. समलैंगिक स्कूल शिक्षिका का खुला ब्लाउज 18+ Hindi Sex Story खैर मैं बच्चों को पढ़ाने में बहुत ही ज्यादा अच्छा था और हमारी स्कूल के प्रिंसिपल मुझसे बहुत ही ज्यादा खुश भी थे जिस वजह. से मुझे स्कूल में थोड़ी आजादी भी मिल गई थी, मैं अपने खाली समय में स्कूल के बाहर एक दुकान पर चला जाता था.
एक दिन मैं दुकान गया तो दुकान में कोई नहीं था.
मैंने मालिक को आवाज़ लगाई तो परदे के पीछे कुछ हड़बड़ाने जैसी आवाजें आई और थोड़ी ही देर में दुकानदार लुंगी पहने आया.
उसके चेहरे से मुझे पता चल गया कि मैं कबाब में हड्डी बन चुका था.
खैर मैं थोड़ी देर बात करने के बाद वापस आ गया और स्कूल के दरवाजे के सामने वाले कमरे में छुप गया.
कुछ देर में उसी दुकान से हमारे स्कूल की बाई जी जिसका नाम सुनीता है वो साली रांड अपना चेहरा पोंछते हुए निकली.
मैं समझ गया कि माजरा क्या है.
मैंने उससे उसकी और उस दुकानदार की रंग रलियों का राज खोलने के लिए सामने आकर पूछा- कहाँ गई थी बाई जी? तो उसने सर झुका कर जवाब दिया- कुछ सामान लाना था.
मैंने मेरा लंड खुजाया और हँसते हुए बाई जी से पूछा- कहाँ है सामान? तो वो हड़बड़ा कर शरमाते हुए अन्दर स्कूल में भाग गई.
उस दिन के बाद मैं उसे देख के मुस्कुरा देता और वो मुझे देख कर भाग जाती थी क्यों की वो समझ चुकी थी की उसके सेक्सी जिस्म पर मेरी गन्दी नजरें हैं.
मैं उस बाई जी के बारे में सोच कर अपने लंड को सहलाता और कई बार स्कूल के बाथरूम में जाकर मुठ भी मार आता था.
उस बाई जी की उम्र 25 के आसपास थी और उस रांड के दोनों मोटे मोटे संतरे उसके में से तने हुए क़यामत दिखते थे.
उस साली लंड की भूखी बाई जी के गुलाबी गुलाबी होंठों के ठीक ऊपर एक काला तिल था जो उस महिला को और ज्यादा मादक बना देता था पर उस भोसड़ी वाले दुकानदार को यह सेक्सी और सुन्दर चिड़िया चोदने को कैसे मिली, यह सोचकर मेरा दिमाग गर्म हो जाता था.
यहाँ भी देखें>> खैर चोरी छिप्पे उस हसीना के ब्लाउज में झांकते हुए और उसकी मोटी गांड निहारते हुए मेरे दिन बहुत अच्छे कट रहे थे कि इतने में 15 अगस्त आ गया.
हर वर्ष की भातीं इस वर्ष भी हमारे स्कूल में स्वतंत्रता दिवस के दिन रंगारंग कार्यक्रम था, स्कूल की बिल्डिंग के बाहर मैदान में पंडाल और स्टेज लगा था, की पूरी बिल्डिंग बिलकुल सूनी थी, मैंने राऊँड लगाने की सोची कि शायद सेक्सी रंडी बाई जी दिख जाये.
मैंने लंड खुजाते हुए चुपचाप अपने कदम लड़कियों वाले बाथरूम की तरफ बढ़ाये, बाथरूम में से हमारे स्कूल की एक स्कूल शिक्षिका की आवाज आई.
मैंने दीवार की आड़ लेकर अन्दर गर्ल्स बाथरूम के अंदर झाँका तो देखा हमारे स्कूल की एक मस्त स्कूल शिक्षिका जिसका नाम दीपिका था, बारहवीं क्लास की एक मासूम लेस्बियन गुंजन गोरा से अपने दूध से भरे मोटे मोटे स्तन चुसवा रही थी.
हाय स्कूल के बाथरूम में लेस्बियन महिलाओं की इस गन्दी मस्ती का बाथरूम में क्या मस्त नज़ारा था ये सब देखकर तो मेरा लंड कड़क हो उठा! समलैंगिक स्कूल शिक्षिका पीले रंग की साड़ी में और उस पर अधखुला ब्लाउज!उस आधे खुले ब्लाउज से निकला. हुआ दीपिका का कोमल दूधिया स्तन! गुंजन गोरा ने दोनों हाथ से उसके स्तन को थाम रखा था और अपने पतले होठों से निप्पल चूस रही थी.
मैं उन दोनों समलैंगिक स्कूल शिक्षिका और समलैंगिक स्कूल गर्ल को देखने में मस्त था कि अचानक समलैंगिक स्कूल शिक्षिका दीपिका की नजर मुझ पर पड़ गई.
उसने हटने की कोई कोशिश नहीं की और मुझे हाथ से जाने का इशारा किया और आँख मार दी.
मैं वहाँ से हट गया और बाजू वाले कमरे में जाकर छुप गया.
लेस्बियन सेक्स ख़त्म करने के बाद समलैंगिक स्कूल गर्ल गुंजन गोरा वहाँ से निकल गई उसके बाद समलैंगिक स्कूल शिक्षिका दीपिका ने मुझे आवाज दी- मनोज सर…!! मैं- हह…हाँ मैडम…? समलैंगिक स्कूल शिक्षिका दीपिका बोली – मनोज सर अब आप बाहर आइए तो जरा! मैं चुपचाप अपना लंड खुजाता खुजाता बाहर निकल आया.
मुझे देख कर समलैंगिक स्कूल शिक्षिका दीपिका शरमाते हुए बोली- क्यों मनोज सर? लड़कियों के बाथरूम में क्या करने आये थे आप?मैं मेरा लंड खुजाते हुए उस लेस्बियन मैडम से बोला- मैडम यही देखने आया था कि कोई गड़बड़ तो नहीं हो रही, आजकल के अमीर घर के बिगड़े बच्चे सूनेपन का फायदा उठा लेते हैं ना! समलैंगिक स्कूल शिक्षिका दीपिका शरमाते हुए बोली- हाय… सूनेपन का फायदा तो स्कूल के जवान कुंवारे टीचर भी उठा सकते हैं.
मैं उसके करीब जाकर सट गया और उस समलैंगिक स्कूल शिक्षिका के गुलाबी गुलाबी होंठ चूमने लगा, वो भी मेरे होंठ चूसने लगी.
फिर मैंने उस समलैंगिक स्कूल शिक्षिका के बदन को अपने बदन के और करीब खींचा तो वो कुनमुनाने लगी, मैंने उसके स्तन अपने हाथों में भर लिए और मसलने लगा.
कुछ मिनट बाद वो समलैंगिक स्कूल शिक्षिका मुझसे बोली- ऐसे तो मेरे कपड़े ख़राब हो जायेंगे और सब शक करेंगे.
मैंने उसे कहा- स्कूल के बाद गेट पर मिलना! वो मेरे लंड को मुट्ठी में मसल कर भाग गई.
मैंने योजना बनाई, मैं स्कूल के बाहर दुकान पर गया और दूकान वाले को बोला- राजू, तेरे और सुनीता के गंदे खेल के बारे में प्रिंसिपल को पता चल गया है, तेरे खिलाफ पुलिस में शिकायत जाएगी की तू दुकान के अंदर बाई जी के साथ चोदा चादी करता हैं.
दुकानवाले की फट गई, वो मेरे पैरों पर गिर गया.
मैंने उसे कहा- प्रिंसिपल ने मुझे कहा है शिकायत करने को! मैं उसे दबा सकता हूँ पर मेरी शर्त है.
दुकान वाला खड़ा हुआ और बोला- जो आप कहें सरकार!मैंने बोला- मेरे को तेरी दुकान का अन्दर वाला कमरा चाहिए स्कूल की एक मैडम को चोदने के लिए, जब मैं चाहूँगा तब! दुकान वाला बोला- ठीक है मालिक! आप जब चाहो कमरा आपको मिल जाया करेगा पर मुझे छुप कर आप दोनों की चुदाई देखने को तो मिलेगी ना? मैं उस दुकानदार से बोला- भोसड़ी के! अगर तूने हम दोनों की चुदाई देखने की हिम्मत की तो तेरी गांड की फोटो निकाल कर तेरी बीवी को गिफ्ट करूँगा.
दुकानवाला माफ़ी मांगते हुए बोला- अरे सर, मैं तो मजाक कर रहा था! ही…ही…ही…स्कूल का कार्यक्रम ख़त्म होने के बाद मैं स्कूल के गेट के बाहर खड़ा हो गया.
दीपिका आखिर में बाहर आई.
मैंने उसे दुकान की तरफ बढ़ने को कहा.
मैं दुकान में पहुँचा, दो कोल्ड ड्रिंक मंगाए और दीपिका को लेकर अन्दर के कमरे में चला गया.
यहाँ भी देखें>> स्कूल शिक्षिका दीपिका अन्दर आते ही बोली- मनोज सर, मुझे घबराहट हो रही है! मैं स्कूल शिक्षिका से बोला- कमसिन लड़कियों से अपनी मोटी मोटी चूचियाँ चुसवाते वक़्त नहीं होती? असली मजा ले लो, फिर याद करोगी.
सेक्सी कुंवारी स्कूल शिक्षिका दीपिका बोली – हाय मनोज सर! मैं क्या करती? साली रांड ने बाथरूम में मेरी चूचियाँ दबा दी तो मैं गर्म हो गई और चुदास से भर उठी, आप तो समझदार हो! मैंने स्कूल शिक्षिका से कहा- दीपिका जी, आपका ज्यादा समय नहीं लूँगा! और मैंने उस स्कूल शिक्षिका के हाथ पकड़ कर हथेली चूम ली, उसके गुलाबी गुलाबी होठों से सिसकारी निकल गई.
फिर मैंने उस लेस्बियन स्कूल टीचर को बिस्तर पर बिठाया और उसकी साड़ी का पल्लू हटा कर उसके ब्लाउज के ऊपर से ही उस साली लेस्बियन स्कूल शिक्षिका की मोटी मोटी चूचियाँ चूमने और दबाने लगा.
उसके बाद एक हाथ से उस साली लेस्बियन की मोटी मोटी चूचियाँ दबाता हुए उस रंडी छिनाल के गुलाबी गुलाबी होठो को अपने होठों से सहलाने लगा.
समलैंगिक स्कूल शिक्षिका दीपिका के मुँह से ‘हाय मनोज सर!’ निकला और वो मेरी बाहों में पिघल गई.
उसके बाद मैंने इत्मिनान से उस समलैंगिक स्कूल शिक्षिका को उसका खोलने के लिए बोला तो उसने बिना शरम करे मेरी आँखों के सामने अपना ब्लाउज खोल दिया, उसके संतरों को प्यार से आज़ाद किया और उसके बूब्स के भूरे रंग के निप्पल मसलते हुए उसके नितम्बों को नंगा किया.
उस समलैंगिक स्कूल शिक्षिका की प्यारी सी मेरे हाथों में आते ही रस से भर गई और मैं खुद को उसकी जांघों के बीच घुसने से नहीं रोक पाया.
मैंने बेझिझक उस साली लेस्बियन स्कूल शिक्षिका के सामने खुद को पूरा नंगा किया और दीपिका मैडम के भी सारे कपड़े उतारे और उन्हें भी पूरी नंगी करा.
उसके बदन के हर हिस्से को चूमते हुए मैं उस लेस्बियन स्कूल टीचर के कटिप्रदेश में उतर गया.
मेरी जुबान ने जैसे ही उसकी भगनासा को छुआ, वो पागल हो गई और अपने दोनों हाथों से अपनी चूचियों को दबाने लगी.
मैंने उसको और मस्ताने के लिए अपनी एक उंगली उसकी में घुसा दी.
‘हाय मनोज सर जी… स्स्स्स… हाय अब करो न… प्लीज़… हाय मनोज सर… अब आ जाओ न ऊपर…!! हाय लंड दे दो… मनोज सर… मैं तो मर गई!!’ मैं भी अब गरमा चुका था…मैंने अपना लंड उस साली लेस्बियन स्कूल शिक्षिका को दिया उसने अधखुली. आँखों से मेरे लंड को निहारा और शर्म-हया भूलकर ब्लोजॉब करने के इरादे से मेरे मुसल जैसे लंड के मुहँ से अपना मुँह मिला दिया, उस साली लेस्बियन स्कूल शिक्षिका के होंठ मेरे लंड के छेद को रगड़ रहे थे.
मेरे मुसल जैसे 9 इंच लम्बे और 3 इंच मोटे लंड का टोपा पूरी तरह गुलाबी होकर फूलने लगा, मेरे मुँह से निकला- हाय मादरचोद की बच्ची! कहाँ से सीखा ये जादू साली कुतिया रांड…?मेरे मुँह से बहुत ही ज्यादा गन्दी गन्दी गाली सुन कर मेरी गोलियों को मुट्ठी में भर कर बोली- अरे जानू! तुम्हारा हथियार देख कर रहा नहीं गया और खुद ही कर डाला मैंने! अब तो मेरी मारो न…!?! दीपिका मैडम के स्वर में एक नशीली बात थी कि मैं उसके ऊपर. लेट गया और उसके होठों को अपने होठों से मसलने लगा.
उसने मेरे लंड को खुद ही अपने छेद में सेट किया और मेरे हल्के धक्के से ही मेरा पूरा लंड दीपिका की प्यासी चूत में फिसल गया.
हाय क्या मजा था!मैंने उस नंगी समलैंगिक स्कूल शिक्षिका से पूछा- रानी शादी तो तुमने की नहीं? फिर यह मखमली प्यासी चूत कैसे? समलैंगिक स्कूल शिक्षिका दीपिका शरमाते हुए बोली- हाय मेरे राजा! मेरे बड़े भाई के एक दोस्त ने मुझे भाई की शादी. में शराब पिला कर मेरी रात भर गांड और चूत ली, मैं तब से अब तक सेक्स के नशे में रहती हूँ! मैं खुद चाहती थी कि कोई मर्द मुझे अपनी रंडी बनाकर खूब कस कर चोदे! आह… जोर से पेलो न मेरे रजा …चुदवाते चुदवाते उस नंगी समलैंगिक महिला स्कूल टीचर ने मुझे बताया की मनोज सर मैंने मेरे भाई के दोस्त से कभी दुबारा बात नहीं की पर उस रात का नशा और मेरी प्यासी चूत की सुरसुराहट हमेशा याद आती रही… म्मम्म… तुम्हारा लंड मेरी. प्यासी चूत… हाय…!!! और अन्दर आओ मनोज सर… स.
स्स्स्स… हाय राजाजी… मेरी पूरी अंदर तक ले लो… पूरी नंगी हूँ… तुम्हारे लिए… हाय… जब बोलोगे… सस…मैं तुमसे चुद जाऊँगी… हाय पेलो न जल्दी जल्दी मनोज सर मुझे अपनी रांड समझकर चोदो…!!मैं उस साली लेस्बियन स्कूल शिक्षिका की गर्म बातों से बहुत ही ज्यादा उत्तेजित होता जा रहा था… मेरे लंड के निचे लटकी मोटी मोटी कंचो जैसी गोलियाँ चिपक रही थी… वीर्य निकलने को बेताब हो. रहा था… मैंने उस समलैंगिक स्कूल शिक्षिका की प्यासी चूत से लंड निकाला और दीपिका का पलट दिया और उसकी गांड को मसलते हुए अपना लंड उसकी प्यासी चूत में पेल दिया… अब तो वो सेस्बियन स्कूल शिक्षिका भी किसी. रांड की तरह जोर जोर से धक्के मारने लगी…‘हाय… इस मजे का क्या कहूँ! हाय दीपिका रानी मेरी रंडी ! आज से मैं तेरे इस सेक्सी जिस्म का गुलाम हो गया रे… तेरी प्यासी चूत का रस पिला दे… ‘ ‘हाय… आह… सस…. स्स्स्स…ले लो न मेरी आज… समलैंगिक स्कूल शिक्षिका चुदते चुदते बोली हाय… मैं गई…’ कहकर वो कुंवारी स्कूल शिक्षिका मेरे लंड को अपनी प्यासी चूत में दबाये हुए सामने की ओर लुढ़क गई और मैं भी उसके ऊपर लेटे. हुए अपने लंड से निकल रही पिचकारियों को महसूस करता रहा.
पाँच मिनट तक ऐसे ही सेक्स करने के बाद उस कुंवारी लेस्बियन स्कूल शिक्षिका दीपिका ने मुझे बगल में लेटाया और मेरी बाहों में चिपक कर मुझे चूमने लगी… हम काफी देर तक चूमते रहे… फिर हम दोनों कपड़े पहने और अपने घर चले गए… मेरी काफी अच्छी दोस्त बन गई, मैंने उसे सारे सुख दिए, उसने भी मुझे बहुत माना! फिर उस कुंवारी समलैंगिक स्कूल शिक्षिका की शादी हो गई…शादी से पहले उस लेस्बियन स्कूल शिक्षिका ने मुझे कहा-…मनोज सर, आपने मुझे चोद चोदकर बहुत सुख दिए हैं… पर शादी घर वालों की मर्जी से करना… फिर मैं तो आपके लंड का स्वाद चख चुकी, अब दूसरा खाऊँगी! आप भी किसी कुंवारी मुनिया को चोद कर अपने लंड को नया मजा देना… मैंने उसके गुलाबी गुलाबी होंठ चूम कर उस लेस्बियन स्कूल शिक्षिका को उसके ससुराल के लिए विदा कर दिया… मुझे उस समलैंगिक स्कूल शिक्षिका के साथ सेक्स. करने के बाद से सिर्फ शादीशुदा औरतों में ही मजा आता है, जिनके पति उन्हें संतुष्ट नहीं कर पाते उनकी मदद करने में मुझे सुख मिलता है
स्रोत:इंटरनेट