. तब मैंने उसको बेड पर लेटा दिया और उसकी चूत पर लंड को सेट कर दिया.
मैंने धक्का मारा तो लंड चूत पर जाकर फिसल गया.
उसके बाद मैं बेड से नीचे उतर गया.
मैंने उसको किनारे पर खींच लिया और दोबारा से प्रयास किया मगर इस बार भी लंड चूत में नहीं जा पाया.
उसकी चूत टाइट थी.
मैंने पास में पड़ी वैसलीन की शीशी उठाई और अपने लंड के टोपे पर क्रीम लगा ली.
थोड़ी सी क्रीम मैंने उसकी चूत के मुंह पर भी लगा दी.
शीशी को एक तरफ फेंक कर मैंने तीसरी बार पूरा जोर का झटका मारा तो लंड उसकी चूत में घुस गया.
वह तड़प उठी उम्म्ह… अहह… हय… याह… और उसकी आंखों में पानी भर गया.
मुझे भू दर्द हो रहा था मेरे लंड पर … ऐसा लगा कि मेरा लंड छिल गया है.
लेकिन बहन की चुदाई की के जोश में मैं इस दर्द को भूल गया.
सीमा बोली- बाहर निकालो, मुझे दर्द हो रहा है.
मगर अब मैंने लंड को बाहर निकाला क्योंकि बड़ी मुश्किल से लंड चूत में गया था.
मैंने उसकी चूचियों को पीना शुरू कर दिया ताकि उसका दर्द कम हो जाये.
इसी बीच में मैं उसकी चूत में हल्के-हल्के धक्के देने का भी प्रयास करता रहा ताकि लंड उसकी चूत में सही तरह से सेट हो जाये.
उसके बाद जब सीमा का दर्द कम हो गया तो मैंने अपने लंड की स्पीड बढ़ा दी.
उसकी चूत को अपने लंड से चोदने लगा.
अब वह मेरे लंड से चुदाई के मजे लेने लगी.
मैंने उसके होंठों को चूसना शुरू कर दिया.
उसकी चूचियों को दबाता रहा.
पंद्रह मिनट तक ऐसे ही चुदाई चली.
उसके बाद एकदम से उसकी चूत से पानी निकलने लगा और वह जोर से चिल्लाती हुई शांत हो गयी.
मेरे धक्के अभी भी जारी थे.
मैंने सीमा को उठा कर घोड़ी बना दिया.
मैंने उसकी चूत में पीछे से लंड डाल दिया.
उसकी पीठ को पकड़ कर एक जोर का धक्का मारा और पूरा लंड उसकी चूत में उतर गया.
मैंने उसकी चूत को चोदना शुरू कर दिया.
वह कराहने लगी.
कुछ देर के बाद वह फिर से गर्म हो गई.
अब वह अपनी गांड को पीछे की तरफ धकेलने लगी.
उसको भी चूत चुदाई का मजा दोबारा से आना शुरू हो गया था.
उसने मेरे चूतड़ों को अपने हाथों से पकड़ लिया और मेरा लंड उसकी चूत में पूरा अंदर तक टकराने लगा.
आह्ह … ओह्ह … बहुत मजा आ रहा था.
मैंने उसके चूतड़ों पर तमाचा मारा तो उसकी गोल गांड लाल हो गयी.
मैंने दो-तीन तमाचे मारे और उसकी गांड को लाल कर दिया.
पांच मिनट के बाद उसकी चूत ने फिर से पानी छोड़ दिया.
वह अपना सिर बेड पर रख कर आराम करने लगी.
मगर मेरे धक्के अभी भी पीछे से लग रहे थे.
वह अपने सिर को अपने हाथों से पकड़े हुए थी और मैं उसकी गांड को पकड़ कर उसकी चूत में लंड को पेल रहा था.
चूत में लंड टकराता तो फट्ट की आवाज हो जाती.
इन आवाजों ने मेरे अंदर के जोश को और ज्यादा बढ़ा दिया.
मैंने पूरी ताकत के साथ उसकी चूत को चोदना शुरू कर दिया.
वह दर्द के कारण चिल्लाने लगी मगर मैं नहीं रुका.
चूत चिकनी हो चुकी थी और तीन-चार धक्कों के बाद मेरा लावा भी उसकी चूत में फूट पड़ा.
मैंने सारा वीर्य उसकी चूत में निकाल दिया.
कुछ देर के बाद जब हम नॉर्मल हुए तो देखा कि पूरी चादर गंदी हो चुकी थी.
उसकी चूत से खून भी निकला हुआ था और वीर्य भी पूरा फैल गया था.
उसकी चूत से वीर्य बाहर निकल रहा था.
खून देख कर वह डर गई.
मगर कुछ पल के बाद नॉर्मल हो गयी.
उसने कहा- आर्यन, मेरे लिए एक आई-पिल और और एक पेन किल्लर ले आना.
सीमा उसके बाद उठ कर बाथरूम में चली गई और अपनी चूत को धोने के बाद बाहर आयी.
अभी भी मैं बेड पर नंगा ही पड़ा हुआ था.
जैसे ही वो मेरे पास आई मैंने उसको फिर से किस करना शुरू कर दिया.
जल्दी ही मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और चुदाई का मूड बन गया.
मैंने सीमा की चूत पर लंड को रगड़ना शुरू किया तो वह कहने लगी कि चूत में बहुत दर्द हो रहा है.
मैने कहा- देखो न मेरे लंड को, कैसे तड़प रहा है.
वह मेरे लंड की तरफ देखने लगी तो मेरा लंड तना हुआ था.
वह बोली- इसका इलाज है मेरे पास.
यह बोल कर उसने मेरे लंड को अपने हाथ में ले लिया और उसको आगे-पीछे करने लगी.
उसके कोमल हाथों में जाकर मेरे लंड को आनंद और मजा आने लगा.
वह मेरे लंड की मुट्ठ मारने लगी.
मैंने सीमा को पकड़ कर अपने ऊपर लेटा लिया.
मैंने नीचे से लंड को हाथ में लेकर उसकी चूत में लंड को घुसाने का प्रयास किया मगर वह उठ गई.
सीमा बोली- तुम ऐसा मत करो प्लीज … मुझे सच में बहुत दर्द हो रहा है.
उसके बाद मैंने कहा- ठीक है, जैसे तुम पहले हाथ से कर रही थी वैसे ही कर दो.
सीमा ने मेरे लंड को अपने हाथ में फिर से पकड़ लिया और उसके टोपे को आगे-पीछे करने लगी.
वह जोर-जोर से मेरे लंड की स्किन को खींच कर नीचे करने लगी.
मुझे लंड में दर्द होने लगा.
मैंने कहा- आराम से करो … दर्द हो रहा है.
उसके बाद सीमा ने बेड पर पड़ी वैसलीन की शीशी उठा ली और थोड़ी सी क्रीम मेरे लंड पर लगा दी.
लंड चिकना हो गया और सीमा ने दोबारा से मेरे लंड की मुट्ठ मारना शुरू कर दिया.
अब मुझे पहले से ज्यादा मजा आने लगा.
मन कर रहा था कि एक बार फिर से पकड़ कर उसकी चूत में लंड को घुसा दूं मगर मैं ऐसा करके उसको नाराज नहीं करना चाहता था.
वह मेरे लंड को जोर-जोर से रगड़ने लगी.
मैंने अपने खड़े हुए लंड पर उसके मुंह को रख दिया.
उसने लंड को मुंह में ले लिया.
वह जोर-जोर से मेरे लंड को मुंह में लेते हुए अंदर-बाहर करने लगी.
उसके गर्म मुंह में जाकर अबकी बार लंड को पहले से और ज्यादा मजा आ रहा था.
मैंने उसकी गांड में उंगली को डालने की कोशिश की तो उसने मेरा हाथ हटा दिया.
वह तेजी से, दोनों हाथों से मेरे लंड को पकड़ कर चूसने लगी.
मैं पागल होने लगा.
आह्ह … अम्म … ओह्ह … चूसो मेरी जान … उफ्फ … करती रहो.
आअअह्ह … बस जल्दी … करो … ओओ … ह्ह … मैंने उसके सिर को अपने लंड पर दबा दिया और मेरे पूरा बदन ऐंठने लगा.
मेरे लंड ने उसके गर्म मुंह में फिर से अपना वीर्य छोड़ना शुरू कर दिया.
कुछ ही पल में मेरे लंड ने फिर से वीर्य उसके मुंह में भर दिया.
वह मेरे वीर्य को अंदर ही पी गई.
जब उसने लंड को बाहर निकाला तो मेरा लंड लाल हो कर सूज गया था.
उसने अपनी पैंटी से मेरे लंड को साफ कर दिया और हम दोनों नंगे ही सो गये.
रात कब बीत गयी इसका पता सुबह होने के बाद ही चला.
सीमा ने मुझे जगाया और मुझे कपड़े पहनाए.
पूरे दिन हम दोनों नॉर्मल ही रहे.
मैंने उसको एक पेन किल्लर और एक आई-पिल लाकर दे दी.
जब मैं बाथरूम में नहाने गया तो मुझे पता चला कि मेरे लंड का टांका टूट गया है.
मेरा लंड पूरा खुल गया था.
मैंने सीमा की सील तोड़ दी थी और उसने मेरे लंड का टांका तोड़ दिया.
उसके बाद तो जब भी हम दोनों को अकेले में मौका मिलता हम दोनों सेक्स का खूब मजा लेते थे.
पहले दो-तीन बार मैंने सीमा की चूत मारी.
फिर एक दिन मेरा मन उसकी गांड मारने को किया तो मैंने उसको गांड मरवाने के लिए भी तैयार किया और मैंने उसकी गांड भी मारी.
उसकी गांड की चुदाई करने में भी मुझे बहुत मजा आया.
मगर उसकी गांड की चुदाई की कहानी मैं आपको फिर कभी बताऊंगा.
सीमा की अब शादी हो चुकी है.
शादी के बाद हम दोनों नहीं मिल पाये हैं.
मगर फोन पर बात हो जाती है.
अब हम फोन सेक्स करते हैं और वीडियो कॉल पर एक-दूसरे का मन बहला लेते हैं.
मेरा बहुत मन करता है कि जल्दी से सीमा से मुलाकात हो जाये.
मैं उसकी गोल-मटोल चूचियों और गांड को कभी नहीं भूल पाता.
अब मेरी फिर से इच्छा होने लगी है कि उसके साथ सेक्स करने का मौका जल्दी ही मिल जाये मुझे.
जिस दिन उसकी सगाई हुई थी उस दिन भी मैंने अपनी ममेरी बहन की चुदाई की थी.
शादी वाले दिन भी मैंने उसकी चूत चोद दी.
वह सब मैं आपको अपनी अगली कहानियों में बताऊंगा.
आपको मेरी यह बहन की चुदाई कहानी कैसी लगी, इस बारे में मुझे अपने विचार जरूर बताएं.
आपके विचार और सुझाव मेरे लिए बहुमूल्य होंगे.
बुर का रसिया आर्यन आपके मेल के इंतजार में! [email protected]
स्रोत:इंटरनेट