. लहंगा उप्पर उठाकर दीपावली की रात चुदाई करी छोटे भाई ने मैंने उससे पूछा की भाई क्या हुआ तबीयत तो ठीक हैं ना तेरी??? तो बोला की दीदी आज आप इन लहंगा चोली के अंदर बहूत ही सुन्दर लग. रही हो, मेरी दीदी शादी होकर जिस घर में भी जायेंगी उस घर के अंदर खुशियां ही खुशियां बिखेर देंगी.
फिर वो बोला की दीदी आज प्लीज मुझे अपने गले से लगा लो.
मुझे उसके गलत इरादों का बिलकुल भी अंदेश नहीं था तो मुझ कुंवारी लड़की ने मुसकुराते हुए अपनी दोनों बांहें फैला दी और फिर मेरा छोटा भाई आकर मेरे सीने से चीपक गया.
जैसे ही मेरा छोटा भाई मेरे से चिपका मेरे बड़े बड़े स्तन बहुत ही ज्यादा जोर से दब गए ये मेरे लिए एक नया एहसास था आज पहली बार किसी मर्द के जो इतना करीब थी.
मेरा छोटे भाई किशोर कपड़ों के उप्पर से ही मेरी पीठ को सहलाते हुए मुझसे आई लव यू दीदी एंड हैप्पी दीपावली बोला.
मैंने भी मेरे छोटे भाई को दीपावली की ढेर सारी बधाई दी.
हम भाई बहन एक दुसरे से गले लग क्र चिपके हुए खड़े थे की तभी निचे से मेरी माँ की आवाज आई की बच्चों और कितना टाइम लगेगा.
तो मेरे भाई ने बोल दिया की अभी थोड़ी देर में निचे आ ही रहे हैं.
फिर उन्होंने कहा की ठीक है मैं और तुम्हारी मम्मी अभी गुप्ता अंकल जी के घर दिवाली का गिफ्ट देने जा रहे हैं.
दोस्तों इतना सुनते ही मेरे भाई ने घर की छत पर जल रहे सभी दीपक को बुझा दिया, ताकि छत पर अँधेरा हो जाये और दूर से किसी को कुछ दिखई नहीं दे की हम भाई बहन घर की छत पर क्या काण्ड कर रहे हैं.
अब छत पर बिलकुल अँधेरा हो चूका था और फिर मुझे मेरे छोटे भाई ने एक बार फिर से जोर से बाहो में भर लिया.
अब वो मुझ कुंवारी लड़की को हमारे घर की छत पर राखी पानी की बड़ी सारी टंकी के पीछे ले गया.
वहाँ एक और बड़ी ऊँची दिवार थी और दूसरे और टंकी, यानि की किसी को भी दिखई नहीं दे सकता था और वो मुझे अपने और खीचते हुए कहा, दीदी आई रियली लव यू, मैंने कहा भाई ये सब ठीक नहीं है हम सगे भाई बहन हैं और हमें अपनी मर्यादा का भी ध्यान रखना चाहिये.
मेरा भाई किशोर बोला हां मुझे पता है दीदी ऐसा नहीं होता है पर प्लीज आज इस के उत्सव पर आप मुझे मत रोको मैं जो करना चाहता हूँ वो मुझे करने दो आप को भी बहुत आनंद आयगा.
वो मेरे कूल्हों को बड़े प्यार से सहलाने लगा और मेरे कूल्हों को जोर जोर से दबाने लगा.
मेरे छोटे भाई की इन अश्लील हरकतों की वजह से मेरी अन्तर्वासना भी जागृत हो उठी थी इस लिए मैंने भी अपने आप को रोक नहीं सकी.
अब मेरा छोटा भाई अपनी अन्तर्वासना को मिटाने के लिए मेरे लाल लाल होठों चूमने और चूसने लगा.
अब मेरी भी साँसे तेज हो चुकी थी और अब मैं भी मेरे भाई के साथ अवैध सेक्स संबंध बनाने के लिए बहुत ही ज्यादा गर्म हो चुकी थी.
मैंने भी उसके बाल पकडे और उसके होठ को चूसने लगी.
वो मेरी चूचियों को चोली के ऊपर से ही जोर जोर से दबाने लगा.
मैंने चुदवाने के लिए पीछे से अपनी चोली की डोरी खोल दी.
मेरे छोटे भाई ने मेरे स्तनों को जोर जोर से दबाना शुरू कर दिया.
मेरे स्तन काफी ज्यादा बड़े बड़े और मोटे मोटे थे इस कारण से उसके हाथ में मेरे स्तन सही से नहीं आ रहे थे.
वो ऊपर से जितना पकड़ पा रहा था वो पकड़ रहा था.
अब उसने मुझे घुमा दिया और मेरे कूल्हों पर अपना खड़ा लंड रगड़ने लगा.
मैंने पीछे से उसके सर को पकड़ लिया.
उसने भी मेरे बड़े बड़े स्तनों को पीछे से पकड़ लिया और जोर जोर से दबाने लगा.
अब मेरे भाई ने मुझे कुतिया बनाकर मेरे लहंगा निचे से ऊपर कर दिया और फिर उसने मेरी पेंटी को थोड़ा सरका कर निचे दिया.
दोस्तों अब मैं वर्जिन लड़की उस हसीन दीपावली की रात मेरा लहंगा उप्पर उठाकर और चुदाई करवाने के लिए बिलकुल तैयार थीअपने भाई के साथ अवैध सेक्स संबंध बनाने के लिए बिलकुल तैयार थी.
मुझे कुतिया बनाने के बाद मेरी सील पैक वर्जिन चूत की खतरनाक चुदाई करने के लिए अब मेरे भाई ने अपने लंड पर थूक लगा लिया और थूक लगाने के बाद उसने अपना खड़ा लंड मेरी टाइट चूत के मुँह पर सेट करने के बाद एक जोर से धक्का दिया और उसका पूरा लंड. मेरी सील पैक वर्जिन चूत को चीरते हुए अंदर मेरी बच्चेदानी तक समा गया.
भाई का लम्बा मोटा लंड मेरी टाइट चूत में घुसते ही मेरी फटी हुई बुर से बहुत सारा खून निकलने लगा.
अब वो मेरे कूल्हों पर जोर जोर से थप्पड़ मार मार कर अपने लंड को मेरी फटी हुई बुर के अंदर बाहर करते हुए मेरी चुदाई करने लगा.
दोस्तों मेरे छोटे भाई का लंड बहूत ही ज्यादा मोटा और लम्बा था इसलिए मुझे उससे चुदवाने में बहुत ही ज्यादा दर्द हो रहा था.
कुतिया बनकर चुदवाते चुदवाते अब मैं भी बहूत ही ज्यादा कामुक हो चुकी थी और अब मुझे चुदवाने में आनंद आने लगा था.
लहंगा उप्पर उठाकर चुदवाते चुदवाते मेरे मुह से सिर्फ आह… आह… उई.. माँ… की सिसकियाँ निकल रही थी और दीवाली के पटाखों की गडगडाहट में दब रही थी.
दोस्तों करीब दस मिनट की चुदाई में ही मेरे भाई ने मेरा हाल बेहाल कर दिया.
करीब आधे घंटे की खतरनाक चुदाई के बाद मेरा भाई मेरी चूत के अंदर ही झड़ गया और उसने अपना सारा का सारा वीर्य मेरी बुर के अंदर ही छोड़ दिया.
अपने भाई के साथ अवैध सेक्स संबंध बनाने के बाद अब मैं भी चुदवाकर निढाल हो गई और वो भी मुझे चोदकर बिलकुल निढाल हो गया.
फिर मेरी चड़ाई खत्म करके मेरे भाई ने मेरी पेंटी उप्पर करने के बाद मेरा लहंगा निचे कर दिया.
दोस्तों आज हम भाई बहन दोनों का पहला सेक्स था आज पहली बार ही मैंने किसी मर्द का लंड देखा था.
अभी बस एक मिनिट पहले ही हम भाई बहन की चुदाई खत्म हुई थी की तभी निचे से घर का मेन गेट खुलने की आवाज आई तो हम समझ गए की हमारे मम्मी पापा आ गए होंगे.
फिर हम जल्दी से निचे दौड़े दौड़े आये ताकि पापा मम्मी को कुछ शक ना हो जाये की ये दोनों आखिर इतनी देर तक छत पर कर क्या रहे थे.
हमें देखकर बहुत खुश हुए और बोले की देखो तो जरा इन दोनों को कितना प्यार है एक दुसरे से हमेशा ही साथ खेलते रहते हैं और उनकी इस बात पर हम भाई बहन ने एक दुसरे से आँखे मिलायी और शर्मा कर अपने अपने बैडरूम में भाग गए.
रात को एक बार घर से हम भाई बहन का सेक्स करने के मन हुआ तो हमने एक बार और चुदाई करी.
दोस्तों उम्मीद करती हूँ की आप सभी को मेरी “लहंगा उप्पर उठाकर दीपावली की रात चुदाई करी छोटे भाई ने” बहुत पसंद आई होगी और आप इस गन्दी हिंदी सेक्स कहानी को ज्यादा से ज्यादा शेयर करोगे….
स्रोत:इंटरनेट