. ड्राइवर- अब रोज़ तुम्हारी चूत ऐसे ही लूँगा.
तुमको कोई दिक्कत तो नहीं? मैं- नहीं, मुझे कोई दिक्कत नहीं … बस घर पर किसी को नहीं पता चलना चाहिए। ड्राइवर- नहीं यार, तुम उसकी चिंता मत करो.
वो खड़ा हुआ और अपने पैंट की चैन खोल कर लंड बाहर कर दिया, वो बोला- यार, एक बार मेरा लौड़ा चूस लो। अभी उसका लौडा खड़ा नहीं था। मैंने उसका लंड अपने मुँह में ले कर दबाना शुरू किया और कुछ ही देर में उसका लंड खड़ा हो गया.
मैंने खूब चूसा उसका लंड … कभी टोपा … तो कभी पूरा अंदर तक लिया.
तो कभी उसकी दोनों गोलियों को अपने मुँह में लेकर चूसा.
और वो भी लंड मेरे मुँह में डाल कर बार बार झटके मार रहा था.
करीब 10 मिनट तक उसका लंड चूसने के बाद उसने मेरे मुँह में ही अपना सारा माल छोड़ दिया और मैंने सब पी लिया.
मैं अंदर आ गयी अब.
कुछ देर बाद बाकी सब लोग भी घर आ गये थे तो सबको चाय नाश्ता दिया और कुछ देर बाद रात का खाना खाकर सब सो गये। अब अगली सुबह को मैंने रोज़ की तरह सब काम किया.
तभी मुझे मालूम चला कि आज दोपहर मालकिन और साहब ड्राइवर के साथ कहीं बाहर जा रहे हैं और ये लोग दो दिन बाद आएँगे.
उनका बेटा अखिल ही सिर्फ़ घर में रहेगा क्योंकि उसका कॉलेज था.
तो मालिकन ने मुझे उसका ध्यान रखने को बोला और दो बजे वो सब चले गये। अब मैंने मालकिन की दी हुए एकदम सेक्सी सी नाईटी पहन लिया.
कुछ देर में उनका बेटा अखिल भी घर आ गया.
उसने मुझे पूरा ऊपर से नीचे तक देखा.
लेकिन वो थोड़ा उदास लग रहा था तो वो सीधे अपने कमरे में चला गया.
मैंने उसके लिए चाय और कुछ नाश्ता बनाया और उसके कमरे में ले कर गयी। अखिल लेटा हुआ था.
मैंने उसको बोला- लो चाय पी लो.
उसने बोला- नहीं पियूंगा.
मेरा मन नहीं है, ले जाओ आप! जब मैंने देखा कि वो थोड़ा उदास है तो उससे उसकी उदासी की वजह पूछा.
उसने कुछ नहीं बताया.
मेरे बहुत ज़ोर देने पर उसने बोला- अगर आपको बता भी दूँगा तो क्या मेरी परेशानी आप दूर कर दोगी? उस पर मैंने बोला- बताओ तो … देखूँ शायद कोई समाधान हो मेरे पास। अखिल ने बताया कि आज उसके दोस्तों की तरफ से पार्टी है और उसकी कपल्स थीम है.
पर उसकी कोई गर्ल फ्रेंड नहीं है.
एक लड़की से उसने पूछा भी तो उसने भी उसके साथ जाने को मना कर दिया.
इसी बात को ले कर वो परेशान है। मैंने उसका मूड ठीक करने के लिए बोला- क्यों, तुम्हारी कोई गर्ल फ्रेंड क्यों नहीं है? इतने तो स्मार्ट हो तुम! तब उसने बोला- यहाँ पर स्मार्टनेस नहीं, पैसा चलता है.
जो लड़का जितना पैसा खर्च करता है लड़कियों पर … वो उसी के साथ रहती हैं.
और मैं पैसा खर्च नहीं करता। तब मैंने उसको बोला- तुम चिंता मत करो.
कोई इंतज़ाम हो जाएगा.
फिर मैं बोली- अगर तुमको दिक्कत ना हो तो क्या मैं तुम्हारे साथ चल सकती हूँ तुम्हारी गर्ल फ्रेंड बन के? क्योंकि ये तो ज़रूरी है नहीं कि उसी कॉलेज की कोई लड़की हो तुम्हारी फ्रेंड; बाहर की भी तो हो सकती है? इस बात से वो एकदम से खुश हुआ और बोला- ये तो बिल्कुल ठीक आइडिया है.
अब आप ही चलोगी मेरे साथ.
लेकिन क्या आप शॉर्ट ड्रेस पहन लोगी? मैं बोली- हाँ! तब उसने कहा- ठीक है.
शाम को आप तैयार रहना.
ड्रेस आपके लिए मैं लेकर आऊँगा.
अब अखिल ने नाश्ता किया और थोड़ी देर सो गया.
फिर जब शाम को उठा तो चला गया मार्केट मेरे लिए ड्रेस लेने! तब तक मैं भी बढ़िया से नहा धो ली और मैंने तौलिया बाँध लिया.
कुछ देर बाद वो घर आ गया.
मेरे लिए वो बिल्कुल शॉर्ट मिडी ले कर आया और बोला- जल्दी से आप इसको पहन कर तैयार हो जाओ.
जब तक मैं भी तैयार हो लेता हूँ। जब मैंने उसको पहना तो उसका पीछे से बिल्कुल ओपन था और नीचे से बस मेरी जाँघ तक थी.
उसमे मेरी 36″ की बड़ी चूचियां एकदम टाइट थी जो बिल्कुल बाहर को बहुत ज़्यादा दिख रही थी.
और मेरी 38″ की गांड का पूरा आकार तो बिल्कुल उसमें बाहर से साफ साफ दिख रहा था। उसके बाद मैंने थोड़ा सा मेकअप किया और मैं तैयार हो गयी.
अब अखिल भी नीचे आया और मुझे देखकर बोला- क्या लग रही हो आप! मैं बोली- अच्छा अब ज़्यादा तारीफ मत करो और चलो। हम दोनों बाहर आए और मालकिन के गाड़ी से हम लोग पार्टी में आ गये। वहाँ सबकी नज़र मुझ पर ही थी.
अखिल ने मुझे अपने सब दोस्तों से मिलवाया.
और हम लोग अब डान्स करने लगे.
वहाँ पर दारू भी चल रही थी तो मैंने भी ४ पॅग पी लिए और मैं पूरी टल्ली हो गयी.
अब अखिल ने मुझे संभाला और बाहर ले कर आया.
वहाँ से आने का मेरा बिल्कुल भी मन नहीं था लेकिन वो ज़बरदस्ती मुझे लेकर चला आया। हम घर आए.
मुझे इतनी चढ़ गयी थी कि मैं ठीक से चल भी नहीं पा रही थी, तो वो मुझे गोद में उठा कर अपने कमरे में ले आया और मुझे बेड पर लिटा दिया.
अखिल ने मेरी सैंडल उतारी और मेरे सारे कपड़े उतार दिये.
अब मैं उसके सामने पूरी नंगी लेटी थी.
तो उसकी नियत भी मुझपे खराब हो गयी.
उसने अपने सारे कपड़े उतार कर मेरी चूत को बड़ी देर तक चाटा और फिर मेरी चूचियों की दबाया और मेरे मुँह में लंड डाल कर चुसाया.
और फिर रात भर जम कर मेरी चूत चुदाई की और मेरे ऊपर ही सो गया। अब जब सुबह मेरी आँख खुली तो मेरे सिर में दर्द था.
जब मैं होश में आई तो देखा हम दोनों बिल्कुल नंगे थे.
मुझे रात में ज़्यादा होश तो नहीं थी लेकिन समझ में सब आ गया था.
मैं उठने लगी तो अखिल भी जाग गया और बोला- गुड मॉर्निंग … कैसी हो? मैंने पूछा- कल रात को क्या हुआ था? तब उसने बोला- वही जो तुम चाहती थी.
मैं बोली- ये सब ग़लत है.
और अगर मालकिन को पता चल गया तो वो मुझे घर से निकल देंगी.
इस पर उसने बोला- उनको कैसे पता चलेगा? मैं बोलूँगा नहीं और तुम भी मत बताना.
हम दोनों एक दूसरे के काम आ सकते हैं.
मैंने पूछा- कैसे? तब उसने मेरी चूची दबाते हुए बोला- ऐसे.
और फिर उसका लंड खड़ा हो गया.
वो मेरे बगल लेट गया और मेरे हाथ अपने लंड पर रख कर सहलाने लगा.
फिर मेरी गर्दन को पकड़ कर मेरे मुँह को अपने लंड पे रख दिया.
मैंने भी तुरंत मुँह खोल दिया और उसका लंड खुद से चूसने लगी.
कुछ देर बाद उसने मुझे उल्टा लिटाया और मेरी गांड के छेद में खूब सारा थूक भर दिया और अपना लंड आसानी से डाल कर मुझे चोदने लगा.
कुछ देर मेरी गांड चोदने के बाद वो मेरी गांड में ही झड़ गया.
फिर मैंने नाश्ता बनाया.
और इसी तरह दो दिन तक उसने मुझे खूब जम कर चोदा.
फिर घर वाले आ गये। इसके दो दिन के बाद ड्राइवर तो मुझे नियमित चोदता या कभी अपना लंड चुसवाता.
और मालकिन का बेटा अखिल भी मुझसे यही करवाता.
जब भी दोपहर को वो कॉलेज से आता तो अपना खाना अपने कमरे में मंगवा लेता और मुझे कभी अपना लंड चुसवता तो कभी घर खाली होने पर मेरी चूत भी बजा देता। अब मेरे जीवन में रोज़ चुदना लिखा है। मेरी चूत की चुदाई स्टोरी पढ़ने के लिए धन्यवाद.
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स्रोत:इंटरनेट