. मेरी मोटी और गोल चूचियों को देख कर नीचे वाले लड़के ने अपने दोनों हाथों में उनको भर लिया और उनको कस कर दबाने लगा.
मैं तो अब मस्ती से भरने लगी.
अब मुझे बहुत ही मजा आने लगा था.
उसके बाद उसने मेरी चूचियों को अपने मुंह में भर लिया.
मेरे मुंह से आहें निकलने लगीं.
मैंने ऊपर की तरफ देखा तो दूसरा लड़का अपने कपड़े उतार रहा था.
उसने अपनी शर्ट उतार दी थी और अब वो पैंट को खोल रहा था.
कुछ ही पल में उसने अपनी टांगों से अपनी पैंट निकाल कर अलग करके साइड में फेंक दी और वो अंडरवियर में खड़ा दिखाई दिया.
उसके बाद उसने अपने अंडरवियर को भी निकाल दिया और उसका लंड मुझे अपने सिर के ठीक ऊपर तना हुआ दिख रहा था.
वो अपने लंड को हाथ में लेकर हिलाता हुआ नीचे बैठ गया.
घुटनों के बल बैठने के बाद उसने मेरे मुंह को खोल दिया और अपने लंड को मेरे मुंह में दे दिया.
वो मेरे मुंह में लंड को देकर अंदर-बाहर करने लगा.
अब तक मेरे अंदर भी वासना जाग गई थी और मैंने उसके लंड को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया.
उसके मुंह आह्ह … आह्ह … की मजेदार आवाजें निकलने लगी.
उसकी आवाजें सुनकर मैं भी और ज्यादा गर्म होने लगी.
नीचे की तरफ वाले लड़के ने मेरी चूचियों को मुंह से निकाल दिया और मेरी पैंटी को खींच कर मेरी टांगों से बाहर करते हुए साइड में फेंक दिया.
अब मैं नीचे से बिल्कुल नंगी थी और मेरी ब्रा मेरे पेट पर फंसी हुई थी और मेरी चूचियों पर उस लड़के के मुंह की लार लगने से वो चिकनी हो गई थी.
नीचे से उसने मेरी चूत पर अपनी हथेली से सहलाना शुरू किया तो मेरी टांगें खुलने लगीं.
मेरी चूत से पानी बहना शुरू हो गया था जो उस लड़के के हाथ की हथेली को चिकना कर रहा था.
उसके बाद उसने अपनी उंगलियाँ मेरी चूत में डाल दीं और मेरी चूत में अंदर बाहर करने लगा.
ऊपर से मेरे मुंह में लंड अंदर-बाहर हो रहा था और नीचे से दूसरे लड़के की उंगलियाँ चूत में अंदर-बाहर जा रही थीं.
मैं बहुत ही ज्यादा गर्म हो गई थी.
उसके बाद नीचे वाले लड़के ने अपनी उंगलियाँ निकाल लीं और मेरी बगल में खड़ा होकर अपने कपड़े उतारने लगा.
देखते ही देखते वो नंगा हो गया और अपने लंड को एक बार हाथ में हिला कर जल्दी से मेरे ऊपर लेट गया.
मेरे ऊपर लेटने के बाद वो मेरे नंगे बदन को चूमने लगा.
मैं वहीं फर्श पर पड़ी हुई वासना से तड़पने लगी.
मेरे मुंह में लंड था इसलिए मेरे मुंह से केवल ऊंह्ह … ऊंह्ह की दबी हुई आवाजें ही बाहर आ रही थीं.
मेरे पूरे बदन को चूमने के बाद नीचे वाले लड़के ने मेरी चूत में अपना लंड डाल दिया.
मैं कुंवारी चूत की मालकिन थी इसलिए मुझे बहुत दर्द हुआ जब उसने पहली बार मेरी चूत में लंड को अंदर धकेला.
लेकिन उसके बाद उसने मेरी चूचियों को दबाना शुरू कर दिया और जल्दी ही मेरी चूत का दर्द कम होना शुरू हो गया.
उसने लंड को अंदर तक पूरा डाल कर मेरी चूत को चोदना शुरू कर दिया.
फिर उसने जोर-जोर से मेरी चूत को चोदना चालू कर दिया.
ऊपर वाले लड़के ने तेजी से मेरे मुंह को चोदना चालू किया.
कुछ ही मिनट में उसके लंड से वीर्य निकल कर मेरे सारा का सारा वीर्य मेरे मुंह में झड़ गया.
उसने जैसे ही लंड बाहर निकाला तो मैंने वीर्य को नीचे गले में गटकते हुए चीख कर कहा- आराम से करो! वो लड़का बोला- हाँ हाँ … जैसे तुम कहो, वैसे ही करूंगा मैं.
उसकी बात सुन कर मैं खुश हो गई और उसने जोर से धक्के लगाना जारी रखा.
अब मुझे उसके धक्के अच्छे लगने लगे थे.
दस मिनट की चुदाई के बाद वो मेरी चूत में ही झड़ गया.
उसके बाद वो दोनों अपने कपड़े पहन कर केबिन से बाहर चले गये और मैं उठ कर अपने कपड़े उठा ही रही थी कि दूसरे दो लड़के केबिन में आ घुसे.
जब तक मैं कुछ बोल पाती उन्होंने अपने लंड अपनी पैंट की जिप से बाहर निकाल लिये थे.
उनके लंड तन चुके थे.
तीसरे नम्बर के लड़के ने मेरे कंधों को पकड़ा और मुझे फिर से नीचे लेटा दिया.
उसके बाद चौथे ने अपनी जींस में से बाहर निकला हुआ अपना लंड मेरी चूत पर सेट किया और मेरे ऊपर लेट गया.
अगले ही पल उसका लंड मेरी चूत में अंदर-बाहर हो रहा था.
पांच मिनट के बाद चौथे लड़के का वीर्य भी मेरी चूत में निकल गया.
जब वो उठा तो तीसरे ने मोर्चा संभाला और मेरी चूत को चोदने लगा.
दस मिनट तक उसने भी मेरी चूत को जम कर रगड़ा.
उसके बाद वो दोनों चले गए और अगले दो लड़के केबिन में आ गये.
फिर पांचवे ने मुझे उठने के लिए कहा और वो खुद बर्थ पर जाकर बैठ गया.
उसने मुझे घुटनों के बल कर लिया और मेरी गर्दन को पकड़ कर अपने लंड पर मेरे मुंह को रख दिया और दबा दिया.
वो अपने हाथों से मेरी गर्दन को पकड़ कर अपने लंड पर मेरे मुंह को ऊपर-नीचे करने लगा.
छठे लड़के ने पीछे से मेरी गांड पर लंड को सेट किया और धक्का दे दिया.
मेरे मुंह में लंड था तो दर्द के मारे मेरी ऊंह्ह … निकल गई.
मगर कुछ ही देर के बाद मुझे गांड मरवाने में भी मजा आने लगा.
उसके बाद उन दोनों ने पोजीशन बदल ली.
पांचवे नम्बर का लड़का मेरी गांड को चोदने लगा और उससे दूसरे वाला मेरे मुंह को चोदने लगा.
बीस मिनट के बाद वो दोनों मेरी गांड और मुंह में बारी-बारी से झड़ गये.
इस तरह से रात भर उन्होंने मुझे लगभग बीस बार चोदा और इतनी ही दफा मेरी गांड भी मारी.
जब सुबह के चार बजे के करीब मैं अपने केबिन में वापस गई तो मैंने देखा कि पूनम भी वहाँ अस्त व्यस्त सी बैठी थी.
मैं उसको ऐसी हालत में देख कर हैरान रह गई.
उन लड़कों ने शायद पूनम के साथ भी वैसे ही किया था जैसे उन्होंने मेरे साथ किया था.
जब मैंने पूछा तो पूनम ने बताया कि उन 6 लड़कों ने उसकी भी रात भर चुदाई की.
मैंने पूनम से पूछा- ये सब कैसे हुआ और तुझे कैसा लगा? पूनम भी मेरी तरह अपनी चूत चुदवा कर खुश थी.
पहली बार की चुदाई में ही हम दोनों बहनों को जोरदार चुदाई का मजा मिला था.
पूनम की चुदाई की कहानी मैं आपको अगली बार बताऊंगी.
इस कहानी के बारे में आपको कुछ कहना है तो आप नीचे कमेंट करके बता सकते हैं या फिर मेरी मेल आई-डी पर भी मैसेज कर सकते हैँ.
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स्रोत:इंटरनेट