. रंडी माँ को नौकरों से चूत चुदवाते हुए देखा - सेक्स स्टोरी हिंदी में आवाज सुन कर मैं माँ के रूम की तरफ बढ़ गया.
उनके रूम के पास पहुंचने पर आवाजें तेज हो गई थीं और मुझे यकीन हो गया कि माँ के कमरे से ही आ रही हैं.
अंदर नाईट बल्ब जल रहा था.
इसलिए फिर मैंने खिड़की की दरार से देखा तो अंदर का नजारा देख के मेरे होश ही उड़ गए.
मैंने देखा कि अंदर सुराज और माँदरचोद रवि एक दम नंगे हैं.
उनके बदन पर एक भी कपड़ा नहीं था.
माँदरचोद रवि नंगा होकर बेड पर पड़ा था.
और तो और मेरी रंडी माँ भी पूरी तरह नंगी थीं और घोड़ी जैसे बन कर माँदरचोद रवि के ऊपर झुकी थीं.
पहले तो मुझे कुछ समझ नहीं आया.
लेकिन बाद में जब मैंने ध्यान से देखा तो पाया कि वो बेड पर पड़े माँदरचोद रवि का काला और लम्बा लंड अपने मुंह में लेकर चूस रही थीं.
अभी मैं मेरी रंडी माँ को माँदरचोद रवि का लंड चूसते हुए ही देख रहा था कि तभी सुराज मेरी रंडी माँ के पीछे आया और उनकी गांड को थोड़ा ऊपर कर दिया.
उसके ऐसा करने से मुझे मेरी रंडी माँ की चूत दिखने लगी.
तभी अचानक सुराज ने मेरी रंडी माँ की चूत में अपना लंड पेल दिया और जोर – जोर धक्के मारने लगा.
उसके धक्कों से मेरी रंडी माँ को खूब मज़ा आ रहा था.
वो बीच – बीच में माँदरचोद रवि का लंड चूसना बन्द कर देतीं और सुराज को और तेज धक्के मारने के लिए कहने लगतीं.
उधर माँदरचोद रवि भी खाली नहीं पड़ा था.
उसने मेरी रंडी माँ के बड़े – बड़े और गोरे – गोरे मम्मों को थाम रखा था और उन्हें मसल रहा था.
फिर कुछ देर बाद सुराज ने अपना लंड निकाल लिया.
इसके बाद मेरी रंडी माँ से माँदरचोद रवि का लंड चूसना छोड़ दिया.
यह देख माँदरचोद रवि ने अपना लंड अपने हाथों में थाम लिया और मेरी रंडी माँ को गन्दी गन्दी गाली देता हुआ उन्हें बेड पर धकेल दिया.
इससे मेरी रंडी माँ सीधी होकर लेट गईं.
अब उनकी चूत एक दम मेरे सामने थी.
अंदर का दृश्य देख कर मेरा भी लंड खड़ा हो गया था.
अब मैं भूल गया था कि अंदर मेरी रंडी माँ है और वह नौकरों से चुद रही है.
मुझे तो लग रहा था जैसे अंदर कोई रंडी पड़ी है और अपने मालों से चुदाई करवा रही है.
फिर मैंने भी अपने लोअर को नीचे करके अपना लंड बाहर निकाल लिया और उसे हिलाने लगा.
इसी बीच मैंने देखा कि माँदरचोद रवि अब मेरी रंडी माँ के ऊपर लेट गया और फिर उसने उसकी चूत में अपना लंड पेल दिया.
माँदरचोद रवि का लंड सुराज से ज्यादा लम्बा और मोटा था.
इस वजह से मेरी रंडी माँ के मुंह से हल्की सी एक चीख निकल गई.
फिर माँदरचोद रवि मेरी रंडी माँ की चूत में धक्के लगाने लगा.
यह देख कर बाहर मैं तेजी से अपना लंड हिलाने लगा.
दूसरी तरफ सुराज ने अपना लंड मेरी रंडी माँ के मुंह में पेल दिया.
मेरी रंडी माँ मज़े से सुराज का लंड चूस रही थीं.
थोड़ी देर बाद सुराज ने अपना लंड उनके मुंह से बाहर निकाला और मेरी रंडी माँ के चेहरे पर रगड़ना शुरू कर दिया.
थोड़ी देर बाद सुराज का माल निकल जाता है और मेरी रंडी माँ के चेहरे पर फैल जाता है.
इसके बाद फिर सुराज ने अपना लंड मेरी रंडी माँ के मुंह में दे दिया और मेरी रंडी माँ उसका पूरा माल चाट गई.
उधर माँदरचोद रवि भी तेजी से धक्के लगाने लगा था.
10-12 धक्कों के बाद उसने मेरी रंडी माँ की चूत में ही अपना पानी छोड़ दिया और मेरी रंडी माँ के ऊपर ही लेट गया.
इधर लंड हिलाते – हिलाते मैं भी अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया और लंड से पिचकारी छोड़ दी.
कुछ देर बाद माँदरचोद रवि उठता है और फिर दोनों नौकर अपने कपड़े पहन लेते हैं.
लेकिन मेरी रंडी माँ नंगी ही रहती है.
फिर वे मेरी रंडी माँ के होंठों पर किस करते है और मेरी रंडी माँ पेशाब करने बाथरूम में चली जाती है.
फिर वे दोनों बाहर निकल जाते हैं.
उन्हें बाहर आता देख मैं छुप जाता हूँ.
फिर अपने रूम में चला जाता हूँ.
लेकिन मेरी रंडी माँ के बारे में सोच – सोच कर पूरी रात मुझे नींद नहीं आई.
आपको मेरी कहानी कैसी लगी? कमेंट करके जरूर बताएं…मैंने देखा कि अंदर सुराज और माँदरचोद रवि एक दम नंगे हैं.
उनके बदन पर एक भी कपड़ा नहीं था.
माँदरचोद रवि नंगा होकर बेड पर पड़ा था.
और तो और मेरी रंडी माँ भी पूरी तरह नंगी थीं और घोड़ी जैसे बन कर माँदरचोद रवि के ऊपर झुकी थीं.
पहले तो मुझे कुछ समझ नहीं आया.
लेकिन बाद में जब मैंने ध्यान से देखा तो पाया कि वो बेड पर पड़े माँदरचोद रवि का काला और लम्बा लंड अपने मुंह में लेकर चूस रही थीं.
अभी मैं मेरी रंडी माँ को माँदरचोद रवि का लंड चूसते हुए ही देख रहा था कि तभी सुराज मेरी रंडी माँ के पीछे आया और उनकी गांड को थोड़ा ऊपर कर दिया.
उसके ऐसा करने से मुझे मेरी रंडी माँ की चूत दिखने लगी.
तभी अचानक सुराज ने मेरी रंडी माँ की चूत में अपना लंड पेल दिया और जोर – जोर धक्के मारने लगा.
उसके धक्कों से मेरी रंडी माँ को खूब मज़ा आ रहा था.
वो बीच – बीच में माँदरचोद रवि का लंड चूसना बन्द कर देतीं और सुराज को और तेज धक्के मारने के लिए कहने लगतीं.
उधर माँदरचोद रवि भी खाली नहीं पड़ा था.
उसने मेरी रंडी माँ के बड़े – बड़े और गोरे – गोरे मम्मों को थाम रखा था और उन्हें मसल रहा था.
फिर कुछ देर बाद सुराज ने अपना लंड निकाल लिया.
इसके बाद मेरी रंडी माँ से माँदरचोद रवि का लंड चूसना छोड़ दिया.
यह देख माँदरचोद रवि ने अपना लंड अपने हाथों में थाम लिया और मेरी रंडी माँ को गली देता हुआ उन्हें बेड पर धकेल दिया.
इससे मेरी रंडी माँ सीधी होकर लेट गईं.
अब उनकी चूत एक दम मेरे सामने थी.
अंदर का दृश्य देख कर मेरा भी लंड खड़ा हो गया था.
अब मैं भूल गया था कि अंदर मेरी रंडी माँ है और वह नौकरों से चुद रही है.
मुझे तो लग रहा था जैसे अंदर कोई रंडी पड़ी है और अपने मालों से चुदाई करवा रही है.
फिर मैंने भी अपने लोअर को नीचे करके अपना लंड बाहर निकाल लिया और उसे हिलाने लगा.
इसी बीच मैंने देखा कि माँदरचोद रवि अब मेरी रंडी माँ के ऊपर लेट गया और फिर उसने उसकी चूत में अपना लंड पेल दिया.
माँदरचोद रवि का लंड सुराज से ज्यादा लम्बा और मोटा था.
इस वजह से मेरी रंडी माँ के मुंह से हल्की सी एक चीख निकल गई.
फिर माँदरचोद रवि मेरी रंडी माँ की चूत में धक्के लगाने लगा.
यह देख कर बाहर मैं तेजी से अपना लंड हिलाने लगा.
दूसरी तरफ सुराज ने अपना लंड मेरी रंडी माँ के मुंह में पेल दिया.
मेरी रंडी माँ मज़े से सुराज का लंड चूस रही थीं.
थोड़ी देर बाद सुराज ने अपना लंड उनके मुंह से बाहर निकाला और मेरी रंडी माँ के चेहरे पर रगड़ना शुरू कर दिया.
थोड़ी देर बाद सुराज का माल निकल जाता है और मेरी रंडी माँ के चेहरे पर फैल जाता है.
इसके बाद फिर सुराज ने अपना लंड मेरी रंडी माँ के मुंह में दे दिया और मेरी रंडी माँ उसके लंड से निकला पूरा माल चाट गई.
उधर माँदरचोद रवि भी तेजी से धक्के लगाने लगा था.
10-12 धक्कों के बाद उसने मेरी रंडी माँ की चूत में ही अपना पानी छोड़ दिया और मेरी रंडी माँ के ऊपर ही लेट गया.
इधर लंड हिलाते – हिलाते मैं भी अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया और लंड से पिचकारी छोड़ दी.
कुछ देर बाद माँदरचोद रवि उठता है और फिर दोनों नौकर अपने कपड़े पहन लेते हैं.
लेकिन मेरी रंडी माँ नंगी ही रहती है.
फिर वे मेरी रंडी माँ के होंठों पर किस करते है और मेरी रंडी माँ पेशाब करने बाथरूम में चली जाती है.
फिर वे दोनों बाहर निकल जाते हैं.
उन्हें बाहर आता देख मैं छुप जाता हूँ.
फिर अपने रूम में चला जाता हूँ.
लेकिन मेरी रंडी माँ के बारे में सोच – सोच कर पूरी रात मुझे नींद नहीं आई.
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स्रोत:इंटरनेट