. काजल- ननद जी मैं आपको जानती हूँ, आप मेरे लिए बहुत कुछ लाती हो, पर ऐसा गिफ्ट आपने पहली बार दिया है.
कुछ तो है बताओ क्या बात है.
मेरी जानू बोली- अरे हुआ यूं कि उन्होंने ऑनलाइन आर्डर किया था, पर मेरे साइज के हिसाब से टाइट हो रहा था, तो मैंने सोचा इतना सेक्सी सैट मैं वापस नहीं करूंगी और सोचा क्यों न मैं तुम्हारे लिए रख लूँ.
काजल बोली- वाह … मेरे ननदोई जी की चॉइस तो एकदम धांसू है.
फोटो देख कर भी इतनी बढ़िया पसंद किया है.
फिर दोनों की जोर से खिलखिलाने आवाज़ सुनाई दी.
थोड़ी देर बाद काजल बोलती है- चलो एक बार ट्राई करके देखती हूँ, मुझे फिट आता है कि नहीं.
उसके बाद से थोड़ी देर तक कुछ सुनाई नहीं दिया.
फिर मेरी जानू की आवाज आई- भाभी, आपके पपीते तो बहुत बड़े हो गई हैं, लगता है मेरे भैया रोज़ इसकी खातिरदारी करते हैं.
काजल बोली- ननद जी वो तो है, पर आप भी मुझसे कम नहीं हो, अपनी साइज तो देखो.
ये बोल कर दोनों वापस हंसने लगीं.
काजल पूछने लगी- बताओ पहले कौन सी पहनूं.
तो मेरी जानू ने जवाब दिया- पहले ब्लू ट्राई करो.
थोड़ी देर बाद काजल आईने के सामने जा कर बोली- ओह … ये पहन कर अगर मैं आपके भाई के सामने गई, तो वो तो मुझ पर टूट पड़ेंगे और वहीं चोद डालेंगे.
उसके बाद मेरी जानू की आवाज आई- रुको भाभी, आपके मोबाइल से फोटो लेती हूँ.
उसने काजल का मोबाइल उठाया और मस्त पिक्चर लेने लगी.
मुझे भी उसकी क्लिक की आवाज़ सुनाई दे रही थी.
करीब पन्द्रह फोटो लेने के बाद काजल की आवाज आई- अब मैं दूसरा सैट ट्राई करती हूँ.
थोड़ी देर बाद वापस मेरी जानू बोली- भाभी.. इसमें तो आज आप क़यामत लग रही हो.
उसके बाद फिर से कुछ फोटो ली गईं.
उन दोनों की बातें सुन कर मेरा भी लंड खड़ा हो गया था, पर क्या करता.
मेरे पास अपने हाथ के अलावा कोई और रास्ता नहीं था.
थोड़ी देर दोनों इधर उधर की बातें करके सो गई होंगी.
क्योंकि मुझे उनके कमरे से कोई आवाज नहीं आ रही थी.
मैं भी फटाफट बाथरूम में गया और काजल की नाम की मुठ मारने लगा.
पर अचानक वहां पर मुझे कपड़े का ढेर दिखा, उसमें मुझे काजल के भी कपड़े दिखे.
मेरे ढूँढने पर मुझे उसमें काजल की आज पहनी हुई पीले रंग की नेटवाली ब्रा और पैन्टी दोनों मिल गए.
मेरी तो मानो लाटरी लग गई.
मैं काजल की ब्रा के ऊपर हाथ फिराने लगा और उसकी चूचियों को अपने ख्यालों में ही महसूस करने लगा.
थोड़ी देर बाद मैं काजल की पैन्टी को हाथ में लेकर अपनी नाक के पास ले गया.
उसमें से काजल की चूत की बहुत ही प्यारी खुशबू आ रही थी, जो मुझे पागल कर रही थी.
अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था.
काजल की पैन्टी मेरे लंड पर महसूस होते ही मेरा लंड भी झटके मारने लगा.
मैंने काजल की पैन्टी को मेरे लंड पर लपेटा और ख्यालों में ही काजल की चूत को चोदने लगा.
थोड़ी देर में मेरे लंड ने एक जोर से वीर्य की पिचकारी निकाली और सीधी बाथरूम की सामने की दीवार पर गई.
मैंने थोड़ा वीर्य काजल की ब्रा और पैन्टी के ऊपर निकाला.
फिर बाहर आकर सो गया.
मैं सुबह उठा और मेरी जानू को आवाज़ लगाई.
वो आई, तो मैंने दरवाज़ा बंद कर दिया और उसको मेरी बांहों में भर लिया.
वो ना नुकुर करने लगी, पर मैंने नहीं छोड़ा.
मैं उसके होंठ पर होंठ रख कर लिप किस करने लगा.
वो धीरे धीरे गर्म हो रही थी.
मेरा हाथ उसकी चूची पर चला गया और धीरे धीरे दबाने लगा.
थोड़ी देर बाद मैंने उसके कुर्ते में हाथ डाल दिया, उसकी ब्रा के ऊपर से चूची को दबाने लगा.
अब मेरी भी ठरक थोड़ी और बढ़ गई थी.
मैंने उसकी लैगीज को थोड़ा नीचे कर दिया.
नीचे का नज़ारा देख कर मेरा लंड तन कर एकदम नब्बे डिग्री के एंगल पर झटके देने लगा.
मेरी जानू ने मेरी नई लायी हुई ब्रा और पैन्टी में से पिंक कलर का साटिन का सैट पहना था.
मैं उसकी पैन्टी के ऊपर से ही उसकी चूत के ऊपर सहलाने लगा.
मैं उसकी पैन्टी में हाथ डालने ही वाला था कि उसने मुझे धक्का दे दिया.
अपनी लैगीज ऊपर की और फटाफट बाहर भाग गई.
वो मुझसे बोली- आपको जो भी चाहिये, वो आपके बैग में है, खुद ही निकाल लो.
मैं हाथ मलता रह गया और वो आंख मार कर बोली- थोड़ा सब्र करो यार.
मैं सोचता रहा कि ये क्या बोल रही है.
मुझे कुछ समझ नहीं आया और नहा कर तैयार हो गया.
मेरी जानू बाहर कपड़े धो रही थी और काजल किचन में मेरे लिए नाश्ता बना रही थी.
आज मैंने देखा काजल कुछ अलग ही नज़रों से मुझे देख रही थी.
वो थोड़ी थोड़ी देर में तिरछी नज़रों से मुझे ही घूरे जा रही थी.
मुझे भी कुछ अजीब लगा.
मैंने नाश्ता खत्म किया और वो पानी का गिलास ले कर मुझे देने ही जा रही थी कि उसका हाथ मेरे हाथ से टकरा गया.
पानी टेबल पर गिर गया और पानी ने सीधा मेरे पैन्ट के ऊपर से मेरे लंड को नहला दिया.
वो तुरंत नैपकिन लेकर मेरे पैन्ट के ऊपर का पानी साफ़ करने लगी.
काजल का हाथ पैन्ट पर महसूस होते ही मेरा लंड ताव में आ गया और विकराल रूप में आने लगा.
काजल ने मेरे लंड को महसूस होते ही उसने हाथ हटा दिया और शर्मा कर दूसरी तरफ भाग गई.
मैं बाहर आया, तो वो मेरी आंख से आंख नहीं मिला पा रही थी.
मेरे साले और ससुर जी टिफिन लेकर फैक्ट्री के लिए निकल गए थे और दोनों माँ बेटी और काजल बैठ कर गप्पें मार रही थीं.
मैं अकेला बैठा बैठा बोर हो कर टीवी देखने लगा.
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स्रोत:इंटरनेट