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मेरी पहली चुदाई पड़ोस की भाभी के संग 1

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मेरी पहली चुदाई पड़ोस की भाभी के संग 1 1

. उस दिन से भाभी ने मुझसे कॉंटॅक्ट बढ़ाया, मुझसे बातें करने लगीं.
मुझे समझ नहीं आ रहा था कि हो क्या रहा है.
खैर … मेरा उनके घर जाना पहले जैसा हो गया.
इसके दूसरे दिन भैया घर पर नहीं थे.
मैं मैच देख रहा था, तभी भाभी बोलीं- रोहन, मेरी पीठ बहुत दर्द कर रही है … ज़रा दबा दे.
मैंने कहा- ठीक है भाभी.
भाभी बिस्तर पर बैठी थीं.
कोई दस मिनट पीठ दबाने के बाद, भाभी बोलीं- वो दवाई वाला तेल भी लगा दे.
ये कह कर भाभी ने अपना ब्लाउज हटा दिया और वे पेट के बल बिस्तर पर लेट गईं.
मैंने भाभी की पीठ पर तेल लगाना चालू कर दिया.
अब मेरा लंड खड़ा होने लगा.
भाभी पूरी बैकलैस थीं … सिर्फ़ ब्रा की काली स्ट्रीप मेरे सामने थी.
थोड़ी देर बाद, भाभी ने कहा- और अच्छे से कर ना … मैं स्ट्रीप खोल देती हूँ.
मुझे तेरा हाथ बड़ा सही लग रहा है.
बस ये कहते हुए भाभी ने स्ट्रीप खोल दी.
अब मुझे उनकी नंगी पीठ दिख रही थी.
मैंने भाभी की पीठ पर बीस मिनट तक तेल मालिश की.
तभी भाभी ने अचानक पलटी मारी.
उनके चुचे सीधे मेरे सामने आ गए.
मैं नंगे दूध देख कर एकदम से चौंक गया.
मैंने कहा- भाभी, ये क्या? भाभी ने आंख दबाते हुए कहा- क्या क्या … सामने की भी मालिश कर ना … तेरा हाथ बहुत सही है.
मैंने कहा- नहीं भाभी … मेरे हाथ में कुछ ऐसा खास नहीं है.
भाभी ने कहा- उस दिन बड़ी ज़ोर से कोहनी मारी थी.
अभी तक याद है.
मैं- नहीं भाभी उस दिन गलती से लग गयी थी.
भाभी- चल फिर से मार के दिखा ना.
हां-ना, हां-ना करते करते मैं मान गया.
मैं धीरे धीरे उनके पेट और नाभि की जगह पर मालिश करने लगा.
मम्मों को देख कर मेरा लंड पूरा टाइट होकर खड़ा हो चुका था.
पर मैंने लंड छिपाने का भरपूर जतन किया.
कुछ देर बाद भाभी बोलीं- थोड़ी ऊपर भी मालिश कर दे.
मैंने कहा- नहीं भाभी … उधर आप भैया से करवा लेना.
मैं घर जा रहा हूँ.
मैं जाने लगा.
मैं दरवाजे पर पहुँचा, तो भाभी मेरे नजदीक आकर बोलीं- अगर मुझे तेरे भैया से करवानी होती, तो तू अब तक यहां पर नहीं होता.
मैंने कहा- मैं समझा नहीं! तभी भाभी ने मेरा हाथ पकड़ा और बोलीं- बैठ … सब समझाती हूँ.
तभी भाभी मेरे एकदम पास आईं और सीधा मुझे किस कर दिया.
वो मेरी जिंदगी का सबसे पहला किस था.
मुझे पहली बार पता चला कि किस में इतना मज़ा आता है.
मुझे पता चल गया कि इनके सर पर प्यार पर का भूत चढ़ा है.
मैंने कहा- भाभी ये ग़लत है.
भाभी ने कहा- भूल गया क्या कि तुमने ही मुझे सिखाया था कि दुनिया में सब कुछ रिलेटिव है.
मैं- लेकिन मैंने वो अलग नज़रिए से कहा था.
भाभी- अच्छा … वो क्या नजरिया था? मैं- छोड़ो … मुझे ये दर्शन की बातें नहीं करनी.
भाभी- ओके … चलो फिर … मेरा साथ दो.
मैं- पहले आपको ये बताना होगा कि आप ये क्यों कर रही हैं? भाभी- सुनना ही चाहते हो तो सुनो … तुम्हारे भैया, एक गुड इंसान हैं.
किंतु मुझे जितना मैं चाहती हूँ, वो मुझे उतना खुश नहीं कर पाते हैं.
मेरी बॉडी की ज़रूरत नहीं समझते.
बस दस बीस धक्के लगा कर खल्लास हो जाते हैं.
मुझे तड़पने के लिए प्यासी छोड़ देते हैं.
खुद का हो गया, तो सो जाते हैं.
मैं- तो उनसे बात करो न.
भाबी- बहुत कोशिश की, पर उनके पास मेरे लिए वक्त ही नहीं है.
मैं- एक बात पूछ सकता हूँ? सच बताना! भाभी- पूछो.
मैं- ये आपका बेटा उनकी औलाद है? भाभी- हां … इसके आने तक उनके पास मेरे लिए वक्त था, पर अब नहीं है.
मैं- इस सवाल को पूछने के लिए सॉरी भाभी.
भाभी- चलता है डियर.
सॉरी क्यों बोल रहे हो? किसी और से मैं ये बात करती कि तो वो भी पहला यही सवाल पूछता? मैंने स्माइल करते हुए कहा- तो अब आप मुझसे क्या अपेक्षा रखती हैं? भाभी- बस ढेर सारा प्यार, जो मेरी जिंदगी में नहीं रहा.
मुझे तुमसे कोई बेटा नहीं चाहिए.
डरो मत … बस मुझे प्यार करते रहो.
मैं- ये काम तो आप किसी और से भी करवा सकती थीं.
मुझे चुनने का क्या मकसद? भाभी- भरोसा डियर … बाकी लोगों में मुझे हवस दिखती है.
हर लड़की जो चाहती है, वो सभी गुण तुम्हारे अन्दर हैं … और ऊपर से तुम्हारा तेज दिमाग़, जो मुझे सभी प्रॉब्लम्स से दूर रख सकता है.
अफेयर के लिए तुम पर्फेक्ट पर्सन हो.
तुम्हारे साथ मैं खुद को सेफ महसूस कर सकती हूँ.
अब मेरा भी मन डोल रहा था.
मैंने कहा- चलेगा भाभी … इतना ही भरोसा है मेरे ऊपर … तो अगली प्लानिंग मुझे करने दो.
मैं आपको निराश नहीं करूंगा.
भाभी ने स्माइल करते हुए कहा- थैंक्स डियर और हां, अब तुम्हें भाभी नहीं, सिर्फ़ मिताली बोलना होगा.
मैं- ओके भाभी … सॉरी मिताली … अब चलता हूँ.
वरना मम्मी को डाउट होगा.
आप अपना मोबाइल चालू रखना … बाय.
मैं वहां से चला गया.
आते ही मैं बाथरूम में घुसा और मुठ मारके खुद को हल्का किया.
अब मुझे सिर्फ़ सामने से भाभी को चोदने के ख्याल आ रहे थे … और आते भी क्यों नहीं … पहली बार सामने से चुत चोदने का आमंत्रण मिला था.
आप सभी को मेरी ये सेक्स कहानी कैसी लग रही है, प्लीज़ मुझे मेल करके जरूर बताएं.
इस सेक्स कहानी के अगले भाग में मैं आपको मिताली भाभी की चुत चुदाई की कहानी लिखूँगा.
अन्तर्वासना जैसी विश्वप्रसिद्ध सेक्स कहानी वाली एक मात्र साईट से अपना प्यार बनाए रखें.
[email protected] कहानी का अगला भाग: मेरी पहली चुदाई पड़ोस की भाभी के संग-2
स्रोत:इंटरनेट