवाने में बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था मगर मुझे दर्द के साथ साथ आनंद की भी प्राप्ति हो रही थी.
कुछ देर तक मेरी कुंवारी चूत को अपने तगड़े लंड से चोदने के बाद मेरे बहन चोद भैया ने अपना पूरा माल मेरी जख्मी चूत के अंदर ही निकाल दिया.
मैं तो आज पूरी तरह तृप्त हो चुकी थी मेरे बड़े भैया के गधे जैसे लंड से चुदवाकर.
दोस्तों अगले दिन भैया ने अपने गधे के जैसे लंड से गांड भी मारी थी खैर वो वाली हिंदी सेक्स स्टोरी अगले भाग में शेयर करुँगी…
स्रोत:इंटरनेट