. मैंने तभी राजनाथ को बुलाया और मॉम को सारी बात बतायी.
मैंने उन्हें ये सब किसी को नहीं बताने की कसम दे दी.
तभी राजनाथ भी बोलने लगा कि वो उन्हें बहुत प्यार करता है और उन्हें हर तरह का सुख देगा.
मॉम इस पर कुछ नहीं बोलीं.
मैंने राजनाथ को पापा बोल दिया और मॉम को बोला- मुझे ऐसे पापा चाहिए और एक छोटा भाई भी.
राजनाथ ने बोला- एक क्यों … दो तीन होंगे.
ये सुनकर मॉम शर्मा गईं.
तभी मैं बोला कि मुझे बाहर जाना है.
मैं देर से आऊंगा.
मेरी मॉम बोलीं- ठीक है.
मैं बाहर निकल गया, तो राजनाथ ने गेट बंद कर दिया.
मैं दोनों को समय देना चाहता था.
लेकिन मुझे ये भी देखना था कि मॉम और राजनाथ के बीच क्या होगा.
इसलिए मैं फिर से चुपके से अन्दर आ गया.
मैंने देखा मॉम राजनाथ की बांहों में थीं और राजनाथ मेरी मॉम को चूम रहा था.
कुछ देर की चूमाचाटी के बाद मॉम धीरे धीरे राजनाथ का लंड सहलाने लगीं.
राजनाथ ने भी अपना लम्बा लंड पैंट से निकाल लिया.
उसका लंड देखकर मैं समझ गया कि अब मेरी मॉम की ताबड़तोड़ चुदाई होने वाली है.
राजनाथ ही वो मर्द है, जो मेरी मॉम को हर सुख देगा.
राजनाथ जोश में मेरी मॉम को चूस रहा था.
फिर उसने मॉम की साड़ी उतार दी.
अब मॉम सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थीं.
सच कह रहा हूँ, कसम से मेरी मॉम माल लग रही थीं.
उधर राजनाथ भी नंगा हो गया.
फिर उसने मॉम को झुकने को बोला और अपना 8 इंच का मोटा लंड मॉम के मुँह में दे दिया.
मॉम उसके लंड को कुल्फी समझ कर चूसने लगीं.
दस मिनट तक लंड चूसने के बाद राजनाथ ने मॉम को उठाया और बेड पे पटक दिया.
उसने अपना लंड मॉम की चूत में डाल दिया और 20 मिनट तक धकापेल चोदा.
मॉम बस सिहरतीं और गांड उछाल कर उसके लंड का स्वागत करतीं.
कुछ देर बाद मैंने लंड हिला कर खुद को ठंडा कर लिया.
जब मैं शाम को आया, तो राजनाथ ने बताया कि उसने मेरी मॉम को 3 बार चोदा था.
ये उसके ज़िन्दगी का बहुत ही खूबसूरत दिन था.
मैंने देखा कि मॉम के चेहरे पर भी चमक थी.
मॉम आज बहुत खुश थीं.
मेरी मॉम को उनका असली मर्द मिल गया था और मुझे मेरी मॉम का पति मिल गया था.
मैंने मॉम से पूछा- क्या मैं राजनाथ को पापा बोल सकता हूँ.
मॉम शर्मा गईं.
राजनाथ बोला- हां.
मॉम ने मुझे पकड़ लिया.
मैं समझ गया कि मॉम की भी हां है.
बस उस दिन से मैं राजनाथ को पापा बोलने लगा … क्योंकि मेरी मॉम विभा का पति का फ़र्ज़ वो ही निभाते थे.
मेरे मॉम के असली मर्द थे वो.
अब मॉम और राजनाथ रोज़ चुदाई करते और घर के अकेले में ऐसे रहते, जैसे मियां बीवी हों.
राजनाथ ने मॉम को बोला- आप पति से तलाक ले लो और मुझसे शादी कर लो.
मैंने भी मॉम को बोला- राजनाथ को मेरा ऑफिशियल बाप बना दीजिए.
वो मान गईं.
मॉम ने फिर अपने पति से तलाक ले लिया और मेरी मॉम विभा ने अपने मर्द राजनाथ से विवाह कर लिया और अपना नाम भी बदल लिया.
उस रात मॉम की सुहागरात की सेज को मैंने खुद अपने हाथों सजाया.
यहां आज से मेरा नया बाप आज से मेरी मॉम के साथ सोने वाला था और उन्हें चोदने वाला था.
उनकी नई जिन्दगी शुरू हो गई.
आज मेरी मॉम और मेरे बाप राजनाथ के 2 और औलादें हैं और वो बहुत खुश हैं.
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स्रोत:इंटरनेट