. मैं भाभी की चूचियों को पीने लगा और वो मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ कर उसकी मुठ मारने लगी.
मैंने भाभी को बेड पर पटक लिया और उसकी चूत में मुंह देकर उसकी चूत चाटने का मजा लेने लगा.
वो मेरे मुंह को चूत में दबाने लगी.
फिर वो उठी और मुझे नीचे पटक कर मेरे लंड को भूखी शेरनी की तरह चूसने और खाने लगी.
कुछ ही देर में मैं बेकाबू हो गया.
मैंने उसको नीचे पटका और उसकी चूत में लंड घुसा दिया.
मैं भाभी की चूत को जोर जोर के धक्के लगा कर चोदने लगा.
वो भी मदहोश होने लगी.
मैंने 15 मिनट तक उसकी चूत मारी और फिर दोनों हांफते हुए लेट गये.
कुछ देर के बाद फिर से उसने मेरे लंड को चूस चूस कर खड़ा कर दिया.
एक बार फिर से मैंने शिवानी को बेड पर झुका कर घोड़ी बना लिया और उसकी चूत में लंड पेल दिया.
मैंने 20 मिनट तक भाभी की चूत चुदाई का दूसरा राउंड खेला.
अब मैं काफी थक गया था.
रात भी काफी हो गयी थी.
मैं सोने के लिए अपने रूम में जाने लगा.
तभी सुमीना के नम्बर से मुझे व्हाट्सएप मैसेज रिसीव हुआ.
वो पूछने लगी- कैसे हो आप शुभम? मैं बोला- मैं ठीक हूं.
आप बताओ, बेटे की तबियत अब कैसी है? वो बोली- अब ठीक है, सो रहा है.
मैं भी ठीक हूं.
इस तरह से सुमीना और मेरी रोज फोन पर भी बात होने लगी.
सुमीना भाभी की उम्र 27 के करीब थी और उनका फिगर 34-30-32 का था.
सुमीना ने अपने आपको बहुत मेंटेन करके रखा था। सुमीना रोज व्हाट्स एप पर मुझे मैसेज किया करती थी.
मेरा हाल चाल पूछती रहती थी.
कई बार वो मुझे अपने घर में आने के लिए न्यौता दे चुकी थी.
कई बार उसने बोला- कभी मेरे घर आओ, चाय पीकर जाओ.
मैंने यह बात शिवानी को बताई तो वो कहने लगी कि सुमीना शायद तुमसे चुदना चाहती है.
अगर मौका मिले तो इसकी प्यास को बुझा दो.
मैं बोला- मगर आप इतने यकीन के साथ कैसे कह सकती हो कि उसको मेरा लंड चाहिए? शिवानी बोली- मैं एक औरत हूं.
एक औरत ही दूसरी औरत की बातों का सही मतलब समझ सकती है.
मैं दावे के साथ कह सकती हूं कि उसकी चूत में तुम्हारे लंड के नाम की खुजली हो रही है.
मैं बोला- मगर भाभी, अभी उसने इस तरह की कोई बात नहीं की है.
वो बोली- तो तुम ही शुरूआत करके देख लो.
अगर कुछ गड़बड़ हुई तो मैं अपने आप संभाल लूंगी.
मैंने वैसा ही किया.
रात को खाना खाने के बाद करीब 9 बजे सुमीना के व्हाट्सएप से मैसेज आया और हम दोनों बातें करने लगे.
मैं बोला- भाभी, आपका पति कैसा इन्सान है, वो तो आपका बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखता है.
वो बोली- हां शुभम, मैं अपने पति से इतनी परेशान हूं कि मैं तुम्हें सारी बात बता भी नहीं सकती.
मैं बोला- मैं समझ सकता हूं भाभी.
फिर मैंने मजाक में बोला- फिर तो आपको सेक्स का सुख भी नहीं देता होगा वो? उसने मेरी बात का कोई जवाब नहीं दिया.
उसने सीधा गुड नाइट बोल दिया और बात बंद कर दी.
मैंने सोचा कि पता नहीं इसे क्या हो गया.
उसके कुछ देर के बाद फिर मैं शिवानी के पास गया.
उसको मैंने सारी बता बताई जो भी सुमीना के साथ हुई.
शिवानी बोली- कोई बात नहीं, तुम कल फिर से उसके साथ बात करना.
वो एकदम से अपने मुंह से चूत चुदाई करवाने की बात नहीं करेगी.
तुम्हें उसको धीरे धीरे गर्म करना होगा.
फिर शिवानी के साथ मैंने खाया.
उसके बाद वो बर्तन धोने के लिए चली गयी.
वापस आई तो मैंने उसको बेड पर अपने पास खींच लिया.
मैं उसको नीचे गिरा कर उसके होंठों को चूसने लगा.
उसके बूब्स को दबाने लगा.
वो भी मेरा साथ देने लगी.
15 मिनट तक हम दोनों एक दूसरे के साथ चूमा-चाटी में मशगूल रहे.
उसके बाद हम दोनों ने कपड़े उतारे और मैं उसकी चूत चाटने लगा.
कुछ ही देर में भाभी की चूत ने पानी छोड़ दिया और मैंने उसकी चूत चाटने का मजा लिया और सारा पानी पी लिया.
अब उसका मन भी करने लगा.
उसने मुझे नीचे लिटा लिया और एक रंडी की तरह मेरे लंड को चूसने लगी.
वो मेरे लंड को मुंह में लेकर लॉलीपॉप के जैसे चूस रही थी.
कभी मेरे टोपे को दांतों से काट लेती थी.
मुझे बहुत मजा दे रही थी साली.
पांच मिनट तक उसको लंड चुसवाने के बाद मैंने उसे नीचे बेड पर गिरा लिया.
फिर उसकी टांगों को फैला कर उसकी चूत के ऊपर लंड को रख दिया.
मैं सेक्सी चुदक्कड़ भाभी की चूत पर अपने लंड को रगड़ने लगा और वो एकदम से चुदासी हो गयी.
वो अपने होंठों को दांतों तले दबाने लगी.
अपनी चूचियों को अपने हाथों से भींचने लगी.
मैं समझ गया कि इसकी चूत अब और ज्यादा इंतजार नहीं कर सकती है.
शिवानी सिसकारते हुए बोली- तुम ऐसा सोचो कि सुमीना तुम्हारे सामने नंगी लेटी हुई है और तुम्हारा लंड लेने के लिए तड़प रही है.
मैं बोला- नहीं, मैं आपको शिवानी समझ कर ही चोदूंगा.
मैं शिवानी भाभी को ही प्यार करता हूं.
अगर आपने फिर से सुमीना को बीच में लाने की कोशिश की तो मैं चला जाऊंगा.
वो बोली- ठीक है मेरे राजा, तो फिर अब और मत तड़पाओ मेरी चूत को, इसमें अपना लंड ठोक कर चोद दो इसे.
अब ये और बर्दाश्त नहीं कर सकती है.
इसको तुम्हारे लंड की बहुत तेज प्यास लगी है.
इसकी प्यास को बुझाओ, जल्दी करो.. आह्ह … चोदो मुझे। शिवानी की चुदास देख कर मैंने उसकी चूत में लंड पेल दिया.
एक ही बार में लंड उसकी चूत में उतर गया और मैं उसकी चूत को पेलने लगा.
शिवानी मदहोश होने लगी.
मेरी स्पीड बढ़ती चली गयी.
पच-पच की आवाज के साथ मैं उसकी चूत को ठोकने लगा.
भाभी की चूत में लंड इतना मजा दे रहा था.
उसके मुंह से बहुत ही कामुक आवाजें निकल रही थीं- आह्ह … शुभम … आह्ह और जोर से! चोदो यार … आह्ह मजा आ रहा है.
पूरा ठोक दो लंड को मेरी चूत में! मेरी चूत तुम्हारे लंड की दीवानी है.
इसकी प्यास को मिटा दो, अपने लंड का प्यार बरसा दो इस पर। भाभी को मैंने उठाया और घोड़ी बना लिया.
उसकी गांड को थाम कर पीछे से उसकी चूत में लंड को पेल दिया.
तेजी से मैं उसकी चूत में लंड के धक्के देने लगा.
भाभी का सिर बेड के सिरहाने पर टकराने लगा.
वो फिर भी कामुक आवाजें निकालते हुए चुदती रही.
इस पोज में लगभग 20 मिनट तक भाभी की चूत की चुदाई की और वो दो बार झड़ गयी थी.
फिर मैंने भी अपने लंड का माल उसकी चूत में भर दिया.
हम दोनों थक कर लेट गये.
थोड़ी देर के बाद शिवानी भाभी ने फिर से मेरे सोये हुए लंड को मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया.
पांच मिनट के अंदर ही फिर से मेरा लंड उसकी चूत फाड़ने के लिए तैयार हो गया.
मैंने उसकी गांड में उंगली दे दी और अंदर बाहर करने लगा.
बीच बीच में उसकी चूत में भी उंगली देकर उसको गर्म करने लगा मैं.
वो फिर से लंड लेने के लिए प्यासी हो गयी.
उस रात मैंने शिवानी भाभी की चूत तीन बार चोद डाली.
मैं बुरी तरह से थक गया.
फिर वहीं पर सो गया.
सुबह जल्दी ही फिर भाभी ने मुझे उठा दिया और मैं अपने रूम में आ गया.
मुझे ऑफिस भी जाना था.
उसके बाद मैं फ्रेश हुआ और ऑफिस के लिए तैयार होने लगा.
नाश्ता करके मैंने ऑफिस के कपड़े पहने और निकलने लगा.
जाते हुए मेरी नजर सुमीना पर पड़ गयी.
वो मुझे देख रही थी.
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स्रोत:इंटरनेट