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समुद्र किनारे चोदा बड़ी गांड वाली आंटी की चूत और गांड को

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समुद्र किनारे चोदा बड़ी गांड वाली आंटी की चूत और गांड को 1

. समुद्र किनारे चोदा बड़ी गांड वाली आंटी की चूत और गांड को आखिर कार मैं नुपुर आंटी नुपुर, सिद्धार्थ अंकल और पापा जी बस इतने लोग ही तैयार हुए गोवा जाने के लिए.
गोवा पहुँचते ही सिद्धार्थ अंकल और पापा जी शराब पिने लगे, बल्कि दोनों ने रस्ते में ही ताड़ी लेना चालू कर दिया था.
गाडी की पीछे की सिट पर मैं और नुपुर आंटी नुपुर बैठे हुए थे.
पुरे रास्ते उसने मुझ से कोई बात नहीं की, वैसे भी वोह सुरत में भी कम ही बात करती थी.
गोवा आते ही हम लोगो ने एक होटल में दो रूम लिए.
हमारी होटल समुन्द्र के बिलकुल सामने थी लेकिन समुन्द्र का यह हिस्सा बिलकुल सुनसान सा था, यहाँ कोई ज्यादा आता जाता नहीं था.
खाना खाने के बाद थकान मिटाने के लिए हम लोग होटल के अंदर के ही स्विमिंग पुल में नहाने चले गए.
नहाते नहाते पुरे वक्त मेरी गन्दी नजर इस बड़ी गांड वाली नुपुर आंटी की गांड के ऊपर ही थी.
पापा जी के दोस्त की कामुक पत्नी ने भी मुझे उसकी बड़ी गांड और बूब्स को गन्दी नजर से देखते हुए देख लिया था तो मैं थोडा घबरा सा गया था खैर उन्होंने मेरी इस गन्दी हरकत पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.
शाम के खाने के बाद भी अंकल और मेरे पापा जी शराब अपनी शराब पार्टी करने में लगे रहे.
इस बिच नुपुर आंटी ने मेरे से थोड़ी बहुत बातचीत की और मुझे लगा की अब नुपुर आंटी भी थोड़ी सॉफ्ट हो चुकी थी.
उसी शाम को मैं और आंटी समुन्द्र के किनारे टहलने के लिए गए और रस्ते में मैंने जान बूझ के एक दो बार साथ चलते चलते आंटी की बड़ी गांड के ऊपर हाथ जैसे की गलती से गिरा दिया.
कामुक आंटी कुछ बोली नहीं और मेरी हिम्मत और ज्यादा बढ़ गई.
दुसरे दिन सुबह सवेरे बड़ी गांड वाली आंटी ने हमारे दरवाजे के ऊपर नोक किया, मेरे पापा जी ने दरवाजा खोला और मैंने बिस्तर से देखा की नुपुर आंटी स्विमस्यूट में थी.
पापा जी उसे देख के चमके और बोले, भाभी अभी स्विमिंग करेंगी.
नुपुर आंटी हंस के बोली नहीं मुझे सुबह की हलकी धुप सेकनी हैं, आप आयेंगे.
पापा जी बोले नहीं मैं नहीं आऊंगा.
तभी में बेड से उछल के निकला और बोला मैंने आता हूँ आंटी.
आंटी ने मेरी तरफ देखा, सुबह सुबह मेरा लंड पेशाब लगने की वजह से बरमुडे में टाईट हुआ था जिसकी वजह से उतना भाग उपस गया था.
पापा जी देखे उसके पहले मैंने अपने लंड को दबा दिया.
मैंने जल्दी से और चाय बना के पी ली.
आंटी अंदर आ के सोफे पे बैठी थी, वो मेरी चाय ख़त्म होने की ही राह देख रही थी.
मुझे बहुत जल्दी थी इस आंटी के साथ बहार जा के घुमने में.
मेरी चाय खत्म होते ही हम लोग निकल पड़े.
मैं मेरे आगे चल रही आंटी की मोटी गांड को देख कर बहुत खुश हो रहा था.
मेरे लौड़े में अभी भी मस्त तनाव बना हुआ था.
नुपुर आंटी बस अपनी प्यासी बुर के फाटक खोल दें.
मैं कब से ऐसी ही कोई बड़ी उम्र की प्यासी बुर ढूंढ रहा था जो मुझे ख़ुशी भी दे और जेबखर्च भी.
आंटी आगे आगे अपनी मोटी गांड मटकाते हुए चल रही थी और मैं वही मस्ती में उसकी मटकती गांड जो स्विमिंग स्यूट में मस्त लग रही थी उसे देख रहा था.
थोड़ी देर में ही हम लोग बिच पर पहुँच गए और आंटी ने एक शीशी निकाली जिस में से उसने कोई तेल निकाला और वो अपने चुंचो के ऊपर के भाग, कंधे और गालो के उपर मलने लगी.
बिच के उपर हम दोनों के अलावा दो कुत्ते ही थे.
सुबह का वातावरण था और यह बीच वैसे भी इतना फेमश नहीं था की यहाँ लोग सुबह सवेरे भीड़ करे.
आंटी ने अपनी मोटी सेक्सी गांड वाले हिस्से के उप्पर तेल लगाना प्रारंभ करा और मुझ हवस के पुजारी को पहली बार लगा की साली यह नुपुर आंटी तो धीरे धीरे बेशर्म बनती जा रही हैं कहीं ऐसा ना हो की थोड़ी देर में ये नंगी ही हो जाये.
तभी आंटी बोली, आजा ना बेटा मुझे तेल लगा दे पीछे कमर पे मेरा हाथ नहीं जाएंगा.
मैं थोडा रुका और कुछ सोचूं उसके पहले ही आंटी बोली, अरे बेटा वैसे तो तू मेरी मोटी गांड पीछे से बहुत देखता हैं और अब क्यों शर्मा रहा हैं अजा जल्दी से…मैं सहम गया और मनोमन सोचने लगा तो क्या पापा के दोस्त की कामुक पत्नी मेरी हर हरकत के ऊपर नजर बनाये हुए थी और उसे सब. पता था की मैं क्या कर रहा हूँ.
मुझे लगा की बड़ी गांड वाली आंटी को भी मेरे लौड़े से अपनी प्यासी करवाने की इच्छा जरुर होगी तभी तो उसने मुझे कुछ कहा नहीं और अब वो मुझे मालिश कर देने के बहाने अपने शरीर के स्पर्श करने का मौका दे रही थी.
वैसे अगर आंटी शरीफ होती तो वो मुझ से दुरी रखती, लेकिन यहाँ तो खर्बुचा खुद छुरी के ऊपर गिरने के लिए तैयार था.
मैंने तेल हाथ में निकाला और आंटी के कमर के ऊपर हाथ से सहलाना चालू कर दिया.
बड़ी गांड वाली आंटी की आँखे बंद होने लगी और वो मेरे प्रत्येक स्पर्श का मजा लेने लगी.
आंटी की कमर बहुत मस्त थी और उसके ऊपर हाथ लगाते ही मुझे मस्त उत्तेजना होने लगी.
मेरा लंड लपकार लेने लगा था और मैं आंटी की तरफ से सिर्फ सिग्नल मिलने की राह देख रहा था.
मेरे हाथ बड़ी गांड वाली नुपुर आंटी की कमर पे चल रहे थे तभी आंटी ने मुझे कहा की आगे की तरफ हाथ करो ना, उसका कहने का मतलब था की मैं उसके बड़े बड़े स्तनों वाले हिस्से पे हाथ घुमाऊं.
मैंने जैसे ही आंटी के चुंचे के ऊपर उसके स्विमस्यूट के ऊपर से हाथ घुमाया.
आंटी के चुंचे कडक हो चुके थे और उसके निपल्स जैसे की लोहे के हो वैसे कड़े थे.
कामुकता से भरी आंटी मेरे लौड़े को पेंट के ऊपर से ही सहला रही थी.
अब आंटी ने मेरे कपडे भी उतार दिए और वो मेरे लौड़े को हाथ में ले के मरोड़ने लगी.
लंड बहुद अकड गया था और उसे भी प्यासी बुर चाहिए थी.
आंटी ने कुछ बोले बिना सीधे मेरे लौड़े को अपने मुहं में ले लिया और अपने गले तक डालकर पूरी मस्ती के साथ चूसने लगी.
आंटी मेरे लौड़े को जैसे की भूखा कुत्ता हड्डी चुस रहा हो वैसे जोर जोर से चूस रही थी.
आंटी का थूंक मेरे लौड़े और गोटो के ऊपर बह रहा था, मैंने भी निचे झुक के आंटी के बूब्स को मसलना चालू कर दिया…..!!! अब मेरा लंड भी चुसाई के चलते भूखा होता जा रहा था.
आंटी भी मेरे लौड़े को चूसने के बिच बिच अपने हाथ से मसलती थी.
मेरे लौड़े से वीर्य निकल पड़ेगा ऐसा डर मुझे लगने लगा था.
तभी सेक्सी गांड वाली कामुक नुपुर आंटी ने अपने चुंचो के बिच में थूंक दिया और मेरे लौड़े को वहाँ रख के चुंचो को दोनों तरफ से जोर से दबा दिया.
आंटी का इशारा मिलते ही मैं आंटी के दोनों सेक्सी स्तन के बिच अपने लंड को जोर जोर से अंदर बहार करने लगा.
मेरा यह बूब्स फक का पहला अनुभव था लेकिन सच में आंटी के बूब्स चोदने की मजा किसी प्यासी बुर में लंड देने से कम नहीं था.
आंटी ने थूंक लगाया था इसलिए उस साली रंडी के रसीले स्तन काफी ज्यादा चिकने हो गए थे और स्तन बहुत ही ज्यादा मुलायम थे इसलिए मेरा लंबा मोटा लंड फचफच की आवाज करते हुए उनके दोनों स्तनों के बिच अंदर बहार होने लगा था.
मैं बेचारा ज्यादा देर तक मोटी गांड वाली आंटी के बड़े बड़े स्तनों की चुदाई नहीं कर पाया क्यूंकि मेरे लौड़े ने वीर्य की धार निकाल दी थी.
आंटी धीरे धीरे करते हुए मेरे सारे वीर्य को अपने मुहं में ले के पी गई.
कुछ बुँदे इस सेक्सी नुपुर आंटी ने अपने बूब्स के ऊपर भी मल दी और वीर्य की चिकनाहट से अपने बूब्स को और चिकना बना दिया.
मुझे लगा की आंटी अब कहेंगी की चलो बिच में नहा के रूम पर जाते हैं…..! लंड से वीर्य निकल जाने के कारण मेरा लंड सो गया और वोह किसी छोटी चुहिया जैसा लग रहा था, अभी थोड़ी देर पहले वो किसी बड़े चूहें जितना लम्बा था.
आंटी ने मुझे निचे जमीन पर लेटने के लिए कहा, मुझे लगा की आंटी साली आज पूरा मजा लेगी.
कामुक आंटी ने तेल की शीशी से थोडा तेल निकाला और दोनों हाथो से वो मेरे लंड पर तेल लगाकर तेल मालिश करने लगी.
आंटी के हाथ लगाते ही जैसे की मेरे मुरझाये हुए लंड में दुबारा जान आने लगी.
लंड दो मिनिट के अंदर ही फिर से एक बार खड़ा हो गया और लंड के खड़े होने की चमक इस नुपुर आंटी नुपुर की आँखों में आसानी से देखि जा सकती थी.
आंटी ने लौड़े के पुरे खड़े होते हुए अपनी प्यासी बुर को लंड के बिलकुल सामने सेट किया और वो एक पाशे पर लेट गई.
आंटी की बड़ी गांड के बिच भी उसकी बड़ी प्यासी बुर का छेद देखा जा सकता था.
आंटी शायद चाहती थी की मैं साइड से उसकी प्यासी बुर में लंड दूँ.
मेरे लिए भी काफी एक्साइटिंग थी इसलिए मैंने अपने लंड को धीमे से आंटी की प्यासी बुर की तरफ बढाया.
आंटी ने अपने हाथ से लंड को प्यासी बुर के ऊपर सेट किया और मेरे एक झटके में तो लंड प्यासी बुर में गोते खाने लगा.
सच में इस नुपुर आंटी ने बहुत लंड लिए होंगे तभी तो उसकी प्यासी बुर इतनी फैली हुई थी.
लेकिन भिखारी को भीख जितनी मिली उतनी ठीक…ऐसा सोच के मैंने बड़ी गांड वाली आंटी की हलके हलके चुदाई करना जारी रखा.
तभी आंटी उलट गई और उसकी गांड वाला हिस्सा ऊपर कर लिया.
मैं आंटी के ऊपर आ गया और उसकी गांड को पकड़ के उसकी प्यासी बुर में लंड पेलने लगा.
पापा के दोस्त की नंगी पति की प्यासी बुर में लंड देते हुए मैं इस सेक्सी नुपुर आंटी की गांड का काला छेद देख रहा था और मेरे मन में इस छेद में भी गोता लगाने को मन कर रहा था, मुझ हवस के पुजारी ने आंटी की खतरनाक चुदाई जारी रखते हुए अपने एक हाथ में थोडा थूंक लिया और नुपुर आंटी की गांड के ऊपर रगड़ने लगा.
नुपुर आंटी ने मेरी तरफ मुड के देखा और वो समझ गई की मेरा इरादा पीछे से हमला करने का था.
आंटी कुछ बोली नहीं और मैंने गांड मारने का अब पक्का इरादा बना लिया था.
मैंने अब गांड मरने के लिए उस कामुकता से भरी औरत की प्यासी बुर से अपने लंड को बहार निकाला.
फिर मैंने नंगी नुपुर आंटी की गांड के छेद के अंदर बहुत सारा थूंक लगा दिया.
मेरे थूक से बड़ी गांड वाली आंटी की गांड मस्त चिकनी हो चुकी थी और लंड अब इसमें ज्यादा घर्षण के बिना जा सकता था.
मैंने सीधे अपने लंड के सुपाड़े को आंटी की गांड के ऊपर रखा और एक जोर का धक्का दे दिया.
मेरा लंड सीधा नुपुर आंटी नुपुर की गांड में घुस गया.
आंटी जोर जोर से अपनी गांड हिलाने लगी और मैं भी अब जोर जोर से गांड में डंडा करने लगा था.
बड़ी गांड वाली नंगी आंटी की प्यासी बुर से ज्यादा मजा उसकी गांड में थी इसलिए मैं जितना हो सके उतना वीर्यस्खलन टालना चाहता था.
मैं जैसे ही मुझे लगता की स्खलन होने को हैं रुक जाता था और फिर धीरे धीरे गांड में दुबारा लंड अंदर बहार करता था.
लेकिन फिर भी मैं अपने स्खलन को थोड़ी टाल सकता था.
5 मिनिट की गांड चुदाई के बाद मेरा गरमा गर्म वीर्य नंगी नुपुर आंटी की गांड के छेद को भरने लगा.
आंटी गांड कस के सारा वीर्य अंदर समाने लगी.
हम लोग तुरंत कपड़े पहन के रूम की तरफ चले गये, पुरे गोवा की ट्रिप में मेरे पापा जी और अंकल शराब पीते रहे और मैं उनकी कामुकता से भरी पत्नी के साथ अवैध शारीरिक संबंध बनाता रहा.
दोस्तों उम्मीद करता हूँ की आप सभी को मेरी हिंदी सेक्स स्टोरी “गोवा में समुद्र किनारे चोदा बड़ी गांड वाली आंटी की चूत और गांड को” पसंद आयी होगी और आप इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करेंगे….
स्रोत:इंटरनेट