. उसने बिना कुछ कहे शॉर्ट्स को नीचे कर दिया.
अब मेरी आंखों के सामने एक गोल चिकनी गुलाबी गांड थी और उसके नीचे से झांकती एक बंद होंठों वाली मुनिया.
मैंने जीभ से नैना की मुनिया से लेकर गांड तक एक बार ज़ोर से चाट लिया, तो नैना एकदम से उछल पड़ी और बोली- आह चाचू क्या कर रहे हो … ये तो चीटिंग है.
मैंने कहा- हद है यार.. मैं तो तुझे मज़ा दे रहा था.
कोई बात नहीं, तुझे नहीं अच्छा लगता, तो नहीं करूंगा.
वो बोली- मैंने कब कहा कि अच्छा नहीं लगा? मैं तो कह रही थी कि बता तो देते करने से पहले.
मैं समझ गया कि तीर निशाने पर लग गया.
मैंने उसकी चूत को चाटना जारी रखा.
अब उसने उत्तेजित हो कर अपनी चूत को मेरे मुँह पर दबाना शुरू कर दिया.
उधर उसने लगभग मेरा आधा लंड मुँह में ले कर अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया.
उसके मुँह से थूक बह कर मेरे लंड को सराबोर कर रहा था, पर वो उसी थूक को ले कर दोनों हाथों से मेरे लंड की मसाज कर रही थी.
वो बिल्कुल एक्सपर्ट रंडी की तरह मुझे ब्लोजॉब दे रही थी.
अब मेरी भी रफ्तार बढ़ चुकी थी और चूत रस से पूरी चिकनी हो कर चमक रही थी.
तभी मैंने मौका देख कर नैना को पलट दिया और अब मैं ऊपर और नैना मुँह में लंड लिए मेरे नीचे आ गई.
अब मैंने शर्म छोड़ी और घूम के नैना के मुँह की तरफ घूम गया.
वो अपनी बड़ी बड़ी आंखों से सवालिया तौर पर मुझे देख रही थी.
मैंने अपने होंठ उसके होंठ से चिपका दिए और अपना लंड धीरे धीरे उसकी पूरी तरह से गीली चूत पर घिसने लगा.
मैंने उसकी टी-शर्ट ऊपर उठाई और उसके खूबसूरत कबूतरों की चोंच अपने मुँह में भर ली.
वो सिसकारी भरने लगी और बड़बड़ाने लगी- ओह चाचू मत करो … ये ग़लत है स्सस आह चाचू प्लीज़ रुक जाओ.
पर मैं कहां रुकने वाला था, मैंने कहा- नैना मेरी जान आज मैं तुम्हें इस ज़िन्दगी का सबसे बड़ा मज़ा दूंगा.
पर पहले थोड़ा दर्द होगा.
तुम रेडी हो? उसने मेरी आंखों में देख के कहा- चाचू आप मेरे अच्छे चाचू हो ना … तो दर्द क्यों दोगे मुझे? मैंने कहा- बच्चा ये नेचुरल प्रोसीजर है, पहले दर्द फिर सबसे बड़ा मज़ा.
उसने कहा- ठीक है, पर आराम से करना.
मैंने थूक ले के लंड के सुपारे पर चुपड़ा और उसे नैना की चूत पर टिका दिया.
मैंने नैना के होंठ अपने होंठों में दबाया और एक झटका दिया.
वो छटपटाई, पर मैंने उसे दबाए हुए ही दूसरा झटका दे दिया.
अब मैं यूं ही शांत उसके ऊपर लेटा रहा.
जब वो थोड़ा शांत हुई, तो मैंने अपने लंड को थोड़ा थोड़ा आगे पीछे करने लगा.
नैना अब भी कसमसा रही थी.
वो आंखों से मुझसे छोड़ देने की मिन्नत कर रही थी.
मैंने अब लंड को थोड़ा ज्यादा बाहर खींच के अन्दर डालना शुरू किया.
लगभग 3-4 मिनट ऐसा करने पर अब नैना भी हिल रही थी और मेरे ताल से अपनी ताल मिलने की कोशिश कर रही थी.
जब मैंने उसके होंठ छोड़ दिए तो वो एकदम से बोली- उम्म्ह… अहह… हय… याह… चाचू आपने तो जान निकाल दी मेरी.
आप बड़े गंदे हो.
मैंने कहा- अभी 5 मिनट में तुम उल्टा बोलोगी.
अब मैंने अपनी स्पीड बढ़ाई और कमरे में चप चप घप घाप की आवाज़ गूंजने लगी.
नैना भी नीचे से गांड हिला के ज़ोर शोर से साथ दे रही थी और लगातार हम्म्म आहअ स्स सिस्स म्मम इयाहह जैसी आवाज़ निकाल रही थी.
फिर उसने मुझे पकड़ा और खुद ऊपर आ गई.
अब वो मेरे लंड पर पूरी ताकत से उछल रही थी.
मेरा लंड शायद उसकी टाईट चूत से छिल गया था और दर्द हो रहा था, पर मज़ा इतना ज्यादा था कि दर्द भूल गया था.
उसकी हिलती हुई खूबसूरत चूचियां सपने जैसा एहसास दे रही थीं.
मैंने बोला- नैना, मैं झड़ने वाला हूं.
वो एकदम से रुक गई और बोली- झड़ने का मतलब क्या? चाचू आपको सूसू आ रहा है क्या? मैंने कहा- नहीं बेवकूफ … मेरा सीमन गिरने वाला है.
वो बोली- अभी रोको मत … मुझे बहुत अजीब सी गुदगुदी हो रही है.
अन्दर लग रहा है, जैसे कुछ निकलेगा अन्दर से.
मैंने कहा- वही तो मेरे साथ भी है.
तो वो बोली- फिर क्यों रोक रहे हो? मैंने बोला- तू प्रेगनेंट हो जाएगी तो.
वो बोली- मैं कोई मेडीसिन ले लूंगी, आप बस रोको मत.
वो फिर से गांड उछालने लगी.
कोई 15-20 झटकों के बाद नैना आआह ऊ उ उ ओ ओ हह करके मेरे सीने से चिपक गई.
मेरे नागराज ने भी उसकी चूत को पिचकारियों से सफेद रंग से भर दिया.
मेरी ज़िन्दगी में इतना वीर्य कभी नहीं निकला था.
फिर 15-20 सेकंड तक रुक रुक के मेरा वीर्य निकलता रहा.
मैंने नैना को अपने ऊपर से हटाया और एक टिश्यू ले कर जब उसकी चूत को देखा, तो वो फूल के अब भी मेरे वीर्य को उगल रही थी.
फिर हम दोनों उसी तरह चिपक के से गए.
सुबह जब भाभी ने पूछा कि नैना तू लंगड़ा क्यों रही है? तो उसने बहाना कर दिया कि कल रात पैर मोच गया था.
अब जब भी मैं भैया के यहां जाता हूं.
तो अपनी भानजी नैना के साथ चुदाई का मज़ा लेता हूं.
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स्रोत:इंटरनेट