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सहेली के भाई ने सलवार खोल कर मेरी पहली चुदाई करी हिन्दी सेक्स स्टोरी

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सहेली के भाई ने सलवार खोल कर मेरी पहली चुदाई करी हिन्दी सेक्स स्टोरी 1

. सहेली के भाई ने सलवार खोल कर मेरी पहली चुदाई करी हिन्दी सेक्स स्टोरी सब लडको को एंड में लड़की की चूत और गांड मारना अच्छा लगता है.
फ्रेड्स मेरा जिस्म एक दम पोर्नस्टार के जैसा है मैं चाहे सलवार कमीज पहनू या जींस टॉप मैं सबसे सुंदर और हॉट दिखती हूँ.
उपर वाले से मुझे सही तरह से बनाया है.
मेरा बदन अब पूरी तरह से भर गया है और मेरे बूब्स 34 इंच के होकर बड़े बड़े तन गये है जिससे मैं हमेशा की लड़को को नजर में आ जाती हूँ.
बहनचोदों जब मैं सड़क पर चलती हूँ तो मेरे दोनों बूब्स हिलते है जिसे देखकर जवान लड़को के लंड खड़े हो जाते है.
सब मेरे को चोदना चाहते है.
मेरा फिगर 34 -30- 32 का है.
मैं चलते समय अपने कुल्हे और गांड मटका मटका कर चलती हूँ जिससे मैं बहोत कमाल की सेक्सी माल दिखती हूँ.
कई बार तो लड़के मेरी गांड पर हाथ लगाकर जोर से दबा देते है.
मैं बिलकुल भी नाराज नही होती हूँ क्यूंकि मैं हूँ की इतनी सेक्सी माल की किसी की नियत फिसल जाए.
यह भी देंखे>> आज आपको अपनी स्टोरी सुना रही हूँ.
मैं भी जवान होने लगी तो मेरी दोस्ती अब हिमांशु से होने लगी.
हिमांशु मेरी सबसे अच्छी सहेली कविता रांड का भाई था.
अब वो भी मेरे साथ BA फर्स्ट ईअर में पढ़ रहा था कॉलेज में.
पर वो अभी अभी जवान हुआ था और बड़ा हॉट ब्लड था उसका.
अक्सर कॉलेज में दूसरे लडकों से मार पीट की खबरे उसके बारे में सुनने को मिलती थी.
जब मैं कविता रांड के घर जाती थी तो उसका भाई हिमांशु कसरत करता हुआ मिलता था.
वो भारी भारी चीजे लेकर शोल्डर पुश अप करता था.
वो देखने में किसी हीरो से कम नही लगता था और बड़ा मर्दाना व्यक्तित्व था उसका.
हमेशा गुस्से में रहता था और मेरे को एंग्री यंग मैन लगता था.
अब मेरे को उससे प्यार हो गया था.
पर सबसे बड़ी मुस्किल थी की कैसे मैं उससे बात करती.
एक दिन मैंने मेरी सहेली कविता से बोल दिया की मेरे को तेरा भाई बहुत अच्छा लगता है .
कविता रांड: अच्छा लगने से क्या मतलब है??मैं: मतलब की मैं उसे पसंद करती हूँ.
जैसे कोई लड़की किसी लड़के से प्यार करती है उस तरह से.. कविता रांड: ओह्ह !! तो ये बात है.
तू मेरे भाई से प्यार करती है मतलब अब तू मेरी भाभी बनने के बारे में सोच रही है!! मैं: यार!! तू अपने भाई से मेरे दिल की बात बता दे.
उससे कहदे की मैं उसे अपना बॉयफ्रेंड बनाना चाहती हूँ कविता रांड: मैं बोल दूंगी.
तू फ़िक्र मत कर .
यह भी देंखे उसके बाद मेरी सबसे अच्छी दोस्त ने मेरे दिल की बात अपने भाई हिमांशु से बोल दी.
मैं भी उसे पसंद आ गयी थी.
जब भी मैं कविता रांड के घर जाती थी हिमांशु मेरे से बहोत अच्छी तरह से बात करता था.
उसके बात से मेरे को आईडिया लग गया था की वो मेरे को पसंद करता था.
कुछ दिनों बाद जब वेलेंटाइन डे आया तो हिमांशु ने मेरे को बड़ा सा लव कार्ड गिफ्ट किया.
उसने उसने कई तरह की प्यार भरी मोहब्बत वाली कविताएं लिखी थी और मेरे को एक लव लेटर भी लिखा था जिसमे उसने अपने प्यार को दिखाया था.
अब मेरी और हिमांशु की दोस्ती बढने लगी और हम दोनों ने एक दूसरे के फोन नम्बर ले लिए और प्यार मोहब्बत शुरू हो गयी.
हम प्यार करने लगे और जल्द की प्यार वासना में बदल गया.
कई बार मैं अपनी सहेली कविता के पास से उठ जाती और हिमांशु के चली जाती.
वहां पर हम दोनों आपस में गले लग जाते है कई तरह से प्यार होने लग जाता.
आज तक किसी लड़के ने मेरे को गले से नही लगाया था.
पर अब मुझे हिमांशु रोज की गले से लगा लेता तो मेरा रोम रोम जाग जाता.
अपनी वर्जिन चूत की चुदाई करवाने और गांड मरवाने को मन तडप उठता.
मेरी सहेली के भाई हिमांशु ने मेरे को खड़े खड़े ही गले से चिपका लेता और किस करने लग जाता.
जब वो मेरे सेक्सी और गुलाबी होठो को चूसता तो उसके हाथ मेरे बूब्स पर चले जाते.
वो मेरे सूट के उपर से मेरे दोनों 34 इंच के मोटे मोटे गोल मटोल बूब्स को पकड़ लेता और अपने दोनों हाथों से जोर जोर से मसलने लग जाता.
यहाँ भी देखें >> ऐसा करने से मेरे तन मन बदन में आग सी लग जाती और मुझे मेरी वर्जिन चूत की चुदाई करवाने का बड़ा दिल करता.
हिमांशु बड़ी देर तक मेरे होठो का चुम्बन लेता रहा और मेरे गुलाबी गुलाबी होंठो का रस पीता रहा.
इससे मैं गर्म हो जाती और “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….
अअअअअ….
आहा …हा हा हा” करने लग जाती.
धिरे धीरे चुदाई की आग दोनों तरफ से लग गयी.
मैं भी चुदने के मूड में थी और कविता रांड का भाई हिमांशु भी मेरे को चोदने के मूड में था.
यहाँ भी देंखे>> अगले दिन मैं शाम के 8 बजे कविता रांड के घर गयी तो वो बाहर शोपिंग की गयी थी.
हिमांशु ने मेरा स्वागत किया और मेरे लिए काफी बनाई.
घर में सिर्फ हिमांशु ही था और उसकी और कविता रांड के साथ शोपिंग को गयी हुई थी.
मैं: क्या घर में और कोई नही है??? हिमांशु: नही.
तुम बोलो तो हम मौके का फायदा उठा सकते है और चुदाई का आनंद ले सकते है.
तुमको सेक्स करना है क्या मेरे साथ ?? मैं बोली की नही नही इतनी जल्दी सेक्सी नहीं पहले एक दुसरे को अच्छी तरह से जान तो लें मन तो मेरा भी है तुम्हारे साथ सेक्स करने का पर अभी हम दोनों को और दोस्ती बनानी चाहिए.
फिर मेरी सहेली का भाई हिमांशु मेरे पास आ गया और सोफे पर बैठ गया.
मेरे साथ वो जोर जबरजस्ती करने लगा और मुझे पकड़ने लगा.
कुछ ही देर में उसने मेरे को अपनी गोद में बिठा लिया और मेरे गले के पीछे की साइड किस करने लगा.
वो मेरे कंधे और गालो पर किस करने लगा.
मैं गर्म होने लगी.
मैं मेरी सहेली के भाई से चुदवाने में संकोच कर रही थी क्यों की आज से पहले मैंने कभी किसी मर्द के साथ सेक्स नहीं करा था तो मुझे भी थोड़ी शर्म आ रही थी.
मेरी सहेली का भाई हिमांशु मुझसे बोलने लगा की अपुर्वी!! देखो हम दोनों एक दूसरे से प्यार करते है और शादी भी करना चाहते है.
अब कितना जानना बाकी रह गया है.
अब ज्यादा नखरे मत करो चलो जल्दी से मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करने दो इसमें हम दोनों को बहुत आनंद आयगा यह बोलकर वो फिर से मेरे बूब्स कमीज के उपर से दबाने लगा.
मैं “……अई…अई….
अई……अई….
इसस्स्स्स्स्…….
उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….
” करने लगी.
कुछ देर बाद हिमांशु से सोफे पर बैठे बैठे ही मेरी सलवार का नाडा खोल दिया और पेंटी के उपर से चूत को घिसने लगा.
मैं तडप गयी और पूरी तरह से गर्म होने लगी.
हिमांशु मेरे होठो को चूसने लगा और वो भी चुदासा हो गया.
उसने 10 मिनट तक मुझे अपनी गोद में बिठाकर पेंटी के उपर से चूत को घिसा तो अपना रस छोड़ने लगी.
कुछ देर बाद मेरी वर्जिन चूत का पानी छूट गया और पूरी पेंटी चूत के रस से गीली हो गयी.
मैं “अई…..अई….
अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….
हा हा हा…”करने लगी.
यहाँ भी देखें >> मेरी सहेली का भाई हिमांशु भी अब बहुत ज्यादा उत्तेजीत हो उठा था.
हिमांशु: अपुर्वी तुझे तेरी माँ की कसम है आज तो तुम्हे मेरे से अपनी चुदाई करवानी ही पड़ेगी!! में डर के मारे सकपका कर रोने लगी फिर उस गुस्सा आ गया तो वो मुझसे चिल्ला कर बोलने लगा चल बहन की लौड़ी तेरी माँ की चूत… रंडी आज तुझे तेरी माँ की कसम है.
आज मेरे को अपनी वर्जिन चूत की चुदाई करने दे अब देख ले मैंने तुम्हे तुम्हारी माँ की कसम दे डाली है अब आज तो उम्झे मुझसे अपने जीवन की पहली चुदाई करवानी ही पड़ेगी.
दोस्तों माँ की कसम के खातिर मैं भी उसको मेरी वर्जिन चूत की पहली चुदाई करने से मना नही कर पायी क्यूंकि मेरा भी अंदर से अपनी चुदवाने का दिल था पर में डर के मारे चुदवाने से मना कर रही थी.
फिर हिमांशु ने मेरे को सोफे पर लिटा दिया और मेरी सलवार खोल कर पैरो से बाहर निकाल दी.
अब मेरी सहेली के भाई ने मेरी भीगी पेंटी को उतार दिया.
हिमांशु ने मेरे दौनो पैर चौड़े कर के खोल दिए और मेरी वर्जिन चूत के छेद को गौर से देखने लगा.
मैं पूरी तरह से कुवारी थी.
हिमांशु ने अपनी ऊँगली से मेरी वर्जिन चूत फैलाई तो गुलाबी चूत की बंद झिल्ली उसे दिख गयी.
वर्जिन चूत पाकर उसे काफी अच्छा महसूस हुआ.
संतोष का भाव उसके चेहरे पर मैं पढ़ सकती थी.
(सहेली के भाई ने सलवार खोल कर मेरी पहली चुदाई करी हिन्दी सेक्स स्टोरी)फिर मेरी सहेली का भाई हिमांशु मुझसे बोला अपुर्वी जान!! मैं हमेशा से जानता था तू कुवारी माल होगी फिर वो किसी भूखे कुत्ते की तरह जल्दी जल्दी मेरी वर्जिन चूत का पानी चाटने लगा.
अपनी जीभ निकाल निकाल कर वो अच्छे से पिने लगा तो मैं पागल होने लगी.
यहाँ भी देंखे >> क्यूंकि बहनचोदों आज फर्स्ट टाइम मैं किसी को अपनी चूत चटवा रही थी.
अब मुझे बुखार सा आ गया था.
मेरा बदन जल रहा था.
हिमांशु तो सिर्फ मेरी वर्जिन चूत में घुसा हुआ था.
और कुछ नही देख रहा था.
उसने मेरे क्लाईटोरिस (चूत के दाने) को हजारो बार दांत से काट लिया जिससे मेरे को सेक्स चढ़ गया.
मैं चुदाई के जोश में आकर मेरी सहेली के भाई हिमांशु से बोलने लगी मेरे जान!! आज तुम मुझे अपनी रंडी बनाकर चोदो आज तुम मेरी इस वर्जिन चूत की सील तोड़ डालो… मेरे को अच्छे से चोदना … उसके बाद वो पूरी तरह से नंगा हो गया.
उसने अपना कच्छा उतार दिया और लौड़ा मेरे चूत के बिल में डालने लगा.
बहनचोदों आज मैंने अपने बॉयफ्रेंड का लौड़ा देखा.
5.
5 इंच लम्बा और 2 इंच मोटा.
मैं समझ गयी की आज वो मेरे को चोद चोदकर खूब मजा देगा.
हिमांशु से मेरे दोनों पैर को उपर उठा दिया और पैर खोल दिए.
में उसने अपना लौड़ा का सुपाडा रखा.
बहनचोदों उसका सुपाडा एक दम गुलाबी गुलाबी था और चमक रहा था.
फिर वो लौड़े को हाथ से पकड़कर चूत के छेद में डालने लगा.
कुछ मिनट की मेहनत के बाद हिमांशु कामयाब हो गया.
उसके मोटे लौड़े ने मेरी वर्जिन चूत की झिल्ली को फाड़ दिया और चूत में घुस गया.
मैं दर्द के मारे “आऊ…..आऊ….
हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” करने लगी क्यूंकि मेरे को काफी दर्द हो रहा था.
अब हिमांशु मेरे को जल्दी जल्दी फक (यानी चोदने) करने लगा.
मैं तो बेहाल होती जा रही थी.
हिमांशु सिर्फ मेरी वर्जिन चूत की तरह देखे जा रहा था.
वो जल्दी जल्दी कमर आगे पीछे करके मेरे को चोद रहा था.
इस ठुकाई में मेरा पसीना छूट गया और मैंने दर्द की वजह से आँखें बंद कर ली.
सहेली के हरामी भाई ने सलवार खोल कर मेरी सील पैक वर्जिन चूत की पहली चुदाई करी :- अब नंगा हिमांशु मेरे साथ अवैध शारीरिक संबंध बनाने के लिए मेरे उपर चढ़ गया और मेरी कमीज को उतार दिया.
मेरी ब्रा को खोलकर उसने मेरे को नंगा किया और मेरे दोनों 34 इंच के कसे हुए बड़े बड़े स्तनों को किसी छोटे बच्चे की तरह से अपने मुंह में लेकर जल्दी जल्दी चूसने लगा.
अब मेरे को मजा आ रहा था.
कुछ देर हिमांशु मेरे बूब्स पीता.
फिर कुछ देर करता.
फिर कुछ देर मेरी निपल्स को दांत से चूसता और चबाता फिर मेरी वर्जिन चूत मारता.
थोड़ी देर में ही वो झड़ने को हो गया.
तो वो मुझसे बोला मेरी जान मेरी रंडी !! बोलो किधर निकालू अपने लंड का पानी…?मैं डर के मारे रोते हुए उससे बोलने लगी की भगवान के वास्ते मेरी चुत में अपना वीर्य मत छोड़ना वरना मैं प्रेग्नेंट हो जाउंगी और में अभी माँ नहीं बनना चाहती.
तो उसने जल्दी से अपना 9 इंच लम्बा और 5 इंच मोटा लौड़ा मेरी फटी हुई चूत से बाहर निकाला और ठीक मेरे मुंह के सामने आकर खड़ा हो गया.
चुदाई करने की वजह से उसका लंड तमतमाया हुआ और काफी गुस्सैल दिख रहा था.
हिमांशु जल्दी जल्दी हाथ से अपने लौड़ो को फेटने लगा और लगा.
फिर 2 मिनट तक मेरे मुह के सामने उसने मेरे पुरे मुंह पर अपना वीर्य छोड़ दिया.
मेरे गाल, आँखों , पलकों और मुंह में सब जगह उसका गर्मा गर्म वीर्य जाकर चिपक गया.
मेरा मुह खुल्ला होने के कारण उसका थोडा स वीर्य मेरे मुह के अंदर भी चला गया था पर मेरे को उसका वीर्य अपने मुह में लेकर बहुत अच्छा लगा.
मैं हाथ से उसके वीर्य की गाढ़ी मलाई अपने गालो से छुडाकर मुंह में लेकर चाटने लगी.
हिमांशु बोला बहन की लौड़ी!! चल जल्दी से मेरे और मुझे शानदार ब्लोजॉब का आनंद दे.
दोस्तों आब मै भी किसी उसका लौड़ा अपने मुह में लेकर चूसने के लिये बावली सी हो चुकी थी.
फिर मैंने बिना समय ख़राब करे उसके लौड़े को हाथ से पकड़ लिया और जल्दी जल्दी फेटने लगी.
फिर आगे बढकर मुंह में लेकर चूसने लगी.
बहनचोदों कविता रांड का भाई का लौड़ा काफी लम्बा और तगड़ा था.
किसी तरह से बड़ी मुश्किल से मेरे मुंह में जा सका.
फिर मेरे सिर को पकड़कर कर हिमांशु ने मेरा मुह अपने लंड पर दबा दिया.
अब उसका लंड मेरे और में हुम….. हुम….
कर के जोर जोर से चिल्लाने लगी….. मैंने करीब बीस मिनट तक मेरी सहेली के भाई के लौड़े को खूब चूसा और हाथो से उसके लौड़े को काफी देर तक फेटती रही.
कुछ देर बाद मेरी सहेली के भाई हिमांशु ने मेरी गांड मारने के लिये मुझे सोफे पर कुतिया बना दिया और उसके बाद उसने करीब एक घंटे तक मेरी गांड गांड मारी दोस्तों आज मुझे जन्नत की सैर करा डाली थी आज मुझे पहली बार पता चला था की आखिर ये होती क्या बाला है.
दोस्तों अब हमारी शादी हो गई है और हम रोज रात को चुदाई का भरपूर आनंद उठाते है.
दोस्तों आप को मेरी पहली चुदाई की ये हिन्दी सेक्स स्टोरी “सहेली के भाई ने सलवार खोल कर मेरी पहली चुदाई करी हिन्दी सेक्स स्टोरी” पसंद आई हो तो निचे लाइक बटन पर जरुर क्लिक करना.

स्रोत:इंटरनेट