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मल्लू आंटी की गांड में ऊँगली करी फिर कुतिया बनाकर गांड मारी

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मल्लू आंटी की गांड में ऊँगली करी फिर कुतिया बनाकर गांड मारी 1

. मल्लू आंटी की गांड में ऊँगली करी फिर कुतिया बनाकर गांड मारी जितनी ही मस्त सुडौल और भारी उस सेक्सी महिला के चुतड थे उतनी ही वो उसको मटका के चलती भी थी.
चेन्नई की उस गरम माल मल्लू आंटी की मोटी और चौड़ी मटकती हुई टट्टी से भरी गांड को देखकर हर कोई उस सेक्सी मल्लू आंटी को कुतिया बनाकर उस रांड की गांड मारना चाहता था.
मगर दोस्तों वो हॉट मल्लू आंटी थी बहुत चालाक, वैसे तो चेन्नई की उस मल्लू आंटी को भी नए नए मर्दों के विभिन विभिन प्रकार के लम्बे और मोटे लंड से अपनी चौड़ी गांड मराने में बड़ा मज़ा आता था लेकिन वो बहन की लौड़ी सिर्फ और फिरफ स्कूल और कॉलेज के जवान लड़कों के लंड से ही अपनी. गांड चुदवाती थी.
उस सेक्सी मल्लू आंटी की नज़रें हमेशा स्कूल और कॉलेज के किसी न किसी जवान लड़के पर रहती थी.
मेरा रंडी बाज दोस्त भी उस रांड की मतवाली गांड कई बार मार चुका था और उस बहन की लौड़ी के मोहल्ले के भी सभी लड़के उस रांड की की खूब जमकर ठुकाई कर चुके थे.
इन सब बातों को सुनकर मेरा खंजर जैसा लंड खड़ा हो गया था, मैंने उससे बोला यार कभी मुझे भी उसकी गांड दिलवा, तेरी बात सुनकर मेरा मन भी उसकी गांड चोदने का कर रहा है.
उस बहन के लौड़े ने बोला ठीक है कभी मेरे साथ मेरे घर चलना हुआ तो जरुर उस मल्लू आंटी की गांड चोदने के लिए दिलवाऊंगा.
किस्मत से कुछ दिन बाद ही मुझे चेन्नई जाने का मौका मिल गया क्योंकि मुझे वहां पटवारी का परीक्षा देने जाना था, ये बात मैंने अपने दोस्त को बताया.
वो बोला ठीक है मैं भी चलता हूँ और उसने कॉलेज से छुट्टी ले लिया.
हम लोग पटवारी के परीक्षा से 4-5 दिन पहले ही चेन्नई के लिए निकल गए.
दोपहर को करीब 2 बजे मैं अपने दोस्त के साथ उसके घर पहुच गया, वहां हमलोग फ्रेश हुए, खाना-वाना खाया और शाम को घुमने निकले.
मैं अपने दोस्त से बोला-यार कब उस मल्लू आंटी की गांड दिलवाएगा.
मेरा दोस्त बोला-आज ही तो आए हैं हमलोग देखते हैं,पहले कहीं बाहर मिल जाए उसके बाद उसके घर चल के उसकी बजायेंगे,चल अभी पार्क चलते हैं वहां वो अक्सर आती है.
हमलोग पार्क चले गए, वहां एक से एक माल थी, कुछ मल्लू आंटी और कुछ लड़कियां.
हमलोग यही सब देखते हुए टाइम पास कर रहे थे को एक तरफ से आवाज़ आई- हे, अरविंद कब आना हुआ.
मैंने उधर देखा तो एक मल्लू आंटी अरविंद की तरफ आते हुए बोल रही थी.
उस मल्लू आंटी की मतवाली गांड देखकर तो लग रहा था वही है जिसके बारे में उसने बताया था.
मैं वहीँ खड़ा रहा और अरविंद आगे बढ़ कर उससे बात करने लगा.
वो दोनों काफी देर तक बात करते रहे फिर दोनों मेरी तरफ आये, मेरे रंडी चोद दोस्त अरविंद ने उस सेक्सी मल्लू आंटी से मेरा परिचय करवाया.
उसने मेरे बारे में बताया और मुझे बोला ये वही आंटी है जिसके बारे में मैंने तुम्हा बताया था.
मल्लू आंटी चौकते हुए बोली-क्या बोला था मेरे बारे में- अरविंद बेटा तुम बहुत शैतान हो गए हो.
अरविंद ने कहा- नहीं आंटी कुछ खास नहीं केवल बताया था आप बहुत अच्छी हो और मुझे बहुत प्यार करती हो, मल्लू आंटी अरविंद की तरफ खा जाने वाली नज़रों से देखते हुए बोली -ठीक है घर आओ चाय पीने और हाँ अपने दोस्त को भी लेते आना और वो अपनी गांड हुए चली गई.
अरविंद ने मेरी तरफ देखते हुए बोला -चल यार घर चले, तुझे जल्दी ही सेक्स करने के लिए मल्लू आंटी की गरमा गर्म गांड मिल जाएगी फिर जी भर कर चोद लेना कुतिया बनाकर.
और हमलोग आगे का प्लान बनाते हुए घर चले गए.
अगले दिन हमलोग तैयार होकर मल्लू आंटी के घर पहुंचे.
वहां मल्लू आंटी ने हम दोनो कुंवारे लड़कों को बैठाया और तिन गिलास ठंडा ठंडा शर्बत बना कर ले आई, हम बात करते हुए ठंडा ठंडा शर्बत पीने लगे.
बातें करते हुए और ठंडा ठंडा शर्बत पीते हुए मैं गरम माल मल्लू आंटी की उभरी हुई गांड ही एक टक लगाए देखता रहा.
कुछ देर बाद मेरा दोस्त अरविंद बाहर चला गया, बोला मुझे कुछ जरुरी काम है, तू बैठ कर आंटी से बाते कर, ये सब हम दोनों रंडी चोद दोस्तों के प्लान के मुताबिक ही चल रहा था.
मेरे रंडी बाज दोस्त के जाने के बाद मल्लू आंटी मुझसे पूछने लगी -तो अरविंद बेटा क्या बता रहा था मेरे बारे में.
मैंने उनकी बड़ी-बड़ी चुन्चियों को देखते हुए कहा- आप उसे बहुत प्यार करती हैं और मुझे भी उसी की तरह प्यार करेंगी.
तभी वो उठी और उठते ही कमर को पकड़ के बैठ गई, फिर मुझसे बोली जरा मेरी कमर की तेल मालिश कर दोगे, बहुत दर्द कर रहा है .
मुझ चुदाई के भूखे कुंवारे लड़के ने कहा क्यों नहीं आंटी, फिर उसने मुझ से में चलने को कहा.
मैं उन सेक्सी आंटी को अपने कंधे का सहारा देते हुए बेडरूम तक ले गया, उनकी चुन्चिया मुझसे सट रही थी मुझे गुदगुदी लग रहा था.
यहाँ भी देखें :- वो टेबल पर तेल की शीशी पड़ी है वहां से तेल लेकर मेरे कमर की तेल मालिश कर दो- मल्लू आंटी ने बेड पर लेटते हुए कहा.
मैं तेल की शीशी उठा कर उनकी कमर के पास बैठ गया और तेल लगा कर कमर की तेल मालिश करने लगा.
थोड़ी देर बाद मैंने कहा- आंटी अगर आप साडी को थोडा नीचे कर लेंगी तो तेल लगने से बच जाएगा.
उस सेक्सी औरत ने अपने पेटीकोट को ढीला करते हुए कहा- जितना ठीक लगता है उतना नीचे कर लो, देखना मेरी साड़ी तेल से ख़राब न हो जाए.
अब क्या था मेरे मन की मुराद पूरी होने वाली थी, मैंने उनकी साडी को थोडा नीचे किया और कुछ देर तेल लगाने के बाद और नीचे कर दिया.
अब मल्लू आंटी की गांड की लकीर दिखने लगी थी, मैं तेल मालिश करते-करते उनकी लकीर में भी हाथ फिर देता था और वो सिसक उठती थी, उसे मज़ा आ रहा था.
कुछ देर बाद उस सेक्सी औरत ने बोला की बेटा मेरी साड़ी खोल दो और पैरों में भी तेल लगा दो.
मैंने उन सेक्सी आंटी की साड़ी खोल दी और पैरों से तेल लगाते हुए उपर उनके गुप्तांगो पर बढ़ने लगा.
अब वो सेक्सी औरत केवल पेटीकोट में थी.
मैं आंटी के उस पेटीकोट को उपर की तरफ खिसकाता हुआ उनकी जांघ की तरफ बढ़ता गया.
उनकी गोरी गोरी जांघ को मसलते हुए मेरा खंजर जैसा लंड खड़ा हो गया था.
मैंने उनके पेटीकोट को इतना उप्पर कर दिया की मुझे उनकी चूत के बाल बोले तो झांट के घने काले बाल दिखाई देने लगे.
मैंने हाथ बढ़ा कर सेक्सी आंटी की झांट के बालों को भी हलके से छु लिया.
कुछ देर तेल मालिश करने के बाद मल्लू आंटी बोली- बेटा,जरा मेरी पीठ पर भी तेल लगा कर तेल मालिश कर देना.
मुझ चुदाई के भूखे कुंवारे लड़के ने कहा ठीक है आंटी और उसकी जाँघों पर बैठ कर पीठ पर तेल लगाने लगा, ऐसा करते हुए मेरा खंजर जैसा लंड उनकी बड़ी गांड से टच कर रहा था और धीरे-धीरे खड़ा हो रहा था.
मुझ चुदाई के भूखे कुंवारे लड़के ने कहा आंटी आपकी ब्लाउज तेल लगने से ख़राब हो जाएगी अगर आप कहें तो मैं इसे खोल दूँ.
उस चुदने की भूखी मल्लू आंटी ने कहा की बेटा तुझे जो ठीक लगता कर ले, तू तो बहुत अच्छा तेल मालिश करता है.
फिर मैंने उनके ब्लाउज और ब्रा दोनों को खोल दिया, पीछे से उनकी पीठ बिलकुल नंगी हो गई थी.
अब मैं जांघ पर बैठे – बैठे पीठ की तेल मालिश करने लगा और मेरा खंजर जैसा लंड खड़ा होकर उनकी गांड में घुसने की कोशिश करने लगा.
नंगी आंटी के मुंह से हलकी-हलकी आवाज़े निकल रही थी, वो मस्ती में आके अपनी टांगें फैला ली थी जिससे लंड के गांड तक पहुँचाने का रास्ता चौड़ा हो गया था.
कुछ देर तक ऐसे ही तेल मालिश करने से लंड इतना टाईट हो गया था की उनकी गांड की दरारों में आधा घुस रहा था.
अब मुझ कुंवारे लड़के से बिलकुल भी सब्र नहीं हो रहा था, मैंने उनकी मोटी गांड पर से पेटीकोट हटा दिया और उनकी मोटी गांड को जोर जोर से दबाने लगा और अपने खंजर जैसे लंड को भी बाहर निकाल लिया और उनकी नंगी गांड की दरारों में थूक लगाकर रगड़ने लगा.
तभी मुझे उनकी बड़ी सेक्सी गरम गांड का मस्त छेद दिखाई दिया वो बहुत ज्यादा मस्त लग रहा था.
उस चुदवाने की भूखी मल्लू आंटी की बड़ी गांड गद्देदार थी, अपनी बड़ी गांडको इस तरह देखते हुए आंटी ने देखा और बोला -कही मेरा गांड में लंड देने का तो नहीं सोचा है .
मुझ चुदाई के भूखे कुंवारे लड़के ने कहा -आपकी गांड इतनी मस्त हैं की बिना उसमे लंड दिए बिना रहा भी नहीं जाएगा.
मैं तुमसे अपना नहीं मरवा सकती, तुम्हारा लंड काफी मोटा है ,मेरी फट जाएगी.
मैंने कहा-मैं आपकी बड़ी गुदा भी बड़े प्यार से मारूँगा.
वो कुछ बोली नहीं ,मैं समझ गया आंटी को मरवाना तो है पर वो भाव खा रही हैं.
मैंने वही पड़ी बोतल उठाई और ऊँगली के ऊपर तेल लेकर उनकी गांड के काने में लगा के मसल दिया और अपनी एक ऊँगली गांड के काने में घुसाई .
मैं कुछ देर तक उनकी गांड में ऊँगली देता रहा.
मैंने आंटी को अपनी तरफ खिंच उसे अपना लौड़ा मुहं में लेने के लिए कहा.
लंड चूसते-चूसते वो बोली- तुम्हारा लंड तो काफी मोटा और बड़ा है और ऐसा ही जवान लंड मुझे पसंद आता है.
मैं रंडी तो कुतिया बनकर तुम्हारे लम्बे मोटे लंड से अपनी मतवाली गांड मरवाने के लिए ही तुमसे तेल मालिश करवा रही थी मैं तेल मालिश के बहाने तुम्हे अपने करीब लाने की कोशिश कर रही थी.
मैं उनकी चौड़ी गांड में ऊँगली कर रहा था चेन्नई की उस मल्लू आंटी की चौड़ी गांड अंदर से बहुत ही ज्यादा गरम थी उनके गांड के अंदर की गर्मी लोहे को भी पुघला डाले ऐसी तेज गर्मी थी.
मेरे दोस्त की पड़ोसन नंगी आंटी की मतवाली गांड के छेद में ऊँगली करते करते मैं आंटी की चूत को भी सहला रहा था, मल्लू आंटी की चूत से पानी की धार बह रही थी.
जब 2-3 ऊँगली अंदर चली गई तो मैंने आंटी को उल्टा लिटा दिया दिया और पीछे चला गया.
अब मैंने मेरे खंजर जैसे लंड को उस नंगी औरत की बड़ी और मोटी गांड पर रख कर हिलाने लगा.
उस चुदवाने की भूखी आंटी की गर्म गांड पर लंड रगड़ते रगड़ते हुए ही मैंने एक झटका दिया.
आंटी के चिल्ला उठी मेरा खंजर जैसा लंड उसकी बड़ी गांड में आधा चला गया था.
मैं रुक गया और उसके मस्त स्तन को दबाने लगा.
थोड़ी देर में ही एक और झटका दे मैंने पूरा लंड गांड में पेल दिया.
वो चिल्लाने लगी, हाय रे में मर गई ,बाहर निकाल लो अपने मुसल जैसे खंजर जैसे लंड को.
मैं धक्के लगा कर गांड में लंड के झटके देने लगा.
आंटी भी अब अपनी गांड लंड के उपर जोर जोर से आगे पीछे हिला हिला के गांड मरवाने के मजे लेने लगी थी.
कुछ देर उस साली रंडी की मोटी गांड मारने के बाद मेरा वीर्य उसकी गांड में ही निकल पड़ा.
दोस्तों मैंने जीवन में पहली बार किसी मल्लू आंटी के साथ सेक्स करा था और उनकी गांड चोदने के साथ साथ गांड के छेद में ऊँगली करी थी.
मैंने लौड़े को नंगी आंटी की गांड के छेद से बाहर निकाल कर अपने कपड़े पहन लिए और आंटी नंगी ही बिस्तर पर लेट गई.
आंटी को देखकर ऐसा लग रहा था की शायद चुदवाते चुदवाते वो बहुत ज्यादा थक चुकी थी.
दोस्तों मैंने किसी मल्लू आंटी की गांड मारी थी ये अहसास मुझे जिन्दगी भर रहेगा.
अगली बार मैंने और मेरे दोस्त ने मिलकर उस चेन्नई वाली मल्लू आंटी के साथ थ्रीसम सेक्स करा वो वाली सेक्स स्टोरी कल इसी देसी पोर्न वेबसाइट पर प्रकाशित करूँगा उसे पढ़ना मत भूलना….
स्रोत:इंटरनेट