. मैं बाहर खड़े होकर उनकी ये बातें सुन रही थी और अन्दर झांकने की कोशिश कर रही थी.
शेफाली- अच्छा जी … तो माय डियर हस्बैंड को चुदाई करनी है … तो ठीक है लो कर लो.
मैंने अन्दर झांक कर देखा, तो दोनों एक दूसरे के ऊपर टूट पड़े थे.
मुझे शेफाली का सिर्फ पिछवाड़ा ही दिखाई दे रहा था.
जबकि अंकुश का चेहरा मेरी तरफ था.
दोनों एक दूसरे को बेतहाशा किस किए जा रहे थे.
फिर अंकुश ने शेफाली की ब्रा की डोरी खोल दी और कहने लगा- तुम्हारे ये मम्मे कितने टाइट हो गए हैं.
वो शेफाली के मम्मों को चूसने लगा, तो शेफाली सिसकारियां लेने लगी.
शेफाली का हाथ शायद अंकुश के लंड पर था, इसलिए शायद वो ये कह रहा था कि आह जानू ऐसे ही करते रहो … बहुत मजा आ रहा है.
फिर शेफाली नीचे बैठी.
अब शायद वो अंकुश का लंड चूसने वाली थी.
यही हुआ … शेफाली ने अंकुश का लंड अपने मुँह में ले लिया और लंड चूसने लगी.
मैं ये सब दरवाजे से अन्दर झांक कर देख रही थी.
तभी अंकुश ने मेरी तरफ देखा कि मैं ये सब देख रही हूं.
वो मुझे इशारे करते हुए मुस्कुराने लगा.
शेफाली- जानू प्लीज़ अब मत तड़पाओ … जल्दी से डाल दो अपना लंड मेरी चूत में.
… आह बुझा दो मेरी प्यास.
अंकुश- इतनी जल्दी भी क्या है जान … थोड़ा सब्र करो … और मजा आएगा.
फिर अंकुश ने शेफाली को वॉशबेसिन के प्लेटफार्म पर बिठा दिया और उसकी टांगें चौड़ी करके उसकी चूत चाटने लगा.
शेफाली अपनी कमर उठा कर अंकुश का मुँह अपनी चूत में घुसा रही थी.
मुझको तो ये सब एक सपने जैसा लग रहा था.
कुछ देर चूत चाटने के बाद अंकुश ने अपना लंड शेफाली की चूत में डाल दिया तो शेफाली और तड़पने लगी.
अब पूरा वॉशरूम शेफाली की सिसकारियों से गूंज रहा था.
वो मादक आवाजों में बोल रही थी- आह … जल्दी से अन्दर करो … मुझे अब न तड़पाओ … आहहह हहह ऊऊआह.. अंकुश- जानू तैयार हो जाओ … अब मैं अपना लंड जोर से तुम्हारी चूत में पेलने वाला हूँ.
शेफाली- हां पेलो न … मैं कब से तैयार हूं.
अंकुश ने एक झटके में अपना लंड शेफाली की चूत में पूरा घुसा दिया और शेफाली चीख पड़ी.
अंकुश लंड पेलने के बाद तेज झटके देने लगा.
अंकुश- मजा आ रहा है जान! शेफाली- आआहह … उऊऊह … आआह … हां आ रहा है.
अंकुश- और जोर से अन्दर डालूं? शेफाली- हां डालो.
अंकुश जोर जोर से झटके देने लगा और बीच बीच में शेफाली के मम्मों भी चूसता जा रहा था.
पूरे जोश में था अंकुश … वो शेफाली को गंदी गंदी ग़ालियां भी दे रहा था- ले साली रंडी … मेरा पूरा लंड अपनी चूत में ले … चुद मेरे लंड से साली … बहन की लौड़ी मादरचोद आओहह आअहह … अंकुश की गर्म आवाजें सुन कर तो मैं शॉक्ड हो गई.
इतना जेंटलमेन टाइप दिखने वाला और इंग्लिश बोलने वाला आदमी … अचानक हिंदी में इतनी गालियां कैसे देने लगा.
अंकुश और शेफाली की चुदाई देख कर तो मैं भी गर्म हो गई थी और मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया था.
कुछ देर बाद अंकुश बोला- जान … मैं झड़ने वाला हूँ … आंह.. शेफाली- उफ़ … ठीक है … सारा माल अन्दर ही निकाल दो.
फिर अंकुश ने शायद अपना सारा माल शेफाली की चूत में ही छोड़ दिया.
अंकुश हांफ रहा था, उसने अपनी अंडरवियर को पहनते हुए लंड के ऊपर किया और बाहर आने लगा.
मैं बाहर ही खड़ी थी.
शेफाली अन्दर ही थी.
वो अपनी चूत साफ कर रही थी.
बाहर आकर अंकुश मुझसे बोला- कैसी लगी तुम्हें … मेरी ओर शेफाली की ये चुदाई … मजा आया देख कर! लगता है तुम्हारी चूत भी गीली हो गई होगी … हुई या नहीं … सच सच बताना.
मैंने झुकी नजरों में अपना सर हां में हिला दिया.
उसने मुझे अपनी गोद में उठा लिया.
मैं कहने लगी- ये क्या कर रहे हो … छोड़ो मुझे.
पर वो कहां छोड़ने वाला था.
वो मुझे उठा कर पूल की तरफ ले गया.
मैंने उससे पूछा- तुम तो एकदम जेन्टलमैन की तरह दिखते हो … और ज्यादातर इंग्लिश में ही बात करते हो … तो फिर ये हिंदी गालियां कहां से सीख लीं! वो हंस कर कहने लगा- ये हिंदी गालियां हिंदुस्तान के हर मर्द को आती ही होंगी … और वैसे भी चुदाई का असली मजा तो हिंदी टॉकिंग और इन हिंदी गालियों के साथ ही आता है.
फिर उसने मुझे पूल में फेंक दिया.
इतने में शेफाली भी आ गई, पर वो मुझसे नज़रें चुरा रही थी.
हमने और थोड़ी पूल में मस्ती की.
अब शाम होने लगी थी, तो मैं बोली- चलो अब हमें चलना चाहिए.
हम सब घर आ गए.
अगले दिन से मैं ओर शेफाली हमेशा की तरह ही स्विमिंग के लिए जा रहे थे, पर शेफाली मुझसे अभी भी नज़र चुरा रही थी.
मैंने उससे पूछा- क्या हुए शेफाली … कल से तुम कुछ अलग बिहेव कर रही हो.
वो बोली- क्या कहूँ यार … कल वाशरूम में अंकुश ने मेरी चुदाई की, शायद ये बात तुम जानती हो.
बस मैं यही सोच रही हूं कि न जाने तुम हम दोनों के बारे में क्या सोच रही होगी.
मैंने कहा- शेफाली मैं कुछ नहीं सोच रही हूं.
तुम दोनों हस्बैंड वाइफ हो … और रही बात चुदाई की, तो ये तो हर कोई करता है.
इतनी परेशान मत हो.
वो मेरी बात से सामान्य हो गई.
देखते ही देखते ये हफ्ता भी गुजर गया.
फिर से संडे आ गया.
मैं बहुत एक्ससाइटेड थी कि शायद इस संडे भी कुछ नया होगा.
स्विमिंग जाने का टाइम हो गया था, पर शेफाली और अंकुश अभी तक नहीं आए थे.
मैंने शेफाली को फ़ोन किया, तो उसने कहा कि आज उसकी 3 बजे एक किटी पार्टी है.
आज हम स्विमिंग के लिए नहीं जाएंगे.
ये सुनकर मैं बहुत निराश हो गई.
फिर करीब 15-20 मिनट बाद शेफाली का मैसेज आया.
शेफाली का मैसेज- हैलो रोमा.
मैं- हैलो शेफाली.
शेफाली- रोमा मेरी किटी पार्टी कैंसिल हो गई है … और स्विमिंग के लिए भी हम लेट हो गए हैं.
मैं- हम्म्म्म.. शेफाली- रोमा एक काम करो, तुम मेरे घर आ जाओ.
आज हम शॉपिंग के लिए चलते हैं.
बहुत दिन हो गए, मैंने शॉपिंग नहीं की है.
मैं- ठीक है, कितने बजे तक चलेंगे! शेफाली- तुम 3:30 बजे तक आ जाओ.
मैं- पर मैं आज तक तुम्हारे घर नहीं आई हूं.
मुझे तो तुम्हारे घर का एड्रेस भी नहीं पता है.
शेफाली- मैं अंकुश को भेज देती हूं.
वो तुम्हें ले आएगा.
मैं- ठीक है.
शेफाली के इस मैसेज ने मुझमें एक नई जान सी फूंक दी थी.
मैं आज अंकुश के साथ मस्ती की कहानी को आगे बढ़ता देखना चाहती थी.
आप मेरी वासना की कहानी पढ़ते रहिए और मेल करना न भूलिएगा.
[email protected] कहानी जारी है.
स्रोत:इंटरनेट