. मैं फटाक से अंदर घुस गया और घुसते ही भाभी ने गेट अंदर से बंद कर लिया.
अंदर जाकर हम हॉल में गये.
मैंने देखा कि भाभी ने पहले से ही सारी खिड़कियां बंद करके उन पर पर्दा लगा दिया था.
उस दिन भाभी ने एक सेक्सी पारदर्शी गाऊन पहन रखा था.
उस गाउन में से भाभी का पूरा जिस्म दिख रहा था.
मैंने भाभी को अपनी बांहों में भर लिया और उनके होंठों को चूसना शुरू कर दिया.
भाभी जैसे मेरी पहल का ही इंतजार रही थी.
जैसे ही मेरे होंठ भाभी के होंठों से लगे तो उन्होंने मुझे जोर से किस करना चालू कर दिया.
ऐसा लग रहा था कि बहुत दिनों से भाभी एक मर्द के होंठों की प्यासी है.
मैं भी जोर-जोर से सोनल भाभी के होंठों को चूसते हुए उनको काटने लगा.
मेरे हाथ भाभी की सेक्सी नर्म पीठ को सहला रहे थे.
लगभग पंद्रह मिनट तक तो हम एक-दूसरे के साथ चुम्मा-चाटी में ही लगे रहे.
फिर मैं भाभी को गोद में उठा कर उनके बेडरूम में ले गया.
भाभी को बेड पर लिटा दिया और फिर से उनके होंठों को चूसने लगा.
मेरा लंड पागल हुआ जा रहा था.
पहली बार शादीशुदा भाभी की चुदास की गर्मी महसूस हो रही थी मुझे.
मैं एक हाथ से भाभी के चूचों को दबाने लगा तो भाभी एकदम से और ज्यादा गर्म हो गई.
वो मेरे होंठों को और भी जोर से काटने और चूसने लगी.
मुझे तो ऐसा लग रहा था कि वो मेरे होंठों से खून ही निकाल देगी.
चुदासी भाभी की प्यास तेज होती जा रही थी.
होंठों की जोरदार चुसाई के बाद मैं नीचे की तरफ चला और भाभी की गर्दन को चूमने लगा.
उसके मोटे चूचों को दबाते हुए उन पर अपनी पकड़ तेज करता जा रहा था मैं.
फिर मैंने भाभी का गाउन खोल दिया और उसको अलग फेंक दिया.
सोनल भाभी अब ब्रा और पैंटी में मेरे सामने पड़ी थी और किसी नागिन की तरह तड़प रही थी बिस्तर पर लेटी हुई.
उसकी ब्रा में से उसके चूचों की दरार देख कर मेरे अंदर की हवस और बढ़ गई.
मैंने उसकी पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को पकड़ कर सहला दिया.
भाभी ने उठ कर मुझे फिर से अपने ऊपर खींच लिया.
मैं भाभी की चूत पर हाथ फिराता रहा और वो मुझे चूसती रही.
फिर मैंने उसके होंठों से होंठ अलग किये और उसके चूचों की दरार पर अपनी नाक घुसा दी.
नीचे हाथ ले जाकर मैंने उसकी ब्रा को खोल दिया और फिर उसके चूचों को नंगे कर दिया.
उसके चूचे बाहर निकल कर डोल गये.
मैंने उसके चूचों को मुंह में भर लिया.
बारी-बारी से उसके तने हुए निप्पलों को अपने दातों से काटता हुआ चूसने लगा.
वो मदहोश होने लगी.
उसने नीचे से मेरे लंड को अपने हाथ से सहलाना शुरू कर दिया.
फिर मैंने अपनी लोअर और अंडरवियर एक साथ नीचे कर दिये और अपना लंड भाभी के हाथ में दे दिया.
वो मेरे लंड को सहलाने लगी.
उसके नर्म हाथों में जाकर लंड पगला गया.
मैंने उसके चूचों पर से मुंह हटाया और उसकी पैंटी को पकड़ कर खींच दिया.
उसकी चूत नंगी हो गई.
उसने अपनी चूत आज ही साफ की थी शायद.
उस पर एक भी बाल नहीं था.
सांवली सी चिकनी चूत पर मैंने अपने होंठ रख दिये और उसको चूसने लगा.
भाभी तड़पती हुई अपने हाथों में बिस्तर की चादर को लेकर भींचने लगी.
उसके मुंह से कामुक सिसकारियां निकलने लगी थीं.
आह्ह … रोमी … इस चूत की प्यास बुझा दो चाट-चाट कर.
ये बहुत दिनों से लौड़े की प्यासी है.
इसको चोद दो रोमी.
आह्ह … वो पागल सी हो उठी थी.
आआ उम्म्ह… अहह… हय… याह… मम्म्मम्… रोमीईईई … इस तरह की सिसकारियां लेते हुए वो मेरे मुंह को अपनी चूत में दबाने लगी.
मैंने उसकी चूत के दाने को अपने दांत में पकड़ लिया.
जोर-जोर से उसकी चूत को चूसने लगा और वो जल्दी ही झड़ गई और फिर शांत हो गई.
मैं दोबारा से नंगी भाभी के ऊपर लेट कर उसको किस करने लगा.
उसने मेरे लंड को अपने हाथ में ले लिया और उसकी मुट्ठ मारने लगी.
मैंने उससे कहा- एक बार इसको मुंह में ले लो.
तो वो मुझे उठाती हुई खुद मेरे ऊपर आ गई और मुझे नीचे लिटा कर फिर मेरे तने हुए लंड को अपने मुंह में लेकर चूसने लगी.
आह्ह … स्सस्… मेरे मुंह से सिसकारी निकल गई.
वो तेजी से लंड को चूस रही थी.
मुझे लगा कि मैं जल्दी ही झड़ जाऊंगा तो फिर मैंने भाभी को रोक दिया.
मैंने दोबारा से नंगी भाभी को नीचे लिटाया और उसके चूचों को काटने लगा.
फिर मैंने उसकी चूत पर लंड को सेट किया.
धीरे-धीरे उसकी चूत में लंड को उतारते हुए उसके ऊपर लेट गया.
आह्ह … पूरा लंड उसकी चूत में उतर गया.
पूरा लंड सोनल भाभी की चूत में उतारने के बाद मैंने उसकी चूत में धक्के देने शुरू कर दिये.
मेरा लंड भाभी की चूत को चोदने लगा.
उफ्फ … बहुत मजा आ रहा था भाभी की चूत की चुदाई करने में.
कुछ ही मिनट के अंतराल के बाद भाभी भी अपनी चूत को उछाल कर मेरे लंड की तरफ फेंकने लगी और चुदाई के मजे लेने लगी.
मैं तेजी से अपना लौड़ा भाभी की चूत में अंदर-बाहर कर रहा था.
भाभी- अह्ह … अम्म … रोमी … और जोर से करो मेरे प्यारे … तुम्हारा लंड तो बहुत ही गर्म और मस्त है.
मैं- हाँ भाभी, आपकी चूत भी बहुत गर्म है.
आज दोनों ही एक-दूसरे की प्यास बुझा देंगे.
मैं बहुत दिनों से आपकी चूत चोदने के चक्कर में था.
आज कहीं जाकर मेरे लंड को वो मजा प्राप्त हुआ है.
मैंने कई बार आपके चूचों के बारे में सोच कर मुट्ठ मारी है.
आज मैं इस चूत को फाड़ डालूंगा सोनल … भाभी- हां, अपनी चुदक्कड़ भाभी को चोद दे रोमी.
इस चूत का भोसड़ा बना दे आज… आह्ह … बहुत प्यासी है ये चूत तेरे लंड की। इस तरह पंद्रह मिनट तक मैंने सोनल भाभी की चूत को जमकर चोदा और वो दो बार झड़ गई.
मेरे लंड का पानी निकलने को हुआ तो मैंने उससे पूछा कि पानी कहां निकालना है तो वो बोली कि चूत के अंदर ही गिरा दे अपना माल.
मैं तेरे माल को अपनी चूत में महसूस करना चाहती हूं रोमी.
मैंने पांच-छह धक्के तेजी के साथ लगाये और मेरे लंड ने चूत में पिचकारी मारनी शुरू कर दी.
कई पिचकारियों के साथ पूरा लंड मैंने भाभी की चूत में निचोड़ दिया.
झड़ने के बाद मैं हांफता हुआ भाभी के नंगे जिस्म पर लेट गया.
मैं तब तक लेटा रहा जब तक कि मेरा लंड सिकुड़ कर खुद ही भाभी की चूत से बाहर नहीं आ गया.
दो मिनट तक मैं फिर उसके होंठों को चूसता रहा.
भाभी बोली- थैंक्स रोमी, ऐसा मजा तेरे भैया से आज तक नहीं मिला मुझे.
अब से तू ही इस चूत का मालिक है.
तू जब चाहे आकर इस चूत को चोद सकता है.
मैंने कहा- हाँ भाभी, जब भी आपका मन मेरा लंड लेने को करे तो मुझे बुला लेना, मैं हमेशा तैयार रहूंगा.
इतना कहकर फिर मैं उठ गया और मैंने अपने कपड़े पहन लिये.
तब तक रात के 10.
30 बज चुके थे.
मैं चुपके से भाभी के घर से बाहर निकल गया और भाभी ने गेट बंद कर लिया.
फिर तो हमारी चुदाई का खेल चलता ही रहा.
जब मौका मिला मैंने भाभी की चूत जमकर चोदी.
हम अक्सर अभी भी सेक्स का मजा लेते रहते हैं.
आपको मेरी ये सेक्सी हिंदी कहानी कैसी लगी दोस्तो, आप मुझे मेल करके जरूर बताना.
[email protected]
स्रोत:इंटरनेट