. मुसल जैसे लंड से चुदाई करी सेक्सी पड़ोसन आंटी की कामुक बेटी की मैं मन ही मन उस कामुक पड़ोसन लड़की की गांड मारने के और उसकी ओखली रूपी चूत चोदने के गंदे गंदे सपने देखता था जिस कारण. कई बार रात में मुझे नींद में स्वपन दोष भी हो जाता था जिस कारन सारे बिस्तर भी मेरे वीर्य से गंदे हो जाते थे। यहाँ भी देखें>> उस कामुक पड़ोसन लड़की के मन में मेरे लिए क्या था मुझे नहीं मालूम था। क्या बाला. की खूबसूरती थी उस सेक्सी पड़ोसन की कुंवारी बेटी की। उस साली कुतिया के नशीले नयन मानो मुझे आमंत्रण दे रहे हों की आओ मेरी गांड में लंड पेल डालो.
उस कामुक पड़ोसन आंटी की कुंवारी लड़की के के उभार तो बहुत ही ज्यादा ग़जब ढहाते थे.
उस कुतिया रांड की जवानी दिन पर दिन निखरती ही जा रही थी। एक बार की बात है, उस कामुक पड़ोसन लड़की के दादा जी जो गाँव में रहते थे उनका देहांत हो गया.
उस कुंवारी लड़की के पापा मम्मी को अंतिम संस्कार की रस्म के लिए गाँव जाना था। पर घर में जवान कुंवारी बेटी को अकेले छोड़ कर नहीं जा सकते थे सो उन्होंने मेरी बड़ी बहन पर यह जिम्मेदारी डाली कि रात को वो उस सेक्सी लड़की के साथ उसके घर जाकर. सोएगी।जब शाम हुई तो मेरी बड़ी बहन वहाँ जाने को हुई, मेरी गंडमरी माँ ने उसे टोका- रात का समय है, जमाना ख़राब है, उस घर में दो दो लड़कियाँ कहीं बलात्कार हो गया तो। ऊपर से रात के अँधेरे चोरों का डर अलग.
मेरी गांडमरी माँ ने मुझे भी साथ भेज दिया। साथ में दो कामुक लड़कियों के साथ किसी मर्द का होना बहुत ही ज्यादा जरुरी है। मैं मन ही मन बहुत खुश था की चलो इसी बहाने सेक्सी पड़ोसन की कामुक बेटी नुपुर शर्मा के. खूबसूरत जिस्म को पास से देखने का मौका तो मिलेगा।हमारी कामुक पड़ोसन आंटी की कुंवारी बेटी नुपुर शर्मा और मेरी सेक्सी बड़ी बहन अन्दर वाले कमरे में सो गई, मुझे बाहर हॉल में सोने को कहा गया तो मैं उधर ही सो गया। मैं मन ही मन सेक्सी पड़ोसन की कामुक बेटी नुपुर को अपनी रंडी बनाने के सपने देखता हुए सो गया। करीबन आधी रात को मैंने पाया कोई मुझे हल्के से सहला रहा था, वो और कोई नहीं बल्कि हमारी सेक्सी पड़ोसन आंटी की कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा थी।मैं कुछ नहीं बोला, पर मुझ से रहा नहीं गया। मैं उठ गया। नुपुर ने मेरे मुँह पर हाथ रख कर कहा- मुझे डर लग रहा है। मैंने हमारी सेक्सी पड़ोसन आंटी की कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा से कहा- डरने की कोई बात नहीं, मैं हूँ ना ! नुपुर ने कहा- इसी लिए तो आई हूँ, क्या मैं तुम्हारे पास सो सकती हूँ। मैं तो कब से उसके सपने देख रहा था, मैं भला कैसे मना कर देता। मैंने सहमति में सर हिला दिया।हमारी कामुक पड़ोसन आंटी की कुंवारी बेटी नुपुर शर्मा मेरे बिस्तर पर दूसरे कोने में सो गई, और मैं इस कोने पर था, मन में बहुत उथल-पुथल मच रही थी। पर डर था कि अगर नुपुर ने शोर मचा दिया तो दीदी जग जायेगी। लाल रंग के जीरो वाट बल्ब की रोशनी थी कमरे में। यहाँ भी देखें>> मैंने हिम्मत कर के करवट बदली, देखा नुपुर अभी भी उस तरफ करवट लिए सो रही थी।मैंने आधे बिस्तर पर अपने कब्ज़ा जमा लिया, कुछ देर बाद नुपुर भी मेरे और करीब आ गई। पर शुरुआत कैसे हो? “कुछ देर पहले नुपुर मुझे सहला रही थी, सो उसके मन में भी कुछ तो है।” यह सोच मुझ में हिम्मत आई। मैंने अपनी एक टांग नुपुर की टांग से सटा दी, नुपुर ने कोई विरोध नहीं किया। मुझ में थोड़ी और हिम्मत आई, मैं जानता था कि वो सोने का नाटक कर रही है, वह भी आलिंगन का सुख चाह रही है। मैं हमारी सेक्सी पड़ोसन आंटी की कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा के थोड़े और करीब आ गया।हिम्मत करके मैंने हमारी कामुक पड़ोसन आंटी की कुंवारी बेटी नुपुर शर्मा के मोटे मोटे बूब्स पर हाथ रखा। उस कुंवारी लड़की की ओर से कोई विरोध ना देख प्यारे प्यारे उरोजों को मैं धीरे धीरे सहलाने लगा। उसने. झट से आँखें खोल दी। मैं एकदम से डर गया। उस कुंवारी लड़की ने मुझसे पूछा- क्या कर रहे थे? मैंने उस कुंवारी लड़की से कहा- कुछ नहीं !हमारी कामुक पड़ोसन आंटी की कुंवारी बेटी नुपुर शर्मा ने मुझसे कहा – यूं. इतना डरते क्यों हो आप ? मैंने कहा- नहीं तो, मैं तो बस ! मेरी ऊपर की साँस ऊपर और नीचे की साँस नीचे थी, मैं तो सोच रहा था, मारे गए आज तो। कालोनी में शराफत का जितना नाम था, आज सब उतर जायेगा ! नुपुर ने कहा- क्या बस-बस करते हो? मैं जानती हूँ, तुम मुझे छुप-छुप कर निहारते रहते हो !मैंने हमारी कामुक पड़ोसन आंटी की कुंवारी बेटी नुपुर शर्मा की आवाज में धीमापन और मधुरता पाई। मैंने सोचा कि अगर आवाज करनी होती तो जोर से बोलती। फिर उस कुंवारी लड़की ने कहा- मैं जानती हू तुम मेरे साथ क्या क्या करने की सोचते हो ! अरे बुद्धू कहते क्यों नहीं हो मुझसे ? अब जाकर मेरी जान में जान आई। मैंने उस कुंवारी लड़की से कहा- मैं. तुम्हें अपनी पत्नी बनाना चाहता हूँ। कुंवारी नुपुर ने कहा- अरे ! अरे ! अरे ! मेरा नन्हा रसिया, अभी दाढ़ी मूंछ तो आई नहीं, चलो हम पहले पति पत्नी का खेल खेलते हैं।मैंने हमारी कामुक पड़ोसन आंटी की नुपुर शर्मा से कहा- इतनी रात को खेल खेलेंगे? उसने कहा- हाँ, पत्नी बनाना चाहते हो ना, तो मैं पहले देखना चाहती हूँ कि तुम अपने पत्नी को प्यार कैसे करोगे। आओ, ऊपर वाले कमरे में चलते हैं। यहाँ भी देखें>> उस कुंवारी रांड लड़की ने मेरा हाथ पकड़ कर उठाते हुए कहा। आधी रात को मैं नुपुर के पीछे पीछे हो लिया, मुझे डर था कि दीदी जाग जाएगी, पर साथ ही साथ मन में उमंग भी थी। डर पर उमंग हावी हो गई और मैं निडर हो गया।कमरे में जाकर नुपुर शर्मा ने दरवाजा अन्दर से बंद कर लिया, मेरी ओर देख कर बोली- अब देख क्या रहे हो, मानो मैं तुम्हारी रंडी पत्नी हूँ, तुम ऑफिस से अभी अभी आये हो, तुम मुझ चुद्द्कड़ रंडी महिला को कैसे प्यार करोगे। मैंने कहा- यह सब करना जरुरी है? नुपुर शर्मा बोली- हाँ, मैं देखना चाहती हूँ। मैं झट से गया और उसे अपनी बाहों में भर लिया, और कस के दबाने लगा।मुझे यह उस सेक्सी की कामुक बेटी की और से सेक्स करने का खुला आमंत्रण लगा। उसने मुझे दूर करते हुए कहा- इतनी जल्दी थोड़ी सब करते हैं, रुको, मैं तुम्हें सेक्स करना सिखाती हूँ। “मान लो कि तुम पत्नी हो और मैं तुम्हारा पति” उसने मुझे कमरे में एक ओर खड़ा कर दिया। उसने धीरे से डोर बेल की आवाज निकाली, मैंने दरवाजा खोलने का नाटक किया।उस कुंवारी लड़की ने धीरे से मुझे अपने गले से लगाया और मेरी आँखों में घूरते हुए मेरे गालों पर चुम्बन लिया फिर बोली- जान, आज बहुत ही ज्यादा सेक्सी लग रही हो, क्या बात है, कहीं बिजली गिराने का इरादा है? मेरे डायलोग भी वो कुतिया रांड ही बोल रही थी। मैं तो बस अपना लंड खुजाते हुए मजे ले रहा था। पर धीरे धीरे मेरा लंड जग रहा था। हमारी सेक्सी पड़ोसन की कामुक बेटी ने मुझे ऊपर से नीचे तक चूमना चालू किया।गजब की गर्मी थी उस साली कुंवारी कुतिया की सांसों में ! मेरे दिल की धड़कन तेज हो रही थी और मेरी लुल्ली में भी हलचल होने लगी थी।. वो मुझे सहला रही थी, वो इतनी बोल्ड होगी मैंने सोचा ना था। अब सहन शक्ति जवाब दे रही थी, मैं तो पहली रात में मात्र स्पर्श-सुख लेना चाह था, यह तो मुझ से भी एक कदम आगे निकली। मैंने अपना शराफत वाला चोगा निकाल फेंका, उसके कोमल कपोलों पर अपने पहले प्यार का चुम्बन किया, फिर धीरे धीरे उसक वक्ष के पास जाकर चुम्बन करने लगा।अब तक उसके खेल अंत हो चुका था, अब वो मेरी बाहों में थी। मैंने उसे बिस्तर पर लेटाया तो उसने कहा- क्या कर रहे हो? “पति-पत्नी का खेल खेल रहे हैं ना, बस तुम पत्नी बन कर मेरा साथ दो !” मैंने एक एक कर के उसके सारे कपड़े निकाल दिए। यहाँ भी देखें>> गोरा बदन था उसका, मानो दूध से नहा कर आई हो, बड़ी ही खूबसूरती से तराशा था उसके एक एक अंग को ऊपर वाले ने। उसके उभार अरावली की याद दिला रहे थे तो नितम्ब हिमालय से कम ना थे।सेक्स को लेकर मेरा यह पहला अनुभव था पर पोर्न फिल्मों में सब देखा था, सो वो सपने साकार करने का अवसर मिल रहा था। उसे उत्तेजित करते हुए उसके सारे अंगों को सहलाया, प्यार के चुम्बन से उसके एक एक अंग पर अपना नाम लिखा। उसकी सिसकारियाँ निकल रही थी- ओह मेरी जान, तुम तो बड़े सेक्सी निकले। अब और ना तडपाओ मुझ पर जम कर अपना प्यार लुटाओ !मैं चूमता चूमता उसकी दोनों नंगी टांगों के बीच पहुँच गया, किताबों में इसका नाम योनि (Vagina Or Pussy) पढ़ा था, पर यह तो जन्नत का दरवाजा होता है, मैंने धीरे धीरे हमारी सेक्सी पड़ोसन की कामुक बेटी की गरम ओखली रूपी चूत को चूमना शुरू किया, उस साली कुतिया रांड की सिसकारियाँ तेज होने लगी। अब हम 69 की अवस्था में आ गये, उस कुतिया रांड ने ब्लोजॉब करने के लिए मेरे मुसल जैसे 9 इंच लम्बे और 3 इंच मोटे लंड को तुरंत अपने मुख में ले लिया, उसने कहा- ओह मेरी जान कितना जवान है तुम्हारा लंड !मैंने हमारी कामुक पड़ोसन आंटी की कुंवारी बेटी नुपुर शर्मा से कहा- यह लंड नहीं, मुसल है मेरा ! उसने कहा- मुसल है तो मेरी ओखली से इतना दूर क्यों है? हमारी सेक्सी पड़ोसन की कामुक एकदम मस्तानी हो गई थी, मेरी ओखली को चूमने पर उसमें से रस बहने लगा था। मुझे उसका स्वाद अच्छा लग रहा था। मेरा मुसल भी लिसलिसा हो गया था।अब मैंने अपने मुसल जैसे 9 इंच लम्बे और 3 इंच मोटे लंड को उसकी ओखली रूपी चूत में घुसाना चाहा, मैं कुछ करता उससे पहले ही उसने मेरे मुसल जैसे 9 इंच लम्बे और 3 इंच मोटे लंड को किसी तजुर्बेकार रांड की तरह बड़े ही अच्छे से गाइड किया। यहाँ भी देखें>> धीरे धीरे मैं हमारी सेक्सी पड़ोसन की कुंवारी कामुक बेटी की ओखली रूपी लंड खाने की को चोदने लगा। चुदते चुदते हमारी. सेक्सी पड़ोसन की कुंवारी कामुक बेटी ने कहा- धीरे धीरे चुदाई क्या कर रहे हो मेरे रजा, आज तो तुम मेरे पति हो, जोर से चोदो अपनी पत्नी को !मैं भले इस कुंवारी रांड की कर रहा था मगर मैं जान चुका था कि हमारी सेक्सी पड़ोसन की कुंवारी कामुक बेटी किसी रांड से कम नहीं हैं और ये रांड पहले भी कई मर्दों के साथ सेक्स चुकी है और अपनी गांड और चूत मरवा चुकी है, तभी तो इतना अनुभव है इस साली कुतिया रांड को चुदवाने का। पर मैं यह सब सोच कर अपना मजा ख़राब नहीं करना चाहता था। मैंने हमारी सेक्सी पड़ोसन की रंडी बेटी की बुर की चुदाई करने की स्पीड बढ़ा दी और उस साली रांड को खतरनाक तरीके से चोदने लगा।उस साली कुंवारी कुतिया. रांड की चुदवाते चुदवाते आह़ें बहुत ही ज्यादा तेज हो गई- उह ओउच ओह और जोर से मेरे रजा हाय मैं मर जाऊँ तेरी चुदाई पर उह ! मैंने उसके मुहँ पर हाथ रखना चाहा कि दीदी उसकी मदास आवाजों से जग ना जाये। उसने. मेरा हाथ हटाते हुए कहा- मेरे मम्मे कौन चूसेगा साले कुत्ते भडवे..? वो कुंवारी रांड मुझसे चुदते चुदते बहुत ही ज्यदा गन्दी गन्दी गालियाँ भी दे रही थी वो साली रांड! मैंने फट से उसके चुचूक को अपने मुँह में ले लिया, आखिर यही तो वो थे जिनको देख कर मेरा मन मचल मचल जाता था।अपनी जीभ और होटों के बीच उसके निप्पल को दबा कर मैं चूस रहा था। उसे बड़ा मजा आ रहा था। उसके अंग अंग को प्यार करते हुए, सहलाते हुए मैंने अपनी गति तेज कर दी थी, हम दोनों को जन्नत का सुख मिल रहा था। उहा… उहा… और वो अपनी चरम सीमा पर पहुँची तो मुझे जोर से भींच लिया- आह ! आह ! मेरी जान, तुमने तो मेरी ओखली रूपी चूत की प्यास बुझा दी।अब अपने मुसल जैसे 9 इंच लम्बे और 3 इंच मोटे लंड को मेरे मुहँ में दे दो, अपने राजा के लंड का काम रस मैं पीना चाहती हूँ। यहाँ भी देखें>> मैंने अपना लंड उसके मुँह में दे दिया। बड़ी ही सेक्सी अंदाज में मेरे लंड से मस्ती करते हुए हमारी सेक्सी पड़ोसन की कुंवारी कामुक बेटी ने मुझे स्खलित कर दिया और मेरे लंड से निकला सारा का सारा पानी अपने मुँह में ले गई और उसे पी गई।चुदाई खत्म करने के बाद हम दोनों ने एक दूसरे के. नंगे जिस्म को बड़े प्यार से सहलाया, तब तक मेरा लंड और हमारी सेक्सी पड़ोसन की कामुक बेटी की ओखली रूपी चूत फिर से सेक्स करने के लिए जाग गए थे, दूसरे राउंड में मैंने उसे रौंद डाला, इस बार ज्यादा समय लगा। पर वो निकली एक नंबर की कामुक । मैं उस कुंवारी कुतिया रांड लड़की की गरम गांड और गरम ओखली रूपी चूत को मेरे लम्बे मोटे मुसल जैसे लंड से बड़े मजे से चोद रहा था और वो भी किसी रांड की तरह पूरी मस्ती के साथ. चुदवा रही थी और हम दोनों सेक्स का भरपूर आनंद ले रहे थे।उसके बाद समय समय पर मैं उसकी प्यास बुझाता रहा। उसने अपनी और सखियों से भी मिलाया मुझे। उन्हें भी बहुत चोदा मैंने। पढ़ाई के बाद मेरी नौकरी लग गई और. मैं दूसरे शहर में आ गया, यहाँ और ओखली रूपी चूत की चुदाई का कोई जुगाड़ नहीं है, तो समय निकाल कर अब भी सेक्सी पड़ोसन की कामुक बेटी नुपुर के पास उसकी चुदाई करने जाता हूँ।अब उस सेक्सी पड़ोसन की कामुक बेटी की शादी मेरे मामा जी के लड़के से हो गई है और अब रिश्ते में वो मेरी भाभी बन गयी हैं.
दोस्तों मुझे उसकी गांड और चूत की लग चूका हैं और उसे भी मेरे लंड से अपनी गांड मरवाने और चूत चुदवाने का चस्का लग चूका हैं इस लिए हम दोनों के बिच अभी भी अवैध शारीरिक संबंध हैं और अभी भी हम दोनों होटल में जाकर सेक्स करते हैं और अब मैं उस साली की चुदाई करने के बाद लंड से निकला गरम गरम पानी उसकी ओखली रूपी चूत के अन्दर ही. छोड़ता हूँ, मेरी जिद है कि हमारी सेक्सी पड़ोसन की कामुक बेटी एक बच्चा मेरा पैदा करे। – First sex with neighbor aunt’s girl 18+ Antarvasna Hindi XXX Sex Kahani
स्रोत:इंटरनेट