. भैया का लंड था तो छोटा, पर भाभी भी अभी तक तो मुझे वर्जिन ही लग रही थीं.
उनकी सील भी शायद नहीं टूटी थी.
भैया का लंड अन्दर घुसा, तो भाभी को कोई ज्यादा दर्द भी नहीं हुआ.
इससे मुझे भाभी के पहले से चुदे होने का शक होने लगा.
हालांकि ये भी हो सकता था कि भैया का लंड छोटा होने की वजह से भाभी को ज्यादा दर्द नहीं हुआ हो और बिना किसी दिक्कत के भैया का लंड भाभी की चूत में चला गया हो.
खैर … भैया भाभी की चुदाई होने लगी और करीब करीब 10-15 मिनट की चुदाई के बाद भाई भाभी की चूत में ही झड़ गए.
इधर मैं भी अपने हाथ से मुठ मार कर झड़ गया.
ये तो हुई सुहागरात की लाइव फिल्म … पर दोस्तो, इस कहानी का सबसे बड़ा ट्विस्ट तो रह ही गया था, जो मुझे बाद में पता चला था.
दो दिन बाद भाभी को घर की पूजा आदि से फुर्सत मिली और मुझे उनसे बात करने का मौका मिला.
उस दिन भैया को किसी काम से बाहर जाना था, उनके साथ भैया के छोटे भाई को भी साथ जाना था.
मैं उन दोनों के जाने के बाद ही भाभी के पास आया था.
भाभी मुझे देखते ही हल्की सी मुस्कुराईं.
मैंने भी हंस कर उनको देखा.
मैंने पूछा- और भाभी क्या हाल हैं? भाभी ने इधर उधर देखा और धीरे से कह दिया- तुमको तो सब हाल चाल मालूम ही हैं.
उनकी इस बात से मैं चौंका, तो भाभी ने रोशनदान की तरफ उंगली उठा दी.
मैं सकपका गया कि मेरी चोरी पकड़ी गई.
मतलब कि भाभी ने मुझे चुदाई के दौरान देख लिया था.
तभी मेरा भेजा चला और मैंने सोचा कि भाभी की मुस्कराहट शायद कोई और इशारा कर रही है.
मैंने बिंदास कह दिया- इसीलिए तो मैंने आपके कान में कुछ कहा था.
भाभी हंस दीं.
उन्होंने अपने एक हाथ की दो उंगली से कुछ ऐसा इशारा किया, जैसे वो कोई छोटी सी चीज के लिए बता रही हों.
भाभी भैया के लंड की छोटी साइज़ का इशारा करते हुए बोलीं- उस समय मुझे इसकी कुछ जानकारी ही नहीं थी.
मैं समझ गया कि भाभी को लंड छोटा लगा.
मैंने अपने लंड पर हाथ फेरते हुए कहा- मैं कुछ दिखा सकता हूँ? भाभी ने अपनी आँखें मेरे लंड के उभार पर लगा दीं.
मैंने अगले ही पल पेंट की चैन खोली और अपना लम्बा लंड भाभी के सामने लहरा दिया.
उन्होंने मेरे लंड को प्यासी नजरों से देखा और हाथ बढ़ा कर उसे टटोलते हुए कहा- ओके, अभी इसे अन्दर करो, रात में मेरे पास आने की कुछ तरकीब लगाना.
मुझे मालूम था कि आज रात भाभी की ननद प्रिया भाभी के साथ ही सोएगी.
हालांकि वो मुझसे सैट थी लेकिन अभी चुदी नहीं थी.
मैंने भाभी से कहा- आप चिंता मत करो.
बस रात में इस कमरे का दरवाजा खोल देना.
एक फ्रूटी लाऊंगा वो आप अपनी ननद को पिला देना.
मैं इतना कह कर चला गया.
मैंने एक फ्रूटी खरीदी और उसमें इंजेक्शन से गहरी नींद में चली जाने वाली दवा को इंजेक्ट किया और सुई के छेद को बंद करके भाभी के कमरे में दे आया.
रात हुई तो भाभी के साथ उनकी ननद सोने आई.
भाभी ने उसे कमरे के फ्रिज से फ्रूटी निकाल कर दे दी.
उसने मजे से पी ली.
वो बीस मिनट में ही गधे की तरह पैर पसार कर सो गई.
भाभी ने मुझे फोन किया, तो मैंने बगल के कमरे वाले दरवाजे पर दस्तक दे दी.
भाभी ने दरवाजा खोल दिया.
मैं उनको इसी वाले कमरे में ले आया और दरवाजा बंद कर दिया.
भाभी को मैंने फर्श पर बिछी हुई दरी पर लिटाया और उनके ऊपर चढ़ गया.
भाभी को बड़ी चुदास चढ़ी थी.
उन्होंने लेटने के पहले ही अपनी सामने से खुलने वाली नाइटी को खोल दिया था.
आह … भाभी ने अन्दर कुछ भी नहीं पहना था.
उनके तने हुए मम्मे और झांट रहित चूत ने मेरे लंड को एकदम से खड़ा कर दिया.
मैंने उनकी चूत पर उंगली लगाई तो भाभी बोलीं- पहले एक बार चोद दो, फिर दूसरे राउंड में खेल लेना.
मैंने आव देखा न ताव बस लंड को पेल दिया.
भाभी की चूत को जैसे राहत मिल गई.
एक दो झटके में ही भाभी गांड उठा उठा कर चुदाई के मजे लेने लगीं.
मैंने भाभी को चोदते हुए कहा- भाभी अब तक कितने ले चुकी हो.
भाभी ने भी मस्ती में जबाव दे दिया- तेरा पांचवां है.
मैं खुश हो गया कि भाभी पक्की चुदक्कड़ निकलीं … ये तो लगातार चोदने को मिलेंगी.
बस फिर क्या था, उस रात भाभी ने लंड भी चूसा और गांड भी मारने दी.
तीन बार चुदाई का मजा मिला.
अब अगली बार भाभी की ननद की सीलतोड़ चुदाई होनी है.
अब तक जगह का इंतजाम न हो पाने के कारण उसे चोद नहीं पा रहा था.
अब उसको मैं भाभी के कमरे में ही चोद दूंगा.
भाभी की ननद प्रिया की चुदाई होते ही उसकी कहानी का मजा आपको मिलेगा.
मुझे मेल करना न भूलें.
धन्यवाद.
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स्रोत:इंटरनेट