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वासना के वशीभूत पति से बेवफाई 2

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वासना के वशीभूत पति से बेवफाई 2 1

. उधर युवराज ने अपना लंड मेरी चूत से निकाल लिया तो मैं मचल उठी। मैं झट से नीचे लेटे अमित के ऊपर चढ़ गई और उसके लंड पर अपनी चूत रगड़ने लगी.
मैंने नीचे हाथ डाल कर अमित का लंड चूत की दरार पर सेट किया और धीरे धीरे नीचे होते हुए उसे चूत के अंदर लेने लगी। अमित ने मुझे आगे झुकाया और नीचे लेटे हुए मजे से मेरे स्तन चूसने लगा.
मैं अपनी कमर हिलाते हुए उसके लंड पर कूदने लगी। अमित भी नीचे से अपनी कमर उठा उठाकर मुझे चोद रहा था.
मेरे स्तनों पर, जांघों पर, कमर पर गांड पर किस के हाथ दौड़ रहे थे, मुझे पता ही नहीं चल रहा था, मैं अपनी आँखें बंद करके चुदाई का आनंद ले रही थी। “भाभी … मेरा होने वाला है.
” मेरे स्तनों को बेरहमी से चूसते, मसलते हुए अमित चिल्लाया और तेजी से धक्के लगाने लगा.
मैं भी दो बार झड़ चुकी थी और चूत में तेजी से अंदर बाहर होते लंड का मजा ले रही थी। अमित ने मुझे कस कर सीने से लगाया और अपने होठों से मेरे होंठ बंद करते हुए मेरी चूत में अपना पानी छोड़ने लगा। उसके वीर्य की गर्माहट से मैं फिर एक बार झड़ गयी। थोड़ी देर तक मैं उसके शरीर पर पड़ी रही, अमित मेरी पीठ सहलाते हुए मुझे किस कर रहा था। युवराज बेचैनी से अपना लंड हिलाते हुए खड़ा था, अमित का होने के बाद वो भी जल्दबाजी दिखाने लगा। “अमित साले … दूर हट … तेरा हो गया ना … नितिन आ गया तो मैं भूखा रह जाऊंगा.
” युवराज बेड के ऊपर चढ़ गया.
“भाभीजी देखो ना कितना बेताब है आपकी चूत के अंदर घुसने को…” बोल कर वो मेरे बूब्स दबाने लगा और पीठ पर किस करने लगा। उसका उतावलापन देखकर मुझे अपने आप पर हंसीं आ गयी, मैं अमित के ऊपर से उठी। उसका लंड अब ढीला पड़ गया था और आसानी से चूत के बाहर आ गया.
उसके साथ ही हम दोनों का काम रस बाहर निकल कर जांघों से नीचे बहने लगा। मैं अमित के ऊपर से हटी और उसके बाजु में पीठ के बल लेट गयी, युवराज घुटनों पर दौड़ते हुए मेरी जांघों के बीच आ गया और मेरी टाँगों को फैलाकर मेरी चूत पर लंड रगड़ने लगा। उसका उतावलापन देख कर मुझे हँसी आ गयी। “अरे रुको … मुझे … आसस्सऽऽ …” मेरा मुस्कुराना मेरे गले में ही रह गया, युवराज ने एक ही झटके में अपना लंड चूत के अंदर घुसेड़ दिया था। “शसस्सऽऽ … भाभी धीरे … कोई सुन लेगा.
” मेरे साथ लेटा अमित मेरी करफ मुड़ते हुए बोला। अमित मेरे गाल पर और होठों पर किस करते हुए मेरे निप्पल मसलने लगा और स्तन सहलाने लगा। युवराज जोश में आ गया था, मेरी जांघें अपने हाथों में पकड़कर दनादन धक्के लगा रहा था। नितिन के वापस आने के डर से, दो मर्दों से चुदने की उत्तेजना से और अमित के सहलाने से मेरी चूत फिर से पानी छोड़ने को तैयार हो गयी। युवराज ने अच्छी स्पीड पकड़ ली थी, अपने होंठ दांतों तले दबाकर आँखें बंद करके वह एक लय में धक्के दे रहा था। मुझे भी मजा आने लगा था, मैंने पास लेटे अमित के सिर को पकड़ कर मेरे चेहरे के करीब ले आयी और उसे चूमने लगी। वो लगातार मेरे स्तन मसले जा रहा था, मैंने एक हाथ नीचे डाल कर उसके लंड पर रख दिया। अमित का लंड दोबारा खड़ा होने लगा था, मैं उसके लंड को सहलाने लगी। युवराज ने भी अपने धक्कों की स्पीड बढ़ा दी.
वैसे मेरी चूत अब अपने चरम की ओर जाने लगी, मैंने अपना मुँह अमित के मुँह से हटाया और चिल्लाने लगी। “आह… युव…ऽऽराज… और तेज … मेरा … होने … आह …” मेरी सिसकारियां सुनकर उसका बांध छुटा और वो गर्म तेज वीर्य की पिचकारियां मेरी चूत में छोड़ने लगा। तूफानी स्पीड में दस बारह धक्के लगाने के बाद युवराज शांत होकर मेरे ऊपर गिर गया। मैं कितनी बार झड़ी, उसकी गिनती ही भूल गयी थी.
हम दोनों कुछ देर ऐसे ही एक दूसरे की बांहों में पड़े रहे। थोड़ी देर बाद युवराज मेरे ऊपर से हटा और नीचे लेट गया पर मैं उसी अवस्था में लेटी रही.
बहुत दिनों बाद किये हुए जबरदस्त सेक्स की वजह से मुझे सुस्ती आ गयी थी। थोड़ी देर बाद मैं अंगड़ाई लेते हुए उठी तो देखा अमित मेरी टाँगों के बीच बैठा हुआ था, उसका लंड दूसरे राउंड के लिए तैयार खड़ा था। “नहीं … अब नहीं … मैं थक गयी हूँ … नितिन भी अभी आते ही होंगे.
” मैं मना कर रही थी पर अमित कहाँ मानने वाला था, वो मेरे स्तन दबाकर और किस करके मुझे मनाने की कोशिश करने लगा- एक बार भाभीजी … प्लीज … नीचे नहीं तो एक बार मुँह में ले लो … प्लीज … एक बार … उसका खड़ा लंड देख कर मैं भी पिघल गयी और पेट के बल सोते हुए मैं उसका लंड चूसने लगी.
अमित बेड के नीचे खड़ा होकर मेरे सिर पकड़े हुए अपना लंड मेरे मुँह के अंदर बाहर कर रहा था। तभी अचानक मेरी गांड को किसी ने छुआ, मैं अमित का लंड चूसते हुए ही पीछे देखा तो पीछे युवराज था। युवराज का लंड भी फिर से तैयार हो गया था और वो पीछे से अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ रहा था, मैं कुछ बोलने की कोशिश करती तब तक अमित ने मेरा सिर फिर से पकड़ कर मेरे मुँह में अपना लंड जड़ तक घुसा दिया। मेरी गीली चूत में युवराज ने अपना लंड घुसाया और धक्के देने लगा.
हम तीनों वासना की आगोश में एक दूसरे को भरपूर कामसुख दे रहे थे। दोनों ही झड़ने का नाम नहीं ले रहे थे, मैं दोनों तरफ से हो रहे हमले का मजा लेते हुवे पानी छोड़े जा रही थी। आखिर कार वो दोनों झड़ने के करीब पहुंच गए, अमित का लंड फूल कर मेरे मुँह में फड़फड़ाने लगा। अमित अपना लंड मुँह से बाहर निकाल कर हाथों से तेज हिलाने लगा, फिर मुँह से घुर्राते हुए वीर्य की पिचकारियां मेरे मुँह पर छोड़ने लगा। पीछे युवराज की अवस्था भी ऐसी ही थी, उसने भी अपना लंड बाहर निकालकर अपना पानी मेरी गांड पर छोड़ दिया। हम तीनों बहुत थक गए थे और बेड पर लेट गए थे, रूम में हम तीनों की तेज सांसों की आवाज गूंज रही थी। थोड़ी देर बाद दोनों उठे और कपड़े पहनने लगे, मैं भी उठ कर बाथरूम चली गयी और अच्छे से शावर लिया। सिर्फ टॉवेल लपेटकर बाहर आई तो देखा दोनों बाहर हॉल में बैठे थे। मैंने जल्दी से कपबोर्ड से दूसरी साड़ी निकली और पहन ली, फिर बेडरूम ठीक से साफ करके हॉल में आ गयी। कोई किसी से बातें नहीं कर रहा था.
बाद में अमित मेरे पास आया और मुझे किस करते हुए बोला- थैंक्स भाभीजी … ऐसा अनुभव हमने पहले कभी लिया था … यू आर रियली सो सेक्सी… युवराज भी मेरे पास आ गया और मुझे किस किया। तभी दरवाजे की घंटी बजी और हम तीनों होश में आ गए, दरवाजा खोल कर देखा तो नितिन आया हुआ था। मैंने उससे कुछ बात नहीं की और सीधा बेडरूम में जाकर सो गई.
नितिन ने थोड़ी देर तक उन दोनों से बातें की और उन्हें एयरपोर्ट छोड़ने के लिए चला गया। अंधेरा पड़ते ही मैं उठी और खाना बनाया, नितिन अपने पति को धोखा देने का दुख था पर उससे भी ज्यादा मजे से चुदने की खुशी थी। मैं खाना खाकर फिर से सो गई.
नितिन रात को लौटा तो मैंने उससे बात नहीं की, उसे लगा कि मैं नाराज हूँ और वो भी सो गया। दूसरे दिन सब नार्मल हो गया और हम फिर से राजा रानी की तरह रहने लगे। दोस्तो, मेरी वासना, कामुकता भरी कहानी कैसी लगी? मुझे मेल करके अवश्य बतायें.
मेरा मेल आईडी है [email protected]
स्रोत:इंटरनेट