. सलवार खोलकर विधवा मकान मालकिन की अश्लील बेटी को चोदा जब से मैंने विधवा मकान मालकिन आंटी की सेक्सी माल बेटी को देखा था मुझे उससे एक तरफ़ा प्यार हो गया था और अब मेरा मन उस कुंवारी. लड़की की सलवार कुर्ती खोलकर उसकी सील पैक वर्जिन चूत मारने का हो रहा था.
मैं उस कुंवारी लड़की के साथ सेक्स करने के लिए बहुत बुरी तरह से तड़प रहा था.
मकान का किराया लेने हमेशा विधवा मकान मालकिन आंटी का बेटा आता था लेकिन वो अपनी बहन के ससुराल गया था तो इस बार उनकी छोटी बेटी मधुबाला किराया लेने के लिए मेरे रूम पर आई थी.
विधवा मकान मालकिन आंटी की छोटी बेटी मधुबाला मुझसे बोली की भैया माँ ने किराया लेने के लिए भेजा है.
दरअसल मैं इस बिल्डिंग में पुराना किरायेदार था और आंटी मुझ पर भरोसा करती थी.
मैं बोला- ठीक है, मैं चलता हूं.
अभी चाय बना रहा हूं.
तुम पीओगी? वो बोली- ठीक है.
फिर वो भी वहीं बैठ गयी.
मैंने चाय बना दी और दोनों पीने लगे.
उसके बाद हमारी बातें होने लगीं.
उसके बाद हम उठे और एक एक करके बिल्डिंग वालों से किराया वसूलने लगे.
आधे मर्द लोग तो ड्यूटी पर जा चुके थे, उनकी बीवियां बोलीं- शाम को आ जाना.
उसके बाद मधुबाला पैसे लेकर चली गयी.
मैं भी आकर रूम में लेट गया और तभी सुशीला आंटी का फोन आ गया.
वो बोलीं- मैं 15 दिन अभी नहीं आ पाऊंगी.
सेक्सी माल आंटी की रस से भरी मीठी आवाज सुनकर ही मेरे चूत मारने के भूखे लंड में बहुत ही ज्यादा हलचल होने लगी.
मैं लंड की मालिश करते हुए आंटी से फोन पर बात करने लगा.
दो-चार जरुरी बातें करके आंटी ने फोन रख दिया.
अब मेरे अश्लील मन में मधुबाला के साथ अवैध सेक्स संबंध बनाने के गंदे गंदे खयाल आने लगे.
मैं सोचने लगा कि मधुबाला को बिस्तर पर कैसे लाया जाये? उसी के बारे में सोचते सोचते मैं मुठ मारने लगा और फिर पानी निकाल कर ही मुझे शांति मिली.
मैं फिर सो गया.
कुछ देर बाद किसी ने दरवाजा खटखटाया.
मैंने दरवाजा खोला तो विधवा मकान मालकिन आंटी की सेक्सी माल बेटी मधुबाला मेरे सामने खड़ी हुई थी.
वो बोली की भैया आपको मम्मी ने नीचे बुलाया है.
मैं उठकर उसके साथ चल दिया वो मेरे आगे आगे चल रही थी और पीछे मैं उसकी सेक्सी गांड घूरते घूरते चल रहा था.
फिर आंटी के पास जाकर पूछा की हाँ आंटी जी बातो क्या काम हैं तो वो बोली की बेटा मैं जरुरी काम से रोहतक जा रही हूं वहां पर मेरी बड़ी बेटी संगीता की तबियत बहुत ज्यादा बिगड़ गयी है.
बेटी के घर जा रही हूँ तो मुझे कुछ पैसे भी चाहिए क्या तुम अभी मुझे बीस हजार रुपये दे सकते हो? बाद में लौटा दूंगी.
मैं बोला- जी आंटी मेरे पास कैश तो नहीं है आप दस मिनट इंतजार करो मैं अभी A.
T.
M से निकाल कर लाता हूँ.
उसके बाद मैं दौड़ा दौड़ा गया और A.
T.
M से बीस हजार रुपये लाकर आंटी को दे दिये.
फिर मैं ही उस सेक्सी माल आंटी को स्कूटी पर बैठकर रेलवे स्टेशन छोड़कर आया.
मैं अंदर ही अंदर खुश हो रहा था.
मधुबाला पर लाइन मारने का अच्छा मौका था मेरे पास.
अब मैं शाम होने का इंतजार करने लगा.
शाम को मधुबाला आई और हम किराया वसूलने लगे.
ऐसे ही एक बार मेरा हाथ उसकी गांड से टच हो गया.
मैंने उसको सॉरी बोला और वो मुस्करा कर बोली- कोई बात नहीं भैया.
फिर मेरी थोड़ी और हिम्मत बढ़ गयी फिर मैंने एक दो बार बहाने से उसके चूतड़ों को भी छू लिया मेरी इन सभी अश्लील हरकतों पर भी वो मुझे कुछ नहीं बोल रही थी.
फिर हम किराया लेकर नीचे आने लगे.
सीढ़ियों से उतर ही रहे थे कि अचानक लाइट चली गयी.
उस चूत की रानी ने एकदम से मेरा हाथ पकड़ लिया और मेरे से सट गयी.
उसको अंधेरे से डर लग रहा था.
साथ ही हम सीढ़ियों पर थे तो अंधेरे में गिरने का भी डर था.
मेरा तो लंड खड़ा हो गया.
वो बोली- अब क्या करें? मन ही मन मैंने कहा- चलो चुदाई करते हैं.
फिर मैं बोला- कोई बात नहीं दो-चार मिनट इंतजार कर लो, क्या पता लाइट आ जाये? उस चूत की रानी ने कहा- ठीक है.
फिर हम वहीं खड़े रहे.
दरअसल तीन मंजिला बिल्डिंग थी तो सीढ़ियां काफी थीं और चढ़ाव बिल्कुल खड़ा था.
वहां पर गिरने का बहुत डर था.
जब दस मिनट इंतजार करने के बाद भी लाइट नहीं आई तो हमने धीरे धीरे उतरने का फैसला किया.
वो बोली- मुझे संभाल लेना.
मुझे डर लग रहा है.
मैं बोला- टेंशन मत लो.
आराम से पैर नीचे रखना शुरू करो.
मैंने मधुबाला को कंधे से संभाल लिया.
वो नीचे पैर रखने लगी और साथ ही मैं भी उतरने लगा.
उस चूत की रानी ने मेरी पैंट की जेब से मुझे पकड़ा हुआ था.
एक तरफ मेरा लंड पूरा तनकर खड़ा था.
फिर हम धीरे धीरे सीढियां उतरने लगे.
मेरा हाथ अब उसकी बाजू के पास उसकी चूचियों के करीब पहुंच चुका था.
मेरा मन कर रहा था कि उसकी चूची बहाने से दबा ही दूं.
मैंने हिम्मत करके उसकी चूची को साइड से छेड़ दिया.
जब वो कुछ नहीं बोली तो मैंने एक दो बार उसकी चूची हल्की सी दबा भी दी.
अब आगे जो हुआ वो मुझे हैरान कर गया.
उस चूत की रानी ने बहाने से मेरे लंड की ओर हाथ मारा और उसका हाथ मेरे लंड से छू गया.
मेरे बदन में करंट सा दौड़ गया.
आग दोनों ओर लगी थी.
मेरा मन कर गया कि इसको यहीं दीवार से सटा कर चूस लूं.
दो चार सीढ़ियां उतरने के बाद मैंने फिर से चूची को सहलाया और उस चूत की रानी ने फिर से मेरे लंड को छू लिया.
मुझे लगा कि ये अब लंड भी पकड़ लेगी.
मगर तभी लाइट आ गयी और हम दोनों एकदम से अलग हो गये.
मकान मालकिन की अश्लील बेटी के चेहरे पर भी थोड़ी घबराहट दिख रही थी.
उसके बाद हम नीचे उतर कर आ गये.
मेरे लंड को मैंने पैंट में दबा लिया था.
नीचे पहुंचे तो उसकी दादी सो चुकी थी.
वो कुंवारी लड़की बोली की मैं यहां अकेली हूं सुरेश.
क्या तुम एक रात के लिये नीचे सो सकते हो? ये सुनते ही मेरे मन में लड्डू फूट गये.
मैं बोला- हां, इसमें क्या बड़ी बात है.
मैं सो जाऊंगा.
बस मैं खाना खाकर आता हूं.
फोन भी ऊपर ही पड़ा हुआ है रूम में.
वो बोली- तुम यहीं खा लेना.
बस फोन ले आओ.
मुझे अकेली को यहां डर लग रहा है.
मैं बोला- ठीक है.
वो बोली- रुक मैं भी चलती हूं.
फिर हम दोनों ऊपर जाने लगे.
रास्ते में वो कहने लगी- तेरा किराया तो मैंने अभी लिया ही नहीं.
मैं बोला- अभी लेगी क्या? वो बोली- अभी देना है तो दे दो.
ले लूंगी.
मैं बोला- पूरा ही लंड लोगी क्या साली रांड? वो बोली- अबे साले भडवे आधा लंड कौन देता है? सब पूरा ही देते हैं तबी तो चोदा चादी करने का पूरा आनंद आता है.
उस बहन की लौड़ी की बातों से ही मेरा लंड बहुत ही ज्यादा कठोर हो गया.
मुझे नहीं पता था कि वो इतने खुले विचारों की है.
फिर रूम में जाकर मैंने अपना सामान व्यवस्थित किया.
फिर मैं फोन उठाकर चलने लगा तो फिर से लाइट चली गयी.
मधुबाला एकदम से मेरे करीब आकर मुझसे सट गयी.
मैंने हिम्मत करके उसको अपने आगोश में ले लिया और उस चूत की रानी ने भी मेरी कमर में बांहें डाल दीं.
हमारे होंठों को मिलते देर न लगी.
मैं उसको बांहों में लेकर अच्छे से चूमने लगा.
वो भी पूरा साथ देने लगी.
मैंने एक हाथ उसकी टी-शर्ट में डाल दिया और बूब्स दबाने लगा.
मधुबाला जल्दी गर्म हो गई.
सिसकारियां भरने लगी.
मैंने उसकी ब्रा का हुक खोल दिया और ब्रा निकाल दी.
अब उसके बूब्स मेरे हाथों में थे.
मैं उसकी चूची दबाने लगा तो वो सिसकारने लगी और कसमसाती रही.
कुछ देर बाद वो खुद ही बोल पड़ी- यहीं खड़ी रखोगे क्या? मैंने फोन की टॉर्च जलाकर दरवाजा बंद किया और फिर उसको गोद में उठाया और पलंग पर ले गया.
तभी लाइट आ गई.
उसे बिस्तर में लिटा कर मैंने उसकी टी-शर्ट उतार दी और उसके बूब्स चूसने लगा.
इस दौरान उस कुंवारी रांड की आंखें बन्द हो गईं और बहुत ही मादक सिसकारियां उसके मुँह से निकलने लगीं.
मैंने जल्दी से सेक्स करने के लिए अपने कपड़े उतार दिए और उसकी सलवार के नाड़े को खोल कर नीचे कर दिया.
पैंटी के ऊपर से मैं उस कुंवारी लड़की की चूत मसलने लगा.
अब वो पूरी तरह तैयार हो गई थी.
मैंने पैंटी उतार दी और उसकी गुलाबी चूत को सहलाने लगा.
वो गाली देने लगी और बोली- बिहारी … भोसड़ी वाले … जल्दी से अपना लौड़ा डाल.
मेरी चूत में आग लगी है.
मैं बोला- रूक जा जाटनी … बिहारी बोल रही है.
अभी तेरी चूत की बैंड बजाता हूं.
उसकी चूत में जैसे ही मैंने उंगली डाली तो वो उछल पड़ी.
मैंने उंगली अंदर बाहर करनी शुरू कर दी.
वो मचलने लगी.
मैं तेजी से उंगली करने लगा और वो तड़प गयी.
वो अपनी चूत को ऊपर नीचे करने लगी.
दो-चार मिनट के बाद ही उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया.
मेरा लंड खड़ा था और मैंने उसके मुंह में लंड देने की कोशिश की.
वो मना करने लगी तो मैंने उसके गाल भींचकर उसके मुंह को खुलवाया और लंड उसमें दे दिया.
फिर वो चूसने लगी.
मैं उसके मुंह में झटके देने लगा.
साली पूरी रंडी निकली.
झटके पूरे बर्दाश्त कर रही थी.
कुछ देर बाद वो लंड को लॉलीपोप के जैसे चूसने लगी.
मुझे भी मजा आने लगा.
इसके बाद मैंने कॉन्डोम निकाला और उसके हाथ में दे दिया.
मैंने उसको कॉन्डोम चढ़ाने को बोला.
उस चूत की रानी ने मेरे लंड पर कॉन्डोम चढ़ाया और फिर से लेट गयी.
मैं उसके ऊपर आ गया और लंड को उसके हाथ में पकड़ा दिया.
मेरे लंड को पकड़ कर उस चूत की रानी ने अपनी चूत पर सेट कर लिया.
मैंने तुरंत एक झटका दे दिया और पूरा लंड एक ही बार में घुसा दिया.
उसकी चीख से कमरा गूंज उठा.
मैंने उसके मुंह पर हाथ रख दिया.
उसकी चूत से हल्का सा खून बाहर आ गया.
मैंने बोला- पहले नहीं लिया क्या तूने? वो दर्द में कराहते हुए बोली- आह्ह … लिया है कमीने लेकिन इतना मोटा और लंबा नहीं … आईई … मम्मी … फाड़ दी तूने मेरी.
फिर मैं उसको किस करने लगा.
उसकी चूची पीने लगा.
धीरे धीरे उसका दर्द कम हुआ और मैंने उसकी चूत मारना शुरू कर दिया.
अब उसकी सिसकारियां निकलने लगीं.
मैंने धीरे धीरे अपनी रफ़्तार बढ़ा दी.
चुदवाते चुदवाते उस अश्लील कुंवारी लड़की को बहुत तेज दर्द हो रहा था और वो चुदते चुदते जोर जोर से रोने लगी.
मैंने मेरा लंड उस अश्लील लड़की की फटी हुई चूत से बाहर निकाल लिया और बैग से सरसों के तेल की शीशी निकाली.
लंड को सरसों का तेल लगाकर थोड़ा चिकना करके मैंने उस अश्लील लड़की की फटी हुई चूत में भी सरसों के तेल की कुछ बूंदें डालीं और एक बार फिर से चोदा चादी करने के लिए उसके ऊपर आ गया.
धीरे से मैंने अपना खड़ा लंड उस कुंवारी लड़की की टाइट चूत में घुसा दिया और फिर से चोदने लगा.
अबकी बार मैंने कॉन्डम नहीं लगाया.
धीरे धीरे उसकी सिसकारियां निकलने लगीं.
मैंने लंड को चलाना शुरू कर दिया और धीरे धीरे चोदने लगा.
मैंने सेक्स करने के दौरान चुदाई करने की रफ्तार तेज कर दि.
अब हर झटके में उसकी दर्द भरी चीखें तेज होने लगी और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया.
मैंने लंड निकाल लिया और उठ गया.
वो बोली- रुक जरा.
फिर वो उठी और किचन से एक गिलास दूध लाई और अपने हाथ से पिलाने लगी.
फिर उस चूत की रानी ने खुद भी थोड़ा दूध पीया.
मैंने उसको फिर नीचे बैठाया और उसके मुंह में लंड दे दिया.
वो लौड़ा चूसने लगी और मैं उसकी चूचियां मसलने लगा.
मैंने फिर से कॉन्डोम लगा लिया था.
अबकी बार मैं खेल खत्म कर देना चाहता था.
मैंने उसको दोबारा चोदने के लिए पलंग पर पटका और उसकी चूत में लंड पेल दिया.
चोदा चादी के दौरान उस नंगी अश्लील लड़की की फिर से जोर की चीख निकल गयी.
मैं उस कुंवारी लड़की की दर्द से भरी चीखें अनसुनी करके उसकी फटी हुई चूत पर अपने लंबे मोटे लंड से ताबड़तोड़ वार करने लगा और उसे बहुत खतरनाक तरीके से चोदने लगा.
कंडोम के दानों ने उसकी मखमली चूत में हलचल मचा दी.
धीरे धीरे अब मेरा लौड़ा गर्म हो गया और लिंग ने अपनी रफ़्तार बढ़ा दी.
चुदते चुदते उस कुंवारी लड़की की सिसकारियां और तेज हो गयीं- उऊऊ … ईईई ….
अहहह … सीईईई … करते हुए वो चुदने लगी.
इससे मेरे लौड़े में और जोश आ गया.
अब मधुबाला भी धीरे धीरे लंड के धक्कों का जवाब देने लगी.
कुछ देर बाद मैंने उसको उठाया और लंड पर बैठने को कहा.
फिर उस चूत की रानी ने चूत को लंड पर रखा और बैठकर लंड अंदर ले लिया.
लंड पर बैठ कर वो जन्नत की सैर पर निकल पड़ी.
चुदते चुदते विधवा मकान मालकिन आंटी की अश्लील बेटी मधुबाला का नंगा शरीर अकड़ने लगा और उसकी एक जोर की चीख के साथ उसकी चूत का पानी भी निकल गया.
मेरा लंड उसकी चूत के गर्म पानी से भीग गया.
अब चुदाई में फच … फच … की आवाज होने लगी और पूरा कमरा गूंज उठा.
चुदाई के दौरान मैं लंड को गपागप बुर के अंदर बाहर कर रहा था.
अब मैंने लंड निकाल कर मधुबाला को बिस्तर पर लिटा दिया और उसकी मखमली गुलाबी चूत में लिंग रगड़ने लगा.
मेरा लंड फिसलता हुआ मधुबाला की चूत में खंजर की तरह घुस गया.
मैंने फिर से उस कुंवारी लड़की को अपनी रंडी बनाकर चोदना शुरू कर दिया.
होंठों को मैंने उसके होंठों पर कस दिया और धक्के देते हुए उसको चूसने लगा.
अब दोनों अपने चरम पर पहुंच गए और हर झटके से दोनों की सिसकारियों की आवाज़ तेज होने लगी.
मैंने बोला- मेरा लौड़ा आज रूम का किराया दे रहा है.
वो बोली- बिहारी भोसड़ी वाले … जल्दी से निकाल दे.
कितना किराया देगा? मेरी चूत भर दी है तूने.
अब मैं भी झड़ने वाला था तो मैंने लंड की रफ्तार तेज कर दी और तेजी से अंदर-बाहर करने लगा.
थोड़ी देर बाद मधुबाला की चूत ने फिर से चिपचिपा पानी छोड़ दिया.
मैंने झटके मारने जारी रखे और मेरे लौड़े से वीर्य का ज्वालामुखी फूट पड़ा.
मैंने अपने लिंग पर कंडोम पहन रखा था इस लिए मेरा वीर्य उसकी चूत के अंदर कॉन्डोम में भरने लगा और मैं उसके ऊपर निढ़ाल हो कर गिर गया.
थोड़ी देर बाद मैंने लंड को निकाल लिया और दोनों नंगे ही बाथरूम में एक साथ नहाने के लिए गये.
वहां हमने एक दूसरे के नंगे शरीर को साफ़करा.
फिर वापस बिस्तर पर आ गये.
मधुबाला भी बहुत खुश थी.
वो बोली- सुरेश भैया आप तो बहुत मस्त चोदते हो.
विधवा मकान मालकिन आंटी की अश्लील बेटी मधुबाला पकड़ कर खेलने लगी.
मैंने उससे बोला की अब मुझे बहुत तेज भूख लगी है साली रांड मैंने मेरी सारी ताकत तेरी इस कुंवारी चूत को चोदने में निकाल दी है और अब मेरे शारीर में बिलकुल भी जान नहीं बची है.
उस चूत की रानी ने कहा- तो चल साले भडवे नीचे हमारे घर में चलकर खाना खाते हैं.
फिर हम नीचे उसके घर में आये और साथ में खाना खाया.
उस अश्लील लड़की की बूढी दादी सो रही थी.
उसके बाद हम एक ही रूम में सोये और रात को मैंने दो बार फिर से उस अश्लील लड़की के साथ अवैध सेक्स संबंध बनाये.
सुबह मैं जल्दी वहां से निकल कर ऊपर अपने रूम पर आ गया.
मैंने पहली बार मकान मालकिन की अश्लील बेटी को चोदा था उस साली की चूत बहुत ही ज्यादा टाइट थी जिस वजह से मेरा लंड बहुत ही ज्यादा दर्द कर रहा था तो मैंने मेरे लंड पर मरहम लगा लिया ताकि उसे जल्द आराम मिल जाये और शाम तक ये फिर से सेक्स करने के लिए. तैयार हो जाये.
उस दिन फिर उस अश्लील लड़की की सुन्दर और सेक्सी माल माँ भी घर पर वापस आ चुकी थी.
दोस्तों अब तो विधवा मकान मालकिन आंटी की अश्लील बेटी मेरे चंगुल में फंस चुकी थी और उसे मेरा लंड लेने की आदत सी पड़ चुकी थी.
एक दिन की बात है कि मैं अपने रूम में था.
उस दिन मेरी छुट्टी थी.
मैं पलंग पर लेटकर सेक्स कहानी पढ़ रहा था और लंड को सहला रहा था.
मैंने ध्यान नहीं दिया और मधुबाला गेट पर खड़ी देख रही थी.
मैंने तेल की बूंदें लंड पर डाली और लिंग को धीरे धीरे हिलाने लगा.
आनंद में मैंने आंखें बंद कर लीं.
शाय़द गेट लॉक नहीं था.
मधुबाला धीरे से अंदर आ गई मैं मस्त होकर लंड को धीरे धीरे हिला रहा था.
उस चूत की रानी ने चुपके से गेट बंद किया और चुदवाने के लिए मेरे पास आ गयी.
अचानक से मेरे लौड़े पर दूसरा हाथ आ गया.
झटके से मैंने आंखें खोलीं तब तक विधवा मकान मालकिन आंटी की अश्लील बेटी ने ब्लोजॉब करने के लिए मेरे लौड़े को मुंह में ले लिया और किसी कॉल गर्ल की तरह उसे पूरी पस्ती के साथ चूसने लगी.
मैंने मेरी विधवा मकान मालकिन आंटी की अश्लील बेटी से पूछा साली रांड तू कब आई…? उस चूत की रानी ने मेरे खड़े लंड को अपने मुँह से बाहर निकाला और बोली- जब से तुम हस्तमैथुन कर रहे थे मैं तुम्हे देख रही हूँ इस तरह दरवाजा खोलकर हस्तमैथुन करोगे तो कोई भी रांड तुम्हारा लंड लेने के लिए आ जायेगी.
इतना बोलकर वो फिर से मेरे खड़े लंड को अपने ;मुँह में लेकर चूसने लगी.
मैंने उसको पलंग पर ऊपर लिया और उसको नंगी करके खुद के कपड़े भी निकाल लिये.
मैं उसकी चूत को चाटने लगा.
वो जोर से सिसकारियां भरने लगी- आह्ह … ऊह्ह … ओह्ह … सुरेश … और अंदर तक … आह्ह … अम्म … चाटो … चूसो .. ओह्ह … पी लो इसको.
उसकी चूचियां दबाते हुए मैं कई मिनट तक उसकी चूत को जीभ से चोदता रहा.
फिर मैंने देर न करते हुए अपना लौड़ा उसकी मखमली चूत में घुसा दिया और झटके मारने लगा.
वो भी गांड उठा उठाकर चुदाई करवाने लगी.
मुझ लंड के राजा ने चोदा चादी करने के दौरान अपने लौड़े को जल्दी जल्दी उसकी टाइट बुर के अंदर बाहर करना शुरु कर दिया.
अपनी कुंवारी बुर चुदवाते चुदवाते विधवा मकान मालकिन आंटी की अश्लील बेटी भी मेरा पूरा साथ देते हुए पुरे जोश के साथ चुदवाने लगी.
चोदा चादी करते करते अब हम दोनों ही पूरे जोश में आ चुके थे.
अब रूम में चुदाई की आवाज़ तेज होने लगी.
पांच-सात मिनट की चुदाई में उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया.
मेरे लंड को पूरा गीला कर दिया.
अब चोदा चादी के दौरान पच-पच … फच-फच … की आवाज होने लगी.
वो जोश में बड़बड़ा रही थी- आह्ह … सुरेश … चोदो मुझे … मैं तेरी रंडी हूँ आज से अब हर रोज तू मेरे साथ चोदा चादी करना.
मैंने उस कुंवारी लड़की की मखमली चूत में पूरा लंड पेल दिया.
चोदा चादी करने के दौरान मैंने झटके मारते हुए चोदने की रफ्तार बढ़ा दी और गपागप लंड को उसकी मखमली चूत के अंदर बाहर करने लगा.
सेक्स करने के दौरान विधवा मकान मालकिन की अश्लील बेटी मधुबाला चुदवाते चुदवाते अब जन्नत में पहुंच गई और हर झटके का जवाब देने लगी.
अब हम दोनों ही जन्नत में थे और चुदाई का भरपूर मजा ले रहे थे.
चोदा चादी करते करते मेरे उप्पर बहुत ही ज्यादा बुरी तरह से हवस सवार हो चुकी थी और मैंने अपनी हवस मिटाने के लिए उस कुंवारी लड़की के होंठों को काटना शुरू कर दिया.
वो भी मेरे होंठों को खाने लगी.
वो एकदम से मेरे शरीर से चिपक गई और उस कुंवारी लड़की की मखमली चूत ने पानी छोड़ दिया.
चुदाई करने के दौरान अब फिर से पच पच … की आवाज रूम में तेज गूंजने लगी.
मैंने मेरे लंड पर कंडोम नहीं लगा रखा था और अब मैं झड़ने वाला था.
तो मैंने मधुबाला से बोला कि मैं झड़ने वाला हूं क्या मैं मेरा माल तेरी बुर के अंदर ही झड़ा दूँ??? वो बोली- अंदर पानी मत निकालना पागल मैं कुंवारी लड़की तेरे बच्चे की माँ बन गयी तो मेरी समाज में बहुत ज्यादा बदनामी होगी.
फिर मैंने मेरा लंड विधवा मकान मालकिन आंटी की अश्लील बेटी की टाइट बुर से बाहर निकाल कर उसके मुंह में डाल दिया और वो चूसने लगी.
मैंने उसके मुंह में झटके मारने शुरू कर दिए और एकदम से मेरे लौड़े ने पानी छोड़ दिया.
मकान मालकिन की अश्लील बेटी मधुबाला ने मेरे लंड से निकला सारा का सारा माल पी लिया.
चोदा चादी खत्म होने के बाद उस कुंवारी रांड ने मेरे लंड को चूस चूसकर बिलकुल साफ कर दिया.
करीब दस मिनिट तक मेरा लंड चूसने के बाद वो उठी और अपने कपड़े पहन कर गेट बंद करके चली गयी.
सलवार खोलकर मैंने कई बार फ्री में मेरे लंड पर बैठाकर जन्नत की सैर करवाई है मेरी विधवा मकान मालकिन आंटी की अश्लील बेटी को.
दोस्तों मैं जीवन में कभी ये किराये का घर खाली नहीं करना चाहता क्योकि इधर मुझे फ्री में चोदने के लिए चूत जो मिलती है.
मैं क्या यदि मेरी जगह आप भी होते तो आप भी यही बोलते क्यों मैं सच बोल रहा हूँ ना दोस्तों ???.
स्रोत:इंटरनेट