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सविता भाभी ने मुझे मेरे ही भैया से चुदवा दिया हिन्दी सेक्स स्टोरी

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सविता भाभी ने मुझे मेरे ही भैया से चुदवा दिया हिन्दी सेक्स स्टोरी 1

. सविता भाभी ने मुझे मेरे ही भैया से चुदवा दिया हिन्दी सेक्स स्टोरी  दुकानदार हमें ब्रा पेंटी दिखाने लगा और सविता भाभी मुझे दिखाने लगीं.
मुझे भैया के सामने ब्रा पेंटी देखते हुए शर्म आ रही थी.
सविता भाभी ने मुझे बहुत सारे कपड़े दिलाए और हम लोग घर आ गए.
कुछ देर बाद खाना आदि खाया और सो गए.
सुबह सविता भाभी ने एक टाइट सा टॉप निकाला और मुझे पहनने को दिया, मैंने पहन लिया… ये टॉप पूरा टाइट फिटिंग का था.
इसमें मेरे मम्मे एकदम तोप की तरह तने हुए थे.
मुझे खुद अन्दर से एक सेक्सी सा फील आ रहा था.
मैं उस लाल रंग के टॉप और मिनी स्कर्ट में थी.
यह भी देंखे जब शाम को भैया ऑफिस से घर पर आए तो सविता भाभी ने मुझे पानी लेकर उनके सामने जाने को कहा.
मुझे इतने हॉट लुक में भैया के सामने जाने में शर्म सी लग रही थी.
सविता भाभी बोलीं- चली जा यार… तेरे भाई ही तो हैं.
मैं- सविता भाभी वो बात नहीं… बस जरा शर्म आ रही है.
सविता भाभी- मेरी ननद रानी, इतना क्यों शर्मा रही हो… कल से तुमको यही कपड़े पहने हैं.
अब ये तेरा विलेज नहीं है… सिटी हे सिटी… समझी.
(सविता भाभी ने मुझे मेरे ही भैया से चुदवा दिया हिन्दी सेक्स स्टोरी)इसके बाद मेरी झिझक जैसे तैसे खत्म हुई और हम सब रात होने तक यूं ही बातें करते रहे.
फिर सब लोग सोने चल दिए.
करीब 11 बजे मेरा कूलर खराब हो गया.
मैंने भैया को जगाया तो भैया बोले कि तू हमारे वाले रूम में ही सो जा.
मैं भी सविता भाभी के साथ उसी रूम में आ गई.
एक तरफ भैया और बीच में सविता भाभी, साइड में मैं थी.
यह भी देंखे  मैं उस टाइम लोवर टी-शर्ट में थी, सविता भाभी नाइटी में थीं.
थोड़ी देर बाद उनको को लगा कि मैं सो गई हूँ तो वे दोनों आपस में मस्ती करने लगे.
मुझे उनकी छेड़खानी से बहुत शर्म आ रही थी.
किसी तरह रात निकल गई और मैं सुबह तक सोती रही, मुझे भैया ने जगाया तब मैं ज़गी.
सविता भाभी बोलीं- आज संडे है… गुंजन जाओ तुम नहा कर आओ और सुनो, आज तुमको कल ली हुई नई वाली ड्रेस ही पहननी है.
मैं शर्माते हुए नहाने चली गई.
सविता भाभी ने कपड़े निकाले और मुझे दे दिए.
एक बहुत छोटा सा स्कर्ट और ट्रांसपेरेंट टॉप उसके साथ ब्लैक ब्रा पेंटी थी.
मैंने सविता भाभी से कहा- सविता भाभी, घर में भैया हैं… मैं इनको नहीं पहन सकती हूँ.
सविता भाभी बोलीं- ये तो कपड़े हैं इनमें इतनी क्यों परेशान हो रही हैं.
मैं बोली- सविता भाभी, मुझे भैया के सामने इनको पहनने में शर्म आती है.
सविता भाभी बोली- जब तेरी शादी होगी तो जब नहीं पहनेगी क्या? मैं बोली- तब की बात और है.
भाभी बोलीं- जा मैं तेरे से बात नहीं करती.
मुझे लगा कि सविता भाभी नाराज़ हो गईं, तो मैंने सविता भाभी को हग किया और बोली- अच्छा जैसा आप कहोगी मैं वैसे ही कपड़े पहन लूँगी… बस आप नाराज़ मत होना.
सविता भाभी हंस कर बोलीं- जा तू अपने भैया को पानी देके आ.
मैं भैया के रूम में गई तो भैया मुझे देखने लगे.
भैया की निगाहों में एक अजीब सा भाव था.
मुझे उनके देखने के अंदाज से अन्दर तक गुदगुदी सी होने लगी.
उसके बाद सबने खाना खाया और आराम करने लगे.
सारा दिन यूं ही चुहलबाजी में बीत गया.
जब रात को हम सोने गए तो सविता भाभी ने मुझे बीच में खिसका दिया और खुद साइड में सो गईं.
थोड़ी देर में भैया का हाथ मेरे सीने पर घूमने लगा था.
सविता भाभी ना जाग जाएं, मुझे तो यही डर लग रहा था.
मैं इसलिए चुपचाप लेटी रही.
इसका नतीजा ये हुआ कि भैया की हरकतें बढ़ती गईं.
एक तो रूम में अंधेरा था और दूसरा भैया के हाथों की हरकतों से मुझे भी मस्ती छाने लगी.
भैया ने मेरे दोनों मम्मों ऊपर से खूब दबाए फिर मेरे टॉप में हाथ डाल दिया.
वो अपना काम करने लगे तो मैंने भी अपनी आँखें बंद कर लीं और मजा लेने लगीं.
भैया ब्रा के ऊपर से मेरे मोटे मोटे मम्मों को बहुत जोर जोर से दबाते रहे.
यह भी देंखे  मुझे सबसे ज्यादा अजीब तब लगा, जब भैया मेरे ऊपर चढ़ गए और मेरे गुलाबी गुलाबी होंठ चूसने लगे.
मैं भी वासना में भर उठी थी और आब तो मेरी वर्जिन चूत भी मेरे भाई का लंड खाने को तड़पने लगी थी… सो मैं भी उनका साथ देने लगी.
हम दोनों की जीभें आपस में लड़ रही थीं.
तभी मुझे फिर से याद आया कि सविता भाभी बगल में ही सो रही हैं, तो मैंने भैया को साइड किया और उठ कर बाथरूम में चली गई.
उधर देखा कि पूरी पेंटी गीली हो गई थी.
मैंने पेशाब करा और अपनी वर्जिन चुत पानी से धोई और फिर से रूम में आ गई.
मैंने सविता भाभी को उनकी जगह पर सरका दिया और खुद किनारे लेट गई.
मुझे लगा कि भैया को पता नहीं है कि उनके नीचे में थी, शायद वो मुझे अपनी पत्नी समझ कर चोदने के मूड में थे कि इतने में सविता भाभी जाग गई थीं.
उन्होंने मुझे हिलाया, मैं तो अब तक सेक्स करने की आग में गर्म थी सो जाग ही रही थी.
मेरा भाई भी जागा हुए ही था.
तभी बिजली चली गई और चूंकि गर्मी का मौसम था तो बेचैनी होने लगी.
सविता भाभी बोलीं- चलो, बाहर आँगन में चलते हैं.
भैया तो कुछ कहने की जगह सीधे उठ कर ही बाहर आँगन में चले गए.
उनको ज्यादा गर्मी लग रही थी तो वे आँगन में बैठ कर नहाने लगे.
इसके बाद सविता भाभी भी पानी में भैया के साथ मस्ती करने लगीं और बोलीं कि चलो एक गेम खेलते हैं, हम में से किसी एक इंसान की आँखों में ब्लैक पट्टी बाँधते हैं और उस इंसान को दूसरे इंसान को छू कर बताना है कि वो कौन है.
जिसको वो छुएगा उसको नहीं बोलना है… कोई भी नहीं बोलेगा.
गेम स्टार्ट हुआ, सविता भाभी ने मुझे भी पानी में खींच लिया.
हम सब लोग पानी में भीग गए, सबने एक दूसरे को पानी में खूब भिगोया.
(सविता भाभी ने मुझे मेरे ही भैया से चुदवा दिया हिन्दी सेक्स स्टोरी)पहले सविता भाभी की आँखों पर पट्टी बंधी और सविता भाभी ने मुझे ही पकड़ लिया और मेरा टॉप जानबूझ कर खींचते हुए फाड़ दिया.
अब मैं ब्रा और स्कर्ट में रह गई थी.
मैंने बोला- सविता भाभी ये क्या किया आपने… मेरा टॉप फाड़ दिया? सविता भाभी बोलीं- कोई बात नहीं, ये तो गेम है.
इसके बाद सविता भाभी ने भैया को पकड़ा.
वे अपने हाथ से उनके अन्डरवियर को पकड़ने लगीं और उनका लंड दबाने लगीं.
मैं ये सब देख रही थी.
भैया कुछ नहीं बोले और अपना लंड सविता भाभी के हाथ से मसलवाने लगे.
यह भी देंखे  अब भैया की बारी थी, भैया ने सविता भाभी को पकड़ा और सविता भाभी का भी टॉप फाड़ कर भैया उनके मम्मों को दबाने लगे.
उसके बाद भैया ने मुझे पकड़ा और मेरे मम्मों को दबाने लगे, मैं भी सिसकारी लेने लगी क्योंकि मुझे तो बहुत मजा आ रहा था.
भाभी भी मुझे मम्मे मसलवाते हुए देख रही थीं और मुस्कुरा रही थीं मेरा डर भी खत्म हो गया था.
इसी तरह हम 2 से 3 घंटे पानी में ही खेलते रहे.
बाद में सविता भाभी मजाक करते हुए मुझसे बोलीं- क्या बात गुंजन, आज तो तू अपने भैया से ही अपने मम्मों को मसलवा रही थी… गेम अच्छा लगा या नहीं.
मैं बोली- सविता भाभी गेम तो अच्छा था, मैं क्या मजा ले रही थी, वो तो गेम था, जिसमें आप भी तो अपने फुकने दबवा कर मजा ले रही थीं.
आज के गेम से मेरी झिझक कम हो गई थी और सविता भाभी मेरे से बहुत मज़ाक करने लगी थीं.
अब तो वे कभी मेरे मम्मों को दबा देतीं, कभी मेरे हिप्स में चपत मार देतीं… ये अब आम बात हो गई थी.
हम दोनों सहेलियों के जैसे बर्ताव करने लगे थे.
उसी रात को सविता भाभी फिर एक साइड में ही सोईं.
मैं भैया की तरफ़ वाली साइड में सो गई.
कुछ देर बाद भैया शुरू हो गए, उनका हाथ मेरे छाती पर मेरे मम्मों को टटोलते टटोलते आ गया.
आज मैंने भी कुछ नहीं कहा क्यों की मुझे भी वो मजा चाहिये था जो मजा मेरी रंडी भाभी अकेले अकेले लुटा करती थी.
यह भी देंखे  उस दिन मेरे भाभी चोद भैया ने पहली बार मेरी पेंटी और मेरी चूत को टच किया.
अब मैं तो सातवे आसमान में उड़ रही थी और भैया मेरे दोनों मम्मों पर अपनी मजबूत पकड़ बना रहे थे.
मैं भी चाहती थी कि भैया आज मेरी वर्जिन चूत चोद कर अपना मेरी सील तोड़ डाले और मुझे हमेशा के लिये अपनी बना लें.
कुछ ही पलों में वो मेरे हॉट और सेक्सी जिस्म को पागलों की तरह चूमने और काठने लगे.
मैं भी उनके बालों में हाथ फेर रही थी.
भैया ने मेरा हाथ अपने काले भुसंड मोटे से लंड पर सरका दिया तो मैंने भी उत्साहित होकर अपने भैया का लंड टच किया आज पहली बार मैंने जाना की आखिर ये लंड होता कैसा है.
मरे भाई का काला मोटा लंड तन कर एकदम टाइट मोटा लंबा खड़ा हो चूका था.
कुछ ही देर में भैया ने मेरी ब्रा भी निकाल दी.
अब मैं ऊपर से नंगी थी.
नीचे मेरे जिस्म पर स्कर्ट और पेंटी थी.
भैया ने वो भी निकाल दी.
अब भैया ने नीचे को होकर पहली बार मेरी क्लीन चूत पर किस किया और अपनी जीभ से मुझे चोदने लगे.
मैंने भी अपने टांगें खोल दीं और चुत चटवाने का मजा लेने लगी ‘आआआहह ओह…’ मैं अपनी कामुक आवाज़ को अपने मुँह में ही रहने की कोशिश करती रही.
फिर अचानक से सविता भाभी उठ गईं और बोलीं- यहां का एसी बहुत तेज चल रहा है, मुझे तो ठंड सी लग रही है, मैं बाहर जाकर सोती हूँ.
मैं समझ गई कि सविता भाभी ने मुझे चुदने का पूरा मौका दे दिया है.
जैसे ही सविता भाभी गईं, भैया ने मुझे अपने ऊपर लिटा लिया और मेरी कमर और गांड पे हाथ फेरने लगे.
फिर भैया ने मेरी चूत चूसना शुरू किया मेरी मादक सिसकारियां निकल रही थीं- आआ उम्म्ह… अहह… हय… याह… आहह ओह मुऊ… उम्मईं आआहह… मैं ये सब कर रही थी तो भैया बोले- तू तो एकदम मस्त माल हो गई है.
मैंने बोला- आप भी तो मुझे पाकर मस्त हो गए हो.
यह भी देंखे फिर भैया ने अपना लंड मेरे मुँह पर रख दिया.
मैंने अपना मुँह खोल दिया और लंड को प्यार करने लगी, भैया का लंड चूसने लगी.
मुझे बहुत मजा आने लगा.
भैया अपने लंड से मेरा मुँह चोदने लगे.
थोड़ी देर में भैया ने कहा- गुंजन अब मैं तेरी इस वर्जिन चूत में मेरा काला मोटा लंड अपना लंड डालूँगा… आज तुझे अपनी बना लूँगा.
मैं बोली- हां बना लो ना मुझे भी इसी दिन का इंतजार है भैया मैंने आप के लये ही तो अभी तक मेरी चूत की सील किसी और लड़के से नहीं तुडवाई थी … मैं तो आपकी ही हूँ मेरे राजा भैया.
भैया बोले- एक प्रॉमिस कर आज से भैया नहीं कहेगी… तू मुझे लखन बोलेगी.
मैंने कहा- ठीक है मेरे लखन राजा… अब जल्दी से डाल भी दो अन्दर.
जब लखन ने अपना लंड मेरी चूत में डाला तो मुझे दर्द भी हुआ था और ये लग रहा था कि सविता भाभी अन्दर ना आ जाएं… और खेल न बिगड़ जाए.
कुछ देर के दर्द के बाद मैं बहुत मजे में आ गई थी.
खुद नीचे से अपनी गांड उठा कर लंड ले रही थी ‘आआआहह… आअहह…’ भैया जब तेज झटके मारते थे तो मैं ‘उईईईई मम्मीं… मर गई…’ मचल कर कामुकता से बोलने लगती थी.
भैया मुझे चोदते हुए बोले- बोल… तू मेरी कुतिया बहन है आज से साली तू मेरी रंडी और मै तेरा जिगोलो हूँ आह….
आह…..यह भी देंखे  मैं भी दर्द के मारे जोर जोर से चिल्लाते हुए बोल रही थी की… हाँ हूँ भैया मई तेरी कुतिया… साले चोद मुझे आआआहह ओह मुऊऊउउ… मम्मीममम मर गई… कितना मोटा लंड है… आअहह…’ तभी मैं एकदम से अकड़ कर फ्री हो गई थी.
कुछ देर मुझे पेलने के बाद भैया भी मेरी चूत में ही झड़ गए और मेरे ऊपर ही लेटे हुए थे.
मैं उनको किस करने लगीं.
भैया का लंड अब भी मेरी चूत में ही था.
फिर पता ही नहीं चला और हम दोनों ऐसे ही सो गए.
(सविता भाभी ने मुझे मेरे ही भैया से चुदवा दिया हिन्दी सेक्स स्टोरी)सुबह मुझे भैया ने जगाया और मैं उठ कर फ्रेश होने चली गई.
फिर आज मैंने चाय बनाई, सविता भाभी भैया को चाय दी.
सविता भाभी हंस कर बोलीं- तू रात में इतना शोर क्यों मचा रही थी… आराम से सोया कर ना.
मैंने सोचा शायद मैं पकड़ी गई.
तभी सविता भाभी बोलीं- चल अब नहा ले.
मैं नहा कर आई तो भैया सविता भाभी के होंठ चूस रही थीं.
मैं उन दोनों को देख कर कमरे में आते हुए ठिठक गई.
मैं खांस कर बोली- मैं बाद में आती हूँ.
सविता भाभी अलग होते हुए बोलीं- कोई बात नहीं ननद रानी… इसमें क्या शर्म इधर आओ.
उन्होंने मुझे अपने पास बुलाया तो भैया बोले- इसको जाने दो.
तभी सविता भाभी बोलीं- क्यों जब रात को तुम दोनों ये सब कर रहे थे, तो दिन में भी तो कर सकते हो.
मैं डर के मारे सकपकाने लगी.
सविता भाभी बोलीं- घबरा मत… सच बता क्या चाहती है तू? अब मैं बोली- जैसा आप चाहें.
तो सविता भाभी बोलीं- मैं तो ये चाहती हूँ कि तुझे लखन से अभी मेरे सामने अपनी चूत चुदवानी होगा और गांड मरवाना ना मरवाना तेरी मर्जी.
मैं मन ही मन में बहुत खुश हो रही थी क्यों की मुझे आज लंड का स्वाद जो चखने को मिलने वाला था वो भी मेरे अपने सगे भाई के.
मैंने पहले भाभी को अपने सगे भाई के साथ सेक्स करने के लिये मना किया.
तभी सविता भाभी ने भैया से कहा- तुम क्यों चुप हो… चोदो साली को तुम इसके बड़े भाई को देखती हूँ तुम्हे कैसे मना करती है ये साली रंडी .
यह भी देंखे मेरे सगे लखन भैया ने मुझे अपनी गोद में खींच लिया और सविता भाभी के सामने ही मेरी वर्जिन चूत को जोर जोर से चोदने लगे.
उस दिन भैया ने मुझे 3 बार चोदा और आज इस चुदाई में सविता भाभी भी नंगी होकर चुत चुदाई का मजा ले रही थीं.
बस इसके बाद तो जब तक मैं मौसी जी के घर रही समझो मेरी फटी हुई चुत में भैया का काला मोटा लंड आता जाता रहा.
अब बिना लंड लिए मुझे चैन ही नहीं पड़ता है.
दोस्तो आप को मेरी मेरे भैया के साथ सेक्स करने की ये भाई बहन की चुदाई की हिन्दी सेक्स स्टोरी “सविता भाभी ने मुझे मेरे ही भैया से चुदवा दिया हिन्दी सेक्स स्टोरी” कैसी लगी मुझे ईमेल करके जरूर बताना.

स्रोत:इंटरनेट