. समलैंगिक बुजुर्ग अंकल ने वर्जिन गांड मारी घोड़ी बनाकर धीरे धीरे जैसे जैसे मैं समलैंगिक सेक्स विडियो देखता गया वैसे वैसे मेरी रुचि उन समलैंगिक सेक्स वीडियो में बढ़ती गयी.
ऐसे ही समलैंगिक सेक्स विडियो देखते देखते मैंने नीचे गे चैटिंग का ऑप्शन भी देखा.
मैंने उस लिंक पर क्लिक करा तो उन बुजुर्ग अंकल जी ने मुझे एक अन्य समलैंगिक साइट पर भेज दिया.
वहां मैंने अपनी फोटो और मोबाइल नंबर लगाकर लिखकर और दूसरी जरुरी जानकारी भरकर अपनी प्रोफाइल बना ली.
दरअसल मैं देखना चाहता था कि समलैंगिक मर्दों के बीच ये साला गे सेक्स होता कैसे है.
तभी मेरे इनबॉक्स में मुझे एक सन्देश आया.
चूंकि साइट पर उस समलैंगिक मर्द की लोकेशन का भी पता लग रहा था तो मैंने पाया कि वो समलैंगिक मर्द मेरे से महज 1.
5 किलोमीटर की दूरी पर ही था.
उस समलैंगिक मर्द के साथ मैंने चैटिंग करना शुरू की.
फिर उन बुजुर्ग अंकल जी ने बताया कि वो एक टॉप है.
इससे पहले मुझे इतना पता था कि दो मर्द मिलते हैं दोनों एक दूसरे को घोड़ी बनाकर गांड मारते हैं और कई सारी समलैंगिक सेक्स पोजीशन में चुदाई करके आनंद करते हैं.
मेरे हिसाब से गे सेक्स के दौरान तो पहले एक मर्द की गांड में लंड जाता है और फिर वो दूसरा पहले वाले की गांड में अपना लंड पेलता हैं और अपनी कामुकता शांत करता है.
मगर उन बुजुर्ग अंकल जी ने मुझे बताया कि वो टॉप है और वो केवल गांड मारता है.
फिर उन बुजुर्ग अंकल जी ने मुझे अपने बारे में बताया.
उसकी उम्र 58 साल थी.
उसके लंड का साइज 7 इंच था.
उसकी हाइट 5.
9 फीट थी.
वजन उन बुजुर्ग अंकल जी ने 65 किलोग्राम लिखा हुआ था.
फोटो देखी तो रंग का गोरा था.
ऐसे ही उस दिन उससे मेरी काफी अश्लील लाइव चैट हुई.
फिर रोज बात होने लगी.
ऐसे ही फिर हमने मिलने का भी प्लान कर लिया.
मैंने उसको पहले ही बता दिया था कि मुझे इन सब चीजों के बारे में ज्यादा नहीं पता है.
वो कहने लगा- तुम आ जाओ, बाकी सब मैं खुद देख लूंगा.
फिर एक दिन हमने मिलने का फिक्स कर लिया और मैं उसके घर जा पहुंचा.
वहां जाकर उन बुजुर्ग अंकल जी ने मुझे आराम से अंदर बैठाया.
हम काफी देर तक बातें करते रहे.
उन बुजुर्ग अंकल जी ने बताया कि उसकी बीवी की 8 साल पहले मृत्यु हो चुकी है.
उन बुजुर्ग अंकल जी ने मुझे चाय पानी का पूछा.
मैं एक शर्मीला बच्चा हूँ और मैं तब भी उस गे मर्द के सामने ज्यादा कुछ बोल नहीं पा रहा था.
उसके बाद उन बुजुर्ग अंकल जी ने टीवी चालू कर दिया.
उन बुजुर्ग अंकल जी ने मुझे सहज होने का पूरा मौका दिया.
धीरे धीरे मैं 18 साल का कुंवारा बच्चा भी कम्फर्टेबल हो गया.
फिर मैंने भी उनसे पूछ लिया कि इतनी उम्र हो गयी है.
अब वो रिटायरमेंट लाइफ क्यों नहीं जीते? इस पर वो बोले कि वो सिर्फ एडवाइजर का काम करते हैं और बाकी सब लोग उनके नीचे ही काम करते हैं.
ये सब बातें चल रही रही थीं कि उन बुजुर्ग अंकल जी ने मुझे साइड से हग कर लिया.
मेरे कंधे को सहलाते हुए बोले- यार तुम तो बहुत क्यूट हो बेटा इतनी कम उम्र में भी तुम्हारी बॉडी भी बहुत अच्छी है बेटा.
मैंने धन्यवाद कहा और थोड़ा दूर खिसक कर बैठ गया.
वो गे अंकल जी बोले की डरो मत यार.
इतना कहकर उन बुजुर्ग अंकल जी ने फिर से मुझे अपनी ओर खींच लिया.
मैंने भी मन ही मन में कहा कि चलो देखते हैं ये मीटिंग कहां जाती है? मैं चुपचाप बैठकर टीवी देखने लगा.
जब उन कामुकता से भरे समलैंगिक बुजुर्ग अंकल को लगा कि मैं खुलकर साथ नहीं दे रहा हूं तो बोले- अगर इंजॉय करना चाहते हो तो तुम्हें साथ देना होगा.
मैंने कहा- मुझे इस तरह का कोई अनुभव नहीं है.
वो गे अंकल जी बोले की ठीक है, जैसा मैं कर रहा हूं तुम भी वैसे ही करते जाना.
मैंने कहा ठीक है अंकल जी.
उन बुजुर्ग अंकल जी ने मुझे अंदर बेडरूम में चलने के लिए कहा.
हम अंदर गये और फिर उन बुजुर्ग अंकल जी ने मुझे अपने पास बैठा लिया.
उनका झुर्रियों से भरा चेहरा मेरे चेहरे के बहुत ज्यादा करीब आ गया.
वो अश्लील गे अंकल मेरी आंखों में देख रहे थे.
उनकी सांसें मुझे अपने होंठों पर लगती हुई महसूस हो रही थीं.
फिर उन्होंने अपनी उंगली मेरे होंठों पर फिराई.
मुझे अच्छा लगने लगा.
धीरे धीरे वो उंगली को मेरे मुँह में डालने की कोशिश कर रहे थे.
जब मुझे इसका आभास हुआ तो मैंने मुँह खोल दिया और उन्होंने उंगली को मेरे मुँह में डाल दिया.
मैंने उनकी उंगली को चूसना शुरू कर दिया.
मुझे आनंद आने लगा.
वो बुजुर्ग अंकल मेरे मुँह में उंगली को ऐसे चला रहे थे जैसे कि गांड में लंड अंदर बाहर करके चोदा जाता है.
उन कामुकता से भरे समलैंगिक बुजुर्ग अंकल को पता चल गया था कि मैं तैयार हो रहा हूं.
उसके बाद उन्होंने मुझे गाल पर किस करना शुरू कर दिया.
मैं 18 साल का कुंवारा बच्चा भी उनका साथ देने लगा और उन्हें किस करने लगा.
वो भी धीरे धीरे आगे बढ़ रहे थे और उनकी कामुकता और गर्मजोशी से मुझे भी बहुत ज्यादा आनंद आने लगा जिसके वजह से मेरी आंखें बंद होने लगीं.
अब मैं चुम्मा चाटी करने की पूरी फीलिंग ले रहा था और इसी वजह से मेरी अन्तर्वासना भी बहुत ही ज्यादा भड़कने लगी थी.
वो गे अंकल जी बोले की अब मुझे तुम्हारा नंगा जिस्म देखना है.
मैंने भी कह दिया- फिर आप भी दिखाओ मुझे अपना नंगा जिस्म? उन बुजुर्ग अंकल जी ने फिर झट से अपने कपड़े खोल डाले और अंडरवियर में खड़े हो गये.
उनका उनके कच्छे में अलग से देखा जा सकता था.
फिर मैं 18 साल का कुंवारा बच्चा भी कपड़े उतारने लगा मगर पैंट उतारने में मुझे शर्म महसूस हो रही थी.
वो गे अंकल जी बोले की शर्माओ नहीं.
निकाल दो.
मैंने फिर भी नहीं खोली.
फिर वो बुजुर्ग अंकल मेरे पास आ गये.
वो अश्लील गे अंकल मेरी चेस्ट की निप्पल को छेड़ते हुए बोले- तुम्हारी चेस्ट तो लड़कियों के जैसी है.
मगर उनकी तरह तुम्हारी चूची विकसित नहीं हुई.
इतने में ही उन्होंने मेरी पैंट खोल दी और नीचे गिरा दी.
मैं अब अंडरवियर में था.
अब पीछे होकर उन्होंने अपनी अंडरवियर निकाल दी और उनका लंड मेरे सामने तनकर खड़ा था.
मैं हैरान था कि इतनी बड़ी उम्र का आदमी इस तरह से किसी के सामने इतनी जल्दी नंगा हो गया.
फिर वो बुजुर्ग अंकल मेरे निप्पल्स को किस करने लगे.
पता नहीं कब मेरा हाथ उनके लंड पर पहुंच गया.
वो बुजुर्ग अंकल मेरे निप्पल चूसने लगे और मैं उनके लंड को सहलाता जा रहा था.
हम दोनों के जिस्मों की गर्मी बढ़ती जा रही थी.
मुझे भी आनंद आ रहा था.
वो भी सिसकारने लगे थे और मैं 18 साल का कुंवारा बच्चा भी.
फिर वो मुझे लंड चूसने के लिए कहने लगे तो मैंने मना कर दिया.
वो गे अंकल जी बोले की चूस ले यार बेटा, एक बार करके देख.
आनंद न आये तो मत करना फिर! उनके कहने पर फिर मैंने उनका लंड मुँह में ले लिया और चूसने लगा.
दोस्तो, मैंने पहली बार लंड को मुँह में लिया था.
मुझे शुरू में एक दो मिनट तक बहुत ज्यादा अजीब लगा लेकिन फिर उसका टेस्ट अच्छा लगने लगा.
फिर पता नहीं कब उन्होंने मेरी चड्डी उतार दी और मेरी गान्ड को सहलाने लगे.
मैं बोल पड़ा- क्या कर रहे हो? उन्होंने कहा- अब कुछ मत बोलो और जो हो रहा है उसे होने दो.
हम अब पूरे नंगे हो चुके थे.
फिर वो नीचे लेट गये और मुझसे बोले कि मेरे ऊपर आकर मेरे लंड को चूसो.
मैंने वैसा ही करा.
मेरी गांड उनके मुँह की ओर हो गयी.
वो अश्लील गे अंकल मेरी गांड चाटने लगे.
मैंने उनके लंड को मुँह में ले लिया.
आगे से मैं लंड को चूसने लगा और पीछे से वो अश्लील गे अंकल मेरी गांड के छेद पर जीभ चलाने लगे.
दोस्तो, मैं क्या बताऊं … मुझे गांड चटवाने में बहुत आनंद आ रहा था.
अब मैं ज्यादा जोश में उनका लंड चूसने लगा था.
ऐसा लग रहा था जैसे ये स्वर्ग है.
मैंने अपनी गांड को उनके मुँह पर दबाना शुरू कर दिया.
ये सब 10 मिनट तक चलता रहा.
उसके बाद वो उठने के लिए कहने लगे.
मैं उठ कर उनकी बगल में बैठ गया.
फिर बोले- अब ध्यान से सुनो.
अब जो मैं करूंगा उसमें तुम्हें थोड़ा दर्द होगा.
अब तुमको दर्द बर्दाश्त करना होगा.
एक बार बर्दाश्त कर गये तो फिर आनंद ही आनंद है.
मैंने कहा- आप मेरी गांड में लंड डालोगे अब? वो गे अंकल जी बोले की नहीं, उंगली डालूंगा.
मैं ये सुनकर खुश हो गया.
मुझे लगा उंगली तो आसानी से चली जायेगी.
फिर उन्होंने दोबारा से मुझे लंड पर झुका लिया और मैं लंड को लॉलीपोप के जैसे चूसने लगा.
एक बार फिर से उन्होंने मेरी गांड में जीभ डालकर उसको गीली करा और फिर अचानक से उंगली मेरी गांड में घुसा दी.
मुझे हल्का दर्द हुआ.
ऐसा लगा जैसे मिर्ची सी लग गयी हो.
मगर फिर तब तक उंगली अंदर जा चुकी थी.
वो अब मेरी गांड में उंगली को अंदर बाहर करने लगे.
फिर मुझे अच्छा लगने लगा और मैं दोबारा से लंड पर लिपट गया.
अब उनकी उंगली मेरी गांड में आराम से अंदर बाहर हो रही थी.
मुझे मस्त आनंद आने लगा था.
मैं अब खुद ही गांड को आगे पीछे चला रहा था और उंगली का आनंद ले रहा था.
वो गे अंकल जी बोले की कैसा लग रहा है? मैंने लंड मुँह से निकाला और बोला- बहुत अच्छा.
वो गे अंकल जी बोले की और ज्यादा आनंद चाहिए? मैंने झट से कहा- हां.
फिर वो समलैंगिक बुजुर्ग अंकल बोलने लगे- मगर अबकी बार थोड़ा और ज्यादा दर्द होगा.
बर्दाश्त कर लोगे? जोश में मैंने भी कह दिया- हां कर लूंगा.
वो गे अंकल जी बोले की तो फिर तुम पेट के बल लेट जाओ.
उन्होंने मुझे लिटाकर मेरी गांड के नीचे दो तकिये लगा दिये.
मुझे लगा कि कुछ नया होने वाला है.
फिर वो नारियल का सरसों का तेल लाये और मेरी गांड के छेद में उंगली से अंदर लगाने लगे.
उन्होंने मेरी गांड में भरपूर सरसों का तेल डाला.
जब वो उंगली से सरसों का तेल लगा रहे थे तो चिकनी उंगली आराम से मेरी वर्जिन गांड के छेद में अंदर बाहर हो रही थी और मुझे भी अपनी गांड में ऊँगली करवाने में बहुत आनंद आ रहा था.
उसके बाद उन्होंने अपने लंड पर भी खूब सरसों का तेल लगाया.
फिर बोले- अब घोड़ी बन जाओ मैं तुम्हारी वर्जिन गांड का उदघाटन करने जा रहा हूँ.
मैं गांड मरवाने के लिए उनके आगे घोड़ी बन गया.
फिर उन्होंने अपने लंड का टोपा मेरी सील पैक वर्जिन गांड के छेद पर टिकाया.
वो अपने खड़े लंड के टोपे को मेरी गांड के छेद पर रगड़ने लगे.
मुझे मस्त आनंद आ रहा था.
मन कर रहा था कि ऐसे ही रगड़ते रहें.
मगर उसके बाद जो दर्द होने वाला था उससे मैं अनजान था.
फिर उन्होंने मुझे किस करना शुरू करा.
मुझे और ज्यादा आनंद आने लगा.
फिर एकदम से अचानक उन्होंने धक्का मार दिया और अपने होंठों को मेरे होंठों पर कस दिया.
उनके मुँह में ही अंदर मेरी चीख निकल गयी.
मेरी जान निकल गयी और मैं दर्द के मारे बहुत ही ज्यादा बुरी तरह छटपटाने लगा.
मगर मैं उनके नीचे दबा हुआ था और कुछ कर नहीं सकता था और वो मेरे नंगे जिस्म से अपनी अन्तर्वासना शांत करने में लगे हुए थे.
इस उम्र में भी उनकी पकड़ बहुत मजबूत थी.
मैं तड़पता रहा और वो मुझे किस करते रहे.
पांच मिनट तक उन्होंने मुझे हिलने नहीं दिया और मेरे नंगे जिस्म से अपनी अन्तर्वासना शांत करते रहे.
फिर जब मैं थोड़ा सा शांत हुआ तो उन्होंने पकड़ ढीली की.
मेरी टाइट गांड से खून निकल आया था और जलन भी बहुत तेज हो रही थी फिर एक और स्ट्रोक लगा और पूरा लंड मेरी गांड में जा घुसा.
मैं एक बार फिर से चीखा लेकिन उनका हाथ मेरे मुँह पर आ गया और वो बुजुर्ग अंकल मेरे निप्पल चूसने लगे.
मुझे थोड़ा अच्छा लगा और वो मुझे सहलाते रहे.
मेरा दर्द बहुत बढ़ गया था और मैं उनके हाथ को हटाकर छोड़ने के लिए कहने लगा.
मगर वो नहीं माने.
मेरी बात पर ध्यान न देते हुए वो निप्पल चूसते रहे.
फिर मैं धीरे धीरे शांत होने लगा.
जब मेरे आंसू थम गये तो वो गे अंकल जी बोले की बस इतना ही दर्द होना था.
अब आनंद ही आनंद है.
मैं बोला- बस इतना ही? ये इतना ही था? जान निकल गयी मेरी.
वो गे अंकल जी बोले की पहली बार में लड़की को भी ऐसे ही होता है तू तो फिर भी कुंवारी गांड है.
गांड अधिक दर्द देती है.
फिर वो मुझे चोदने लगे.
थोड़ी देर के बाद मुझे लंड लेते हुए अच्छा लगने लगा.
मैं उनका साथ देने लगा और फिर कुछ देर बाद तो खुद ही गांड को उछालने लगा.
वो भी मस्ती में मुझे चोदने लगे थे.
स्ट्रोक पे स्ट्रोक मार रहे थे और मैं 18 साल का कुंवारा बच्चा भी गान्ड उछाल रहा था.
बीच बीच में वो कभी मुझे किस करते तो कभी मेरे निप्पल्स चूसते और कभी काट भी लेते थे.
मैंने भी अपने दोनों हाथ उनकी पीठ पर रख दिये थे और आह-आह की आवाज़ें कर रहा था.
उन्होंने दोनों साइड से मेरे हाथ ऊपर किए और अपनी स्पीड बढ़ा ली.
मुझे दर्द हो रहा था लेकिन आनंद भी आ रहा था.
अब मेरी आवाज़ें तेज़ हो रही थीं- आह … आह प्लीज … आह्ह … आहा … और तेज करो.
अब मैं गांड चुदवाने का पूरा आनंद लेने लगा था.
मेरे मुँह से निकलती मेरी कामुक सिसकारियों से उन्हें भी जोश चढ़ रहा था और उनकी स्पीड तेज़ हो गई थी.
मेरी तो जैसे चाँदी ही हो गई थी.
अब तो मैं चाह रहा था कि मैं चुदता ही रहूं.
उन्होंने मुझसे कहा- मेरा निकालने वाला है, तुम इसे पी जाओ इसे.
मैंने कहा- मुझे अच्छा नहीं लगेगा.
वो गे अंकल जी बोले की बस एक आखिरी बात ये मान लो.
आनंद आयेगा.
फिर मैंने भी हां कर दी.
फिर उन्होंने मेरी गांड से लंड निकाला और मेरे मुँह में दे दिया.
मुझे उल्टी आने लगी क्योंकि उसमें अब मेरी बदबू दार गांड का स्वाद भी मिल गया था.
मगर तभी उन्होंने मेरे मुँह में अपने खड़े लंड को जोर से दबा दिया.
खड़े लंड से नमकीन सा तरल निकल कर मेरे मुँह में जाने लगा.
जब तक मैंने उसको अंदर न पी लिया तब तक उन्होंने मेरे मुँह में लंड को फंसाये रखा.
फिर उन बुजुर्ग अंकल जी ने लंड को मुँह से निकाला और एक तरफ लेट गये.
फिर मुझे भी अपने पास लेटा लिया और मेरी गांड को सहलाने लगे.
फिर वो मुझसे पूछने लगे की बताओ बेटा कैसा लगा मेरे साथ गे सेक्स करके? मैंने कहा की अंकल आज तो गांड मरवाने में बहुत ही ज्यादा दर्द हुआ मगर आनंद भी बहुत आया.
मुझे लगता है की मेरी गांड कुछ ज्यादा फट गयी है क्योंकि अभी तक मेरी गांड में बहुत तेज की जलन हो रही है.
वो गे अंकल जी बोले की कोई बात नहीं.
पहली बार अपनी वर्जिन गांड की चुदाई करवाई है ना इस लिए थोडा ज्यादा दर्द हो रहा है ये सब पहली बार में तो होता ही है और फिर आनंद के लिए दर्द तो सहना ही पड़ता है.
फिर वो मुझे बाथरूम में ले गये.
मुझे साफ करने में उन्होंने मदद की.
वहां भी वो मुझे किस करने लगे और मैं उनकी बांहों में लिपट गया.
दोस्तो, उस अंकल की किस का कोई जवाब नहीं था.
मुझे वो बहुत अच्छे लगे.
मेरी गांड का उद्धाटन अब हो चुका था.
फिर हम बाहर आये और गर्म पानी पीया.
फिर वो मुझे दोबारा से किस करने लगे और मैं 18 साल का कुंवारा बच्चा भी उन कामुकता से भरे समलैंगिक बुजुर्ग अंकल को किस करने लगा.
हम अलग हुए और जब मैंने टाइम देखा तो हमें 2 घंटे से ज्यादा का वक्त हो गया था.
वो समलैंगिक बुजुर्ग अंकल बोलने लगे कि उन्हें किसी गे मर्द को घोड़ी बनाकर उसकी गांड मारने में इतना आनंद आज तक नहीं आया.
मेरी सीप पैक कुंवारी गांड की सील तोड़कर वो 65 साल के समलैंगिक बुजुर्ग अंकल बहुत ही ज्यादा खुश दिख रहे थे.
फिर वो 65 साल के समलैंगिक बुजुर्ग अंकल मुझसे बोले की बेटा जब भी तुम्हारा गे सेक्स करने का मन करे घोड़ी बनकर गांड चुदवाने के लिए आ जाना और हर बार उतने ही जोश के साथ तुम्हारी गांड मरूँगा जितने जोश के साथ आज तुम्हे घोड़ी बनाकर तुम्हारी गांड मारी है मैंने ओब बदले में मुझसे कुछ पैसे भी ले लिया करना.
मैंने उन कामुकता से भरे समलैंगिक बुजुर्ग अंकल को धन्यवाद बोला और फिर मैं गे सेक्स करने के बाद वहां से अपने घर पर आ गया.
दोस्तों उन 65 साल के समलैंगिक बुजुर्ग अंकल ने मुझे खाली हाथ विदा नहीं करा था बल्कि उनके साथ गे सेक्स करने के बदले पुरे दो हजार रूपये दिए थे.
तो दोस्तो, इस तरह से ऑनलाइन ब्लू फिल्म देखने के दौरान अश्लील लाइव गे चैट वेबसाइट पर मिले 65 साल के समलैंगिक बुजुर्ग अंकल ने मेरी वर्जिन गांड मारी घोड़ी बनाकर और मेरे साथ गे सेक्स करके अपनी कामुकता शांत करी.
दोस्तों उस दिन मेरा पहला गे सेक्स था इस लिए उन्होंने मेरी वर्जिन गांड का पुरे जोर शोर के साथ उद्घाटन करा था और सही मायनो में मुझे भी उस दिन पता चला की मैं मर्द नहीं बल्कि एक गे हूँ और मेरी दिलचस्पी लड़कियों में नहीं बल्कि मर्दों में है….
स्रोत:इंटरनेट