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भाई ने थ्रीसम सेक्स करा अपनी बहन और चुदक्कड़ पत्नी के साथ हिन्दी सेक्स स्टोरी

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भाई ने थ्रीसम सेक्स करा अपनी बहन और चुदक्कड़ पत्नी के साथ हिन्दी सेक्स स्टोरी 1

. भाई ने थ्रीसम सेक्स करा अपनी बहन और चुदक्कड़ पत्नी के साथ हिन्दी सेक्स स्टोरी गाल दबाने से 18 साल की जवान राधिका का मुंह खुल गया और ब्रिजेश पंवार ने उसमें अपना सुपाड़ा घुसेड़ दिया.
सुपाड़ा बड़ा था इस लिये 18 साल की जवान राधिका को अपना मुंह पूरी तरह खोलना पड़ा.
पर सुपाड़ा अन्दर जाते ही उसे इतना मजा आया कि मुंह बंद कर के वह उसे एक बड़े लॉलीपॉप जैसे चूसने लगी.
ब्रिजेश पंवार ने एक सुख की आह भरी, अपनी छोटी बहन के प्यारे मुंह का स्पर्श उसके लंड को सहन नहीं हो रहा था.
“हाय चुदक्कड़ सविता, मैं झड़ने वाला हूं इस छोकरी के मुंह मे.
निकाल लू लौड़ा? आगे का काम शुरू करते हैं.
”चुदक्कड़ सविता को मालूम था कि उसका बहन चोद पति ब्रिजेश पंवार अपनी छोटी बहन की गांड मारने को लालायित है.
उसने जब अपने पति देव के लंड का साइज़ देखा तो समझ गई कि अगर झड़ाया नहीं गया और इसी लंड से बच्ची की गांड मारी गई तो जरूर फ़ट जाएगी.
इसलिये वह भी बोली.
“ऐसा करो, मुट्ठ मार लो 18 साल की जवान राधिका के मुंह मे, उसे भी जरा इस गाढ़े गाढ़े वीर्य का स्वाद चखने दो.
मै तो रोज ही पीती हूं, आज मेरी ननद को पाने दो यह प्रसाद.
”ब्रिजेश पंवार दीवाना हुआ जा रहा था.
उसने एक हाथ से 18 साल की जवान राधिका के सिर को पकड़ कर सहारा दिया कि धक्कों से आगे पीछे न हो और दूसरे हाथ से लंड का डण्डा मुट्ठी में लेकर जोर जोर से आगे पीछे करता हुआ हस्तमैथुन करने लगा.
मुंह में फ़ूलता सिकुड़ता लज़ीज़ सुपाड़ा उस किशोरी को इतना भाया कि जीभ रगड़ रगड़ कर आंखे बन्द कर के वह उस रसीले फ़ल को चूसने लगी.
ब्रिजेश पंवार को इतना सुख सहन नहीं हुआ और पांच ही मिनिट में वह एकदम स्खलित हो गया.
“हा ऽ य री ऽ प्यारी बच्ची, तूने मुझे मार डाला, चुदक्कड़ सविता रानी, यह तो चूसने में उस्ताद है, ऊ ऽ आह ऽ ऽ ” 18 साल की जवान राधिका मलाई जैसा गाढ़ा गरम गरम वीर्य बड़े स्वाद से निगल रही थी.
पहली बार वीर्य निगला और वह भी बड़े भाई का! ब्रिजेश पंवार का उछलता लंड उसने आखरी बूंद निकलने तक अपने मुंह में दबाए रखा जब तक वह सिकुड़ नहीं गया.
18 साल की जवान राधिका भी अबतक चुदक्कड़ सविता के चूसने से कई बार झड़ गई थी.
चुदक्कड़ सविता चटखारे ले लेकर उसकी बुर का पानी चूस रही थी.
ब्रिजेश पंवार बोला “चलो, बाजू हटो, मुझे भी अपनी बहन की चूत चूसने दो.
” 18 साल की जवान राधिका मस्ती में बोली “हां भाभी, भैया को मेरी बुर का शरबत पीने दो, तुम अब जरा मुझे अपनी चूत चटाओ भाभी, जल्दी करो ऽ ना ऽ” वह मचल उठी.
चुदक्कड़ सविता उठी और उठ कर कुर्सी में बैठ गई.
अपनी भरी पूरी गुदाज टांगें फ़ैला कर बोली “आ मेरी रानी, अपनी भाभी की बुर में आ जा, देख भाभी की चूत ने क्या रस बनाया है अपनी लाड़ली ननद के लिये.
”18 साल की जवान राधिका उठकर तुरंत चुदक्कड़ सविता के सामने फ़र्श पर बैठ गई और भाभी की बुर अपने हाथों से खोलते हुए उसे चाटने लगी.
उस कोमल जीभ का स्पर्श होते ही चुदक्कड़ सविता मस्ती से सिसक उठी और 18 साल की जवान राधिका के रेशमी बालों में अपनी उंगलियां घुमाती हुई उसे पास खींच कर और ठीक से चूसने को कहने लगी.
“हाय मेरी गुड़िया, क्या जीभ है तेरी, चाट ना, और मन भर कर चाट, जीभ अन्दर भी डाल ननद रानी, असली माल तो अन्दर है.
” 18 साल की जवान राधिका के अधर चाटने से चुदक्कड़ सविता कुछ ही देर में झड़ गई और चुदासी की प्यासी 18 साल की जवान राधिका के लिये तो मानों रस की धार उसकी भाभी की बुर से फ़ूट पड़ी.
ब्रिजेश पंवार अब तक 18 साल की जवान राधिका के पीछे लेट गया था.
सरककर उसने 18 साल की जवान राधिका के नितम्ब फ़र्श पर से उठाये और अपना सिर उसके नीचे लाकर फ़िर से 18 साल की जवान राधिका को अपने मुंह पर ही बिठा लिया.
उसकी रसीली चूत चूसते हुए वह अपनी छोटी बहन के नितम्ब प्यार से सहलाने लगा.
18 साल की जवान राधिका तो अब मानों काम सुख के सागर में गोते लगा रही थी.
एक तरफ़ उसे अपनी भाभी की बुर का रस चूसने मिल रहा था और दूसरी ओर उसके भैया उसकी चूत चूस रहे थे.
वह तुरंत झड़ गई और मस्ती में ऊपर नीचे होते हुए ब्रिजेश पंवार को अपनी बुर का रस पिलाते हुए उसका मुंह चोदने लगी.
ब्रिजेश पंवार ने अपनी जीभ कड़ी करके उसकी चूत में एक लंड की तरह डाल दी और उस कमसिन चूत को चोदने लगा.
साथ ही अब वह धीरे धीरे 18 साल की जवान राधिका के कसे हुई मुलायम चूतड़ों को प्यार से सहलाने लगा.
सहलाते सहलाते उसने नितम्बों के बीच की लकीर में उंगली चलाना शुरू कर दी और हौले हौले उस कोमल गांड का जरा सा छेद टटोलने लगा.
ब्रिजेश पंवार अब यह सोच कर दीवाना हुआ जा रहा था कि जब उस नन्ही गांड में उसका भारी भरकम लंड जायेगा तो कितना मजा आयेगा पर बेचारी 18 साल की जवान राधिका जो अपने भाई के इस इरादे से अनभिज्ञ थी, मस्ती से चहक उठी.
गांड को टटोलती उंगली ने उसे ऐसा मस्त किया कि वह और उछल उछल कर अपने भाई का मुंह चोदने लगी और झड़कर उसे अपनी बुर से बहते अमृत का प्रसाद पिलाने लगी.
18 साल की जवान राधिका आखिर बार बार झड़कर लस्त पड़ने लगी.
18 साल की जवान राधिका के मुंह में झड़ने के बावजूद चुदक्कड़ सविता की बुर अब बुरी तरह से चू रही थी क्योंकि वह समझ गई थी कि बच्ची की गांड मारने का समय नजदीक आता जा रहा है.
18 साल की जवान राधिका अब पूरी तरह से तृप्त होकर हार मान चुकी थी और अपने भाई से प्रार्थना कर रही थी कि अब वह उसकी बुर न चूसे.
“भैया, छोड़ दो अब, अब नहीं रहा जाता, बुर दुखती है तुम चूसते हो तो, प्लीज़ भैया, मेरी चूत मत चाटो अब.
” राधिका को अपनी सविता भाभी की झांटे चाटने में बहुत आनंद आ रहा थाराधिका को अपनी सविता भाभी की झांटे चाटने में बहुत आनंद आ रहा था.
क्यों की उनकी झांटो के बाल बहुत बड़े बड़े और झाने थे एक दम घने जंगलो के जैसे.
चुदक्कड़ सविता ने 18 साल की जवान राधिका का सिर अपनी झांटो में खींच कर अपनी चूत से उसका मुंह बंद कर दिया और जांघों से उसके सिर को दबा लिया.
फ़िर बोली “डार्लिंग, तुम चूसते रहो जब तक मन करे, यह छोकरी तो नादान है, और उसकी गांड भी चूसो जरा, स्वाद बदल बदल कर चूसोगे तो मजा आयेगा”अगले दस मिनट ब्रिजेश पंवार 18 साल की जवान राधिका की बुर और गांड बारी बारी से चूसता रहा.
बच्ची की झड़ी चूत पर और नन्हे से क्लिट पर अब जब ब्रिजेश पंवार की जीभ चलती तो वह अजीब से सम्वेदन से तड़प उटती.
उसे यह सहन नहीं हो रहा था और बेचारी रोने को आ गई कि कब भैया उस पर तरस खाकर उसकी यह मीठी यातना समाप्त करे्गा.
वह कमसिन छोकरी मुंह बन्द होने से कुछ नहीं कर सकी, सिर्फ़ चुदक्कड़ सविता की बुर में घिगियाकर रह गई.
चुदक्कड़ सविता उसका लंड चूसने लगी.
चूसते चूसते ब्रिजेश पंवार से पूछा “क्यों, सूखी ही मारोगे या मक्खन लाऊं” ब्रिजेश पंवार मस्ती में बोला “सूखी मारने में बहुत मजा आयेगा मेरी जान” चुदक्कड़ सविता उस मोटे लंड को देखकर बोली “मैं तुमसे रोज गांड मराती हूं पर मुझे भी आज इस की साइज़ देखकर डर लगा रहा है, फ़ट जायेगी गाण्ड, मैं मक्खन लेकर आती हूं, आज चिकनी कर के मारो, अब तो रोज ही मारना है, सूखी बाद में चोद लेना”चुदक्कड़ सविता उठकर मक्खन लाने को चली गई.
ब्रिजेश पंवार प्यार से औंधी पड़ी अपनी छोटी बहन के नितम्ब सहलाता रहा.
लस्त 18 साल की जवान राधिका भी पड़ी पड़ी आराम करती रही.
उसे लगा चुदक्कड़ सविता और भैया में उनके आपस के गुदा सम्भोग की बातें चल रही हैं, उसे क्या लेना देना था.
बेचारी बच्ची नहीं जानती थी कि उस की गांड मारने की तैयारी हो रही है.
चुदक्कड़ सविता मक्खन लेकर आई और ब्रिजेश पंवार के हाथ मे देकर आंख मारकर पलंग पर चढ़ गई.
लेटकर उसने 18 साल की जवान राधिका को उठा कर अपने ऊपर औंधा लिटा लिया और उसे चूमने लगी.
18 साल की जवान राधिका के हाथ उसने अपने शरीर के गिर्द लिपटा लिये और अपनी पीठ के नीचे दबा लिये जिससे वह कुछ प्रतिकार न कर सके.
अपनी टांगो में 18 साल की जवान राधिका के पैर जकड़ लिये और उसे बांध सा लिया.
 राधिका की मुलायम गोरी गांड देखकर ब्रिजेश पंवार अब अपनी वासना पर काबू न रख सका18 साल की जवान राधिका की मुलायम गोरी गांड देखकर ब्रिजेश पंवार अब अपनी वासना पर काबू न रख सका.
वह उठा और 18 साल की जवान राधिका की कुंवारी गांड मारने की तैयारी करने लगा.
अब चुदक्कड़ सविता भी मजा लेने लगी.
उसने 18 साल की जवान राधिका से कहा.
“मेरी प्यारी ननद रानी, मैने तुझसे वायदा किया था ना कि भैया आज तुझे नहीं चोदेंगे” 18 साल की जवान राधिका घबरा गई.
चुदक्कड़ सविता ने उसे दिलासा देते हुए कहा.
“घबरा मत बिटिया, सच में नहीं चोदेंगे” फ़िर कुछ रुक कर मजा लेती हुई बोली “आज वे तेरी गांड मारेंगे”18 साल की जवान राधिका सकते में आ गई और घबरा कर रोने लगी.
ब्रिजेश पंवार अब पूरी तरह से उत्तेजित था.
उसने एक उंगली मक्खन में चुपड़ कर 18 साल की जवान राधिका के गुदा में घुसेड़ दी.
उस नाजुक गांड को सिर्फ़ एक उंगली में ही ऐसा दर्द हुआ कि वह हिचक कर रो पड़ी.
ब्रिजेश पंवार को मजा आ गया और उसने 18 साल की जवान राधिका का सिर उठाकर अपना लंड उस बच्ची को दिखाया.
“देख बहन, तेरी गांड के लिये क्या मस्त लौड़ा खड़ा किया है.
”उस बड़े महाकाय लंड को देखकर 18 साल की जवान राधिका की आंखे पथरा गई.
ब्रिजेश पंवार का लंड अब कम से कम आठ इंच लम्बा और ढाई इन्च मोटा हो गया था.
वह ब्रिजेश पंवार से अपनी चूत चुसवाने के आनन्द में यह भूल ही गई थी कि आज उस की कोमल कुंवारी गांड भी मारी जा सकती है.
ब्रिजेश पंवार ने उसका भयभीत चेहरा देखा तो मस्ती से वह और मुस्काया.
असल में उसका सपना हमेशा से यही था कि पहली बार वह 18 साल की जवान राधिका की गांड मारे तो वह जबर्दस्ती करते हुए मारे.
इसीलिये उसने 18 साल की जवान राधिका को बार बार चूसकर उसकी सारी मस्ती उतार दी थी.
उसे पता था कि मस्ती उतरने के बाद 18 साल की जवान राधिका सम्भोग से घबरायेगी और उस रोती गिड़गिड़ाते सुन्दर चिकनी लड़की की नरम कुंवारी गांड अपने शैतानी लंड से चोदने में स्वर्ग का आनन्द आयेगा.
चुदक्कड़ सविता भी अब एक क्रूरता भरी मस्ती में थी.
बोली “बहन, तेरी गांड तो इतनी नाजुक और सकरी है कि सिर्फ़ एक उंगली डालने से ही तू रो पड़ती है.
तो अब जब यह घूंसे जैसा सुपाड़ा और तेरे हाथ जितना मोटा लंड तेरे चूतड़ों के बीच जायेगा तो तेरा क्या होगा?”18 साल की जवान राधिका अब बुरी तरह से घबरा गई थी.
उसकी सारी मस्ती खतम हो चुकी थी.
वह रोती हुई बिस्तर से उठने की कोशिश करने लगी पर चुदक्कड़ सविता की गिरफ़्त से नहीं छूट पाई.
रोते रोते वह गिड़गिड़ा रही थी.
“भैया, भाभी, मुझे छोड़ दीजिये, मेरी गांड फ़ट जायेगी, मैं मर जाऊंगी, मेरी गांड मत मारिये, मैं आपकी मुट्ठ मार देती हूं, लंड चूस कर मैं आपको खुश कर दूंगी.
या फ़िर चोद ही लीजिये पर गांड मत मारिये”चुदक्कड़ सविता ने उसे दबोचा हुआ था ही, अपनी मांसल टांगें भी उसने 18 साल की जवान राधिका के इर्द गिर्द जकड़ लीं और 18 साल की जवान राधिका को पुचकारती हुई बोली “घबरा मत बेटी, मरेगी नहीं, भैया बहुत प्यार से मन लगा कर मारेंगे तेरी और फ़िर तुझे आखिर अब रोज ही मराना है.
हां, दर्द तुझे बहुत होगा और तू गांड पहली बार चुदते हुए बहुत छटपटायेगी इसलिये मैं तुझे पकड़ कर अपनी बाहों मे कैद रखूंगी.
” चुदक्कड़ सविता फ़िर ब्रिजेश पंवार को बोली.
“शुरू हो जाओ जी” और 18 साल की जवान राधिका का रोता मुंह अपने मुंह में पकड़ कर उसे चुप कर दियाब्रिजेश पंवार ने ड्रावर से चुदक्कड़ सविता की दो ब्रा निकालीं और एक से 18 साल की जवान राधिका के पैर आपस में कस कर बाम्ध दिये.
फ़िर उसके हाथ ऊपर कर के पन्जे भी दूसरी ब्रेसियर से बांध दिये.
“बहन ये ब्रा तेरी भाभी की हैं, तेरी मनपसंद, इसलिये गांड मराते हुए यह याद रख कि अपनी भाभी के ब्रेसियर से तेरी मुश्कें बांधी गई हैं.
” उसने 18 साल की जवान राधिका को बताया.
रोती हुई लड़की के पीछे बैठकर ब्रिजेश पंवार ने उसके चूतड़ों को प्यार करना शुरू किया.
उसका लंड अब सूज कर वासना से फ़टा जा रहा था पर वह मन भर के उन सुन्दर नितम्बों की पूजा करना चाहता था.
पहले तो उसने बड़े प्यार से उन्हें चाटा.
फ़िर उन्हें मसलता हुआ वह उन्हें हौले हौले दांतों से काटने लगा.
नरम नरम चिकने चूतड़ों को चबाने में उसे बहुत मजा आ रहा था.
18 साल की जवान राधिका के गोरे गोरे नितम्बों के बीच का छेद एक गुलाब की कली जैसा मोहक सा दिख रहा था.
ब्रिजेश पंवार ने अपने मजबूत हाथों से उसके चूतड़ पकड़ कर अलग किये और अपना मुंह उस गुलाबी गुदा द्वार पर जमा कर चूसने लगा.
अपनी जीभ उसने पूरी उस मुलायम छेद में डाल दी और अन्दर से 18 साल की जवान राधिका की गांड की नरम नरम म्यान को चाटने लगा.
मख्खन लगी गांड के सौंधे सौंधे से स्वाद और महक ने उसे और मदमस्त कर दिया.
वह उठकर बैठ गया और एक बड़ा मक्खन का लौन्दा लेकर 18 साल की जवान राधिका की गांड मे अपनी उंगली से भर दिया.
एक के बाद एक वह मक्खन के गोले उस सकरी गांड में भरता रहा जब तक करीब करीब पूरा पाव किलो मक्खन बच्ची की गांड में नहीं समा गया.
चुदक्कड़ सविता ने कुछ देर को अपना मुंह 18 साल की जवान राधिका के मुंह से हटा कर कहा “लबालब मक्खन तेरी गांड में भरा रहेगा बेटी, तो गांड मस्त मारी जायेगी, लौड़ा ऐसे फ़िसलेगा जैसे सिलिंडर में पिस्टन.
”बचा हुआ मक्खन ब्रिजेश पंवार अपने भरी भरकम लंड पर दोनों हथेलियों से चुपड़ने लगा.
उसे अब अपने ही लोहे जैसे कड़े शिश्न की मक्खन से मालिश करते हुए ऐसा लग रहा था जैसे कि वह घोड़े का लंड हाथ में लिये है.
फ़ूली हुई नसें तो अब ऐसी दिख रही थीं कि जैसे किसी पहलवान के कसरती हाथ की मांस-पेशियां हो.
उसने अपने हाथ चाटे और मक्खन साफ़ किया जिससे 18 साल की जवान राधिका की चूचियां दबाते हुए ना फ़िसले.
यहाँ भी देंखे चुदक्कड़ सविता 18 साल की जवान राधिका के गालों को चूमते हुए बोली “अब तू मन भर के चिल्ला सकती है 18 साल की जवान राधिका बहन पर कोई तेरी पुकार सुन नहीं पायेगा क्योंकि मैं अपनी चूची से तेरा मुंह बंद कर दूंगी.
पर जब दर्द हो तो चिलाना जरूर, तेरी घिघियाने की आवाज से तेरे भैया की मस्ती और बढ़ेगी.
” फ़िर उसने अपनी एक मांसल चूची उस कमसिन किशोरी के मुंह में ठूंस दी और कस के उसका सिर अपनी छाती पर दबाती हुई अपने पति से बोली “चलो, अब देर मत करो, मुझ से नहीं रह जाता”गांड मारने की तैयारी पूरी हो चुकी थी.
बड़ी बेसब्री से ब्रिजेश पंवार अपनी टांगें अपनी बहन के शरीर के दोनों बाजू में जमा कर बैठ गया और अपना मोटे सेब जैसा सुपाड़ा उस कोमल गांड पर रख कर पेलने लगा.
अपने लंड को उसने भाले की तरह अपने दाहिने हाथ से पकड़ा हुआ था ताकि फ़िसल ना जाये.
पहले तो कुछ नही हुआ क्योंकि इतने जरा से छेद में इतना मोटा गोला जाना असम्भव था.
ब्रिजेश पंवार ने फ़िर बड़ी बेसब्री से अपने बांये हाथ से 18 साल की जवान राधिका के नितम्ब फ़ैलाये और फ़िर जोर से अपने पूरे वजन के साथ लौड़े को उस गुदा के छेद में पेला.
गांड खुल कर चौड़ी होने लगी और धीरे धीरे वह विशाल लाल लाल सुपाड़ा उस कोमल गांड के अन्दर जाने लगा.
18 साल की जवान राधिका अब छटपटाने लगी.
उसकी आंखो से आंसू बह रहे थे.
इतना दर्द उसे कभी नहीं हुआ था.
उसका गुदा द्वार चौड़ा होता जा रहा था और ऐसा लगता था कि बस फ़टने की वाला है.
ब्रिजेश पंवार ने पहले सोचा था कि बहुत धीरे धीरे 18 साल की जवान राधिका की गांड मारेगा पर उससे रहा नहीं गया और जबर्दस्त जोर लगा कर उसने एकदम अपना सुपाड़ा उस कोमल किशोरी के गुदा के छल्ले के नीचे उतार दिया.
18 साल की जवान राधिका इस तरह उछली जैसे कि पानी से निकाली मछली हो.
वह अपने बंद मुंह में से घिघियाने लगी और उसका नाजुक शरीर इस तरह कांपने लगा जैसे बिजली का शॉक लगा हो.
ब्रिजेश पंवार को ऐसा लग रहा था जैसे कि किसी मुलायम हाथ ने उसके सुपाड़े को जोर से दबोच लिया हो, क्योंकि उसकी प्यारी बहन की टाइट गांड इस जोर से उसे भींच रही थी.
वह इस सुख का आनन्द लेते हुए कुछ देर रुका.
फ़िर जब 18 साल की जवान राधिका का तड़पना कुछ कम हुआ तो अब वह अपना बचा डण्डा उसकी गांड में धीरे धीरे उतारने लगा.
इंच इंच कर के उसका शक्तिशाली लौड़ा 18 साल की जवान राधिका की सकरी गांड में गड़ता गया.
18 साल की जवान राधिका का कोमल कमसिन शरीर बार बार ऐसे ऐंठ जाता जैसे कोई उसका गला दबा रहा हो.
उसके चूची भरे हुए मुंह से सिसकने और कराहने की दबी दबी आवाजें निकल रही थीं जिन्हें सुन सुन के ब्रिजेश पंवार और मस्त हो रहा था.
करीब ६ इम्च लंड अन्दर जाने पर वह फ़ंस कर रुक गया क्योंकि उसके बाद 18 साल की जवान राधिका की आंत बहुत सकरी थी.
चुदक्कड़ सविता बोली “रुक क्यों गये, मारो गांड, पूरा लंड जड़ तक उतार दो, साली की गांड फ़ट जाये तो फ़ट जाने दो, अपनी डाक्टर दीदी से सिलवा लेंगे.
वह मुझ पर मरती है इसलिये कुछ नहीं पूछेगी, चुपचाप सी देगी.
हाय मुझे इतना मजा आ रहा है जैसा तुमसे पहली बार मराते हुए भी नहीं आया था.
काश मैं मर्द होती तो इस लौंडया की गांड खुद मार सकती”ब्रिजेश पंवार कुछ देर रुका पर अन्त में उससे रहा नहीं गया, उसने निश्चय किया कि कुछ भी हो जाये वह चुदक्कड़ सविता के कहने के अनुसार जड़ तक अपना शिश्न घुसेड़ कर रहेगा.
उसने कचकचा के एक जोर का धक्का लगाया और पूरा लंड एक झटके में जड़ तक 18 साल की जवान राधिका की कोमल गांड में समा गया.
ब्रिजेश पंवार को ऐसा लग रहा था कि जैसे उसका सुपाड़ा 18 साल की जवान राधिका के पेट में घुस गया हो.
18 साल की जवान राधिका ने एक दबी चीख मारी और अति यातना से तड़प कर बेहोश हो गई.
ब्रिजेश पंवार अब सातवें आसमान पर था.
18 साल की जवान राधिका की पीड़ा की अब उसे कोई परवाह नहीं थी.
मुश्कें बन्धी हुई लड़की तो अब उसके लिये जैसे एक रबर की सुंदर गुड़िया थी जिससे वह मन भर कर खेलना चाहता था.
हां, टटोल कर उसने यह देख लिया कि उस कमसिन कली की गांड सच में फ़ट तो नहीं गई.
गुदा के बुरी तरह से खिंचे हुए मुंह को सकुशल पाकर उसने एक चैन की सांस ली.
अब बेहिचक वह अपनी बीवी की बाहों में जकड़े उस पट पड़े बेहोश कोमल शरीर पर चढ़ गया.
अपनी बाहों में भर के वह पटापट 18 साल की जवान राधिका के कोमल गाल चूमने लगा.
18 साल की जवान राधिका का मुंह चुदक्कड़ सविता के स्तन से भरा होने से वह उसके होंठों को नहीं चूम सकता था इसलिये बेतहाशा उसके गालो, कानों और आंखो को चूमते हुए उसने आखिर अपने प्यारे शिकार की गांड मारना शुरू की.
यहाँ भी देंखे  चुदक्कड़ सविता ने पूछा “कैसा लग रहा है डार्लिंग?” ब्रिजेश पंवार सिर्फ़ मुस्कराया और उसकी आंखो मे झलकते सुख से चुदक्कड़ सविता को जवाब मिल गया.
उसकी भी बुर अब इतनी चू रही थी कि 18 साल की जवान राधिका के शरीर पर बुर रगड़ते हुए वह स्वमैथुन करने लगी.
“मारो जी, गांड मारो, खूब हचक हचक कर मारो, अब क्या सोचना, अपनी तमन्ना पूरी कर लो” और ब्रिजेश पंवार बीवी के कहे अनुसार मजा ले ले कर अपनी बहन की गांड चोदने लगा.
पहले तो वह अपना लंड सिर्फ़ एक दो इंच बाहर निकालता और फ़िर घुसेड़ देता.
मक्खन भरी गांड में से ‘पुच पुच पुच’ की आवाज आ रही थी.
इतनी टाइट होने पर भी उसका लंड मस्ती से फ़िसल फ़िसल कर अन्दर बाहर हो रहा था.
इसलिये उसने अब और लम्बे धक्के लगाने शुरू किये.
करीब ६ इम्च लंड अन्दर बाहर करने लगा.
अब आवाज ‘पुचुक, पुचुक, पुचुक’ ऐसी आने लगी.
ब्रिजेश पंवार को ऐसा लग रहा था मानों वह एक गरम गरम चिकनी बड़ी सकरी मखमली म्यान को चोद रहा है.
उसके धैर्य का बांध आखिर टूट गया और वह उछल उछल कर पूरे जोर से 18 साल की जवान राधिका की गांड मारने लगा.
अब तो ‘पचाक, पचाक पचाक’ आवाज के साथ बच्ची मस्त चुदने लगी.
ब्रिजेश पंवार ने अब अपना मुंह अपनी पत्नी के दहकते होंठों पर रख दिया और बेतहाशा चूंमा चाटी करते हुए वे दोनों अपने शरीरों के बीच दबी उस किशोरी को भोगने लगे.
ब्रिजेश पंवार को बिलकुल ऐसा लग रहा था जैसे कि वह किसी नरम नरम रबर की गुड़िया की गांड मार रहा है.
वह अपने आनन्द की चरम सीमा पर कुछ ही मिनटों में पहुंच गया और इतनी जोर से स्खलित हुआ जैसा वह जिन्दगी में कभी नहीं झड़ा था.
झड़ते समय वह मस्ती से घोड़े जैसा चिल्लाया.
फ़िर लस्त पड़कर 18 साल की जवान राधिका की गांड की गहराई में अपने वीर्यपतन का मजा लेने लगा.
चुदक्कड़ सविता भी 18 साल की जवान राधिका के चिकने शरीर को अपनी बुर से रगड़ कर झड़ चुकी थी.
ब्रिजेश पंवार का उछलता लंड करीब पांच मिनट अपना उबलता हुआ गाढ़ा गाढ़ा वीर्य 18 साल की जवान राधिका की आंतो में उगलता रहा.
झड़ कर ब्रिजेश पंवार चुदक्कड़ सविता को चूंमता हुआ तब तक आराम से पड़ा रहा जब तक 18 साल की जवान राधिका को होश नहीं आ गया.
लंड उसने बालिका की गांड में ही रहने दिया.
कुछ ही देर में कराह कर उस मासूम लड़की ने आंखे खोली.
ब्रिजेश पंवार का लंड अब सिकुड़ गया था पर फ़िर भी 18 साल की जवान राधिका दर्द से सिसक सिसक कर रोने लगी क्योंकि उसकी पूरी गांड ऐसे दुख रही थी जैसे किसी ने एक बड़ी ककड़ी से चोदी दी हो.
उसके रोने से ब्रिजेश पंवार की वासना फ़िर से जागृत हो गई.
पर अब वह 18 साल की जवान राधिका का मुंह चूमना चाहता था.
चुदक्कड़ सविता उस के मन की बात समझ कर 18 साल की जवान राधिका से बोली “मेरी ननद बहना, उठ गई? अगर तू वादा करेगी कि चीखेगी नहीं तो तेरे मुंह में से मैं अपनी चूची निकाल लेती हूं.
” 18 साल की जवान राधिका ने रोते रोते सिर हिलाकर वादा किया कि कम से कम उसके ठूंसे हुए मुंह को कुछ तो आराम मिले.
चुदक्कड़ सविता ने अपना उरोज उसके मुंह से निकाला.
वह देख कर हैरान रह गई कि वासना के जोश में करीब करीब पूरी पपीते जितनी बड़ी चूची उसने 18 साल की जवान राधिका के मुंह में ठूंस दी थी.
“मजा आया मेरी चूची चूस कर?” चुदक्कड़ सविता ने उसे प्यार से पूछा.
घबराये हुई 18 साल की जवान राधिका ने मरी सी आवाज में कहा “हां, भाभी” असल में उसे चुदक्कड़ सविता के स्तन बहुत अच्छे लगते थे और इतने दर्द के बावजूद उसे चूची चूसने में काफ़ी आनन्द मिला था.
चुदक्कड़ सविता अब धीरे से 18 साल की जवान राधिका के नीचे से निकल कर बिस्तर पर बैठ गई और ब्रिजेश पंवार अपनी बहन को बाहों में भरकर उसपर चड़ कर पलंग पर लेट गया.
उसने अपनी बहन के स्तन दोनों हाथों के पम्जों में पकड़े और उन छोटे छोटे निपलों को दबाता हुआ 18 साल की जवान राधिका का मुंह जबरदस्ती अपनी ओर घुमाकर उसके गुलाबी होंठ चूमने लगा.
बच्ची के मुंह के मीठे चुम्बनों से ब्रिजेश पंवार का फ़िर खड़ा होने लगा.
ब्रिजेश पंवार ने अब अपने पंजों में पकड़े हुए कोमल स्तन मसले और उन्हें स्कूटर के हौर्न जैसा जोर जोर से दबाने लगा.
हंसते हुए चुदक्कड़ सविता को बोला “डार्लिन्ग, मेरी नई स्कूटर देखी, बड़ी प्यारी सवारी है, और हौर्न दबाने में तो इतना मजा आता है कि पूछो मत.
” चुदक्कड़ सविता भी उसकी इस बात पर हंसने लगी.
चूचियां मसले जाने से 18 साल की जवान राधिका छटपटाई और सिसकने लगी.
ब्रिजेश पंवार को मजा आ गया और अपनी छोटी बहन 18 साल की जवान राधिका के रोने की परवाह न करता हुआ वह अपनी पूरी शक्ति से उन नाजुक उरोजों को मसलने लगा.
धीरे धीरे उसका लंड लम्बा होकर 18 साल की जवान राधिका की गांड में उतरने लगा.
18 साल की जवान राधिका फ़िर रोने को आ गई पर डर के मारे चुप रही कि भाभी फ़िर उसका मुंह न बांध दे.
लौड़ा पूरा खड़ा होने पर ब्रिजेश पंवार ने गांड मारना फ़िर शुरू कर दिया.
जैसे उसका लम्बा तन्नाया लंड अन्दर बाहर होना शुरू हुआ, 18 साल की जवान राधिका सिसकने लगी पर चिल्लाई नही.
चुदक्कड़ सविता मुस्काई और 18 साल की जवान राधिका से बोली.
“शाबाश बेटी, बहुत प्यारी गाण्डू लड़की है तू, अब भैया के लंड से चुदने का मजा ले, वे रात भर तुझे चोदने वाले हैं.
”चुदक्कड़ सविता उठ कर अब ब्रिजेश पंवार के आगे खड़ी हो गई.
“मेरी चूत की भी कुछ सेवा करोगे जी? बुरी तरह से चू रही है” ब्रिजेश पंवार ने चुदक्कड़ सविता का प्यार से चुम्बन लिया और कहा.
“आओ रानी, तुमने मुझे इतना सुख दिया है, अब अपनी रसीली बुर का शरबत भी पिला दो, मैं तो तुंहें इतना चूसूंगा कि तेरी चूत तृप्त कर दूंगा” चुदक्कड़ सविता बोली “यह तो शहद है बुर का, शरबत नहीं, बुर का शरबत तो मैं तुम्हें कल बाथरूम में पिलाऊंगी.
” चुदक्कड़ सविता की बात ब्रिजेश पंवार समझ गया और उस कल्पना से की इतना उत्तेजित हुआ कि अपनी पत्नी की चूत चूसते हुए वह 18 साल की जवान राधिका की गांड उछल उछल कर मारने लगा.
अब उसने अपनी वासना काफ़ी काबू में रखी और हचक हचक कर अपनी छोटी बहन की गांड चोदने लगा.
स्तन मर्दन उसने एक सेकंड को भी बंद नहीं किया और 18 साल की जवान राधिका को ऐसा लगने लगा जैसे उसकी चूचियां चक्की के पाटों में पिस रही हों.
इतना ही नहीं, उसके निपल उंगलियों में लेकर वह बेरहमी से कुचलता और खींचता रहा। यहाँ भी देंखे “हफ़्ते भर में मूंगफ़ली जितने बड़े कर दूंगा तेरे निपल 18 साल की जवान राधिका.
चूसने में बहुत मजा आता है अगर लम्बे निपल हो.
” वह बोला.
बीच बीच में ब्रिजेश पंवार चुदक्कड़ सविता की चूत छोड़ कर प्यार से 18 साल की जवान राधिका के गुलाबी होंठ अपने दांतों में दबाकर हल्के काटता और चूसने लगता.
कभी उसके गाल काट लेता और कभी गरदन पर अपने दांत जमा देता.
फ़िर अपनी बीवी की बुर पीने मे लग जाता.
इस बार वह घण्टे भर बिना झड़े 18 साल की जवान राधिका की मारता रहा.
जब वह आखिर झड़ा तो मध्यरात्रि हो गई थी.
चुदक्कड़ सविता भी बुर चुसवा चुसवा कर मस्त हो गई थी और उसकी चूत पूरी तरह से तृप्त हो गई थी.
अपने शरीर का यह भोग सहन न होने से आखिर थकी-हारी सिसकती हुई 18 साल की जवान राधिका एक बेहोशी सी नींद में सो गई.
बीच बीच में गांड में होते दर्द से उसकी नींद खुल जाती तो वह ब्रिजेश पंवार को अपनी गांड मारते हुए और चुदक्कड़ सविता की चूत चूसते हुए पाती.
अन्त में जब सुबह आठ बजे गांड में फ़िर दर्द होने से उसकी नींद खुली तो देखा कि ब्रिजेश पंवार भैया फ़िर हचक हचक कर उसकी गांड मार रहे हैं.
18 साल की जवान राधिका चुपचाप उस दर्द को सहन करती हुई पड़ी रही.
भाभी वहां नहीं थी, शायद चाय बनाने गई थी.
आखिर में ब्रिजेश पंवार झड़ा और मजा लेते हुए काफ़ी देर उसपर पड़ा रहा.
चुदक्कड़ सविता जब चाय लेकर आई तब वह उठा और लंड को आखिर 18 साल की जवान राधिका की गांड में से बाहर निकाला.
लंड निकलते हुए ‘पंक’ सी की आवज हुई.
चुदक्कड़ सविता ने देखा कि एक ही रात में उस सकरी कोमल गांड का छेद खुल गया था और गांड का छेद अब चूत जैसा लग रहा था.
ब्रिजेश पंवार को देख कर वह बोली “हो गई शांति? अब सब लोग नहाने चलो, वहां देखो मैं तुमसे क्या करवाती हूं.
आखिर इतनी प्यारी कुंवारी गांड मारने की कीमत तो तुम्हे देनी ही पड़ेगी डार्लिन्ग” ब्रिजेश पंवार मुस्कराया और बोला “आज तो जो तुम और 18 साल की जवान राधिका कहोगी, वह करूंगा, मैं तो तुम दोनों चूतों और गाण्डो का दास हूं”“चलो अब नहाने चलो” चुदक्कड़ सविता बोली.
18 साल की जवान राधिका ने चलने की कोशिश की तो गांड में ऐसा दर्द हुआ कि बिलबिला कर रो पड़ी.
“हाय भाभी, बहुत दुखता है, लगता है भैया ने मार मार के फ़ाड़ दी.
”चुदक्कड़ सविता के कहने पर ब्रिजेश पंवार ने उसे उठा लिया और बाथरूम में ले गया.
दोनो ने मिलकर पहले 18 साल की जवान राधिका के मसले कुचले हुए फ़ूल जैसे बदन को सहलया, तेल लगाकर मालिश की और फ़िर नहलाया.
ब्रिजेश पंवार ने एक क्रीम 18 साल की जवान राधिका की गांड के छेद में लगाई जिससे उसका दर्द गायब हो गया और साथ ही ठण्डक भी महसूस हुई.
18 साल की जवान राधिका अब फ़िर खिल गई थी और धीरे धीरे फ़िर अपने नग्न भैया और भाभी को देखकर मजा लेने लगी थी.
पर उसे यह मालूम नहीं था कि वह क्रीम उसकी गुदा को फ़िर सकरा बना देगी और गांड मरवाते हुए फ़िर उसे बहुत दर्द होगा.
ब्रिजेश पंवार अपनी छोटी बहन की गांड टाइट रखकर ही उसे मारना चाहता था.
अगर लड़की रोए नहीं, तो गांड मारने का मजा आधा हो जायेगा ऐसा उसे लगता था.
चुदक्कड़ सविता ने ब्रिजेश पंवार से कहा.
“चलो जी अब अपना वायदा पूरा करो.
बोले थे कि जो मैं कहूंगी वह करोगे.
” ब्रिजेश पंवार बोला “बोलो मेरी रानी, तेरे लिये और इस गुड़िया के लिये मैं कुछ भी करूंगा.
”चुदक्कड़ सविता ने ब्रिजेश पंवार को नीचे लिटा दिया और अपना मुंह खोलने को कहा.
ब्रिजेश पंवार समझ गया कि क्या होने वाला है, पर वह इन दोनों चुदैलों का गुलाम सा हो चुका था.
कुछ भी करने को तैयार था.
चुदक्कड़ सविता को खुश रखने में ही उसका फ़ायदा था.
चुदक्कड़ सविता 18 साल की जवान राधिका से बोली.
“चल मेरी प्यारी ननद आब अपने भाई के मुंह में पिशाब कर दे.
” 18 साल की नासमझ जवान राधिका चकराई और शरमा गई पर मन में लड्डू फ़ूटने लगे.
ब्रिजेश पंवार की ओर उसने शरमा कर देखा तो वह भी मुस्कराया.
साहस करके 18 साल की जवान राधिका ब्रिजेश पंवार के मुंह पर बैठ गई और मूतने लगी.
उस 18 साल की बच्ची का खारा खारा गरम गरम मूत ब्रिजेश पंवार को इतना मादक लगा कि वह गटागट उसे पीने लगा.
18 साल की जवान राधिका की बुर अब फ़िर पसीजने लगी थी.
अपने बड़े भाई को अपनी पिशाब पिला कर वह बहुत उत्तेजित हो गई थी.
मूतना खतम करके 18 साल की जवान राधिका उठने लगी तो ब्रिजेश पंवार ने फ़िर उसे अपने मुंह पर बिठा लिया और उसकी चूत चूसने लगा.
उधर चुदक्कड़ सविता ने अपनी चूत में ब्रिजेश पंवार का तन्नाया लंड डाल लिया और उसके पेट पर बैठ कर उछल उछल कर उसे चोदने लगी.
पीछे से वह 18 साल की जवान राधिका को लिपटाकर उसे चूंसने लगी और उसके स्तन दबाने लगी.
जब 18 साल की जवान राधिका और चुदक्कड़ सविता दोनों झड़ गए तो 18 साल की जवान राधिका उठी और बाजू में खड़ी हो गई.
बोली “भाभी, तुम भी अपना मूत भैया को पिलाओ ना, मेरा उन्होंने इतने स्वाद से पिया है, तुम्हारा पी कर तो झूंम उठेंगे.
” चुदक्कड़ सविता को ब्रिजेश पंवार ने भी आग्रह किया.
“आ जा मेरी रानी, अपना मूत पिला दे, तू तो मेरी जान है, तू अपने शरीर का कुछ भी मेरे मुंह में देगी तो मैं निगल लूंगा.
” चुदक्कड़ सविता हंसने लगी.
अपने पति के मुंह में मूतते मूतते बोली.
“देखो याद रखना यह बात, तुंहे मालूम है कि मूतने के बाद अब किसी दिन मैं तुंहारे मुंह में क्या करूम्गी.
”यहाँ भी देंखे  ब्रिजेश पंवार अब तक उत्तेजित हो चुका था.
बोला “मैं तैयार हूं अपनी दोनों चुदैलों की कोई भी सेवा करने को, बस मुझे अपनी चूत का अमृत पिलाती रहो, चुदवाती रहो और गांड मराती रहो.
खास कर इस नन्ही की तो मैं खूब मारूंगा.
” चुदक्कड़ सविता मूतने के बाद उठी और बोली.
“इसे तो अब रोज चुदना या गांड मराना है.
एक दिन छोड़ कर बारी बारी इसके दोनों छेद चोदोगे तो दोनों टाइट रहेंगे और तुंहें मजा आयेगा.
”“तो चलो अब 18 साल की जवान राधिका को चोदूंगा.
” कहकर ब्रिजेश पंवार उसे उठा कर ले गया.
चुदक्कड़ सविता भी बदन पोछती हुई पीछे हो ली.
उस बच्ची की फ़िर मस्त भरपूर चुदाई की गई.
उसे फ़िर दर्द हुआ और रोई भी पर भैया भाभी के सामने उसकी एक न चली.
रविवार था इसलिये दिन भर ब्रिजेश पंवार ने उसे तरह तरह के आसनों में चोदा और चुदक्कड़ सविता 18 साल की जवान राधिका से अपनी चूत चुसवाती रही.
दूसरे दिन से यह एक नित्यक्रम बन गया.
ब्रिजेश पंवार रात को 18 साल की जवान राधिका को चोदता या उसकी गांड मारता.
हर रात 18 साल की जवान राधिका को दर्द होता क्योंकि जो क्रीम उसकी चूत और गांड में लगाई जाती थी उससे उसके छेदों को आराम मिलने के अलावा वे फ़िर टाइट भी हो जाते.
स्कूल से वापस आने पर दिन भर चुदक्कड़ सविता उस बच्ची को भोगती.
उसकी चूत चूसती और अपनी चुसवाती.
 छोटी बहन की गांड में अपना 12 इंच लम्बा और 4 इंच मोटा लंड घुसेड़कर चोदने लगाब्रिजेश पंवार रात को ब्लू फ़िल्म देखते समय अपनी 18 साल की नासमझ जवान छोटी बहन की गांड में अपना 12 इंच लम्बा और 4 इंच मोटा लंड घुसेड़कर अपनी गोद में बिठा लेता और उसे चूमते हुए, उसकी छोटी छोटी मुलायम चूचियां मसलते हुए उछल उछल कर नीचे से गांड मारते हुए पिक्चर देखा करता.
उधर चुदक्कड़ सविता उसके सामने बैठ कर उसकी कमसिन बुर चूसती.
एक भी मिनट बिचारी 18 साल की जवान राधिका के किसी भी छेद को आराम नहीं मिलता.
आखिर 18 साल की जवान राधिका चुद चुद कर ऐसी हो गई कि बिना गांड या चूत में लंड लिये उसे बड़ा अटपटा लगता था.
यहाँ भी देंखे  धीरे धीरे चुदक्कड़ सविता ने उसे करीब करीब गुलाम सा बना लिया और वह 18 साल की नासमझ लड़की भी अपनी खूबसूरत भाभी को इतना चाहती थी कि बिना झिझक भाभी की हर बात मानने लगी.
यहां तक कि एक दिन जब चुदक्कड़ सविता ने उससे चूत चुसवाते चुसवाते यह कहा कि पिशाब लगी है पर वह बाथरूम नहीं जाना चाहती, वह किशोरी तुरंत चुदक्कड़ सविता का मूत पीने को तैयार हो गई.
शायद चुदक्कड़ सविता का मतलब वह समझ गई थी.
“भाभी, मेरे मुंह में मूतो ना.
प्लीज़ तुंहें मेरी कसम, मुझे बहुत दिन से यह चाह है.
”“बिस्तर तो खराब नहीं करेगी? देख गिराना नहीं नहीं तो चप्पलों से पिटेगी.
” चुदक्कड़ सविता मन ही मन खुश होकर बोली.
18 साल की जवान राधिका जिद करती रही.
आखिर वहीं बिस्तर पर चुदक्कड़ सविता की चूत पर मुंह लगाकर वह लेट गई और चुदक्कड़ सविता ने भी आराम से धीरे धीरे अपनी ननद के मुंह में मूता.
वायदे के अनुसार 18 साल की जवान राधिका पूरा उसे निगल गई, एक बूंद भी नहीं छलकाई.
बड़े भाई से चुद चुद कर और भाभी के साथ लेस्बियन सेक्स कर के 18 साल की राधिका की यह हालत हो गई कि वह कपड़े सिर्फ़ स्कूल जाते समय पहनती थी.
बाकी अब दिन रात नंगी ही रहती थी और लगातार चुदती, रात को बड़े भाई और भाभी के साथ मिल कर थ्रीसम सेक्स करती थी और दिन में अपनी भाभी के साथ लेस्बियन सेक्स करती थी सच में 18 साल की जवान राधिका अब अपने भैया भाभी की पूरी लाड़ली हो गई थी.
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स्रोत:इंटरनेट