. वो मेरी तरफ देख कर मुस्कुराते हुए मेरे करीब आ गईं और मेरे होंठों से होंठ मिला दिए.
मैं भी उनके होंठ चूसने लगा और उनकी जीभ भी चूसने लगा.
धीरे धीरे मेरे हाथ भाभी के मम्मों पर पहुंच गए.
उनके चूचे 36 साइज़ के थे और बहुत ही मुलायम थे.
मैं उनके मम्मों को दबाते हुए उनकी गर्दन पर किस करने लगा, जिससे उनकी सिसकारियां निकलने लगीं.
फिर मैंने उनका ब्लाउज और ब्रा को उतार दिया और उनके उरोजों पर टूट पड़ा.
एक को चूसने लगा और एक को हाथ से मसलने लगा.
इस तरह से बारी बारी से उनके मम्मों को चूस चूस कर लाल कर दिया.
फिर मैं उनके पेट को चूमने लगा और नाभि में जीभ डालकर चाटने और भाभी मेरे बालों में उंगलियों की घुमाने लगीं.
मैंने उनकी साड़ी और पेटीकोट खोल दिया.
वो अब सिर्फ पैंटी में मेरे सामने खड़ी थीं.
पैंटी में से उनकी फूली हुई चूत मुझे अपनी तरफ बुला रही थी.
मैंने उनकी पैंटी भी एक झटके में उतार दी.
उनकी चूत पावरोटी की तरह फूल रही थी और उस पर छोटे छोटे बाल थे.
चूत देख कर ऐसा लग रहा था कि अभी 3-4 दिन पहले ही झांटें साफ की हों.
मैं एकटक उनकी चूत को घूरता रहा.
मैं पहली बार किसी लड़की को इतनी करीब से नंगी देख रहा था.
उन्होंने मुझसे पूछा- क्या देख रहे हो … पहली बार किसी की चूत देखी है क्या? मैं कुछ नहीं बोला और उनकी चूत चाटने लगा.
मुझे चूत चाटने में बहुत मज़ा आ रहा था.
मुझे चूत चाटना पसन्द भी था … मैं अक्सर चूत चटाई की ही वीडियो देखता था.
भाभी के मुँह से जोर जोर से आह उह की सिसकारियां निकलने लगीं और वो मेरा सिर अपनी चूत पर दबाने लगीं.
करीब 5 मिनट की चटाई के बाद वो मेरे मुँह में ही झड़ गईं और मैं उनका पानी पी गया.
अब वो मेरे कपड़े निकालने लगीं और मेरी शर्ट और बनियान निकाल कर मेरी चौड़ी छाती चूमने लगीं.
फिर उन्होंने मेरा पैंट भी निकाल दिया और चड्डी के ऊपर से ही मेरा लंड सहलाने लगीं.
भाभी ने फिर मेरी चड्डी भी निकाल दी और मेरे लंड के हाथ में पकड़ कर एक दो बार ऊपर नीचे किया और मैं झड़ गया.
मुझे बड़ी शर्मिंदगी महसूस हुई.
उन्होंने मुझसे पूछा- तुम्हारा पहली बार है क्या? तो मैंने उनको बताया कि मैंने तो आज तक किसी लड़की को नंगी तक नहीं देखा.
इस पर उन्होंने कहा- कोई बात नहीं, पहली बार ऐसा होता है.
फिर उन्होंने मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसना शुरू किया.
मेरा लंड दोबारा खड़ा होने लग गया.
उन्होंने थोड़ी देर लंड चूसा और बेड पर चूत खोल कर लेट गईं.
भाभी ने मुझे अपने ऊपर आने का इशारा किया.
मैं उनके ऊपर चढ़ गया और लंड उनकी चुत में डालने लगा.
लेकिन बार बार मेरा लंड फिसल जाता.
ये देख कर भाभी हंसने लगीं और मेरा लंड पकड़ कर अपने छेद पर रख कर बोलीं- अब धक्का मारो.
मैंने एक जोरदार धक्का मारा और मेरा पूरा लंड भाभी की चूत में समा गया.
भाभी की एक ज़ोरदार आह निकल गयी.
लेकिन मुझे ऐसा लगा, जैसे किसी ने मेरे लंड को छील दिया हो.
दर्द के कारण मैं थोड़ी देर ऐसे ही पड़ा रहा.
फिर जब कुछ दर्द कम हुआ, तो मैं धक्के मारने लगा.
फिर मैं लगातार धक्के मारता रहा, इस बीच भाभी झड़ चुकी थीं.
चूंकि मैं पहले झड़ चुका था, तो दोबारा झड़ने में मुझे टाइम लगा और करीब 12 मिनट बाद मेरा झड़ने को आया.
मैंने भाभी से पूछा- कहां निकालूं? तो उन्होंने कहा कि तुम्हारा पहली बार है, तो अन्दर ही निकाल दो.
मैंने धक्कों की स्पीड तेज़ कर दी और उनकी चुत में ही झड़ गया.
झड़ने के बाद मैं उनके ऊपर ही गिर गया और उनके मम्मों के ऊपर सर रखकर लेट गया.
फिर मैंने उनको उस दिन दो बार और चोदा.
उसके बाद मुझे उनको दोबारा चोदने का मौका नहीं मिला.
फिर मैंने वो रूम भी छोड़ दिया और उसके बाद से अब तक मैं दोबारा मुठ मारकर अपनी हवस को शान्त कर रहा हूं.
मैंने अपने जीवन की इस सच्ची घटना को लिखने में एक भी गलत शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है.
जस का तस पूरी चुदाई की कहानी को आपके सामने रख दिया है.
अब ये आप पर है कि दोस्तो कि आपको मेरी पहली सेक्स कहानी कैसी लगती है.
अन्तर्वासना पर ये मेरी पहली कहानी है.
आपके मेल मुझे प्रोत्साहित करेंगे.
मेरा ईमेल है.
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स्रोत:इंटरनेट