. लंड गर्लफ्रेंड की सील पैक चूत को चीरता हुआ अन्दर घुस गया पड़ोसी की बेटी का फिगर 32-28-34 की थी.
मैंने उसकी दोस्त को अपना नंबर दे दिया और कहा- अपनी दोस्त से मेरी बात कराओ.
थोड़ी देर के बाद मेरे फोन पर सुरभि का कॉल आया.
मैंने पूछा- आप कौन? उसने मुझे बताया कि मैं सुरभि बोल रही हूं.
हमारी बात शुरू हुई और उसने मुझे प्रपोज कर दिया.
मैंने भी उसको आई लव यू टू बोल दिया.
उस दिन के बाद हमारी बातचीत होना शुरू हो गयी.
हम दोनों रात रात भर बात किया करते और रात में ही ओरल सेक्स किया करते थे.
वो मुझसे चुदाई की बातें करते समय बड़ी गर्म हो जाती थी.
जब मैं उसे रीयल में चुदाई करने के कहता था वो इस बात पर चुप हो जाती थी.
दरअसल वो मुझसे अकेले में मिलने से काफी डरती थी कि कहीं मैं उसे चोद न दूं.
मैंने उससे जब भी मिलने की कही, तो वो अपनी दोस्त के साथ ही मुझसे मिलने आई.
जब मैं पड़ोसी की वर्जिन बेटी से फोन पर अकेले मिलने की बात करता था तो वो बस हंस कर मेरी बात को घुमा देती थी.
मैं समझ ही नहीं पा रहा था कि अपनी गर्लफ्रेंड सुरभि को पहली बार कैसे अकेले में मिलने के लिए राजी करूँ और कैसे उसकी जवानी का रस चखूँ.
मैंने एक दिन उसकी दोस्त से भी एक बार कहा- तू इसे समझा कि मुझसे अकेले में क्यों नहीं मिलती.
इस पर उसकी दोस्त ने मुझे आने वाले की याद दिलाई.
मैं उसकी बात से खुश हो गया और उसे थैंक्स कह कर सुरभि को उस दिन अकेले में मिलने का प्रोग्राम बना लिया.
फिर वेलेंटाइन डे का दिन आया.
मैंने सुरभि के मोबाइल नंबर पर कॉल किया और कहा- आज मुझे तुमसे अकेले में मिलना है और वो राजी हो गई.
उसने मुझे अपने घर के पीछे दरवाजे से बुलाया.
मैंने उस कामुकता से भरी जवान और सेक्सी माल लड़की को लाल गुलाब दिया और उसको लिपकिस करने लगा.
सुरभि को किस करते करते मैं उसके मोटे मोटे स्तनों को भी जोर जोर से दबाने लगा.
मुझे सुरभि के मोटे मोटे स्तनों को दबाने में बड़ा आनंद आ रहा था.
फिर अचानक से उसने मुझे अपने जिस्म से अलग दिया और घुस्से में मुझसे बोली की ये सब क्या कर रहे हो कोई देख लेगा तो बदनामी हो जायगी.
मैंने कहा- रानी मजा लो जवानी का … फ़ालतू नखरे में कुछ नहीं रखा है.
मगर अब वो मुझे उसके कामुक जिस्म के हाथ लगाने ही नहीं दे रही थी.
मैं वहां से गुस्सा होकर चला आया और अपने घर आ गया.
उसके बाद उसका फोन आया, तो मैंने कॉल नहीं रिसीव किया.
फिर करीब एक सप्ताह तक मैंने उस जवान और सेक्सी माल लड़की से बात नहीं की.
इस दौरान मेरे घर के सभी लोग शादी में शामिल होने करीब पंद्रह दिनों के लिए दुसरे शेहर में गए हुए थे मगर मैं नहीं गया क्योंकि मेरे कॉलेज की वजह से मुझे जाने में दिक्कत थी.
वो सब लोग करीब पंद्रह दिनों बाद वापस आने वाले थे.
मेरी वर्जिन गर्लफ्रेंड सुरभि को जब यह बात पता चली कि मेरे घर पर कोई नहीं है … तो वह सीधा मेरे घर पर मुझसे मिलने के लिए चली आयी.
मेरे घर आते ही उसने मुझको चांटा मार दिया और बोली- मेरा फोन क्यों नहीं रिसीव कर रहे हो? वो मुझसे चिपक कर रोने लगी और उस दिन के लिए मुझसे माफ़ी मांगने लगी.
जब वो मुझसे चिपकी, तो उसके 32 के आकार के बड़े बड़े स्तन मेरे सीने से चिपक गए और मेरा लंड तानकर किसी लोहे की रौड के जैसा कड़क हो गया.
मैंने अब मेरी वर्जिन गर्लफ्रेंड को अपनी छाती से चिपका लिया.
अब मेरा हाथ उसकी पीठ को सहला रहा था.
वो सुबक रही थी तो मैंने उसके ठोड़ी को पकड़ कर उसका सर उठाया और उसके होंठों को किस करना शुरू कर दिया.
वो भी मुझे चूमने लगी.
मैं उसके मम्मों को दबाने लगा और उसकी रजामंदी को चैक करने लगा.
वो मेरे हाथों को खुद से अपने मम्मों पर रखवा कर दूध दबवाने लगी.
मैंने उसकी सलवार के ऊपर से ही उसकी सील पैक चूत को रगड़ना शुरू कर दिया.
पर आज उसने मेरा कोई विरोध नहीं किया.
इससे मेरी हिम्मत और बढ़ने लगी.
इधर फुंफकार मारने लगा था.
वो भी मादक सीत्कार भरने लगी.
आज सुरभि चुदने के मूड में लग रही थी.
मैंने उससे पूछा- आज गंडा उतार कर आई है क्या? वो कुछ नहीं बोली, बस मेरे होंठों को जकड़ कर चूमने लगी.
मैंने उसके मुँह में जीभ डाल दी.
मेरी बिलकुल ऐश्वर्या राय बच्चन जैसी सुन्दर और सेक्सी माल गर्लफ्रेंड मेरी जीभ को लॉलीपॉप के जैसी चूसने लगी.
मुझे भी उसकी इस हरकत से सेक्स चढ़ने लगा.
मैंने भी उसे गोद में उठा लिया और बिस्तर पर ले आया.
हम दोनों ही बेहद कामुक हो उठे थे और एक दूसरे के साथ नाग नागिन से लिपटे हुए थे.
मैंने भी कुछ ही देर में सुरभि की सील पैक चूत को सहला कर उसे इतना गर्म कर दिया कि वो बिन पानी के मछली की तरह छटपटाने लगी.
सुरभि मुझे बेतहाशा चूमने लगी और तरह तरह की मादक आवाजें निकालने लगी- आह उंह आह … अब आज मुझे चोद दो … मुझसे अब रहा नहीं जाता.
चूंकि ये मेरा भी पहला सेक्स अनुभव था इसलिए मैं भी थोड़ा अनाड़ी था.
मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोलकर उसे उतार दिया और कुर्ती को भी उतार दिया.
अब मेरी आँखों के सामने मेरी वर्जिन गर्लफ्रेंड सुरभि केवल लाल रंग की सेक्सी ब्रा और पैंटी में आधी नंगी पड़ी थी.
मैंने भी अपना लंड गर्लफ्रेंड की सील पैक चूत के अन्दर घुसाकर उसकी चुदाई करने में ज्यादा देर न करते हुए अपने सारे कपड़े उतार दिए और बिलकुल नंगा हो गया.
मेरी वर्जिन गर्लफ्रेंड मेरा लंबा और मोटा लंड देखकर हैरान हो गयी और डरते घबराते हुए बोली की मैं मेरी चूत तो बिलकुल सील पैक है और तुम्हारा लंड तो काफी ज्यादा लंबा और मोटा है इस लिए मैं तुम्हारा लंड मेरी वर्जिन बुर में नहीं ले सकती. यदि मेरी टाइट चूत फट गयी तो मुझे बहुत दर्द होगा और बहुत सारा खून भी निकलने लगेगा! मैंने उसको समझाया की ये दिन तो हर लड़की की जिन्दगी में आता है सभी की सील टूटती है इसमें डरने या चिंता करने की कोई बात. नहीं है मगर तब भी वो मानने को तैयार नहीं थी.
मैं उसको दोबारा से किस करने लगा और उसकी सील पैक चूत में उंगली घुसाने लगा.
डिंपल जल्दी ही पूरी तरह से उत्तेजित हो चुकी थी.
मैं उसकी सील पैक चूत को चाटने लगा और चूसने लगा.
मेरी ऐश्वर्या राय बच्चन जैसी सुन्दर और सेक्सी माल गर्लफ्रेंड चुदने के लिए बेचैन होकर मेरे सिर को अपनी सील पैक चूत पर दबाने लगी और बोलने लगी- आह और जोर से चूसो … खा जाओ आज मेरी वर्जिन बुर को मेरे रजा उई माँ आह… आह आह … और जोर से आह आह.
कुछ ही देर में उस कामुक लड़की का सेक्सी शरीर अकड़ चुका था और उस वर्जिन लड़की की सील पैक चूत ने पानी छोड़ दिया.
मैंने मेरी वर्जिन गर्लफ्रेंड की चूत का सारा का सारा पानी पी लिया और उसकी बुर के पानी ने अपनी प्यास शांत करी.
मेरी वर्जिन गर्लफ्रेंड की चूत से निकला पानी काफी ज्यादा नमकीन था मगर उसका स्वाद लाजवाब था.
अपनी वर्जिन गर्लफ्रेंड की सील पैक चूत का पानी पिने के बाद अब मैं फिर से उसको लिपकिस करने लगा और उसके बड़े बड़े स्तनों को मुँह में भर कर काटने व चूसने लगा.
अब मैंने उससे अपना लंड चूसने को बोला तो वह आना-कानी करने लगी.
पर मैंने उसे मना ही लिया और अपना 8 इंच का लंड उसके मुँह में दे दिया.
वह लॉलीपॉप की तरह मेरा लंड चूसने लगी थी.
मैं उसका सिर पकड़कर उसके मुँह की चुदाई करने लगा.
करीब 15 मिनट तक उस वर्जिन लड़की के मुंह की चुदाई करने के बाद मैंने उसके मुँह में ही अपना वीर्य छोड़ दिया और उसे दोबारा से किस करना शुरू कर दिया.
उसके बदन को सहलाने लगा, वह फिर से गर्म हो चुकी थी.
मैंने अब ज्यादा देर ना करते हुए अपने लंड पर खूब सारी वैसलीन लगायी और उसकी चूत में भी खूब अन्दर तक उंगली से लगा दी.
फिर मैं उसकी चूत पर अपने लंड को रख कर उसे लिप किस करने लगा.
जैसे ही उसका ध्यान चूत की ओर से हटा, मैंने एक जोर का धक्का लगा दिया.
इससे मेरा आठ इंच लंबा और चार इंच मोटा लंड मेरी वर्जिन गर्लफ्रेंड की सील पैक चूत को चीरता हुआ आधा अन्दर घुस गया.
आधा लंड घुस जाने से अब वो दर्द के मारे छटपटाने लगी और जोर से चीखने की कोशिश करने लगी.
पर वो चीख नहीं सकती थी क्योंकि मैंने अपना मुँह से उसके मुँह को बंद कर रखा था.
साथ ही उसके ऊपर लेटे हुए उसे पूरी तरह से जकड़ रखा था.
मैं यूँ ही रुका रहा और थोड़ी देर तक मैंने कोई हरकत नहीं की.
बस उसे किस करता रहा.
मेरी नंगी गर्लफ्रेंड की आंखों से आंसू बह रहे थे और चूत से खून की धार निकल रही थी.
कुछ देर के बाद जब उसका दर्द कुछ कम हुआ … तो मैंने अपने लंड को अन्दर बाहर करना शुरू किया.
मैंने फिर से एक जोर का झटका मारा और इस बार पूरा लंड चूत को चीरता हुआ अन्दर समा गया.
जैसे ही मेरा लोहे के सरिये की तरह कड़क लंड मेरी वर्जिन गर्लफ्रेंड की सील पैक चूत को चीरता हुआ अन्दर घुस गया और वो दर्द के मारे बहुत बुरी तरह तिलमिला गयी और जोर जोर से रोने लगी.
चुदते चुदते मेरी नंगी गर्लफ्रेंड मुझसे उसे ना चोदने की विनती करने लगी मगर मैं पागलों की तरह उसे चूमने लगा और अपने लंड को जल्दी जल्दी आगे पीछे करते हुए उसे चोदने लगा.
कुछ देर की दर्दनाक चुदाई में उसकी फटी हुई बुर का दर्द खत्म हो गया और अब उसे भी चुदवाने में आनंद आने लगा.
अब चुदाई के दौरान वो भी नीचे से अपनी गांड उठाकर मेरे धक्कों का जवाब देने लगी.
उसकी उत्तेजना देख कर मैंने अपने धक्कों की स्पीड तेज कर दी.
वो कहने लगी- आह और जोर से आह और जोर से … आह उंह आह.
बस यही सब कहते हुए सुरभि का शरीर अकड़ गया और वो निढाल होकर पड़ गयी.
मैं भी अब झड़ने वाला हो गया था, तो मैं और जोर जोर से उसे चोदने लगा.
दो मिनट के बाद मैं भी उसके अन्दर झड़ गया और उसके ऊपर गिर पड़ा.
मैंने उसको आई लव यू बोला, तो वो भी मुझे आई लव यू टू बोली.
जब मैंने अपना लंड चुत से निकाला, तो वह खून से सना हुआ था.
बिस्तर की चादर पूरी तरह से खराब हो चुकी थी.
उसने ये देखा तो पहले तो घबरा गई; फिर मैंने उसे समझाया तो वो चुप हो गई.
वो मुझसे अलग हुई और उठने लगी.
आज मेरी गर्लफ्रेंड ने अपना कोमार्य भंग करवाया था जिस कारण से उसकी टाइट चूत काफी ज्यादा जख्मी हो चुकी थी.
अपने जीवन की पहली चुदाई करवाने के बाद सुरभि ठीक से चल भी नहीं पा रही थी.
मैंने उसको सहारा दिया और बाथरूम तक ले गया.
उसने खुद को साफ़ किया और वापस आ गई.
मैंने चादर बदल दी, वो बिस्तर पर बैठ गई.
वो मुझसे कहने लगी- तुम मेरे अन्दर ही निकल गए थे.
कहीं कुछ गड़बड़ न हो जाए.
मैंने बाजार से उसे एक गर्भनिरोधक गोली और एक बुखार व दर्द की गोली लाकर दी.
करीब 2 घंटे के बाद जब उसका कुछ दर्द कम हुआ जब जाकर वह अपने घर गयी.
दोस्तों उस दिन पहली बार मेरी वर्जिन गर्लफ्रेंड ने अपनी सील पैक वर्जिन चूत की सील मेरे लंड से तुड़वाई थी और उसका काफी ज्यादा खून बह गया था और तो और उसे दर्द भी काफी ज्यादा हुआ था मगर मुझे उसकी वर्जिन चूत की सील तोड़ने में बड़ा आनंद आया….
स्रोत:इंटरनेट