डार्क

मकान मालिक की नई बहू की चुदाई करी किरायेदार ने Part 1 Hindi Sex Story

🇮🇳 हिंदी
गति: 1.0x
स्थिति: तैयार
×

प्लेबैक सेटअप सहायता

यदि आप पहले से ही Chrome/Edge का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन फिर भी प्ले नहीं हो रहा है, तो अपने फ़ोन/पीसी सेटिंग्स की जाँच करें।
सुनिश्चित करें कि TTS इंजन सक्रिय है, उस भाषा का उपयोग कर रहा है जिसे आप सुनना चाहते हैं।

Android और अन्य OS उपयोगकर्ताओं के लिए

Android, Harmony, Lineage, Ubuntu Touch, Sailfish, ColorOS / FuntouchOS, hyperOS आदि के उपयोगकर्ताओं के लिए
मेनू एक्सेस: सेटिंग्स खोलें > एक्सेसिबिलिटी > टेक्स्ट-टू-स्पीच आउटपुट
यदि नहीं है, तो सेटिंग्स > ऊपर सर्च बॉक्स > "text-to-speech" या "text" दर्ज करें
फिर टेक्स्ट-टू-वॉयस या टेक्स्ट-टू-स्पीच, या ऐसा ही कुछ चुनें।
भाषा जोड़ने के लिए, गियर आइकन ⚙ पर क्लिक करें > वॉइस डेटा इंस्टॉल करें और अपनी इच्छित भाषा चुनें।

iOS उपयोगकर्ताओं के लिए

सेटिंग्स > एक्सेसिबिलिटी > स्पोकन कंटेंट पर जाएं
या सेटिंग्स > ऊपर सर्च बॉक्स > "स्पोकन कंटेंट" दर्ज करें और एंटर करें
भाषा जोड़ने के लिए वॉइस चुनें और आवाज़ चुनें

MacOS पीसी उपयोगकर्ताओं के लिए

मेनू एक्सेस: एप्पल मेनू पर क्लिक करें () > सिस्टम सेटिंग्स > एक्सेसिबिलिटी > स्पोकन कंटेंट

Windows उपयोगकर्ताओं के लिए

Windows 10 & 11
मेनू एक्सेस: स्टार्ट खोलें > सेटिंग्स > समय और भाषा > स्पीच
Windows 7 & 8
कंट्रोल पैनल > ईज़ ऑफ़ एक्सेस > स्पीच रिकग्निशन > टेक्स्ट टू स्पीच
Windows XP
स्टार्ट > कंट्रोल पैनल > साउंड, स्पीच और ऑडियो डिवाइस > स्पीच
Windows 2000 & ME
स्टार्ट > सेटिंग्स > कंट्रोल पैनल > स्पीच
अन्य प्रकार के पीसी उपयोगकर्ताओं के लिए, जैसे लिनक्स, क्रोमओएस, फ्रीबीएसडी, आदि।
कृपया Google, Bing आदि जैसे सर्च इंजन में टेक्स्ट-टू-स्पीच को सक्षम करने के लिए सेटिंग्स खोजें

नोट वर्तमान में, यह पृष्ठ आपके डिवाइस के इंजन के अनुसार काम करता है।
इसलिए उत्पन्न होने वाली आवाज़ आपके डिवाइस के TTS इंजन का अनुसरण करती है।

मकान मालिक की नई बहू की चुदाई करी किरायेदार ने Part 1 Hindi Sex Story 1

. मकान मालिक की नई बहू की चुदाई करी किरायेदार ने Part - 1 Hindi Sex Story वैसे मेरी नजर तो उस दिन से ही थी, जिस दिन में शादी में मकान मालिक की सेक्सी नई बहू को स्टेज पर देखा था.
मेरा लौड़ा तो वहीं खड़ा हो गया था और उसकी चूत में गुसने को बेताब हुए जा रहा था.
यार आप सभी को बता नहीं सकता मैं, माल तो बहुत होती हैं, पर इतनी गजब की आइटम … उफ़ … साली फुरसत से बनाई गई चीज थीं भाभी.
गजब का फिगर था, क्या , क्या गांड … मस्त चिकनी चमेली मकान मालिक की नई बहू देखकर तो मेरे हिसाब से सबका लंड खड़ा हो गया होगा.
एक ऐसा माल जिसे देखकर, जितने बाराती थे, बड़े बूढ़े … साला जिसका खड़ा ना होता हो … उसके लंड को खड़ा कर दे.
फिर मैं तो हूं ही पुराना ठरकी … और वैसे मेहनती भी हूं.
सबसे बात भी अच्छे से करता हूं, दिखता भी मस्त हूं.
लड़की हो आंटी हो या दोस्त, मुझसे सब लोग खुश रहते हैं और मुझे भी उनकी तारीफ करने से बहुत फायदा मिलता है.
मैं पुराना कमीना ठहरा, सो किसी न किसी तरह से फायदा ही उठा लेता हूँ.
हम भाभी और देवर की चुदाई की यह हिंदी सेक्स स्टोरी शायद थोड़ीबड़ी हो जाए, पर आप को यह पढने में बहुत मजा आने वाला है.
  हम लोग किराए से एक घर में रहते थे.
यह मकान तीन फ्लोर का मकान है.
पहले फ्लोर में अंकल आंटी, बड़े भैया और भाभी रहते हैं.
दूसरे फ्लोर में जहां छोटे भैया का कमरा है, उधर ही नई भाभी भैया के साथ रहती हैं, उनके बाजू में हमारा निवास है, ये भी तीन कमरों का है.
अब गांडू मकान मालिक के लड़के की शादी थी, तो हम किराए वाले भी एक फैमिली टाइप ही हो गए थे तो अंकल के यहां घुलमिल कर रह रहे थे.
उसी हक से शादी के काम देख रहा था.
भैया भी भाई की तरह ही थे.
उनका स्वभाव भी अच्छा था.
मैं पूरी शादी में भैया के साथ रहा.
उन्होंने मुझसे कहा था- तू कहीं नहीं जाएगा आदी … मेरे साथ ही रहियो.
तेरी भाभी की सहेलियों के साथ तेरा टांका भिड़ा दूंगा.
मैंने बोला- भैया, टेंशन न लो, हम खुद भिड़ा लेंगे, आप देखो, कहीं आप अपनी की जगह उसकी सहेलियों या साली को न देखने लगना.
उन्होंने कहा- भाई तू मेरी छोड़ … तेरी तो ऐसी है कि तू खुद भी भाभी के अलावा किसी को नहीं देखेगा.
मकान मालिक की नई बहू की चुदाई करी किरायेदार ने Part – 1 Hindi Sex Storyमैंने कहा- अच्छा भैया ऐसा है, तो अब तो आपके साथ ही रहूंगा.
मैं शादी में गया और मकान मालिक की नई बहू जब स्टेज पर ला रहे थे, तो मैं भैया और भाभी के पास वहीं कुर्सी पर बैठा था.
अब मकान मालिक की नई बहू आते देखकर मैं वहीं खड़ा हो गया.
शादी में पहली बार मकान मालिक की नई बहू देखते से ही मेरा लौड़ा खड़ा हो गया.
सच में कामदेवी थीं उनकी सेक्सी बहू.
मस्त वाला माल … साला मैंने सोचा ये मकान मालिक के लड़के की किस्मत इतनी अच्छी कैसे हो गई.
मन कहने लगा कि मैं इस माल के लिए अपना सब कुछ दे दूँ.
 वैसे तो भाभी के आस पास भी तरह तरह के ढेर सारी सामान लड़कियों की लाइन लगी थी.
मैं भाभी के पीछे था और ढेर सारी सामान लड़कियों के बीच खड़ा था.
मेरे जैसे चुदाई के भूखे रंडी चोद लड़के का लंड तो उन सभी की मादक सुगंध से ही खड़ा हो गया.
मैं उन सबको चोदना चाहता था, पर सबसे पहले मकान मालिक की नई बहू.
फिर जय माला हुई.
भैया और भाभी आमने सामने थे.
भैया के पीछे मेरा भाई शौर्य, भाभी के ठीक पीछे मैं था.
भाई ने एक पार्टी बम मुझे दिया हुआ था.
बाजू में एक माल ने बोला- अभी माला डाले, तो पार्टी बम मत फोड़ना.
उसने ऐसा कहा तो मैं बोला- क्यों? वो बोली- बस थोड़ा मजा लेना है.
उसके बाद मैं बोला- ठीक है, ले लो मजे.
फिर भैया जैसे ही  अपनी होने वाली धर्म पत्नी के गले में  माला डाल रहे थे, वैसे ही मेरे बाजू खड़ी एक लड़की ने दुल्हन को पीछे खींच लिया और जैसे ही भाभी पीछे खिंची, तो भाभी और मैं एक दूसरे से टकरा गए.
मेरा लौड़ा उनकी गांड से ही सट गया.
मै दुल्हन के कंधे को पकड़ कर संभला और मेरे 9 इंच लम्बे लौड़े में थोड़ा दर्द भी हुआ.
मैंने बहुत टाइट जींस पहन रखी थी जिस कारन मेरा लंड  अंदर तना हुआ हुआ था.
सेक्सी भाभी ने एक गहरी निगाह से मुझे देखा, शायद मेरा लौड़ा कुछ ज्यादा ही घुस गया था.
खैर … हंसते हुए सब ठीक हुआ और मैंने पार्टी बम उठाया और साइड में खड़ी लड़की की कोहनियों को पकड़ा, जहां पर मैं खड़ा था … उसे साइड में लाया.
मैं उसको साइड में लाया मतलब भाभी के पीछे लाने में मेरा खड़ा लंड उसको चिपक कर चलते हुए, एकदम उसकी गांड के छेद में हल्का सा सैट हुआ और फिर टच होते मैं साइड हो गया.
मैंने उसको वो पार्टी बम दिया … और कहा- लो तुम इसे फोड़ो.
मैं मेरे गांडू मकान मालिक के लड़के की तरफ चला गया.
वो माल गजब ही का था.
मेरी हालत खराब हो गई थी.
लंड साला बैठने का नाम ही नहीं ले रहा था.
जयमाला के बाद फ़ोटोशूट की बारी थी.
उधर फ़ोटोशूट की तैयारी और इधर मेरे 9 इंच लम्बे लौड़े को मुठ मारने की जरूरत थी.
तब मैंने भैया से बोला- भैया पेट खराब है … और मुझे वहां जाना है … तो कहां जाऊं, बताओ? भैया झुंझला कर बोले- अरे आदी, तू भी किसी भी टाइम? मैंने आंखों से विनती सी की.
फिर उन्होंने मकान मालिक की नई बहू कान में कहा.
सेक्सी भाभी ने उस माल को कान में कुछ कहा, उसने मेरी तरफ देखा और हंस कर मेरे को चलने बोला.
भैया बोले- जा वो लेके जाएगी.
मैं उसके साथ चल दिया.
उनके यहां एक कॉमन लेटबॉथ था.
अब मैं मोबाइल में हिंदी सेक्स स्टोरी सर्च कर ही रहा था और सोच रहा था कि अब एक दो कहानी पढ़कर मुठ मारूंगा.
उतने में वो सेक्सी लड़की मुझसे हंसते हुए बोली- मुझे पता है, क्या सर्च कर रहे हो तुम मोबाइल में? मैंने चौंकते हुए कहा- कैसे? वो लड़की बोली- शायद तुम्हें भी फील हुआ है, जो मुझे पार्टी बम देते टाइम हुआ था.
मैं बोला- अच्छा जी … वो बोली- वैसे जो मैं सोच रही हूं, वही करने रहे हो … तो साथ देने अन्दर चल सकती हूं.
मैं बोला- यार तुम अन्दर चल सकती, तो तुमने जो नहीं सोचा होगा, वो भी होगा.
उतने में उसने आजू बाजू देखा और अन्दर चली गई और बोली- जल्दी आओ.
मैं जल्दी से अन्दर घुस गया और उसने जल्दी से दरवाजा बंद कर दिया.
मैं बोला- तो दो साथ? तो बोली- पहले शुरू तो करो.
मैं उस सेक्सी लड़की के जिस्म पर टूट पड़ा.
उसने साड़ी पहनी थी.
साड़ी का रंग लाइट ब्लू था.
मैंने उसकी साड़ी के पल्लू को नीचे हटाया और उसके ब्लाउज को नीचे सरका दिया दिया.
उसकी भी नीचे हो गई.
मैं बेसबरों की तरह उसके दूध को दबाता रहा.
उतने में उसने कहा- अभी जल्दी से कर लो, उसके बाद फिर कभी आराम से कर लेना.
मैंने भी देर ना करते हुए अपनी पैन्ट को नीचे सरकाया और उसको नीचे फर्श पर लेटा कर उसकी साड़ी को ऊपर सरका कर उसकी को नीचे सरका कर उतार दिया.
अब मैं उसके ऊपर लेट कर अपने मुँह से उसके होंठों को किस किया और उसकी चूत में लंड रगड़ने लगा.
उसने बोला- टाइम खोटी मत कर यार पहले डाल दे … जल्दी कर.
   मैंने भी देर ना करते हुए उसके मुँह में साड़ी को डाल दिया और उसकी चूत में लंड डालने के लिए झटका मारा.
मेरा लौड़ा एक ही बार में आधा चला गया.
मैं समझ गया कि चुदा हुआ माल है.
मैं बोला- चुदी चुदाई है … तू कितनों से चुदी है.
उसने साड़ी मुँह से निकाल कर कहा- मै अभी तक तो वर्जिन हूँ ये आज मेरी पहली चुदाई है … बस उंगली का कमाल है बेटा, जो तेरा आसानी से चला गया … जल्दी कर पूरा लौड़ा डाल.
मैंने सोचा ये साली रंडी पहले भी अपनी चुदाई करवा चुकी है और अब मेरे से चुदाई करवाते वक्त  ड्रामा कर रही है.
’ बस मैंने बातों ही बातों में उसको एक जोर का झटका मार दिया.
जोर का झटका मारते ही उस लड़की के मुह से आह… निकल पड़ी और  उसकी आंख मे आंसू भर गए.
वो साली रंडी इस बार बहुत जोर से चीखी थी.
मैंने उसके मुँह में उसी की चड्डी डाल दि और एक हाथ से उसके दूध से भरे मोटे मोटे बोबेदबाने लगा.
हाथ को उसकी कमर में फिराने लगा और दूध चूसने लगा.
कुछ पल बाद वो शांत हुई और सिसकारियां भरने लगी.
मैंने मेरे लौड़े की जगह बनाना शुरू किया, ऊपर नीचे किया और अब धीरे धीरे स्पीड बढ़ा दी और मजे से चोदने लगा.
उसकी चूत ने रस छोड़ दिया था तो चूत में पच पच होने लगी थी.
बस 5-6 मिनट बाद मैं भी उसकी चूत में झड़ गया और उठ कर मेरे लौड़े को पानी डाल कर साफ़ किया.
मैं अपने कपड़े ठीक करके बोला- मैं बाहर जाता हूं.
वो हंस दी.
मैंने कहा- एक बार अच्छे से मौका देना, तुमको तसल्ली से चोदना है … और बड़े प्यार से.
तुम भी मेरे अलावा फिर किसी से ना चुदवाओगी तो, तुम्हें इस लंड से प्यार हो जाएगा.
वो फिर से हंस दी.
अब हम दोनों बाहर आ गए.
भाई अब भी फोटोशूट में बिजी थे.
मुझे देखा तो मेरे को बुलाया.
उनके साथ पिक हुई.
फिर मैं रात को चला गया.
सुबह भैया आए तो डांटने लगे कि उधर से क्यों आ गया था? मैं बोला- अच्छा नहीं लग रहा था.
मैंने ऐसा बोला और सॉरी बोल दिया.
वे बात करने लगे तो मैंने कहा- आज भैया आपकी सुहागरात है, आप तो उसकी तैयारी करो.
भैया बोले- काहे की सुहागरात, साले ले जाएंगे आज शाम को … बहनचोद साले, साला शादी किए ही क्यों थे.
गांडू के लड़के की हालत ना कुत्ते जैसी थी कि हड्डी मिली, पर उठा के रख लिए हो और खा ना सके.
उधर रिसेप्शन की तैयारी चल रही थी और शाम को रिसेप्शन के बाद एक बजे करीब मकान मालिक की नई बहू वापस रस्म बाकी रहती हैं, कुछ उसके लिए ले गए.
मैं भईया से बोला- क्या हुआ भैया? बोले- ले गए लौड़े लोग … माल को चोदने तो देते लौड़े.
मैंने भईया से कहा- आप कल लेने चले जाना और ले आना.
ऐसा बोल कर मैं चला गया.
  अब सुबह पता चला कि भाभी के घर मुझे जाना है, भैया को स्कूल जाना है.
बड़े भैया को दुकान में जाकर कई लोगों का हिसाब करना था और सीधी बात ये भी थी कि भैया भाभी के जेठ लगते हैं तो वो एक दूसरे को छू देख भी नहीं सकते थे.
पहले तो मेरे पापा ने बोला- उनको कैसा लगेगा कि फैमिली से कोई नहीं गया और ये जाएगा, तो कैसा लगेगा.
नया रिश्ता है.
भाभी कल आ जाएगी.
फिर अंकल मेरे से बोले- लंबे सफर में गाड़ी जमती नहीं और ये भाई ही तो है.
इतना काम किया है, एक और कर देगा.
फिर इसकी शादी में हम हिसाब चुका देंगे.
अंकल ने ऐसा मजाक में बोला और मैंने बात कर ली कि जाना है और मकान मालिक की नई बहू लाना है.
तो पापा भी बोले- ठीक है, जा ले आ.
सब भी हां हां बोले.
मैं भैया के पास गया, भैया को बोला- आप जाओ न मकान मालिक की नई बहू लेने यार … मेरे ऊपर मामला आ रहा है.
आप तो कल कैसे हो रहे थे, रात भर के लिए बेकरार हुआ जा रहे थे.
भैया बोले- भाई चला जा ना … का सवाल न होता, तो वहीं चुदाई करके आता.
आज तेरी वजह से हो जाएगी, तेरा नाम हमेशा लूंगा कि मेरे भाई के कारण मेरी सुहागरात हुई थी.
मैंने बोला- ठीक है, पर एक शर्त है.
वो पूरी करनी पड़ेगी? भईया बोले- बोल ना? मैंने बोला- जो साली मेरे को बॉथरूम ले गई थी, उसका नंबर लगेगा.
भैया बोले- ले लियो, जो लेना हो, पर चले जा भाई … तेरी भाभी से कह दूंगा … वो ही दे देगी.
अंकल बोले- भैया को मस्का लगा रहा है क्या? बेटा वो जा सकता, तो वो रूकता ही नहीं … तू चला जा.
   अब मेरे को जाना पड़ा.
मैं 11 बजे निकला था.
सबको पता है कि मैं बाइक आराम से चलाता हूं, टाइम तो लगेगा ही.
और मुझे था कि अब कोई मेहमान जान पहचान वाले तो होंगे नहीं.
इसलिए मैंने भी बोल दिया था कि मैं जाऊंगा और आ जाऊंगा … रुकूंगा नहीं.
लेकिन ये सोच लो दोस्तो … कि उस दिन तो भाभी की चुदाई होना ही था.
भईया के साथ नहीं, पर मेरे हाथों उद्घाटन होना था, मुझे लगा कि ये सब होना ही था.
हमारी चुदाई की घटना ऊपर भगवान के घर से लिख कर आयी होगी.
सुबह मौसम भी खराब था, तो मैं 3 घंटे में पहुंचा था.
अकेला होता हूँ, तो भी आराम से ही चलाता हूं.
उनके घर में आंटी अंकल मतलब भाभी के पापा मम्मी भाभी का भाई था, जो अपने हॉस्टल जा रहा था.
मैं उससे मिला, तो वो बोला- आप यहां रुकिए … मुझे जाना ही पड़ेगा, कल से कॉलेज जाना ही पड़ेगा.
पिछले 15 दिन से यहीं था.
उतने में उसकी बस आ गई.
वो चला गया.
मैंने भाभी से नमस्ते बोला और अंकल आंटी से सभी से नमस्ते किया.
फिर मैंने को बोला- भाभी की तैयारी तो होगी ही, तो उनका सामान दे दो … और हमें भी आज्ञा दे दीजिए.
  मौसम बारिश का बना है.
“हां बेटा, सब तैयार है, बस तुम अन्दर तो चलो … थोड़ा चाय पानी वगैरह पी लो.
अभी तो आए हो, खाना वगैरह कुछ ले लो.
”मेरे मना करने पर भी उन्होंने जोर दिया और मुझे जाना पड़ा.
अन्दर जाते ही पानी पड़ने लगा.
एक घंटे के बाद बारिश कम हुई तो मैंने बोला कि अब निकल जाते हैं.
मौसम खुला था, उन्होंने कहा- थोड़ा देख लो, फिर चले जाना.
उतने में अंकल का कॉल आया-आज मत आना … आज बहुत पानी बरस रहा है, सब रास्ते बन्द हैं.
अब पापा का कॉल आया, तो मैंने आने की जिद की, तो बोले कि कह दिया, चुप रह … सुबह आना.
मैंने बोला- ठीक है … सुबह आ जाऊंगा.
अब रात रुकना पड़ा.
मेरी के घरवाले मेरी खातिरदारी में कोई कसर नहीं रख रहे थे कि मुझको कुछ बुरा ना लग जाए.
मेरी भाभी भी मेरा पूरा ख्याल रखने में लगी थीं.
पर मेरे लिए उनके तेवर थोड़े अलग थे.
शायद पता था.
क्यों भाई पर उनको देखकर बस चोदने का मन करता था.
इसी में टाइम कट रहा था.
अब लंड फिर तैयार था, तो बॉथरूम की तरफ गया और अन्दर चला गया.
मेरी भाभी के यहां मेरा लौड़ा जबरदस्त खड़ा हो रहा था.
मुझे क्या पता था कि आज भाभी की की सील तोड़ने का मौका मेरे 9 इंच लम्बे लौड़े के नसीब में ही लिखा था.
मैंने कैसे अपनी भाभी की वर्जिन चुत की सील खोली और कैसे उनकी चुदाई करी वो सब इस हिंदी सेक्स स्टोरी के अगले भाग में.
दोस्तों आप सभी को मेरी यह हिंदी सेक्स स्टोरी “मकान मालिक की नई बहू की चुदाई करी किरायेदार ने Part – 1 Hindi Sex Story” पसंद आयी हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करना… इस हिंदी सेक्स स्टोरी का अगला भाग पढने के लिये निचे लिंक पर क्लिक करें >>.
स्रोत:इंटरनेट