. मित्र की चरित्रहीन भाभी को बेडरूम में चोदा Hindi XXX Story में जब भी मेरे गेलचोदे मित्र के घर जाता तो उसकी सेक्सी भाभी कुछ ना कुछ काम कर रही होती थी.
कभी कभी में देखता जब वो घर में झुककर पोछा लगाती तो उस समय साड़ी में से उनके मोटे मोटे बोबे बाहर झाँक रहे होते थे और उनकी बड़ी भारी गांड बहुत कमाल की दिखती थी.
लेकिन मैंने कभी भी मेरे गेलचोदे मित्र की सेक्सी भाभी के बारे में ग़लत नहीं सोचा था और में हमेशा उनको भाभी की तरह ही एक दम पवित्र नजरों से देखता था क्योंकि मेरे गेलचोदे मित्र चन्दन की माँ मुझे भी अपने सगे बेटे की तरह ही रखती थी.
मेरे गेलचोदे मित्र की सेक्सी भाभी की दोनों बेटियाँ स्कूल में पढ़ती थी और घर से स्कूल थोड़ी ही दूर पर था इसलिए मेरा मित्र रोज उनको स्कूल छोड़ने और लेने जाता था.
थोड़े दिन बाद मेरा मित्र नई स्कूटी लेकर मेरे घर पर आया और बताया की भाह्बी के लिए नयी स्कूटी ली है और उसका नंबर 2005 लिया था.
फिर थोड़े दिन बाद मेरे मित्र की भी सरकारी नौकरी लग गई और जब में उनके घर जाता तो कभी कभी वो घर पर नहीं मिलता.. वो नौकरी पर ही होता था और इसलिए भाभी ही बच्चों को छोड़ने जाया करती थी.
यह एक महीने पहले की ही बात है जब में बाज़ार में कुछ शॉपिंग करने गया था और फिर में पार्किंग में मेरी पलसर बाईक पार्क करने गया तो मैंने देखा कि 2005 नंबर वाली स्कूटी खड़ी हुई थी.
तो मैंने सोचा कि शायद चन्दन भी आया होगा शोपिंग करने के लिए सुपर मार्केट में.
मैंने सोचा कि वो अंदर ही होगा तो मिल जाएगा और में सुपर मार्केट के अंदर गया और बहुत ढूँढा.. लेकिन वो नहीं मिला.
फिर मैंने शॉपिंग के बाद जब बिल के लिए लाईन में गया तो बहुत लंबी लाईन थी और में लाईन में खड़ा रहा.
तभी थोड़ी देर बाद मेरी नज़र पास वाले बिल काउंटर पर गयी.. उस लाईन में कविता भाभी जी खड़ी थी.. लेकिन वो दूर थी तो मैंने उन्हे बुलाने की कोशिश नहीं की और वो बिल बनाकर बाहर निकली.
यहाँ भी देखें>> मैंने देखा कि वो किसी लड़के के साथ में खड़ी थी और बातें कर ही थी.
फिर वो लड़का पार्किंग से अपनी कार लेकर आया और भाभी उसमें बैठ गई और उसके साथ चली गई और में जब पार्किंग में गया तो स्कूटी वहीं पर खड़ी थी.
तो मैंने सोचा कि वो कोई रिश्तेदार होगा और वो उनके साथ कहीं गई होगी और मैंने ज़्यादा ध्यान नहीं दिया.
फिर थोड़े दिनों बाद में शाम को करीब 7 बजे उनके घर गया तो सब लोग घर पर थे सिर्फ़ चन्दन नौकरी पर गया हुआ था.
फिर उनके पापा ने मुझे बैठने को बोला और में सोफे पर बैठ गया.. मेरे पास में हिमांशु बैठा था और भाभी सब्जी काट रही थी और उनकी मम्मी किचन में थी.
फिर भाभी उठकर मेरे लिए पानी लेकर आई तो मैंने उनको धन्यवाद बोला और वो किचन में चली गयी.
फिर जब वो वापस आई तो मैंने उनसे कहा कि भाभी थोड़े दिन पहले मैंने आपको सुपर मार्केट में देखा था? तो वो चोंक गयी और मेरी तरफ देखती रही.. मैंने कहा कि आप बिल की लाईन में थी.
तो वो मेरी तरफ देखने लगी और उतने में हिमांशु ने पूछा कि कब? तो मैंने कहा कि थोड़े दिन पहले उतना कहते कहते मैंने भाभी की तरफ देखा तो वो मुझे इशारे से होंठ पर उंगली रखकर कह रही थी कि कुछ मत बोलो.. चुप रहो.
फिर मुझे लगा कि शायद कुछ गड़बड़ है तो मैंने तुरंत ही बात पलट दी और बोला कि भाभी आपने लाल कलर की ड्रेस पहनी थी न उस दिन.
तो हिमांशु बोला कि यह तो कभी ड्रेस पहनती ही नहीं.
फिर मैंने बोला कि तो शायद कोई और होगी.. लेकिन वो तुम्हारे जैसी ही दिखती थी.
तो हिमांशु बोला कि क्या यार तू भी? फिर हमने थोड़ी देर बातें की और फिर मैंने कहा कि में चलता हूँ और में घर पर आ गया.
तो दूसरे दिन दोपहर को मेरे फोन पर एक अनजान मोबाईल नंबर से कॉल आया.
मैंने कॉल रिसीव किया और मैंने बोला हैल्लो कौन बोल रहा है और सामने से किसी लड़की की मीठी मीठी आवाज आई ये आवाज मुझे कुछ कुछ जानी पहचानी सी लग रही थी.
लड़की : हैल्लो.
मै बोला हाँ कौन? लड़की : क्या आप में बोल रहे हो? मै बोला हाँ आप कौन? लड़की बोली की अरे यार में कविता भाभी जी.
मै बोला कौन कविता भाभी जी? लड़की बोली की अरे यार में तुम्हारे मित्र चन्दन की भाभी बात कर रही हूँ पहचाने नहीं क्या…??? मै बोला ओह्ह हाँ भाभी जी बोलिए.. सॉरी में आपकी आवाज़ पहचान नहीं पाया.. हाँ बोलिए बोलिए.
सेक्सी कविता भाभी जी बोली सुनो तुमने सुपर मार्केट में मुझे ही देखा था.. वो प्लीज मेरे ससुराल में किसी को मत बताना नहीं तो बवाल हो जायगा.
मै बोला हाँ वो उस दिन आप मुझे इशारे से मना कर रही थी ना नहीं बताने के लिए.
सेक्सी कविता भाभी जी बोली हाँ वो प्लीज किसी को मत बताना.
मै बोला ठीक है नहीं बताऊंगा किसी को भी.
सेक्सी कविता भाभी जी बोली और चन्दन को प्लीज कुछ मत बोलना.. जो हमारी बात हुई उसके बारे में.
मै बोला ठीक है भाभी ठीक है.. लेकिन मुझे तो बताओगी कि तुम घर वालों से क्या छुपा रही हो? सेक्सी कविता भाभी जी बोली नहीं कुछ नहीं.. लेकिन तुम प्लीज किसी को मत बताना.
यहाँ भी देखें>> मै बोला लेकिन मुझे तो बताओ में किसी से कुछ नहीं कहूंगा.
सेक्सी कविता भाभी जी बोली प्लीज समझो में तुम्हे नहीं बता सकती.. लेकिन यह बात प्लीज किसी को मत बताना.
मै बोला ठीक है नहीं बताऊंगा.. लेकिन तुम्हे मुझे बताना होगा कि तुम क्या छुपा रही हो? और में वादा करता हूँ कि किसी को नहीं बताऊंगा.
सेक्सी कविता भाभी जी बोली बहुत लंबी कहानी है बाद में बताउंगी.
मै बोला नहीं भाभी पहले मुझे बताओ.
सेक्सी कविता भाभी जी बोली बाद में तुम्हे सब कुछ विस्तार में बताउंगी .
मै बोला लेकिन.. थोड़ा तो बोलो क्या बात है? सेक्सी कविता भाभी जी बोली लेकिन.. प्लीज यह किसी को मेरे ससुराल में मत बताना नहीं तो मेरे ससुराल बाले मुझे बदचलन बताकर घर से निकाल देंगें.
मै बोला भाभी आपसे जो वादा किया है नहीं तोडूंगा.
सेक्सी कविता भाभी जी बोली ठीक है सुनो जब तुमने मुझे सुपर मार्केट में देखा था.. उस वक्त तुमने क्या देखा था? मै बोला आप कुछ कॉन्डोम और सेक्स वर्धक गोलियों का बिल बनवा रही थी.
फिर पेमेंट करने के बाद आप किसी लड़के के साथ कार में बैठकर चली गयी.
सेक्सी कविता भाभी जी बोली हाँ वो किसी को मत बताना कि में किसी के साथ कार में गयी थी.
मै बोला ठीक है.. लेकिन वो कौन था जो तुम्हारे साथ था? सेक्सी कविता भाभी जी बोली वो मेरा कॉलेज का मित्र था.
मै बोला तो उसमे छुपाने वाली क्या बात है? सेक्सी कविता भाभी जी बोली हाँ लेकिन प्लीज किसी को मत बताना.
मै बोला ठीक है नहीं बताऊंगा.. लेकिन अगर तुम्हारे घर पर किसी को पता चल गया तो? सेक्सी कविता भाभी जी बोली पिछले तीन साल से हम मिल रहे है.. लेकिन आज तक किसी को पता नहीं है.
मै बोला ओह भाभी मतलब वो तुम्हारा बॉयफ्रेंड है मतलब आप के शादी शुदा होने के बाद भी गैर मर्दों के साथ अवैध शारीरिक संबंध हैं..? सेक्सी कविता भाभी जी बोली तुम जो भी समझो… मै बोला ठीक है भाभी.. लेकिन मुझसे वादा करो कि आप मुझे उससे मिलवावोगी? सेक्सी कविता भाभी जी बोली तुम क्या करोगे उससे मिलकर? मै बोला कुछ नहीं में भी तो देखूं आपका बॉयफ्रेंड कैसा है? सेक्सी कविता भाभी जी बोली ठीक है बाद में.
मै बोला ठीक है.
सेक्सी कविता भाभी जी बोली ठीक धन्यवाद और बाय.
मै बोला बाय.
फिर मैंने रात को सोते वक़्त सोचा कि भाभी तीन साल से इससे मिल रही है और किसी को पता नहीं है और घर पर इतनी भोली बनती है और बाहर बॉयफ्रेंड के साथ घूमती है.
फिर मैंने सोचा कि चलो कोई बात नहीं.. उसकी ज़िंदगी है वो कुछ भी करे मुझे क्या और में सो गया.
सुबह उठा तो मैंने देखा कि मेरे मोबाईल पर मैसेज आया और मैंने खोला तो वो मैसेज भाभी के नंबर से था और अंदर धन्यवाद लिखा था.
फिर दो दिन बाद वापस भाभी का कॉल आया और उन्होंने मुझे कहा कि अगर तुम्हे मेरे से मिलना हो तो सुपर मार्केट की पार्किंग में आ जाओ.
तो में वहां पर गया.. लेकिन वहां पर कोई नहीं था सिर्फ़ भाभी की स्कूटी पड़ी थी और भाभी कहीं पर दिख नहीं रही थी.
तभी थोड़ी देर बाद एक कार आई और भाभी उसमे से उतरी में तो देखता ही रह गया.
भाभी ने अपने सेक्सी शरीर पर एक छोटी स्कर्ट और टॉप पहना था और वो कमाल की माल लग रही थी.
दोस्तों मैंने आज तक भाभी को ऐसे छोटे छोटे कपड़ो में नहीं देखा था.
फिर भाभी ने मुझे हैल्लो कहा और मैंने भाभी को.
फिर उसने अपने बॉयफ्रेंड को बुलाया और मुझसे मिलवाया.
यहाँ भी देखें>> सेक्सी कविता भाभी जी बोली में, यह अभिषेक, और अभिषेक यह अमित.
मै बोला हाय.
अभिषेक बोला हाय क्या तुम कविता भाभी जी के मित्र हो? मै बोला नहीं में उनके देवर का मित्र हूँ और इस नाते मैं भी उनका देवर ही हुआ.
अभिषेक बोला ठीक ठीक है.
सेक्सी कविता भाभी जी बोली ठीक है अमित हो गयी बात.
मै बोला हाँ भाभी.
सेक्सी कविता भाभी जी बोली ठीक है तो अब में चलती हूँ.
मै बोला ठीक है.
सेक्सी कविता भाभी जी बोली बाय.
मै बोला बाय.
अभिषेक बोला बाय अमित.
मै बोला बाय फिर और वो लोग कार में बैठकर चले गये में तो भाभी को ऐसे कपड़ो में देखता ही रह गया और सोचने लगा कि भाभी घर पर कितनी भोली भाली दिखती है और शादी शुदा होने के बावजूद यहाँ पर गैर मर्दों के साथ. अय्याशी कर रही है और वो बात घर पर किसी को पता नहीं है.
तो करीब 2 घंटे के बाद भाभी के नंबर से कॉल आया और उन्होंने मुझसे कहा कि क्या तुम हमारे साथ फिल्म के लिए चलोगे? तो मैंने कहा कि कहाँ? तो उन्होंने सिनेमा का पता दिया और में वहां पर चला गया..लेकिन भाभी तब साड़ी में थी जो वो अक्सर घर पर पहनती है और फिर में सोचने लगा कि भाभी ने कपड़े कब चेंज किए? तभी थोड़ी देर में फिल्म शुरू हो गयी और मेरे पास में अभिषेक बैठा था और उसके पास सेक्सी भाभी थी.
फिर इंटर्वल के टाईम भाभी ने बोला कि में क्या तुम्हे कुछ चाहिए तो बोलो? में बाहर जा रही हूँ.. कुछ खाने का लेकर आती हूँ.
तो मैंने बोला कि चलो भाभी में भी आता हूँ.
तो मैंने कहा कि तुम भी चलो.. लेकिन अभिषेक ने बोला कि नहीं तुम हो आओ में यहीं पर बैठा हूँ और हम बाहर गये तो भाभी ने बोला कि यह लो पैसे जो लेना हो ले लो मुझे बहुत जोर जी पेशाब लगी है तो में वॉशरूम जाकर आती हूँ और हाँ यह मेरा मोबाइल फोने रखो और वो मुझे मोबाईल देकर अंदर वाशरूम में पेशाब करने चली गई.
मैंने भाभी की थोड़ी जासूसी करनी चाही और मैंने उनके में देखा तो अभिषेक के मैसेज थे.
मैंने बहुत सारे मैसेज पढ़े.. लेकिन कुछ नहीं मिला नॉर्मल शायरीयां थी और चुटकुले थे.. लेकिन एक फोल्डर था कविता भाभी जी के नाम का.. मैंने वो खोला तो अंदर अलग अलग फोल्डर थे और अलग अलग लड़को के नाम लिखे थे.. मैंने थोड़े चेक किए और देखा तो मुझे पता चला कि सारे मैसेज बहुत जी गंदे गंदे सेक्स चेट के मैसेज थे और सारे मैसेज का टाईम रात का था.
फिर मुझे समझ आया कि भाभी रात को लड़को से मैसेज पर सेक्स चेट करती है और मैंने घर जाकर रात को सोते वक़्त सोचा कि भाभी तो चुदास से भरी चालू रांड लगती है.. लेकिन घर पर किसी को पता नहीं है उस रांड के चरित्र के बारे में.
मैंने सोचा कि अगर घर पर पता चला तो क्या होगा? फिर मैंने सोचा कि जो भी हो मुझे क्या? फिर मेरे दिमाग़ में एक आईडिया आया कि में भी भाभी को रात को मैसेज भेजता हूँ.
यहाँ भी देखें>> फिर मैंने उस रात ही मेसेज किया तो उनका भी मेसेज आया.
मैंने बोला क्या कर रही हो तो वो बोली कि कुछ नहीं बस अब नींद आ रही है.
मैंने बोला ठीक है और उन्होंने गुड नाइट का मेसेज भेज दिया.
मैंने सोचा कि ऐसा क्यों किया.
फिर मैंने अगले दिन एक नया नंबर ले लिया और उस नंबर से मेसेज किया, पहले रिप्लाइ नहीं आया फिर मैंने दूसरा मेसेज भेजा तो उनका मेसेज आया कि तुम कौन हो? मैंने कहा कि तुम्हारा मित्र तो उन्होंने नाम पूछा मैंने दूसरा नाम बताया और उन्होंने बाय का मेसेज भेज दिया.. फिर मैंने कहा मित्र नहीं तो क्या हुआ? थोड़ी देर क्या हम चेट कर सकते है.
तो पहले उन्होंने मना किया फिर मान गयी.
और धीरे धीरे हमने सेक्स चेट शुरू किया.. तुम मनोगे नहीं इतना मस्त सेक्स चेट किया उन्होंने.. जिससे मेरा ऐसे ही निकल गया.
फिर रोज रात को हम सेक्स चेट करते रहे और उन्होंने मुझे मिलने बुलाया फिर मैंने कहा ठीक है और हम सुपर मार्केट मे मिले तो वो मुझे देखती ही रह गयी और बोली में तुमने ये सारे मेसेज किए थे? मैंने कहा आप तो मेरे नंबर पे रिप्लाई नहीं करती तो मे क्या करूँ.. फिर थोड़ी देर नाराज़ हो गयी और फिर मान गयी लेकिन उन्होंने शर्त रखी कि तुम किसी को कुछ भी नहीं बतावोगे.
मैंने कहा ठीक है.
फिर रात को हमने चेट किया और उसमे मैंने भाभी को पूछा कि क्या तुम मेरे साथ सेक्स करोगी तो उन्होंने मुझे साफ मना कर दिया और बोली के नहीं में हिमांशु के अलावा किसी से नहीं करती, मैंने कहा ठीक है फिर भी कभी मन हो तो मुझे बोल देना.. क्योंकि आप मुझे बहुत पसंद हो और मै आप की चुदाई करना चाहता हूँ.
तो वो बोली ठीक है और फिर गुड नाइट करके सो गये फिर एक दिन भाभी ने मुझे कॉल किया और बोली कि क्या तुम मूवी देखने चलोगे? मैंने कहा कौन कौन है? तो वो बोली के में तुम और एक मित्र है.
मैंने कहा कौन अभिषेक? वो बोली नहीं कोई और है और उसने मुझे नये मित्र से मिलवाया और कहा कि ये मेरे कालेज का मित्र है.
मैंने सोचा कि क्या सारे कालेज के मित्र ही है.
उसके बाद मे समझ गया कि ये चुद्द्कड़ भाभी किसी कॉल गर्ल से कम नहीं है और किसी भी मर्द के साथ चालू हो जाती है और कविता भाभी जी ने मुझे बोला के अभिषेक को मत बताना.. ये सब बातें हम दोनों के बीच ही रहनी चाहिए.
मैंने कहा ठीक है और फिर जब हम फिल्म देखकर जब वापस आए तो मुझे नींद नहीं आई.. में रात भर सोचता रहा कि आख़िर भाभी क्यों सबको अपना कालेज मित्र बोलती है.
फिर दूसरे दिन मैंने करीब सुबह 11:30 पर भाभी को कॉल किया तो मैंने पूछा कि कहाँ पर हो? तो वो बोली कि में बच्चो को स्कूल छोड़ने आई हूँ.
मैंने पूछा कहाँ पर? तो वो बोली तुमने स्कूल नहीं देखा क्या? मैंने कहा हां.. तो भाभी बोली कि अगर आ सकते हो तो आ जाओ मैंने बोला क्यों तो भाभी बोली कि में शॉपिंग जा रही हूँ.. तो मैंने बोला कि शॉपिंग तो बाद में भी जा सकते हो? तो भाभी बोली कि क्यों बाद में? तो मैंने कहा कि अभी अगर आप चाहो तो मेरे फ्लेट पर आ सकते हो और फिर हम कुछ देर के बाद में शॉपिंग जाएगे.
तभी वो बोली कि ठीक है में अभी आती हूँ और जब वो आई तो मैंने देखा कि उन्होंने अपने सेक्सी शरीर पर हल्के पीले कलर की साड़ी पहनी हुई थी और वैसा ही ब्लाउज अपने मोटे मोटे बूब्स पर भी था और उस में से उनके मोटे मोटे बोबे बहार झाँक रहे थे.
मैंने उन्हे अंदर बुलाया और वो आकर सोफे पर अपनी भारी टेक कर बैठ गई.
फिर मैंने उन्हें पीने के लिए ठंडा पानी दिया.
तभी वो बोली कि क्या यह तुम्हारा घर है? मैंने कहा कि नहीं यह मेरे मित्र का घर है.. तो बोली कि वो कहाँ है? तो मैंने कहा कि वो नौकरी पर गया है.
फिर वो बोली कि तुम्हारा मित्र कब तक आएगा? तो मैंने कहा कि रात को 8 बजे और मैंने कहा कि चन्दन का एक मित्र भी यहीं पर इसी फ्लेट में रहता है.
तभी वो बोली कि अगर उसने मुझे देख लिया तो क्या होगा? तभी मैंने कहा कि में दरवाज़ बंद कर लेता हूँ और यह कहकर मैंने दरवाज़ बंद कर दिया और मैंने कहा कि भाभी मुझे तुमसे कुछ बातें पूछनी है.. लेकिन अगर आप बुरा ना मानो तो? वो बोली कि ठीक है पूछो.
यहाँ भी देखें>> तो मैंने कहा कि क्या यह सब तुम्हारे असली कॉलेज मित्र है? तो वो बोली कि हाँ.. क्यों? मैंने कहा कि नहीं.. क्योंकि जो दोनों मित्र से में मिला दोनों की उम्र करीब 38-40 के आस पास है.. वो लोग कैसे तुम्हारे कॉलेज मित्र हो सकते है? वो बोली कि है तो है.
फिर मैंने कहा कि भाभी आप मुझसे क्यों छुपाती हो में कहाँ किसी को बताने वाला हूँ? तो वो बोली कि ठीक है.. लेकिन तुम किसी को बताओगे तो नहीं? और अगर नहीं बताओगे तो में तुम्हे बता दूंगी कि यह सब झूठ मैंने तुमसे क्यों बोला? तभी मैंने कहा कि हाँ बताओ में किसी को नहीं बताऊंगा.. तो वो बोली कि ठीक है.. एक दिन जब में सुबह सुबह चन्दन के कमरे में उसे उठाने के लिए गयी तो मैंने देखा कि वो सिर्फ़ टावल में सोया हुआ था और गहरी नींद में उसे पता नहीं था कि उसका टावल पूरा खुल गया था और मैंने उसे देखा तो उससे अंडरवियर में से साईज़ इतना बड़ा दिख रहा था कि में देखती ही रह गयी.
तभी मैंने कहा कि तो उसमे क्या हुआ? तो वो बोली कि फिर मुझे मालूम पड़ा कि हर एक आदमी के लिंग का साईज़ अलग अलग होता है.
तो मैंने कहा कि हाँ वो तो होता ही है क्यों तुम्हे नहीं पता था? तो वो बोली कि नहीं मुझे हिमांशु बता रहे थे कि सबका एक ही साईज होता है.. लेकिन जब मैंने चन्दन का देखा तो पता लगा कि यह तो हिमांशु से भी बहुत बड़ा है और मैंने कई बार चन्दन को मेरा काम लगाने के लिए कई बार लाईन देने की कोशिश की.. लेकिन उसने मुझे भाव नहीं दिया और मुझे बहुत डर लगता था कि अगर में उससे सीधा बात करूंगी तो कहीं वो हिमांशु या पापा को ना बता दे.. इसलिए मैंने सोचा कि चन्दन नहीं तो कोई और सही और में लगातार सुपर मार्केट में जाती रही जिससे कि कहीं कोई हॅंडसम मिल जाए और एक दिन मुझे अभिषेक मिल गया और मैंने उस के साथ बहुत एंजाय किया..लेकिन जब मुझे लगा की नये टेस्ट में ज़्यादा मज़ा है तो मैंने फिर चेटिंग से बहुत मित्र बनाए और बहुत से मिली व अवैध शारीरिक संबंध भी बनाए.. लेकिन चन्दन जैसा आज तक मुझे नहीं मिला.
तभी मैंने कहा कि भाभी अगर आप बुरा ना मानो तो में एक बात कहूँ? तो भाभी बोली कि हाँ बोलो.. तो मैंने कहा कि क्या आप सच में अपने देवर चन्दन के साथ अवैध शारीरिक संबंध बनाना चाहती हो? तो वो चरित्रहीन कविता भाभी बोली कि हाँ मैं मेरे देवर चन्दन के साथ अवैध शारीरिक संबंध बनाना चाहती हूँ लेकिन यह मुमकिन नहीं है यदि उसने अपने भाई को मेरे चरित्र के बारे में बता दिया तो वो. मेरी गांड फाड़ डालेंगे.
फिर मैंने कहा कि डरने की कोई बात नहीं है भाभी जी इस नामुमकिन को में मुमकिन बना सकता हूँ.
तो वो बोली कि ठीक है पर कहीं में ना फंस जाऊँ? तो मैंने कहा कि मेरा वादा है आपको कुछ नहीं होगा और आप की प्यासी चूत और गांड को आप के देवर चन्दन का लंड मिल जायगा.. फिर उन्होंने बोला कि फिर तो ये बहुत अच्छी बात है.
तभी मैंने कहा कि भाभी और कभी मुझे भी मौका दोगी आप के साथ चोदा चादी करने का या नहीं? तो वो बोली कि बाद में चोद लेना मेरी भी.. तो मैंने कहा कि.. लेकिन अभी यहाँ पर कोई भी नहीं है आप की चूत चोदने और गांड मारने का एक दम सही मौका है.
तो भाभी जी डरते डरते बोली कि मुझे घर पर भी जाना है बहुत सारे काम पड़े हैं.. मैंने कहा कि प्लीज सिर्फ़ 10 मिनट की ही तो बात है मैं दस मिनट में आप की चूत और गांड दोनों को चोद दूंगा.. मेरे गेलचोदे मित्र की चुदास से भरी चरित्रहीन भाभी को साड़ी ब्लाउज खोलकर बेडरूम में रांड की तरह चोदा Hindi XXX Story : तो वो बोली ठीक है मगर चुदाई जल्दी खत्म कर लेना.
फिर हम चुदाई करने के लिए बेडरूम में चले गये और सेक्स करने से पहले बेडरूम का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया.
भाभी जी ने अपने सेक्सी शरीर पर से अपनी साड़ी को उतारना शुरू किया.
तो मैंने कहा कि रूको भाभी मुझे उतारने दो ना आप के कपड़े इसका एक आलग ही मजा है.
तो वो बोली कि ठीक है.. लेकिन थोड़ा जल्दी करो और फिर मैंने फटाफट उनकी साड़ी को उतार दिया और उन्हें देखता ही रह गया.
उनके वो बड़े बड़े बूब्स ब्लाउज में भी नहीं समा रहे थे और मैंने कहा कि भाभी क्या इसे भी खोल दूँ?तो वो बोली कि हाँ और यह कहते कहते मैंने मेरा मुहं उनके दूध से भरे पर दबा दिया और मैंने कहा कि भाभी तुम्हारे बूब्स बहुत मस्त है.
तभी वो बोली कि जल्दी करो मुझे घर पर जाना है.. मैंने जल्दी से चरित्रहीन कविता भाभी का ब्लाउज और पेटीकोट उतार दिया अब वो सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी जो बिल्कुल सफेद थी और एकदम सिल्की मैंने उसे हाथ लगाया तो मेरा लम्बा मोटा लौड़ा एकदम टाईट हो गया.
तो वो बोली कि तुम्हारे भी कपड़े उतारो.. मैंने अपनी टी-शर्ट और पेंट को उतार दिया.
अब में सिर्फ़ अंडरवियर में था और उन्होंने अपना हाथ मेरे पंड पर रख दिया और बोली कि यह तो अभिषेक से भी बड़ा है.
तो मैंने कहा कि हाँ तुम्हे देखकर और भी बड़ा हो गया है..वो बोली कि अब जल्दी करो और फिर मैंने उन्हे चोदने के लिए बेड पर लेटा दिया और उस रंडी की ब्रा खोल मोटे मोटे बोबे मुह में लेकर चूसने लगा और वो सिसकियां लेने लगी आअहह उफ्फ्फ अह्ह्ह.
तो मैंने कहा कि भाभी पेंटी को भी उतार दो.. तो वो बोली कि तुम्ही उतार दो.
यहाँ भी देखें>> फिर मैंने जैसे ही पेंटी को उतारा तो मैंने देखा कि उनकी चूत पर छोटे छोटे बाल थे और चूत एकदम मस्त लग रही थी और मैंने जैसे ही वहां पर किस किया भाभी ने मेरा मुहं वहीं पर दबाकर रख दिया और कहा कि चाटो मेरी चूत डार्लिंग.
तो मैंने कहा कि भाभी मेरा बहुत मन कर रहा है.. तो उन्होंने मेरा लम्बा मोटा लौड़ा पकड़ लिया और बोली वाह डार्लिंग तुम्हारा कितना मोटा लंड है.
तो में उनके मुहं से यह बात सुनकर बहुत चकित हो गया कि भाभी ने अपने मुहं से लंड बोला और में तो उनको देखता ही रह गया.
तभी वो बोली कि क्या हुआ? तो मैंने कहा कि कुछ नहीं.. तो वो बोली कि बस और अब मुझे जल्दी से गीला कर दो.
तो मैंने उनके दोनों पैर फैलाकर बीच में आ गया और अपने लंड पर थूक लगाकर उनको बोला कि भाभी क्या आप की इस प्यासी चूत में मेरा तगड़ा लम्बा लौड़ा पेल दूँ? तो चरित्रहीन कविता भाभी बोली प्लीज अब तो मुझे भाभी मत बोलो.
तो मैंने कहा कि फिर क्या कहकर बुलाऊँ? तो वो बोली कि बस कविता बोलो आज से मैं तुम्हारी भाभी नहीं तुम्हारी रांड हूँ देवर जी.. मैंने कहा कि नहीं मैं तो कविता भाभी ही बोलूँगा क्यों की भाभी की चुदाई करना बड़े गर्व की बात है हम जैसे देवर के लिए.
मैंने उनसे बोला की तुम्हारी चूत बहुत मस्त है क्या में मेरा लौड़ा अंदर डाल दूँ? तो वो बोली कि हाँ जल्दी से करो देवर जी मेरे पास समय कम है जल्दी से मेरा काम लगाओ और मुझे जाने दो.
मैंने देर ना करते हुए अपना पूरा का पूरा लंड एक ही झटके में चरित्रहीन कविता भाभी की प्यासी चूत के अंदर डाल दिया.. वो चकित रह गयी और उस रंडी की आँख से पानी निकल गया और फिर मैंने कहा कि क्या हुआ? तो वो बोली कि इतना दर्द हुआ कि में बता नहीं सकती.. लेकिन देवर जी तुम्हारा लंड चूत के अंदर जाते ही बहुत मज़ा आया.
तो मैंने कहा कि बोलो और क्या करूं जिससे तुम्हे और मज़ा आए? तो वो बोली कि क्या में तुम्हारे ऊपर आ जाऊँ? मैंने कहा कि ठीक है आ जाओ और वो मेरी जांघ पर बैठ गयी और मेरे लंड पर थूक लगाया और फिर ऊपर बैठ गयी और मेरा पूरा लंड उसके अंदर चला गया.
तो मैंने कहा कि कविता भाभी जी क्या हुआ? वो बोली बस तुम्हारे साथ तो ऐसे ही नंगी होकर पड़े रहने का मन करता है.
तो मैंने कहा कि जब चुदवाने का मन करे आ जाना और उसने मेरी उंगलियों में अपनी उंगलियां फंसाकर मेरे ऊपर कूदने लगी और मेरा लम्बा मोटा लौड़ा तो जैसे लोहे की तरह टाईट हो गया था और वो ऊपर कूद कूदकर मजे ले रही थी और 15 मिनट के बाद उसने मुझे ज़ोर से किस किया और उसका पूरा शरीर खिंच गया.
फिर मैंने कहा कि क्या हुआ? तो वो बोली कि बस में झड़ने वाली हूँ.
तभी मैंने उसे कसकर पकड़ा और बोला कि में भी झड़ने वाला हूँ.. तो वो बोली कि प्लीज वीर्य अंदर मत गिरना.
यहाँ भी देखें>> मैंने कहा कि फिर कहाँ गिराऊँ? तो वो बोली कि कहीं और.. लेकिन चूत के अंदर नहीं.
तो मैंने कहा कि क्या मुहं में डालूं कविता भाभी जी? वो बोली कि हाँ.. लेकिन पहले तुम सारा वीर्य मेरे इन मोटे मोटे बूब्स पर गिरा दो और में बेड के पास खड़े हो गया और लंड को चूत से बाहर निकालकर सारा वीर्य उस चरित्रहीन कविता भाभी के मोटे मोटे बूब्स पर गिरा दिया और फिर उसने जल्दी से मेरा लम्बा मोटा लौड़ा पकड़ कर अपने मुहं में ले लिया और किसी भूखी कुतिया रांड की तरह उसे बड़े मजे ले लेकर. चूसने लगी.
थोड़ी देर तक मेरा लम्बा मोटा लौड़ा चूसने के बाद मैंने भाभी के मुह में मेरे की पिचकारी दे मारी और भाभी मेरा सारा वीर्य पी गई.
बलोंजॉब के मजे लेने के बाद भाभी मुझसे बोली कि क्यों देवर जी बस हो गया.. अब तो में जाऊँ? तो मैंने कहा कि फिर कब भाभी जी…? वो बोली कि जब तुम बुलाओ तब देवर जी.. मैंने कहा कि क्या सच में…? तो वो बोली कि हाँ हिमांशु और अभिषेक से तो ज़्यादा मज़ा आया आप के साथ चोदा चादी करने में आप ने मुझे बड़े अच्छे से चोदा आज मेरा दिल आप से चुदवाकर बहुत खुश हो गया.
तो मैंने कहा कि ठीक है भाभी जी आप से आप मेरी रांड हो जब दिल करे चुदने आ सकती हो.. वो बोली कि क्या यह मुमकिन है देवर जी ? तो मैंने कहा कि हाँ जब तुम्हारा मन करे आ जाना मेरे साथ अवैध शारीरिक संबंध बनाने आप की चुदाई करके मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है.. तो वो बोली कि मेरा तो हर रोज मन करेगा आप के साथ अवैध शारीरिक संबंध बनाने का.
मैंने कहा कि ठीक है तो फिर रोज़ आ जाना मेरे लंड से चुदने के लिए.
फिर मैंने मेरे मित्र की रंडी भाभी के साथ करीब एक महीने तक हर दिन चोदा चादी करी.
फिर एक दिन मैंने उससे पूछा कि सच बताओ कविता भाभी जी आज तक तुमने कितने मर्दों के साथ चोदा चादी करी है? तो वो चरित्रहीन भाभी बोली के करीब 24-25 मर्दों के साथ उनके अवैध शारीरिक संबंध है.
मैंने कहा तो फिर क्या चाहिए? तो उसने कहा कि कुछ नहीं और फिर मैंने कहा कि अगर आप को अपने देवर चन्दन के साथ अवैध शारीरिक संबंध बनाने है तो में तुम्हारी सेटिंग करवा सकता हूँ? तो वो चरित्रहीन कविता भाभी बोली वो कैसे? मैंने कहा कि वो काम में कर दूँगा और तुम उसके साथ चोदा. चादी करके बहुत खुश हो जाओगी.
तो वो बोली कि ठीक है और वो तब से रोज मेरे साथ अवैध शारीरिक संबंधतब इस आस में बनाती है की मै उससे खुश होकर उसे बता दूँ कि अपने सगे देवर चन्दन के साथ अवैध शारीरिक संबंध कैसे बनाने है.
तो दोस्तों उम्मीद करता हूँ की मेरी हिंदी सेक्स स्टोरी “मित्र की चरित्रहीन भाभी को बेडरूम में चोदा Hindi XXX Story” आप सभी को बहुत पसंद आई होगी.
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स्रोत:इंटरनेट