. मैंने अब शीना की गांड को पकड़कर जोर जोर से धक्के देने शुरू कर दिए.
करती.
शीना बिल्कुल कामुक लग रही थी इस अवतार में! और संजना हम दोनों की ठुकाई देखकर अपनी चूत में उंगली कर रही थी, वो पूरे चरम पर पहुंच गई थी.
बस दो ही मिनट में शीना ने अपना पूरा भार मेरे ऊपर डाल दिया और तेजी से झड़ने लगी.
मैं अभी तक उसके अंदर ही अपना लौड़ा घुसा के धक्के दे रहा था.
जैसे ही शीना का पानी निकल गया और वह शांत मेरे ऊपर ही पड़ गई, संजना ने उठकर शीना को मुझ से अलग कर दिया और खुद मेरा लौड़ा अपनी चूत में घुसाने लगी.
अब शीना मेरे साइड में आकर लेट गई थी और संजना ने मेरे ऊपर बैठ कर मेरा लंड अपनी चूत में लेकर धक्के देने शुरू कर दिए.
जैसे-जैसे संजना धक्के दे रही थी, वैसे वैसे उसकी खूबसूरत काया मुझे अब उसकी तरफ आकर्षित कर रही थी.
तभी शीना मुझे अपनी तरफ खींचा और मेरे होठों पर अपने होंठ रख दिए.
मैं अपने आप पर कंट्रोल नहीं कर पा रहा था.
और तभी संजना ने मेरे एक हाथ पकड़ कर अपने दूध पर रख दिया और अपने हाथों से मेरे हाथ दबाया और अपने दूध मिंजने लगी.
पता नहीं उसको इतनी ज्यादा उत्तेजना कैसे हो रही थी जो बिल्कुल पागलों की तरह मेरे लोड़े पर उछल कूद कर रही थी.
जब संजना थक गई तो मैंने उससे कहा- मेरी जान, अब तुम मेरी घोड़ी बन जाओ.
मैं दोनों घोड़ियों को एक साथ चोद दूंगा.
यह बात सुन कर संजना तेजी से मेरे सामने घोड़ी बन गई और अपनी गांड को चौड़ी कर दी.
उसने जैसे जैसे किया, वैसे ही शीना करने लगी.
पर शीना ने अभी तक मुझे बस अपनी चूत का ही स्वाद चखने दिया था.
मैं शीना की इजाजत के बगैर उसकी गांड को हाथ भी नहीं लगाना चाहता था.
अब मेरे सामने दोनों रंडियां नंगी थी अपनी गांड को खोल के … तब मैंने बजे संजना की गांड में लौड़ा दे दिया और शीना की चूत में अपनी उंगली डालने लगा.
जितना मैं संजना को धक्के दे रहा था, उतनी ही तेज़ी से हाथ से शीना की चूत में उंगली कर रहा था.
अब दोनों के मुंह से सिसकारी निकलनी शुरू हो गई थी और दोनों की एक ही बात कह रही थी- हां मेरी जान … जोर से हां … और जोर से आ आ आ … और अंदर … और अंदर डालो! और अंदर डालकर मेरा पूरा पानी निकाल दो.
मेरे दोनों दूध भी दबाओ, मेरी गांड भी मारो और मेरी चूत में भी अपना रस डाल दो पूरा.
मैंने अपने दोनों हाथ अब संजना की कमर पर रख दिये और उसकी कमर को जकड़ के पीछे से तेजी से धक्के देने लगा जिससे संजना की सिसकारियां चीखों में बदल गई थी.
वह बस चिल्ला रही थी.
उसकी चीखों से यह तो पता चल रहा था कि उसको बहुत मजा आ रहा है.
जैसे तैसे संजना मेरे धक्के सहन कर रही थी पर उससे अब सहन नहीं हो रहा था और उसका बदन अकड़ने लगा था जैसे मुझे पता चल गया कि मेरी संजना अभी फिर से एक बार झड़ने वाली है तो मैंने और जोर जोर से धक्के देनी शुरू कर दिए और नीचे से हाथ ले जाकर एक हाथ से दूध मसल रहा था. तो दूसरे हाथ से उसकी चूत का दाना मसल रहा था.
संजना पूरी तरह से पागल हो रही थी और अपना सर बेड पर पटक रही थी.
मैंने ऐसे ही 10-15 धक्के दिया होंगे कि संजना का बदन पूरी तरह से अकड़ गया और वह थरथराते हुए झड़ने लगी.
अब तो मेरा भी वक़्त आ चूका था … तो मैंने शीना से कहा कि वो मेरा लण्ड अपने मुख में ले ले.
मेरी यह आज्ञा सुनते ही शीना झपट्टा मार के मेरा लौड़ा चूसने में लग गई और बस थोड़ा ठीक लगने के बाद ही फ़ौरन संजना भी आकर मेरा लौड़ा चूसने लगी.
अब माहौल कुछ ऐसा था कि दोनों औरतें मेरा लौड़ा चूस रही थी.
एक लौड़े को गले तक ले रही थी और दूसरी गोटियाँ चूस रही थी.
मैं तो सच में सिसकारियाँ निकालने लगा था अब … जितना मज़ा मुझे उनकी चुदाई में नहीं आ रहा था उससे कई ज्यादा मज़ा अब मुझे उन दोनों की चुसाई की वजह से आ रहा था.
आखिरकार मेरे लण्ड से पिचकारियाँ निकली जो पहले मैंने संजना के मुख में कुछ छोड़ दी और कुछ पिचकारियाँ शीना के मुख में छोड़ दी.
जिससे दोनों को भी उनकी मेहनत का फल मिल गया था.
दोनों बड़े चाव से मेरे पानी को गटक कर चटखारे मारने लगी.
शीना ने पूरा पानी पीकर फिर से मेरा लौड़ा चूस के पूरी तरह से साफ़ किया.
और जब सब ख़त्म हो चुका तो दोनों लड़कियाँ मेरे आजु बाजू में लेट गयी और पता नहीं कब हमें ऐसी ही नंगे पड़े नींद लग गई.
और हमारा यह चुदाई का दौर अब ख़त्म हो गया था.. तो दोस्तो, यह थी मेरी नयी कहानी.
आपके मेल का इंतजार रहेगा.
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स्रोत:इंटरनेट