. मस्त ऑन्टी की सेक्सी चुदाई XXX Indian Hindi Sex Story Free स्प्रे करने के बाद मैंने ऑन्टी को उठने के लिए कहा क्योंकि गर्म खून में उठना आसान होता है.
इसलिए ऑन्टी ने उठने की कोशिश की.
लेकिन ऑन्टी से अब भी नहीं चला जा रहा था.
ऑन्टी ने उठने की कोशिश की तो उनके पैर में अभी भी बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था.
फिर मैंने खुद ही ऑन्टी की उठने में मदद की.
ऑन्टी ने मेरे कंधे पर हाथ रखा मेरे सहारे से वो धीरे-धीरे उठ कर चलने लगी.
ऑन्टी को मैं उनके बेडरूम की तरफ लेकर गया ताकि वो उनको आराम से बेड पर लिटा कर आराम करने के लिए कह सकूं.
ऑन्टी मेरे सहारे से चल कर अपने बेडरूम तक पहुंच गई.
अंदर बेडरूम में ले जाने के बाद मैंने ऑन्टी को धीरे से बेड पर बैठा दिया.
ऑन्टी ने मुझसे कहा- शायद तुमने घर का दरवाजा खुला ही छोड़ दिया है.
तो मैंने ऑन्टी के कहने पर जाकर घर का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया.
अभी ऑन्टी को मेरी जरूरत थी इसलिए मैं भी ऑन्टी के पास ही रुकना चाह रहा था.
लेकिन दोस्तो अभी तक न तो ऑन्टी के ही मन में और न ही मेरे ही मन में कुछ गलत विचार आये थे.
मैं घर का दरवाजा अंदर से लॉक करके वापस ऑन्टी के पास आ गया.
ऑन्टी बेड पर लेटी हुई थी.
ऑन्टी ने मैक्सी पहनी हुई थी.
लेकिन उनकी मैक्सी ऊपर तक उठ गई थी.
जब मैं रूम में घुस रहा था तो पहली बार मेरी नजर ऑन्टी के आधे नंगे पैरों पर गई.
एक टाँग पर से तो मैक्सी जांघ तक पहुंच गई थी.
यह देख कर मेरे मन में कुछ होने लगा था.
ऑन्टी की जांघें काफी गोरी थीं.
मैंने ऑन्टी का पैर देखने के बहाने से ऑन्टी के पैरों को छूकर देखा.
ऑन्टी की जांघें काफी मुलायम सी थीं.
ऑन्टी आंखें बंद करके पड़ी हुई थी.
मेरे अंदर अब हवस जागने लगी थी.
मैंने बहाने से ऑन्टी की मैक्सी को थोड़ी सी और ऊपर सरका दिया तो ऑन्टी की जांघों के बीच में उनकी जालीदार पेंटी के अंदर उनकी चूत छिपी हुई थी.
उसको बाहर से देखने मात्र से मेरा लन्ड एकदम से खड़ा हो गया.
ऑन्टी का एक पैर मेरी जांघ पर रखा हुआ था.
लेकिन ऑन्टी के पैर के पास ही मेरे लन्ड में कसाव आना शुरू हो गया था.
मेरा लन्ड एक मिनट के अंदर ही पूरा तन गया था.
मैंने ऑन्टी का पैर थोड़ा सा और सरका दिया तो ऑन्टी का पैर मेरे खड़े हुए लन्ड से टच हो गया.
( मस्त ऑन्टी की सेक्सी चुदाई XXX Indian Hindi Sex Story Free हिंदी सेक्स कहानियाँ XXX Hindi Sex Stories )पैर जैसे ही मेरे लन्ड पर टच हुआ तो मेरे लन्ड एक झटका मार दिया और ऑन्टी ने आंखें खोलकर बहाने से मेरे लन्ड की तरफ देखा.
ऑन्टी ने मेरे खड़े हुए लन्ड को देख लिया था.
उनको पैर से भी पता चल रहा था कि मेरा लन्ड अंदर ही उनकी चूत में घुसने के लिए तड़प उठा है.
इसलिए ऑन्टी ने एक बार देख कर दोबारा से अपनी आंखें बंद कर लीं और मैं ऑन्टी के पैर की मालिश करता रहा.
मेरे हाथ ऑन्टी की जांघों तक पहुंच रहे थे और ऑन्टी मेरे हाथों की मालिश के मजे ले रही थी.
मैंने जान बूझ कर थोड़ा सा तेल उनकी जांघों पर ऊपर तक डाल दिया.
ऑन्टी ने घुटनों से अपने पैर मोड़ लिये थे इसलिए ऑन्टी की जांघों के ऊपर से बहता हुआ तेल उनकी चूत पर जाने लगा था.
मैं भी तो यही चाह रहा था कि तेल ऑन्टी की चूत की तरफ बह कर चला जाये ताकि मुझे चूत के करीब तक मालिश करने का मौका मिल जाये.
यहाँ भी देखे>>जब तेल ऑन्टी की चूत तक पहुंच गया तो ऑन्टी ने एक सिसकारी सी ली.
मैं समझ गया कि मेरा तीर निशाने पर लगा है.
मैंने धीरे से मेरी तीन उंगलियां उनकी जांघ पर घुमाईं और सीधी उनकी पेंटी तक लेकर गया.
लेकिन मैंने चूत तक हाथ पहुंचने से पहले ही अपने हाथ को बीच में ही रोक दिया.
मैं भी ऑन्टी को पूरी तरह से गर्म होते हुए देखना चाहता था.
कई मिनट तक मैं ऐसे ही करता रहा.
मैं ऑन्टी की चूत तक हाथ को ले जाता था और बीच में ही रोक देता था.
ऑन्टी की सिसकारियां धीरे-धीरे बाहर आ रही थीं.
जब ऑन्टी काफी गर्म हो गई तो ऑन्टी के पैर ने हल्का सा दबाव मेरे लन्ड पर बनाना शुरू कर दिया.
यह मेरे लिए अच्छा संकेत था कि ऑन्टी मेरे लन्ड के लिए गर्म हो चुकी है.
वो बार-बार अपने पैर को मेरे लन्ड पर दबा रही थी लेकिन पूरा नहीं दबा रही थी बस हल्का सा ही प्रेशर दे रही थी.
ऑन्टी भी मेरे खड़े लन्ड का मजा ले रही थी.
जब भी ऑन्टी का पैर मेरे लन्ड पर लगता था तो मेरा लन्ड झटका सा दे देता था.
ऑन्टी पूरी गर्म हो चुकी थी.
उन्होंने अपनी जांघों को थोड़ी सी और फैला दिया था और मुझे अब ऑन्टी की मैक्सी के अंदर चूत साफ नजर आने लगी थी.
मैंने धीरे ऑन्टी की चूत के पास तक उंगलियां फिरानी शुरू कर दीं.
ऑन्टी के पैर ऊपर उठे होने के कारण ऊपर चल रहे पंखे की हवा भी ऑन्टी की चूत पर लग रही थी.
ऑन्टी की मैक्सी हवा में और सरक कर ऑन्टी की चूत को बेपर्दा करने में लगी हुई थी.
धीरे-धीरे करके ऑन्टी की मैक्सी पूरी पेट पर जाकर सिमट गई लेकिन ऑन्टी ने अपनी मैक्सी को ऊपर नहीं किया और ऐसे ही उनके पेट पर पड़ी रहने दिया.
वो मुझे अपनी पेंटी के दर्शन करवा रही थी.
ऑन्टी की जांघों के बीच में उनकी काली जालीदार पेंटी के अंदर ऑन्टी की फूल रही चूत मुझे दिखाई देने लगी थी.
मैंने ऑन्टी की चूत तक अपनी उंगलियां पहुंचानी शुरू कर दींअब मुझसे भी कंट्रोल करना मुश्किल होता जा रहा था.
मैंने ऑन्टी की चूत तक अपनी उंगलियां पहुंचानी शुरू कर दीं.
ऑन्टी की सिसकारियां भी तेज होने लगीं.
ऑन्टी ने अपनी जांघों को और चौड़ी करके खोल दिया.
ऑन्टी की पेंटी अब मुझे बिल्कुल ही करीब से दिखाई देने लगी.
ऑन्टी की फूली हुई चूत को देख कर मन कर रहा था कि बस ऑन्टी की चूत को नंगी करके अपने दांतों से काट ही लूं.
लेकिन मुझे भी ऑन्टी को गर्म करने और उनके लन्ड लेने के लिए तड़पाने में बहुत मजा आ रहा था.
इधर मेरे लन्ड का हाल भी ऑन्टी की पेंटी के अंदर कैद बेहाल चूत को देख कर बुरा हो चला था.
मेरे लन्ड ने मेरी पैंट पर निशान बना दिया था और ऑन्टी अब मेरे लन्ड को पहले से ज्यादा जोर से दबाने लगी थी.
मैं समझ गया था कि लोहा अब एकदम से पूरा गर्म हो ही चुका है और अब अपना वार करने का टाइम भी हो गया है.
मैंने ऑन्टी की पेंटी की तरफ हाथ बढ़ाया और पेंटी को खींच कर एक तरफ कर दिया तो ऑन्टी की चूत के दर्शन मुझे हो गये.
ऑन्टी भी इसी पल के इंतजार में थी कि कब मैं उनकी चूत की तरफ अपना हाथ बढ़ाऊंगा.
ऑन्टी की चूत देखते ही अब मुझसे भी रहा न गया और मैंने ऑन्टी की गीली हो रही चूत पर अपने लिप्स को ले जाकर रख दिया तो ऑन्टी सिहर उठी.
मेरे लिप्स के छूने से ही ऑन्टी कसमसा गई.
ऑन्टी ने अपने हाथों को मेरे सिर पर लगा लिया और मेरे सिर को अपनी चूत की पंखुड़ियों पर दबा दिया.
मैंने मुँह खोल कर जीभ निकाली और सीधी ऑन्टी की चूत में घुसा दी.
ऑन्टी जोर से सिसकारने लगी.
अब बात दोनों के ही काबू से बाहर हो गयी थी.
मैं उनकी कोमल चूत के अंदर जीभ को डाल कर उनकी चूत का रस चूसने में मस्त हो गया था.
ऑन्टी भी पागल सी हो उठी थी.
वो बार-बार मेरे सिर को पकड़ कर अपनी चूत पर दबा रही थी.
यहाँ भी देखे>> फिर मैंने ऑन्टी की मैक्सी के अंदर हाथ डाल कर उनके पेट से होते हुए उनके चूचों तक हाथ ले गया.
मैंने उनकी ब्रा के ऊपर से उनके चूचों को दबा दिया.
ऑन्टी ने मेरे हाथों को अपने हाथों से दबा लिया और अपने चूचों को दबाने लगी.
जब ऑन्टी से रहा न गया तो वो उठ गई और मेरे लिप्स को चूसते हुए मेरे कपड़ों को खोलने लगी.
साथ में ही ऑन्टी मेरे लन्ड को पैंट के ऊपर से पकड़ कर सहला रही थी.
दो मिनट के अंदर ही ऑन्टी ने मुझे पूरा नंगा कर दिया.
मैंने ऑन्टी की मैक्सी को उतार दिया और फिर उसकी चूत को चाटने के लिए नीचे झुका तो ऑन्टी ने मेरे लन्ड को अपने हाथ में पकड़ लिया.
वो मेरे लन्ड को पकड़ कर सहलाने लगी और मुझे अपने साथ 69 की पोजीशन में लेटा लिया.
मैंने ऑन्टी की गर्म चूत में जीभ डाल दी और ऑन्टी ने मेरे लन्ड को अपने मुँह में भर लिया.
मैं ऑन्टी की रसीली चूत को चाटने लगा और ऑन्टी मेरे लन्ड को चूसने लगी.
हम दोनों ही मस्ती में खोने लगे.
ऑन्टी भी पूरे मजे से मेरे लन्ड को चूस रही थी.
फिर मैं उठ कर रसोई में चला गया.
वापस आया तो ऑन्टी अपनी चूत को अपने हाथ से ही रगड़ रही थी.
मैंने ऑन्टी की जांघों को अपने लिप्स से चूमते हुए फिर से उनको जोरदार चुम्मी दी और ऑन्टी ने मेरे लन्ड को मुँह में ले लिया.
जब मैंने ऑन्टी की चूत पर ले जाकर अपना मुँह खोला तो ऑन्टी चिल्ला उठीpussy lip sucking (7)जब मैंने ऑन्टी की चूत पर ले जाकर अपना मुँह खोला तो ऑन्टी चिल्ला उठी.
मेरे मुँह के अंदर से मैंने छोटा सा बरफ़ का टुकड़ा ऑन्टी की चूत पर छोड़ दिया था.
ऑन्टी की चूत गर्म थी और ऑन्टी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि मेरे मुँह में बरफ़ भी हो सकती है.
उसने जोर से मेरे मुँह को अपनी चूत में दबा दिया.
ऑन्टी की चूत गर्म भी थी और मेरे ठंडे लिप्स के लगने से और भी ज्यादा गर्म हो गई थी.
अब ऑन्टी लन्ड को अंदर डालने की विनती करने लगी.
मगर अभी मैं ऑन्टी को और ज्यादा तड़पाना चाह रहा था मुझे ऑन्टी को तड़पते हुए देख कर बहुत मजा आ रहा था.
इधर मेरे लन्ड का भी बुरा हाल था.
फिर मैंने ऑन्टी की चूत में अपनी दो उंगलियां घुसा दीं और तेजी से ऑन्टी की चूत में उंगलियों से चुदाई करने लगा.
ऑन्टी की चूत में उंगली करके मैंने माधुरी ऑन्टी को पागल कर दिया.
फिर ऑन्टी ने मुझे अपने ऊपर खींच लिया.
( मस्त ऑन्टी की सेक्सी चुदाई XXX Indian Hindi Sex Story Free हिंदी सेक्स कहानियाँ XXX Hindi Sex Stories )चूंकि ये सब अचानक ही हो रहा था तो कण्डोम इस्तेमाल करने का तो कोई सवाल ही नहीं था.
मेरा लन्ड ऑन्टी की चूत पर टच हो गया.
ऑन्टी जल्दी से लन्ड को चूत में लेने के लिए उतावली हो उठी थी.
लेकिन मैं चूत के बाहर ही लन्ड को रगड़ता रहा.
तभी ऑन्टी ने बताया कि उनको पेशाब लग आया है.
मैंने माहौल को और गर्म करने के लिए ऑन्टी से कहा कि यहीं पर कर दो ऑन्टी.
ऑन्टी को भी ये आइडिया अच्छा लगा.
मैंने ऑन्टी के चूत पर अपना लन्ड रगड़ना चालू कर दिया.
ऑन्टी ने मेरे लन्ड के ऊपर ही पेशाब कर दिया.
उनके गर्म पेशाब से मेरा लन्ड भीग गया.
मैं ऑन्टी के लिप्स को चूसते हुए अपना लन्ड उनकी चूत पर रगड़ने लगाअब मेरे अंदर और ज्यादा जोश आ गया.
पेशाब की धार बंद होते ही मैंने ऑन्टी को नीचे गिरा दिया और अपना लन्ड ऑन्टी की चूत पर लगाकर उनको जोर से चूसने लगा.
मैं ऑन्टी के लिप्स को चूसते हुए अपना लन्ड उनकी चूत पर रगड़ने लगा.
ऑन्टी ने नीचे हाथ ले जाकर मेरे लन्ड को पकड़ लिया और मेरे लन्ड को खुद ही अपने हाथ के सहारे से अपनी चूत के मुँह पर लगा कर मुझे अपने ऊपर जोर से खींच लिया.
ऑन्टी की चूत गीली थी इसलिए लन्ड गच्च से अंदर चला गया.
अब दो बदनों का मिलन हो चुका था.
मेरे लन्ड को लेकर ऑन्टी की चूत फैल गई थी.
ऑन्टी ने मुझे जोर से चूमना शुरू कर दिया.
ऑन्टी के नाखून मेरी पीठ पर गड़ गये.
वो मेरी गर्दन को चूमने लगी.
मैं भी ऑन्टी की चूत में लन्ड अंदर बाहर करने लगा.
माधुरी ऑन्टी की चूत की गर्म चुदाई चालू हो गई थी.
अब दोनों को स्वर्ग का सा मजा आने लगा था.
ऑन्टी मस्ती से भर गई थी और अपनी गाँड़ को उछाल कर मेरे लन्ड को पूरा अपनी चूत में ले रही थी.
रंडी ऑन्टी के मुँह से जोर की चीखें निकल रही थीं- और करो चोद दो मेरी चूत को, फाड़ डालो इसको, भर दो अपने वीर्य से इसको उम्म्ह… अहह… हय… याह… ( मस्त ऑन्टी की सेक्सी चुदाई XXX Indian Hindi Sex Story Free हिंदी सेक्स कहानियाँ XXX Hindi Sex Stories )ऑन्टी ने मुझे और जोर से चुदाई करने के लिए उकसा दिया.
मैं अब ज्यादा जोर से ऑन्टी की चूत को पेलने लगा.
मेरा लन्ड पूरा कड़क हो गया था.
अब मैं ज्यादा देर नहीं रुकने वाला था.
इस बीच में ऑन्टी ने अपने पैर से और हाथों से मेरे को कस कर पकड़ा और ‘हहहहह’ चिल्ला के झड़ गई.
बहुत दिनों से सेक्स न करने के वजह से बहुत पानी निकला उसका और मेरा लन्ड उस पानी में पूरा भीग गया.
यहाँ भी देखे>> लेकिन अभी भी मैंने ऑन्टी की चूत की ठुकाई चालू रखी.
फिर दो मिनट के बाद मेरे लन्ड ने भी अपना लावा ऑन्टी की चूत में निकाल दिया.
हम दोनों के बदन पसीने से तर-बतर हो गये थे.
फिर हम दोनों शांत हो गये.
मेरी ये सेक्सी कहानी और नया लिखने का प्रयोग कैसा लगा?
स्रोत:इंटरनेट